शनिवार, 2 मई 2026

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी,

 

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी

सत्ता का नशा जब सर चढ़कर बोलता है तो वह कुछ भी नहीं देखता चाहे संघ का कितना भी बड़ा संस्कार देने का दावा हो या फिर पार्टी का अनुशासन सब कुछ धरा का धरा रह जाता है जब सता का नशा सर चढ़कर बोलता है और बड़ी मुश्किल से ना उम्मीद के साथ मिली सत्ता नशा का तो कुछ और ही मतलब होता है . कांव काव खाव खाव के इस दौर में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के दो नेता आपस में भीड़ गए उसे लेकर संघ के संस्कार पर तो सवाल उठ ही रहे हैं साथ ही दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी सवाल उठ रहे हैं बृजमोहन अग्रवाल पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जो दोनों नेताओं ने सड़क पर खुलेआम गाली गलोज के साथ मारपीट और गुंडागर्दी की है वे दोनों नेता सचिन मेघानी हो या फिर राहुल चंदना नहीं दोनों ही नेता बृजमोहन अग्रवाल के करीबी लोगों में गिने जाते हैं कटोरा तालाब चौक के इस मामले में जिस तरीके की गुंडागर्दी गाली गलो सरे राह हुई उससे आने जाने वाले शर्मसार हो रहे थे क्या महिलाएं क्या बच्चे और उधर से गुजरने वाले तमाम लोग तमाशा बिन इसलिए बने थे क्योंकि इन गुंडागर्दी के बीच कौन मुंह खोलकर अपनी पिटाई करवाता मामला लेन देन का है यह बताया जा रहा है दोनों ही मोहन सेठ के समर्थक है और दोनों के बीच जिस तरीके से राहुल चंद नानी के होटल में घुसकर पहले विवाद हुआ और होटल से शुरू हुई मारपीट बाहर तक निकला आप खुद वीडियो में देख रहे होंगे कि किस तरीके से यातायात व्यवस्था चौपट हो गई थी पुलिस का कहीं अता पता नहीं था पुलिस को फोन भी कुछ लोगों ने किया लेकिन घंटों बाद पुलिस तब पहुंची जब एक पक्ष जा चुका था मामला पुलिस तक पहुंचा राहुल चंद नानी के रिपोर्ट पर सचिन मेघानी और उनके लोगों पर जुर्म दर्ज किया गया है वहीं सचिन मेघानी ने भी आवेदन दिया है उसके आवेदन पर अभी तक जुर्म दर्ज नहीं हुआ है और कहा जा रहा है कि समझौते का प्रयास हो रहा है क्या इस तरह की गुंडागर्दी खुलेआम मारपीट के मामले में पुलिस को स्वतः संजन लेकर दोनों के खिलाफ कारवाही नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि सत्ता उनकी है धमक उनकी है और दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके हैं ऐसे में बहुत जल्दी इस मामले का पटक शेप हो जाएगा समझौता हो जाएगा लेनदेन का विवाद सुलझ जाएगा यह भी लोग संभावना जता रहे हैं लेकिन जिस तरीके की गुंडागर्दी हुई है उसे लेकर कहा जा रहा है कि सत्ता मिलते ही भाजपाइयों के तेवर बदल गए और इसी तरह के कई मामले कई जगह पर सुनाई देने लगे हमारी टीम लगी हुई है हम विस्तार से घटनाओं को आपके सामने रखेंगे लेकिन जो मीडिया रिपोर्ट आई है उस मुताबिक नेताजी होटल के संचालक राहुल चंद नानी की रिपोर्ट पर सचिन मेघानी करण बजार दिव्यांग सक्सेना मनोज जोशी कमल पारक याकूब गनी सहित कई लोगों जो नामजद नहीं है बहुत सारे लोग पहुंचे थे उसके होटल में वहीं सचिन मेघानी ने भी शिकायत करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की है जिस तरीके का वीडियो वायरल हो रहा है जिस तरीके की गाली गलौज हो रही है आप सोच सकते हैं कि राजधानी में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है हालांकि कानून व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री विजय पहले ही निशाने में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है एक जगह पुलिस संभालने जाती है तो दूसरे मोहल्ले से इस तरह की खबर आती है और यदि कोई पुलिस वाला ईमानदारी से काम कर दे तो किस तरीके से मंत्रियों का ौस या फोल सामने आता है यह भी चर्चा का विषय हमने कल ही विस्तार से बताया कि किस से शराब खोरी कर रहे एक महिला मंत्री के जेठ को जब पुलिस ने चौकी ले आया पकड़कर तो किस तरीके से उस प्रधान आरक्षक आदिवासी प्रधान आरक्षक को धमकी दी जा रही है उसे एसपी ने लाइन अटैच कर दिया तब ऐसी परिस्थिति में क्या सूचना मिलने के बाद भी क तालाब चौक में पुलिस के नहीं पहुंचने की यही वजह थी आखिर पुलिस कैसे काम करें यह सबसे बड़ा सवाल है !

Vidio देखें 

https://youtu.be/V2NwsAhBDoQ?si=0gG09JdgaDCU9pR1

शुक्रवार, 1 मई 2026

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

 

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे शानदार होटल ग्रुप में शुमार बेबी लान ग्रुप अपनी करतूतों की वजह से पहले ही कुख्यात हो चुका है और फ़र्ज़ी कैफे ने रही सही कसर भी पूरी कर दी । नियम क़ानून  को अपनी जेब में रखने के कितने ही मामले हैं । जुआरियों के साथ गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या बेबी लान  संचालक अपनी ताकत पैसे और पहुंच के बल पर कुछ भी कर रहे हैं क्या उनके ग्रुप के होटलों में अ यासी भी हो रही है या सिर्फ जुआ खिलाने का ही काम बड़े पैमाने पर हो रहा है जिस तरीके से लोग गिरफ्तार हुए हैं उनके बारे में हम विस्तार से बताए उससे पहले बता देते हैं कि बेबी लान ग्रुप की धमक की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है इससे पहले बेबीलोन कैपिटल पर सरकारी जमीन और नाले पर कब्जे का जो आरोप लगा था वह सालों चलते रहा निगम की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन सत्ता बदलने के बाद जिस तरीके से एक मंत्री हड़ गए थे उसके चलते बेबी लान के इस कब्जे को बड़ी मुश्किल से हटाया गया था लेकिन कोई कारवाई नहीं की गई थी केवल कब्जा हटाया था निगम ने कोई जुर्म दर्ज नहीं किया था जबकि इतने बड़े क पर कोई दूसरा व्यक्ति होता तो उसके खिलाफ जुर्म दर्ज भी होता और इसके बाद बेबी लान इन चर्चा में तब आया था जब अंबिकापुर की एक लड़की की हत्या हो गई थी एक रूम में और पुलिस को घुसने नहीं दिया गया था पुलिस बारबार मोबाइल के लोकेशन के आधार पर बेबी लान इन होटल पहुंचती थी और उनके संचालक के दबाव में वह लौट आती थी लेकिन जब पीड़ित पक्ष ने दबाव बनाया भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं अंबिकापुर के गुप्ता परिवार और उन्होंने जब दबाव बनाया शासन की तरफ से तब जाकर पुलिस घुस पाई और लाश बरामद हुई थी इसके बाद भी कई तरह के विवाद सुन्य समझने को आते रहे लेकिन कारवाही नहीं हुई हो रही थी लेकिन कल जिस तरीके से कारवाई हुई वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है और कहा जा रहा है कि इसमें भी शहर के एक विधायक कहां था उन्होंने ही पुलिस पर दबाव बनाया था कि बेबी लान होटल के कमरा नंबर 115 में शहर के नामी गिरामी धनाढ्य संभ्रांत माने जाने वाले लोगों के बच्चे जुआ खेड़ रहे हैं लाखों रुपए के तब कहीं जाकर पुलिस सक्रिय हुई थी और होटल में छापेमारी की कारवाई की थी इसमें रायपुर के सदर बाजार सराफा से जुड़े परिवार के युवक तो शामिल थे ही धमतरी भाटापारा जैसे शहर के संभ्रांत माने जाने वाले परिवार के युवक भी शामिल थे और इसके अलावा जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने बेबी लान होटल के संचालक परमवीर पर भी जुर्म दर्ज किया है जिन लोगों पर वाही की है होटल के कमरा नंबर 115 में चल रहे जुआ के पाद उनमें निखिल सिंघानिया बड़ा नाम है नाम से ही आपको लग रहा होगा कि निखिल सिंघानिया बिलाईगढ़ के हैं ऋत्विक भंसाली टागोर नगर के हैं सदर से ही संबंधित है पारस वाधवा शंकर नगर रायपुर के हैं यश चावला कोस्टा पारा धमतरी ऋषभ भंसाली टैगोर नगर यह भी ज्वेलर्स से ही संबंधित परिवार है दर्शन मूलवानी साई वाठिका कॉलोनी देवपुरी का है गौरव गोलछा यह भी टैगोर नगर और संबंध सदर से यानी आप यह समझिए कि सदर के ज्यादातर सराफा व्यवसाई टैगोर नगर में ही शिफ्ट हो गए इसलिए उनका मूल पता टैगोर नगर ही होता है अक्षय सचदेव ये आमापारा धमतरी के हैं पंकज चावला दलदल शिवनी रायपुर के हैं निखिल जगताप यह बास पानी धमतरी के हैं यानी ये सारे लोग सराफा व्यवसाय से और बड़े ही रहिस खानदान के माने जाते हैं इन सबको पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किया और ररा यह पुलिस का कि बहुत बाद में नामों की घोषणा की गई छापा पढ़ने के बाद जब दबाव पड़ा पड़ा पत्रकारों ने नाम पूछने लगे तब कहीं जाकर पुलिस ने नाम उजागर किया था इन बड़े संभ्रांत लोगों का तो सवाल तो यही है कि क्या छत्तीसगढ़ में जो बड़े होटल व्यवसाई हैं उनका खेल क्या है बेबी लान तो कुख्यात होही गया अपनी कई तरह की करतूत सामने आने के बाद अब देखना है कि ऐसे मामले में पुलिस क्या कारवाई करती है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/bZdUk9DPl2o?si=MPUnRwcX2hUhy5SS