शुक्रवार, 1 मई 2026

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

 

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे शानदार होटल ग्रुप में शुमार बेबी लान ग्रुप अपनी करतूतों की वजह से पहले ही कुख्यात हो चुका है और फ़र्ज़ी कैफे ने रही सही कसर भी पूरी कर दी । नियम क़ानून  को अपनी जेब में रखने के कितने ही मामले हैं । जुआरियों के साथ गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या बेबी लान  संचालक अपनी ताकत पैसे और पहुंच के बल पर कुछ भी कर रहे हैं क्या उनके ग्रुप के होटलों में अ यासी भी हो रही है या सिर्फ जुआ खिलाने का ही काम बड़े पैमाने पर हो रहा है जिस तरीके से लोग गिरफ्तार हुए हैं उनके बारे में हम विस्तार से बताए उससे पहले बता देते हैं कि बेबी लान ग्रुप की धमक की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है इससे पहले बेबीलोन कैपिटल पर सरकारी जमीन और नाले पर कब्जे का जो आरोप लगा था वह सालों चलते रहा निगम की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन सत्ता बदलने के बाद जिस तरीके से एक मंत्री हड़ गए थे उसके चलते बेबी लान के इस कब्जे को बड़ी मुश्किल से हटाया गया था लेकिन कोई कारवाई नहीं की गई थी केवल कब्जा हटाया था निगम ने कोई जुर्म दर्ज नहीं किया था जबकि इतने बड़े क पर कोई दूसरा व्यक्ति होता तो उसके खिलाफ जुर्म दर्ज भी होता और इसके बाद बेबी लान इन चर्चा में तब आया था जब अंबिकापुर की एक लड़की की हत्या हो गई थी एक रूम में और पुलिस को घुसने नहीं दिया गया था पुलिस बारबार मोबाइल के लोकेशन के आधार पर बेबी लान इन होटल पहुंचती थी और उनके संचालक के दबाव में वह लौट आती थी लेकिन जब पीड़ित पक्ष ने दबाव बनाया भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं अंबिकापुर के गुप्ता परिवार और उन्होंने जब दबाव बनाया शासन की तरफ से तब जाकर पुलिस घुस पाई और लाश बरामद हुई थी इसके बाद भी कई तरह के विवाद सुन्य समझने को आते रहे लेकिन कारवाही नहीं हुई हो रही थी लेकिन कल जिस तरीके से कारवाई हुई वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है और कहा जा रहा है कि इसमें भी शहर के एक विधायक कहां था उन्होंने ही पुलिस पर दबाव बनाया था कि बेबी लान होटल के कमरा नंबर 115 में शहर के नामी गिरामी धनाढ्य संभ्रांत माने जाने वाले लोगों के बच्चे जुआ खेड़ रहे हैं लाखों रुपए के तब कहीं जाकर पुलिस सक्रिय हुई थी और होटल में छापेमारी की कारवाई की थी इसमें रायपुर के सदर बाजार सराफा से जुड़े परिवार के युवक तो शामिल थे ही धमतरी भाटापारा जैसे शहर के संभ्रांत माने जाने वाले परिवार के युवक भी शामिल थे और इसके अलावा जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने बेबी लान होटल के संचालक परमवीर पर भी जुर्म दर्ज किया है जिन लोगों पर वाही की है होटल के कमरा नंबर 115 में चल रहे जुआ के पाद उनमें निखिल सिंघानिया बड़ा नाम है नाम से ही आपको लग रहा होगा कि निखिल सिंघानिया बिलाईगढ़ के हैं ऋत्विक भंसाली टागोर नगर के हैं सदर से ही संबंधित है पारस वाधवा शंकर नगर रायपुर के हैं यश चावला कोस्टा पारा धमतरी ऋषभ भंसाली टैगोर नगर यह भी ज्वेलर्स से ही संबंधित परिवार है दर्शन मूलवानी साई वाठिका कॉलोनी देवपुरी का है गौरव गोलछा यह भी टैगोर नगर और संबंध सदर से यानी आप यह समझिए कि सदर के ज्यादातर सराफा व्यवसाई टैगोर नगर में ही शिफ्ट हो गए इसलिए उनका मूल पता टैगोर नगर ही होता है अक्षय सचदेव ये आमापारा धमतरी के हैं पंकज चावला दलदल शिवनी रायपुर के हैं निखिल जगताप यह बास पानी धमतरी के हैं यानी ये सारे लोग सराफा व्यवसाय से और बड़े ही रहिस खानदान के माने जाते हैं इन सबको पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किया और ररा यह पुलिस का कि बहुत बाद में नामों की घोषणा की गई छापा पढ़ने के बाद जब दबाव पड़ा पड़ा पत्रकारों ने नाम पूछने लगे तब कहीं जाकर पुलिस ने नाम उजागर किया था इन बड़े संभ्रांत लोगों का तो सवाल तो यही है कि क्या छत्तीसगढ़ में जो बड़े होटल व्यवसाई हैं उनका खेल क्या है बेबी लान तो कुख्यात होही गया अपनी कई तरह की करतूत सामने आने के बाद अब देखना है कि ऐसे मामले में पुलिस क्या कारवाई करती है !

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https://youtu.be/bZdUk9DPl2o?si=MPUnRwcX2hUhy5SS