बुधवार, 25 मार्च 2026

आख़िर कौन चला रहा कृषि विभाग

आख़िर कौन चला रहा कृषि विभाग 


 छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार के मंत्रियों की करतूत एकएक करके बाहर आने लगी है हमने आपको बताया कि किस तरीके से सीजीपीएससी घोटाले में ओपी चौधरी की भूमिका सामने आई है तो शिक्षा विभाग के घोटाले को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं ट्रांसफर पोस्टिंग पदोन्नति जिसमें देखिए आप गड़बड़ छाला है लेकिन आज हम बात कर रहे हैं कृषि विभाग का क्योंकि अब मानसून छत्तीसगढ़ पहुंच चुका है और यहां के किसान खेती किसानी में जूट गए हैं धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की अपनी अहमियत है कृषि को लेकर और विभाग को लेकर शायद यही वजह है कि एक समय में डॉक्टर रमन सिंह ने इसके लिए अलग से बजट तक की बात कर दी थी लेकिन अब इस दौर में किस तरीके का खेल यहां चल रहा है कहना मुश्किल है कृषि विभाग आखिर है किसके हवाले कहने को तो इसके मंत्री राम विचार नेताम को बनाया गया है लेकिन राम विचार नेता काम को लेकर कई तरह के सवाल हमेशा ही उठते रहे हैं खासकर इंदिरा प्रदर्शनी बैंक घोटाले में राम विचार ताम का नाम सामने आया था नारको टेस्ट की कथित सीडी में जिस तरीके से पैसे की लेनदेन को लेकर बातें सामने आई थी उसमें राम विचार नेताम का नाम भी सामने था इसके अलावा भी उनके गृह मंत्री रहते जब रमन सरकार में वे गृह मंत्री थे तब भी उन के खेल को लेकर सवाल उठते रहे लेकिन इस बार विष्णु देव साय की सरकार ने उन्हें कृषि विभाग दिया है सबसे बड़ा बजट वाला विभाग कहा जाए तो गलत नहीं होगा और इस विभाग में किसका खेल चल रहा है यह विभाग आखिर चला कौन रहा है क्या कृषि मंत्री राम विचार नेताम चला रहे हैं या आईएएस जो बैठे हैं भुनेश यादव वे चला रहे हैं राजस्थान से आते हैं भुनेश यादव और उनकी एक अपनी कहानी है कि किस तरीके से वे बिजनेस करते आईएएस बने दूसरे अटें में उन्होंने पास किया था लेकिन सत्ता बदलते हु उन्हें एपीओ में रख दिया गया था कोई विभाग नहीं दिया गया था फिर कई तरह के विभाग मिले भूपेश बघेल सरकार के नाक के बाल भी कहे जाते थे भूने यादव हालांकि उन पर अभी तक घपले घोटाले के कोई चार्ज नहीं लगे हैं लेकिन जिस तरीके का रवैया चल रहा है कृषि विभाग में उसमें भुनेश यादव की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है तब क्या कोई राकेश अग्रवाल नाम का व्यक्ति चला रहा है कृषि यह बेहद ही गंभीर सवाल है क्योंकि जो मीडिया रिपोर्ट आ रही है उसमें सीधे अग्रवाल का नाम तो सामने नहीं आ रहा है हमारी टीम ने जब पता किया कि मीडिया रिपोर्ट में जिस लक्ष्मी पुत्र की बात की जा रही है या जिस दलाल की बात की जा रही है वह है कौन तब उसमें कुछ नाम सामने आए और सबसे बड़े नाम जो सामने आए वह राकेश अग्रवाल का नाम है तो क्या कृषि विभाग को राकेश अग्रवाल के सुपुर्द कर दिया गया यह बेहद गंभीर सवाल हालांकि हमने राकेश अग्रवाल से बात करने की कोशिश की लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे इस पूरे मामले को लेकर लेकिन कहा जा रहा है कि पूरा दफ्तर वहीं से चल रहा है तब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बीच निगम में चल क्या रहा है टेंडर को लेकर गड़बड़ियों की खबर तो लगातार आ रही है यही नहीं किसानों को दिए जाने वाली योजनाओं में भी जो ठेका दिया जाता है उसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और कहा जा रहा है कि किसान त्रस्त है नकली बीज नकली खाद का मामला तो पहले भी उठता रहा है लेकिन सप्लाई के काम में जिस तरह की भर्रा साही की खबरें सामने आ रही है या मीडिया रिपोर्ट सामने आ रहे हैं कि किस तरीके का खेल हो रहा है वहां पहले कमीशन दो और कमीशन भी कितना 40 फीदी कमी की बात सामने आ रही है जो प्रदेश में किसी भी विभाग में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है हालांकि कमीशन के मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग हो या नगर निगम कई तरह के विभाग जो है वोह हमेशा ही चर्चा में रहे हैं पीएचई में जल जीवन मिशन को लेकर घोटाले की लगातार खबरें आ रही है कुछ इंजीनियरों को सस्पेंड भी किया गया हम इस पर विस्तार से फिर कभी चर्चा करेंगे लेकिन कृषि विभाग है किसके पास यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि जो खबरें आ रही हैं वह हैरान कर देने वाली है कि आखिर राम विचार नेताओ ने चुप्पी क्यों ओढ ली है या इन खबरों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया क्या है यह भी समझ में नहीं आ रहा है बीज निगम से लेकर उद्यान की विभाग तक गड़बड़ झाला की जो खबरें आ रही है वह हैरान कर देने वाली है हम हमारे रिपोर्टर्स लगे हुए हैं इस पूरे मामले की पता साझी करने के लिए देखना है कि आने वाले दिनों में क्या कुछ होता है !

वीडियो देखे 


https://youtu.be/36X_nwujrko?si=IvoMnqz5Ift3g1Am

भाजपा विधायकों की वसूली बाजी

भाजपा विधायकों की वसूली बाजी 


 डबल इंजन की सरकार बने अभी दो साल ही पूरे  हुए हैं और पार्टी के विधायकों और कई पदाधिकारियों पर वसूली के आरोप लगने लगे हैरानी की बात तो यह है कि इस मामले में अभी तक ना तो संगठन कोई कारवाही कर रही है ना नोटिस दी है और ना ही सरकार की तरफ से ही कोई बयान आया है मामला सिर्फ शराब को लेकर नहीं है या अहाता को लेकर नहीं है या फिर कोयला घोटाले को लेकर नहीं है सवाल तो अब सीधे-सीधे मामले को दबाने के लिए वसूली का है और यह मामला कहीं और से नहीं साझा विधानसभा क्षेत्र के जो विधा पहली बार बने हैं गरीब विधायक के रूप में प्रचारित प्रसारित किया गया उनके द्वारा एक मामले को दबाने के लिए दो लाख रुपए वसूलने की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की गई है और इस मामले के सामने आते ही कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जमकर हमला बोला है सरकार पर और कहा जा रहा है कि कई विधायकों के नाम है पंडरिया की विधायक भावना बोहरा पर तो तीन ट्रक खादी उतरवा लेने का आरोप लगाया गया इसके अलावा भी कई तरह के आरोप है भावना बोहरा को डॉक्टर रमन सिंह की रिश्तेदार बताई जाती है और पहली बार वे भी विधायक बनी है इसके अलावा भैयालाल राजवाड़े को लेकर स्वास्थ्य विभाग में वसूली की शिकायत भी किए जाने की चर्चा है तो कई पदाधिकारी हैं संगठन से जुड़े उनके खिलाफ भी इसी तरह की वसूली बाजी के मामले सामने आने लगे हैं मामला सिर्फ वसूली का नहीं है मामला तो धमकी चमकी का भी है याद होगा आपको कि किस तरीके से शुरुआती दौर में ही महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने एक महिला को भला फुसलाकर बलात्कार तक कर दिया था रायगढ़ के जिला अध्यक्ष के खिलाफ किस तरह के मामले थे नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के पुत्र के खिलाफ किस तरह के मामले थे किसी से छिपा नहीं है लेकिन अब जिस तरीके से सत्ता में आने के बाद विधायकों के और संगठन के पदाधिकारियों पर आरोप लगने लगे हैं वसूली के वह हैरानी की बात तो है ही चिंता की भी बात क्योंकि मामला कई सारे हैं कहा जा रहा है सरगुजा क्षेत्र के दो विधायकों के खिलाफ शिकायत है तो बस्तर क्षेत्र के एक विधायक के खिलाफ शिकायत है यही नहीं रायपुर जिले के एक विधायक के खिलाफ तो उद्योगों में वसूली करने का मामला सामने आया है हम विस्तार से इन सारी घटनाओं को आपके सामने रखेंगे लेकिन एक बात तो हम बता देते हैं कि जिस तरीके से नव निर्वाचित विधायकों में आधा दर्जन विधायकों के नाम सामने आए हैं संगठन के भी लगभग चार पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं प्रवक्ता है एक उनके बारे में तो सर्व विधित है कहा जाता है कि उनके वसूली बाजी की वजह से पार्टी के नेता भी परेशान रहे हैं वे हर बार टिकट मांगने पहुंच जाते हैं महापौर की टिकट मांगने पहुंच जाते हैं कभी तो कभी विधायक की टिकट मांगने पहुंच जाते हैं लेकिन उनके खिलाफ जो शिकायतें हैं उनके इसी रवैया की वजह से अभी तक उन्हें केवल छोटे-मोटे चुनाव में ही टिकट दी गई है बड़े चुनाव से वंचित रखा गया है तो दूसरी तरफ ईश्वर साहू का मामला बड़ा होता जा रहा है और कहा जा रहा है कि इसे लेकर मामला विधानसभा में भी उठाने की तैयारी हालांकि ईश्वर साहू ने इस मामले को लेकर सफाई दी है लेकिन विधानसभा में य मामला तय है उठना और विधानसभा में तो भावना बोहरा के खिलाफ भी मामला उठाए जाने की चर्चा है कहा जा रहा है कि वहां जो पराजित प्रत्याशी है नीलकंठ वर्मा उन्होंने पिछले दिनों प्रदर्शन भी किया भावना बोरा के रहने को लेकर और खाद वाले मामले को लेकर तब ऐसी परिस्थिति में विष्णु देव साय सरकार या किरण देव जो प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष है वे क्या करते हैं हालांकि यह भी कहा जा रहा है किरण देव अब पद पर बने रहना नहीं चाहते हैं वे मंत्री बनना चाहते हैं लेकिन यह भाजपा है नया भाजपा है जहां सिर्फ मोदी शाह की चलती है और वे चाहेंगे वही मंत्री बनेंगे तब ऐसी परिस्थिति में कुछ होना!

वीडियो देखें 


https://youtu.be/FDEL7LjZ7V8?si=2RH0ZsmkQ9MDZQeM