सोमवार, 27 अप्रैल 2026

चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी

 चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी 


छत्तीसगढ़ के सबसे दमदार मंत्री माने जाने वाले ओपी चौधरी ने एक बार फिर कर्मचारियों को लेकर जो बात कही  उसे लेकर विवाद शुरू हो गया है दरअसल ओपी चौधरी का विवादों से पुराना नाता है जब वे कलेक्टर थे तब भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप के चलते हुए विवादों में आए थे उसके बाद उन्होंने आनंद फानंद में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी लेकिन 2018 का चुनाव वे हार गए थे   फिर उन्हें टिकट मिली और अमित शाह को आकर कहना पड़ा कि ओपी चौधरी को जिता हो हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे और इसके बाद जब मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उन्हें सबसे महत्त्वपूर्ण विभाग वित्त विभाग दिया गया वित्त विभाग के मिलते ही जिस तरीके से वे विवादों में आए हैं उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं सबसे पहले तो उन्होंने 33000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में जिस तरह से कहा कि अभी फंड नहीं है फिलहाल शिक्षकों की भर्ती पर कोई विचार नहीं किया जा रहा उसे लेकर ओपी चौधरी विवादों में रहे और बेरोजगारों का गुस्सा आज तक सोशल मीडिया में फूट रहा तब कर्मचारियों को लेकर ओपी चौधरी ने जो बात कही उससे लेकर कर्मचारी संगठनों में भी आक्रोश है हालांकि छत्तीसगढ़ के कर्मचारी पहले से ही ओपी चौधरी की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और विभिन्न संगठन खासकर शिक्षक समुदाय तो लगातार आंदोलन कर रहे हैं युक्तिकरण के खिलाफ दरअसल यह पूरा खेल शिक्षक भर्ती पर बंदिश लगाने का है कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा क्योंकि स्कूलों में शिक्षक की कमी है लेकिन युक्तिकरण के नाम पर जिस तरीके से स्कूल ही बंद करने की योजना बना ली गई है उसे लेकर शिक्षक संघों में भारी आक्रोश है लेकिन नया मामला है यूपीएस का यूपीएस यानी नई एकीकृत पेंशन योजना यह केंद्र सरकार ने प्रस्ताव बनाकर लागू कर दिया है 1 अप्रैल 2025 से और इसमें फायदा जो 25 साल नौकरी कर चुके हैं उन्हीं कर्मचारियों को ज्यादा मिलेगा अभी ओपीएसओ पेंशन स्कीम और एनपीएस न्यू पेंशन स्कीम को लेकर जबरदस्त बवाल है और कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भी यह मुद्दा काम कर रहा था और इसी से घबराकर केंद्र सरकार ने नहीं एकीकृत पेंशन योजना लाई है यूपीएस जिसका नाम दिया गया और राज्य सरकारों से कहा गया है कि कर्मचारियों को इस बात के लिए तैयार करें इस पेंशन को बनाने वालों का दावा है कि इस योजना का लाभ 90 लाख कर्मचारियों को होगा लेकिन छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू करने का कोई विचार नहीं है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बात वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिए उन्होंने प्रतिष्ठित अखबार नव भारत से चर्चा करते हुए यह बात कही है तो क्या इस नई पेंशन स्कीम पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि जब विचार ही नहीं होगा तो फायदा कहां से मिलेगा लेकिन इससे इधर छत्तीसगढ़ की क्या स्थिति है छत्तीसगढ़ में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर लंबे आंदोलन जब हुए तो पूर्ववर्ती सरकार कांग्रेस की जो सरकार थी भूपेश बघेल की उन्हो ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दिया और इसके चलते यहां के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए आवेदन भी दे दिया उनके आवेदन स्वीकृत भी हो गए लेकिन मामला फंडिंग का है जो केंद्र सरकार पर एनपीएस का जो फंडिंग है वह अटका पड़ा हुआ है और उसे छत्तीसगढ़ को मिलेगा नहीं मिलेगा कब मिलेगा यह कहना बेहद मुश्किल भरा सवाल है और कब होगा यह भी आसानी से सुलझ का मामला नहीं दिख रहा है ऐसी परिस्थिति में मजबूरी में जो कर्मचारी एनपीएस के साथ खड़े हैं उनके लिए यह एक सुनारा मौका हो सकता था नई पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लेकिन अब जब प्रदेश सरकार इस पर विचार करने को तैयार नहीं है तब देखना है कि कर्मचारी संगठनों का क्या रवैया होता है हालांकि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग पर कायम है केंद्र सरकार की यूनिफाइड योजना ओ पीएस जैसी लाभदायक नहीं है यानी ओल्ड पेंशन स्कीम की तरह य लाभकारी नहीं है इसलिए इस तरफ कर्मचारियों का जरा भी ध्यान नहीं है वह तो वल्ड पेंशन योजना पर ही पूरा ध्यान लगाए हुए हैं यह बात फेडरेशन के जो संयोजक है कमल वर्मा ने यह बात मीडिया से कही है ऐसी परिस्थिति में जब कुछ कर्मचारियों को उम्मीद थी कि छत्तीसगढ़ सर सरकार यूपीएस लागू करेगी तो उन्हें फायदा मिलेगा जिनकी सर्विस 25 साल से अधिक हो जाएगी लेकिन अब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिया है कि इस योजना पर अभी विचार नहीं किया जाएगा देखना है कि कर्मचारी संगठन ओपी चौधरी के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं !

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच 


 सत्ता बदलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों की निकल पड़ी है उन्हें ठेके भी बड़े पैमाने पर मिल रहे हैं तो उच्च पदों पर भी बिठाने का खेल चल रहा है तो जो लोग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे उन के निलंबन भी बहाली में तब्दील होने लगा है इसमें सबसे चर्चित नाम है डॉक्टर पुनीत गुप्ता का यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे डॉक्टर रमन सिंह के कितने करीबी रिश्तेदार हैं और उन पर किसकिस तरह के गंभीर आरोप लगे थे डीकेएस हॉस्पिटल के वे प्रभारी रहे हैं यानी सब कुछ उन्हीं के जिम्मे था वहां निर्माण से लेकर दुकान आबंटन तक कई तरह के उन पर गंभीर आरोप लगे थे और गोल बाजार थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी भूपेश सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच करते हुए डॉक्टर पुनीत गुप्ता को निलंबित कर दिया था और 5 साल वे लगातार निलंबित रह थे और अचानक सत्ता बदलते हुए उन्होंने आवेदन दिया और उनके आवेदन पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तत्काल बहाली का आदेश जारी कर दिया क्या यह ब ली का आदेश डॉक्टर रमन सिंह के कहने पर हुआ है या फिर स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर हुआ है इसे लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म इसलिए है क्योंकि डॉक्टर पुनीत गुप्ता को लेकर कई तरह के विवाद चर्चा पारिवारिक रूप से और भी बहुत कुछ है उस पर हम फिर कभी विस्तार से चर्चा करेंगे लेकिन उनकी बहाली को लेकर जिस तरीके से राजनीति गर्म है और जिस आनंद फनन में उनकी बहाली की गई है उसे लेकर प्रदेश सरकार निशाने पर है कहा जा रहा है कि इसी तरह का खेल कई मामले में कई विभागों में हो चुका है कई निलंबित लोगों की बहाली हुई है कई लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदार हैं कहां तो यहां तक जा रहा है कि डीकेएस फिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता को सौंप दिया जाएगा हालांकि जो पारिवारिक कला है उसे लेकर इस पर संशय है जरूर लेकिन जिस तरीके से आनंद फानंद में पुनीत गुप्ता की बहाली की गई है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ र और कहा जा रहा है कि भारतीय जनता के पार्टी के अंदरूनी राजनीति भी एक बड़ी वजह है और डॉक्टर रमन सिंह से जिनकी नहीं पढती है उन लोगों ने यह पूरा खेल डॉक्टर रमन सिंह को बदनाम कर करने के लिए किया गया है क्योंकि डॉक्टर रमण सिंह इन दिनों पुनीत गुप्ता से दूरी बना चुके हैं ऐसी परिस्थिति में हमारी टीम लगी हुई है इस पूरे मामले की जानकारी इकट्ठी की जा रही है आखिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता की बहाली के पीछे किसका हाथ है और किस तरीके से आनंद फानंद में उसकी बहाली कर दी गई है और गोल बाजार में जो प्राथमिकी दर्ज है डॉक्टर पुनीत गुप्ता के खिलाफ उसका क्या हुआ ।

वीडियो देखें


https://youtu.be/aTXiJXrmPe0?si=3iAgRDM5R1NLK78w