बुधवार, 29 अप्रैल 2026

भूपेश को घेरने के चक्कर में बीजेपी नेताओं की मुसीबत बढ़ी

 

भूपेश को घेरने के चक्कर में बीजेपी नेताओं की मुसीबत बढ़ी

सत्ता में आते ही भारतीय जनता पार्टी डबल इंजन की सरकार विष्णु देव साय की सरकार ने जिस तरीके से एकएक मामले को सीबीआई को सौंपना शुरू किया है क्या उससे भ्रष्टाचार मिट पाएगा या अधिक मामले को सीबीआई को सौंपा गया है क्या उसका का परिणाम सुखद आएगा क्योंकि सीबीआई का जो परसेप्शन रहा है वह न्यायालय में जाकर टाय टाए फिस हो जाने वाला रहा है और इस दौर में तो सीबीआई हो ईडी हो या तमाम तरह की इस तरह की जितनी भी संस्थाएं हैं सब पर राजनीतिक द्वेष के साथ कारवाई करने का आरोप लगता रहा है ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस महादेव सट्टा को सौंपा है उसे लेकर बेहद बवाल मचा था इससे पहले हम बता देते हैं कि दो और मामले सीबीआई को सौपे गए जिसमें से एक बीरपुर हत्या का मामला था जो चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा था और इसके चलते दुर्ग जिले में कांग्रेस का लगभग सफाया हो गया था और कद्दावर मंत्री र चौवे ताम्र साहू रुद्र गुरु सब चुनाव हार गए थे और इस मामले को सीबीआई को सौंपा गया है क्या कुछ कारवाई हो रही है अभी किसी की जानकारी में नहीं दूसरा मामला था यह भी चुनाव में खूब हल्ला हुआ था पीएससी घोटाले का जिसमें राज्यपाल के यहां तैनात अधिकारियों पीएससी अध्यक्ष पीएससी सचिव और कई कांग्रेस के नेताओं के रिश्तेदारों का चैन का मामला था भर्ती पीएससी ने निकाली थी इस मामले को भी सौंप दिया गया है कारवाही कहां तक हो रही है किस तरीके से गिरफ्तारी होगी अभी कहना मुश्किल है अब तीसरा मामला महादेव सट्टा एक्ट का है इस मामले को लेकर बहुत बवाल मचा बवाल तो यहां तक मचा कि जो मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर है उस उसके साथ भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की तस्वीर तक कांग्रेस ने जारी कर दी थी जिसमें डॉक्टर रमन सिंह थे प्रेम प्रकाश पांडे थे और भी बहुत सारे भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ महादेव सट्टा संचालित करने वाले सौरभ चंद्राकर की तस्वीर थी कहा जा रहा है कि इस मामले में कई आईपीएस घेरे में है हालांकि अभी तक जितने भी बड़े मामले सामने आए हैं चाहे कोयला घोटाला हो या शराब घोटाला हो सब में नाम तो रहे आईपीएस अधिकारियों के लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई गिरफ्तारी केवल आईपीएस लोगों की हुई तो क्या महादेव सट्टा ए में जिस तरीके से दुर्ग रायपुर जैसे शहरों में उस दौरान पदस्थ आईपीएस लोगों के नाम थे क्या उनकी गिरफ्तारी होगी यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए है क्योंकि छोटे मछलियां तो गिरफ्तार हुई है अब तक कोई बड़ी मछली गिरफ्तार नहीं हुई क्योंकि संचालक करने वाले लोग दुबई में जाके बैठे हैं और अभी तक महादेव सट्टा ए पर प्रतिबंध भी नहीं लगा है कारवाही की बात की जाए तो 300 से ऊपर गिरफ्तारी हो चुकी है देश भर के कई थानों में अपराध दर्ज है और ओडब्ल्यू ने जो रिपोर्ट लिखी है उसमें भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम इसके अलावा भी कई पुलिस अधिकारियों के नाम है कई बड़े अधिकारी हैं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का तो हमने बताया कि जब यह मामला उठा था तो किस तरीके से कांग्रेस ने बकायदा पत्रकार वार्ता लेकर सौरभ चंद्राकर के संबंधों का खुलासा करते हुए भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीर जारी की थी तो क्या इस जांच में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता भी आएंगे जिनके साथ उनकी तस्वीर है क्या उनकी भी गिरफ्तारी होगी बहरहाल कहा जा रहा है कि यह पूरा मामला भूपेश बघेल पर दबाव बनाने के लिए है देखना है कि सीबीआई इस मामले को क्या करती है !

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https://youtu.be/W8ElSBP_OgI?si=uodJqRK-mTtk3-Z0