रविवार, 26 अप्रैल 2026

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

 छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की मुसीबत लगातार बढ़ रही है कम होने का नाम ही नहीं ले रही है यहां तक कि रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जब यात्री ट्रेनों को रद्द करने का मामला संसद में उठाया तो उसके बाद और भी करीब 42 45 ट्रेन रद्द कर दी गई यानी उन सवाल का कोई मतलब नहीं है लोग मरे क्या करें इसका कहीं कोई हिसाब किताब इस दौर में नहीं दिखाई देता बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से त्रस्त लोगों के लिए यदि आवागमन की सुविधा भी सहज और सरल कम कीमत पर उपलब्ध ना हो तो लोगों के सामने एक नया संकट खड़ा हो जाता है और पिछले साल से देखें आप तो लगभग 3 सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी है यात्री परेशान है और पेट्रोल डीजल में जो मनमाना खून निचोड़ वाला टैक्स वसूला जा रहा है उसके शिकार हो रहे हैं क्योंकि यदि यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी तो निजी वाहनों से प्राइवेट वाहनों से उन्हें सफर करना पड़ेगा और इन परिस्थितियों से जूझ रहे छत्तीसगढ़ का सच क्या है क्या सचमुच मेंटेनेंस के नाम पर विस्तारीकरण के नाम पर ट्रेन रद्द की गई है तब फिर सिर्फ माल गाड़ी क्यों चल रहा है यदि कोरवा मंडल की बात करें तो एक ट्रेन चल रही है सुबह की और यहां से 45 ट्रेन मालगाड़ी की कोयला भर भर कर निकल रही है यानी दिक्कत सरकार को सिर्फ यात्री ट्रेनों से माल गाड़ियों से नहीं है लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि करोना काल के बाद जो परिस्थितियां निर्मित हुई थी उसका फायदा उठाते हुए यानी आपदा में अवसर की तलाश जिस तरीके से की गई है उसमें यात्री ट्रेन बुरी तरीके से प्रभावित हुई मालगाड़ी नहीं हुई है प्रभावित मालगाड़ी अपनी रफ्तार से चली जा रही है खूब कमाई भी हो रही है बिलासपुर रेल मंडल को लेकिन यात्रियों को सुविधा के नाम पर जिस तरीके से बरगलाया गया जिस तरीके से उन्हें अंधेरे में रखा गया उसके चलते आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है अब तो ट्रेन में सफर करना कितना मुश्किल भरा काम हो गया हो गया है यह आप किसी रेगुलर यात्री से पूछ सकते हैं लेकिन सरकार चुप्पी ओड़ी हुई और छत्तीसगढ़ जिसने 10 सांसद भारतीय जनता पार्टी को दिए उनके सांसद भी लोकसभा में रेल मंत्री के जवाब के बाद खामोशी ड़ लिए या सवाल करके अपनी जिम्मेदारी का इति सी कर लिए शायद यदि केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो यह सांसद सड़कों पर निकल पड़ते हैं लेकिन यह मोदी सरकार है यह मोदी शाह की सरकार है जिसके सामने अच्छे-अच्छे लोगों की बोलती बंद हो जाती है तब क्या इसी तरीके की परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ के लोगों को दो चार होना पड़ेगा !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/qB8igMrrOUs?si=CikU7y0Jv4BryMeb

रेत माफियाओ से सत्ता के गठजोड़ पर भड़की कांग्रेस

रेत माफियाओ से सत्ता के गठजोड़ पर भड़की कांग्रेस


 रेत माफियाओं अधिकारियों और नेताओं के गठजोड़ से जिस तरीके से बस्तर में चार पत्रकारों को गांजा के मामले में फसाने की कोशिश की गई उससे थानेदार तो नब गए अजय सोनकर लेकिन अब कांग्रेस इस मुद्दे में विष्णुदेव साय सरकार को अच्छी तरीके से घेरने में लगी हुई है पूरे प्रदेश में जिस तरीके से रेत माफियाओं का बोलबाला है और जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं तो क्या सचमुच डबल इंजन की सरकार रेत माफियाओं के चुंगल में है यह सवाल हम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता लेकर सीधे-सीधे सरकार पर मिली भगत का आरोप लगाया है उन्होंने क्या कुछ कहा पहले सुन लीजिए की नाकामियों को बसर की जनता छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता तक सामने लाए और वहां के ई पुलिस अधिकारी मिले हुए माइनिंग विभाग मिला हुआ जिला प्रशासन मिला हुआरे सरकार के नुमाइंदे पूरे मिले हुए लोग है जो सरे उत्खनन अवध परिवन की पैसा सबके पास पहुंच रही है कोंटा से लेकर रायपुर तक उसी कारण है कि उस निर्दोष पत्रकारों को आवाज उठाने के बजाय में कारवाई करने की जगह एक अपनी गाड़ी में गाजा रख दिया जाता है गाजा केस उसको अंदर भेज दिया जाता है आखिर क्यों कौन है इसका षड्यंत्रकारी कौन है इसका मास्टर माइंड यह बस्तर की जनता देखना चाह रहा है छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लेते दूसरा चीज आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी यहां आपकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है आंध्र प्रदेश में आपकी एनडीए गवर्नमेंट की सहयोगी पार्टी है मतलब वहां पर मौसेरे भाई की सरकार है आपने क्यों बात नहीं की क्यों संवाद नहीं किया उनसे यह दूसरा सवाल तीसरा सवाल पत्रकारों के दबाव में कोंटा टीआई पर आई आर आप दर्ज करते और उनको कारवाई करते इसका मतलब साफ साफ है कि इस केस में सिर्फ कोंटा टीआई स्पष्ट रूप से जिम्मेदार है दोषी है साथ ही इसके पीछे एक कहीं कहीं बड़ा लाभी काम करता है बड़ा लाभी काम कर रही है नेताजी कौन है जो ई लिखते फेसबुक कमेंट में नेताजी को बता देना काम हो गया व नेताजी कौन है बस्तर की जनता जानना चाह रही है आखिर किसके संरक्षण में कोटाई ने इतना ब कदम उठाया कुको गाड़ी में गांजा रख दिया जाता है और उसको फसा दिया जाता है आखिर होटल का सीसीटीवी फुटेज क्यों उसको डिलीट कर दिया जाता है सवाल ये है इसलिए आदरणीय साथियों इस सवालों का जवाब शासन को देना चाहिए यानी आप सोचिए कि छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के आगे सरकार किस कदर घुटने लेके हुए हैं धमतरी हो महासमुंद हो बिलासपुर हो कहीं से भी आपको इस तरह की खबरें आसानी से सुनाई दे जाएगी कि अवैध परिवहन हो रहे हैं अवैध उत्खनन हो रहे हैं खनिज विभाग के अधिकारी पैसा वसूलने में लगे हैं और सरकार खामोशी से बैठे हुए हैं यह मामला विधानसभा में भी उठा लेकिन सरकार ने केवल आश्वासन दिया कि रेत माफियाओं को बक्स नहीं जाएगा लेकिन हकीकत जिस तरीके से सामने आ रही है वह छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के बोल बाले को इंगित तो करता ही है साथ ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में जिस तरीके से खनिज माफिया अधिकारियों को डराते धमकाते हैं या हत्या तक कर देते हैं क्या वैसी स्थिति छत्तीसगढ़ में आ जाएगी देखना होगा !


वीडियो देखें 


https://youtu.be/YBOv_ywk1uU?si=pKLNOPJWYcd4F0V3