जब चौकी प्रभारी को ईमानदारी की सज़ा
छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार और उसके गृह मंत्री से कानून व्यवस्था तो संभल नहीं रही है और अब कानून व्यवस्था संभालने में निकली पुलिस को ही यदि निलंबित कर दिया जाए तो इसे आप क्या कहेंगे और वह भी आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते आदिवासी प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया जाता है क्योंकि उसने बस स्टैंड में खुलेआम कार में बैठकर शराब पीने वालों को गिरफ्तार करके चौकी तक ले आया था देवनारायण नेताम प्रधान आरक्षक यही नेता में आदिवासी समाज के और उन्होंने जब खुलेआम शराब खोरी को लेकर सवाल जवाब किया तो शराब पीने वाला एक युवक ने स्वयं को मंत्री का जेठ बताने लगा महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं आप सोचिए कि किस तरीके की मंत्री है और उनका जेठ जो पुलिस को धमकाने लगा लेकिन देवनारायण नेताम उनकी धमकी में नहीं आकर उन्हें चौकी में ले आए जहां चौकी में भी उसने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए ना केवल देवनारायण नेताम के साथ धक्का मुक्की की बल्कि छीना झपटी में देवनारायण नेताम की वर्दी फट गई या बिल्ला निकल गया और उसके बाद जो कुछ खेल हुआ व हैरानी की बात नहीं है कहा जाता है कि इसकी खबर ल ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसपी ने देवनारायण नेताम को आदिवासी है उसे अटैच कर दिया लाइन अटैच कर दिया और उस युवक को थाने से ही छोड़ दिया बगैर कारवाही की क्योंकि वह महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का जेट बताया जा रहा और इतना ही नहीं उस प्रधान आरक्षक को जिस तरीके से लगातार धमकी मिल रही है वह भी हैरानी की बात है उन्हें किसी स्थान का नाम लेकर कहा जा रहा है कि यहां आइए फिर बताते हैं कि तुम्हारी पुलिस क्या करती है यानी आप सोचिए कि किस तरीके से छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार चल रही है प्रदेश में अपराध के आंकड़े आसमान छू रहे हैं नशाखोरी को लेकर तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बताया कि किस तरीके से गांजा जैसे मामले में 36 गढ़ किसी भी दूसरे राज्य से औसतन डबल स्थिति में है यानी मनमाने गांजा की बिक्री हो रही है नशाखोरी को लेकर कई तरह के सवाल उठते रहे और राजधानी में लगातार नसेर द्वारा अपराध को अंजाम दिया जा रहा है ऐसे में चौकी प्रभारी ने जब शराब पीते खुलेआम शराब पीते दो लोगों को पकड़ा और थाने तक लाया तो उनके साथ किस तरीके से सत्ता में बैठे लोगों ने करतूत किया यह किसी से छिपा नहीं है सवाल क्या सिर्फ इतना है कि देवनारायण नेता आदिवासी समाज के हैं इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री आदिवासी है इसलिए हिम्मत दिखा दी थी और उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है आगे क्या होगा देवनारायण नेताम के साथ कहना बेहद मुश्किल है हालांकि एसएसपी का दावा है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और सबके खिलाफ कारवाही होगी तो क्या ये इस तरह की कारवाही होगी कि एक प्रधान आरक्षक जो अपनी ड्यूटी बजा रहा है और मंत्री का जेठ बताने के बाद भी चौकी तक ले आया उस प्रधान आरक्षक को ईमानदारी का इनाम देने की बजाय उसे लाइन अटैच कर देना यह किस तरीके का डबल इंजन है और गृह मंत्री विजय शर्मा दावा करते हैं कि अपराध क्याम हो रहे और जिस तरीके का खेल राजनीति में इन तीनों छत्तीसगढ़ में चल रहा है वह क्या कम चौकाने वाला है जो ईमानदारी से ड्यूटी बजाने वालों के साथ कारवाई की जा रही ऐसे में कौन पुलिस वाला भला ऐसे नसेड़ी और अपराधियों के खिलाफ कारवाही करने की हिम्मत जुटा सकता है किसे अपनी नौकरी प्यारी नहीं है तब सवाल यह है कि क्या इस मामले में उच्च स्तरी जांच करके अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारवाही नहीं की जानी चाहिए किसके दबाव में आकर एसपी ने लाइन अटैच किया देवनारायण नेताम को क्या उसकी भी गंभीरता से जांच नहीं होनी चाहिए विष्णु देव सय स्वयं को आदिवासी समाज का कि मुखिया बताने सेव हम को नहीं थकते और एक आदिवासी प्रधान आरक्षक को सिर्फ इसलिए लाइन अटैच कर देना कि वह शराब खोरी कर रहे युवको को चौकी तक ले आया देखना होगा इस मामले में क्या कुछ होता है अभी तक कांग्रेस की किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन मामला बेहद गंभीर है क्योंकि मंत्री से जुड़ा मामला है और मंत्री एक मात्र महिला मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्री उनके कई तरह के मामले अब सामने आने लगे हैं हम हमारी टीम लगी हुई है विस्तार से आपको पूरी जानकारी देंगे !
Video देखे
















