शनिवार, 18 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ का कौन है सुपर सीएम, किसका किसका दावा

छत्तीसगढ़ का कौन है सुपर सीएम, किसका किसका दावा 

 छत्तीसगढ़ में सत्ता आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाया तो साथ ही दो दो उप मुख्यमंत्री बनाए अरुण साव और विजय शर्मा को लेकिन अब सवाल उठने लगा है कि सुपर सीएम कौन है क्या विष्णुदेव साय सरकार के ऊपर भी कोई सीएम हालांकि जन चर्चा जो है उसके हिसाब से जो सुपर सीएम का तमगा या पद जिसके पास है वह भारतीय जनता पार्टी का वह नेता जो आईएएस से राजनीति में आया है और देश के गृह मंत्री अमित शाह के सबसे करीबी और खास माने जाते हैं ओपी चौधरी ओपी चौधरी को आम बोलचाल की भाषा में यानी अधिकारी वर्ग में कर्मचारी वर्ग में सुपर सीएम कहा जाता है यहां तक कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति में भी ओपी चौधरी को सुपर सीएम की संज्ञा दी जाती है और बेहद ताकतवर बताया जाता है और कहा जा रहा है कि सरकार वही चला रहे हैं लेकिन अब विवाद इसलिए उठने लगा है क्योंकि विष्णु देव साय की धर्म पत्नी कौशल्या देवी ने खुद को सुपर सीएम बता दिया है मीडिया के सामने उन्होंने क्या कुछ कहा पहले वह सुन लीजिए और अब छत्तीसगढ़ की सुपर सीएम के नाम से जाने जाती हूं तो कोई क की मैं उन पदाधिकारियों से जो टिकट लेकर लड़े ठीक है सांसद बन गए विधायक बन गए मैं बिना टिकट मांगे बिना लड़े दूसरो को है और आज मैं एकत्र की विधायक और एक लोकसभा की सांसद भी हूं और अब छत्तीसगढ़ की सुपर सीएम के नाम से जानी जाती हूं तो छत्तीसगढ़ की सुपर सीएम के नाम से जानी जाती हूं तो ऐसे में सुपर सीएम को लेकर जो दावा किया जा रहा था कि ओपी चौधरी है उस दावे का क्या होगा और छत्तीसगढ़ की राजनीति किस तरह से चल रही है क्या सचमुच ओपी चौधरी इतने ताकतवर हैं कि सभी फाइल उनकी ही निगरानी में हस्ताक्षर हो रहे हैं सभी फाइलों को क्या वेही देख रहे हैं यह सवाल बेहद महत्त्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले 33000 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला था उसे ओपी चौधरी ने एक झटके में समाप्त करते हुए कह दिया कि अभी वित्तीय स्थिति उतनी मजबूत नहीं है और इसे लेकर सोशल मीडिया में कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं और ओपी चौधरी के खिलाफ विश् वमन भी हो रहे हैं कहा जाए तो गलत नहीं होगा दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि जो बैठक व्यवस्था बदली है कैबिनेट की हमने कल ही बताया कि पहले कैबिनेट की बैठक व्यवस्था कैसे होती थी कैसे मुख्यमंत्री के आजूबाजू दोनों उप मुख्यमंत्री बैठा करते थे लेकिन कल जो कैबिनेट की बैठक हुई उसमें बैठक व्यवस्था बदल दी गई और इस बैठक व्यवस्था में अब दोनों उप मुख्यमंत्री मंत्रियों के साथ बैठेंगे तो क्या यह परिवर्तन भी ओपी चौधरी के कहने पर अधिकारियों ने करवाया है यह महत्त्वपूर्ण है यह जांच का विषय हो सकता है हमारी टीम लगी है कि आखिर सचमुच विष्णुदेव साय अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह सब खेल खेल रहे हैं या फिर ओपी चौधरी को मुख्यमंत्री के आजूबाजू दोनों उप मुख्यमंत्रियों का बैठना रास नहीं आ रहा था यह जांच का विषय है यह भाजपा की अंदरूनी राजनीति का मामला है लेकिन दूसरे तरफ कहा तो यहां तक जा रहा है कि जो मंत्रिमंडल के विस्तार का मामला है या निगम मंडल और आयोग में नियुक्ति का मामला है इसमें भी ओपी चौधरी का ही पेच फसा हुआ है वे चाहते हैं कि उनके समर्थक ज्यादा से ज्यादा इन पदों पर रहे तब दूसरा सवाल उपचुनाव का भी ले है जो बृजमोहन अग्रवाल के स्थि फे के बाद खाली हुआ है रायपुर दक्षिण का सीट वहां क्या ओपी चौधरी के पसंद का उम्मीदवार उतारा जाएगा ऐसे कई सारे सवाल है लेकिन अभी जो सवा बड़ा हो चुका है वह सुपर सीएम का है और जब खुद मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी ने आगे आकर कह दिया है कि वे ही सुपर सीएम है और अब छत्तीसगढ़ की सुपर सीएम के नाम से जाने जाती हूं और अब छत्तीसगढ़ की सुपर सीएम के नाम से जानी जाती हूं हालांकि अब तक जो परंपरा रही है या मजाक में लोग बोल कहते रहे हैं कि गृह मंत्री जैसे पद मिलते रहा है पत्नियों को तब ऐसी परिस्थिति में देखना है कि इस सुपर सीएम को लेकर जो दावे और राजनीति हो रही थी उस पर क्या असर पड़ता है इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी तंज कसा है भूपेश बघेल से लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने कौशल्या देवी साय के बयान को लेकर टिप्पणी की है आने वाले दिनों में देखना होगा कि इस सुपर सीएम का मामला का क्या होता है।

वीडियो देखें 


https://youtu.be/qQb5AAfbTxw?si=Uo58Db5qOWvOOk83

घोटालेबाज़ को वीआईपी सुविधा देने का मामला तूल पकड़ा, जुर्म दर्ज

 

घोटालेबाज़ को वीआईपी सुविधा देने का मामला तूल पकड़ा, जुर्म दर्ज

जो  सरकार में बैठे लोग  सत्ता में आने से पहले घोटाले बाजों को उल्टा लटका कर सीधा करने का दावा करते नहीं थकते यदि उसी सरकार में घोटाले बाजों को वीआईपी संरक्षण मिल रहा है सब तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है जेल में भी अस्पताल में भी और उससे इतर होटलों में भी तब इसे आप क्या कहेंगे

 मामला छत्तीसगढ़ का है डबल इंजन की सरकार का है जहां चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने साफ तौर पर कहा था कि भ्रष्टाचारियों को बक्सा नहीं जाएगा लेकिन हाल यह है कि अब सारा खेल सब कुछ वही विष्णु देव साय सरकार कर रही है जिस आरोप के आसरे वह चुनाव जीती है मामला कस्टम मिलिंग का है कोयला घोटाला और शराब घोटाले का मामला छोड़ दीजिए क्योंकि कहा तो यह जा रहा है कि जो काम भूपेश सरकार में हो रहा था वही काम अब भी कोयला और शराब मामले में हो रहा है केवल चेहरे बदल गए हैं लेकिन कस्टम मिलिंग में जो आरोपी गिरफ्तार हुआ है करोड़ों रुपए का मामला है रोशन चंद्राकर मुख्य आरोपी है साजिश करता है यहां तक कि उस पर आरोप है कि भूपेश सरकार के दौरान उसने ही प्रति क्विंटल 20-20 का कमीशन सत्ता तक पहुंचाया है यदि उस आरोपी को वीआईपी ट्रीट मिले और मामले का खुलासा होने के बाद केवल आरक्षक को निलंबित करके मामले की लीपापोती जांच के नाम पर की जाए तो फिर इसे आप क्या कहेंगे घोटाले बाजों को दमाद की तरह वीआईपी ट्रीटमेंट देने का मामला नया नहीं है पहले भी अपराधियों को आरोपियों को इस तरह से वीआईपी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर हर सत्ता विवादों में रही है लेकिन जो ताजा मामला आया है वह बेहद ही हैरान कर देने वाला इसलिए है क्योंकि सत्ता में आने के पहले इस डबल इंजन की सरकार ने लोगों से क्या-क्या वादे नहीं किए थे कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस पूरे मामले में पहले से ही खबर चल रही थी रोशन चंद्राकर को जेल में वीआईपी सुविधा दी जा रही है लेकिन सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं थी गृह मंत्री विजय शर्मा तो इस प्रदेश में अपराध की कमी का दावा करते हैं जबकि कांग्रेस लगातार अपराध के मामले उठा रही है और यही नहीं लोग भी त्रस्त है चोरी डकैती लूट जैसे मामले लगातार सामने आ रही है खुलेआम हत्या हो रही है हालांकि कुछ लोग पकड़े भी जा रहे हैं लेकिन जिस तरह से वारदातें बढ़ गई है वह हैरान कर देने वाली है तब रोशन चंद्राकर के मामले में आखिर हुआ क्या रोशन चंद्राकर को वीआईपी सुविधा देने का दावा पहले से किया जाता रहा है कई बार मीडिया में यह खबरें प्रकाशित हुई लेकिन सरकार हर बार खंडन कर देती थी लेकिन पिछले दिनों जब एक तस्वीर वायरल होना शुरू हुआ रो चंद्राकर को एक बड़े होटल से निकलते देखा गया और बताया गया कि सिपाही उसे किस तरीके से होटल में लाया था और वे किस तरीके से अपने परिवार वालों रिश्तेदारों से मिला माल भी उनके बच्चे को सिपाही ही घुमाते रहा जैसे खबरें जब सामने आई तो आनंद पानंद में डीजी जेल राजेश मिश्रा ने जेलर को फटकार लगाई और जेलर ने विवाद बढ़ता देखकर सिपाही जायसवाल है उसे निलंबित करके जांच करने की घोषणा कर दी जबक पहली ही दृष्टि में यह साफ तौर पर दिख रहा है कि रोशन चंद्राकर को इस सुविधा देने के नाम पर लेनदेन हुआ है फिर छापे की कारवाही क्यों की गई पैसे बरामद क्यों नहीं किए गए एफआईआर क्यों नहीं की गई जांच के नाम पर क्या इस मामले की भी लीपापोती की जा रही है ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि जिस सिपाही को सस्पेंड किया गया है उस वह इतनी बड़ी हिमाकत कर ही नहीं सकता था कि करोड़ों रुपए के आरोपी को अस्पताल में जांच के नाम पर ले जाने की बजाय होटल पहुंचाते बड़े उच्चाधिकारियों का इसमें हाथ है कुछ नेताओं के भी नाम सामने आ रहे हैं देखना है कि के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है उसमें यह सब मामला आता है कि नहीं एफआईआर होती है कि नहीं लेकिन कहा जा रहा है कि विजय शर्मा जब से ग्रह मंत्री बने हैं कानून व्यवस्था को लेकर सवाल तो उठ रहे हैं अब जेलों में जो बंद है आरोपी अपराधी उन्हें भी वीआईपी सुविधा देने का मामला सामने आ गया है देखना है कि इस पूरे मामले में सरकार की क्या भूमिका होती है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/2U5jYlGFnHA?si=kN-_BS3W3QFrqbqC