शनिवार, 2 मई 2026

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी,

 

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी

सत्ता का नशा जब सर चढ़कर बोलता है तो वह कुछ भी नहीं देखता चाहे संघ का कितना भी बड़ा संस्कार देने का दावा हो या फिर पार्टी का अनुशासन सब कुछ धरा का धरा रह जाता है जब सता का नशा सर चढ़कर बोलता है और बड़ी मुश्किल से ना उम्मीद के साथ मिली सत्ता नशा का तो कुछ और ही मतलब होता है . कांव काव खाव खाव के इस दौर में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के दो नेता आपस में भीड़ गए उसे लेकर संघ के संस्कार पर तो सवाल उठ ही रहे हैं साथ ही दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी सवाल उठ रहे हैं बृजमोहन अग्रवाल पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जो दोनों नेताओं ने सड़क पर खुलेआम गाली गलोज के साथ मारपीट और गुंडागर्दी की है वे दोनों नेता सचिन मेघानी हो या फिर राहुल चंदना नहीं दोनों ही नेता बृजमोहन अग्रवाल के करीबी लोगों में गिने जाते हैं कटोरा तालाब चौक के इस मामले में जिस तरीके की गुंडागर्दी गाली गलो सरे राह हुई उससे आने जाने वाले शर्मसार हो रहे थे क्या महिलाएं क्या बच्चे और उधर से गुजरने वाले तमाम लोग तमाशा बिन इसलिए बने थे क्योंकि इन गुंडागर्दी के बीच कौन मुंह खोलकर अपनी पिटाई करवाता मामला लेन देन का है यह बताया जा रहा है दोनों ही मोहन सेठ के समर्थक है और दोनों के बीच जिस तरीके से राहुल चंद नानी के होटल में घुसकर पहले विवाद हुआ और होटल से शुरू हुई मारपीट बाहर तक निकला आप खुद वीडियो में देख रहे होंगे कि किस तरीके से यातायात व्यवस्था चौपट हो गई थी पुलिस का कहीं अता पता नहीं था पुलिस को फोन भी कुछ लोगों ने किया लेकिन घंटों बाद पुलिस तब पहुंची जब एक पक्ष जा चुका था मामला पुलिस तक पहुंचा राहुल चंद नानी के रिपोर्ट पर सचिन मेघानी और उनके लोगों पर जुर्म दर्ज किया गया है वहीं सचिन मेघानी ने भी आवेदन दिया है उसके आवेदन पर अभी तक जुर्म दर्ज नहीं हुआ है और कहा जा रहा है कि समझौते का प्रयास हो रहा है क्या इस तरह की गुंडागर्दी खुलेआम मारपीट के मामले में पुलिस को स्वतः संजन लेकर दोनों के खिलाफ कारवाही नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि सत्ता उनकी है धमक उनकी है और दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके हैं ऐसे में बहुत जल्दी इस मामले का पटक शेप हो जाएगा समझौता हो जाएगा लेनदेन का विवाद सुलझ जाएगा यह भी लोग संभावना जता रहे हैं लेकिन जिस तरीके की गुंडागर्दी हुई है उसे लेकर कहा जा रहा है कि सत्ता मिलते ही भाजपाइयों के तेवर बदल गए और इसी तरह के कई मामले कई जगह पर सुनाई देने लगे हमारी टीम लगी हुई है हम विस्तार से घटनाओं को आपके सामने रखेंगे लेकिन जो मीडिया रिपोर्ट आई है उस मुताबिक नेताजी होटल के संचालक राहुल चंद नानी की रिपोर्ट पर सचिन मेघानी करण बजार दिव्यांग सक्सेना मनोज जोशी कमल पारक याकूब गनी सहित कई लोगों जो नामजद नहीं है बहुत सारे लोग पहुंचे थे उसके होटल में वहीं सचिन मेघानी ने भी शिकायत करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की है जिस तरीके का वीडियो वायरल हो रहा है जिस तरीके की गाली गलौज हो रही है आप सोच सकते हैं कि राजधानी में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है हालांकि कानून व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री विजय पहले ही निशाने में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है एक जगह पुलिस संभालने जाती है तो दूसरे मोहल्ले से इस तरह की खबर आती है और यदि कोई पुलिस वाला ईमानदारी से काम कर दे तो किस तरीके से मंत्रियों का ौस या फोल सामने आता है यह भी चर्चा का विषय हमने कल ही विस्तार से बताया कि किस से शराब खोरी कर रहे एक महिला मंत्री के जेठ को जब पुलिस ने चौकी ले आया पकड़कर तो किस तरीके से उस प्रधान आरक्षक आदिवासी प्रधान आरक्षक को धमकी दी जा रही है उसे एसपी ने लाइन अटैच कर दिया तब ऐसी परिस्थिति में क्या सूचना मिलने के बाद भी क तालाब चौक में पुलिस के नहीं पहुंचने की यही वजह थी आखिर पुलिस कैसे काम करें यह सबसे बड़ा सवाल है !

Vidio देखें 

https://youtu.be/V2NwsAhBDoQ?si=0gG09JdgaDCU9pR1

शुक्रवार, 1 मई 2026

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

 

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे शानदार होटल ग्रुप में शुमार बेबी लान ग्रुप अपनी करतूतों की वजह से पहले ही कुख्यात हो चुका है और फ़र्ज़ी कैफे ने रही सही कसर भी पूरी कर दी । नियम क़ानून  को अपनी जेब में रखने के कितने ही मामले हैं । जुआरियों के साथ गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या बेबी लान  संचालक अपनी ताकत पैसे और पहुंच के बल पर कुछ भी कर रहे हैं क्या उनके ग्रुप के होटलों में अ यासी भी हो रही है या सिर्फ जुआ खिलाने का ही काम बड़े पैमाने पर हो रहा है जिस तरीके से लोग गिरफ्तार हुए हैं उनके बारे में हम विस्तार से बताए उससे पहले बता देते हैं कि बेबी लान ग्रुप की धमक की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है इससे पहले बेबीलोन कैपिटल पर सरकारी जमीन और नाले पर कब्जे का जो आरोप लगा था वह सालों चलते रहा निगम की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन सत्ता बदलने के बाद जिस तरीके से एक मंत्री हड़ गए थे उसके चलते बेबी लान के इस कब्जे को बड़ी मुश्किल से हटाया गया था लेकिन कोई कारवाई नहीं की गई थी केवल कब्जा हटाया था निगम ने कोई जुर्म दर्ज नहीं किया था जबकि इतने बड़े क पर कोई दूसरा व्यक्ति होता तो उसके खिलाफ जुर्म दर्ज भी होता और इसके बाद बेबी लान इन चर्चा में तब आया था जब अंबिकापुर की एक लड़की की हत्या हो गई थी एक रूम में और पुलिस को घुसने नहीं दिया गया था पुलिस बारबार मोबाइल के लोकेशन के आधार पर बेबी लान इन होटल पहुंचती थी और उनके संचालक के दबाव में वह लौट आती थी लेकिन जब पीड़ित पक्ष ने दबाव बनाया भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं अंबिकापुर के गुप्ता परिवार और उन्होंने जब दबाव बनाया शासन की तरफ से तब जाकर पुलिस घुस पाई और लाश बरामद हुई थी इसके बाद भी कई तरह के विवाद सुन्य समझने को आते रहे लेकिन कारवाही नहीं हुई हो रही थी लेकिन कल जिस तरीके से कारवाई हुई वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है और कहा जा रहा है कि इसमें भी शहर के एक विधायक कहां था उन्होंने ही पुलिस पर दबाव बनाया था कि बेबी लान होटल के कमरा नंबर 115 में शहर के नामी गिरामी धनाढ्य संभ्रांत माने जाने वाले लोगों के बच्चे जुआ खेड़ रहे हैं लाखों रुपए के तब कहीं जाकर पुलिस सक्रिय हुई थी और होटल में छापेमारी की कारवाई की थी इसमें रायपुर के सदर बाजार सराफा से जुड़े परिवार के युवक तो शामिल थे ही धमतरी भाटापारा जैसे शहर के संभ्रांत माने जाने वाले परिवार के युवक भी शामिल थे और इसके अलावा जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने बेबी लान होटल के संचालक परमवीर पर भी जुर्म दर्ज किया है जिन लोगों पर वाही की है होटल के कमरा नंबर 115 में चल रहे जुआ के पाद उनमें निखिल सिंघानिया बड़ा नाम है नाम से ही आपको लग रहा होगा कि निखिल सिंघानिया बिलाईगढ़ के हैं ऋत्विक भंसाली टागोर नगर के हैं सदर से ही संबंधित है पारस वाधवा शंकर नगर रायपुर के हैं यश चावला कोस्टा पारा धमतरी ऋषभ भंसाली टैगोर नगर यह भी ज्वेलर्स से ही संबंधित परिवार है दर्शन मूलवानी साई वाठिका कॉलोनी देवपुरी का है गौरव गोलछा यह भी टैगोर नगर और संबंध सदर से यानी आप यह समझिए कि सदर के ज्यादातर सराफा व्यवसाई टैगोर नगर में ही शिफ्ट हो गए इसलिए उनका मूल पता टैगोर नगर ही होता है अक्षय सचदेव ये आमापारा धमतरी के हैं पंकज चावला दलदल शिवनी रायपुर के हैं निखिल जगताप यह बास पानी धमतरी के हैं यानी ये सारे लोग सराफा व्यवसाय से और बड़े ही रहिस खानदान के माने जाते हैं इन सबको पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किया और ररा यह पुलिस का कि बहुत बाद में नामों की घोषणा की गई छापा पढ़ने के बाद जब दबाव पड़ा पड़ा पत्रकारों ने नाम पूछने लगे तब कहीं जाकर पुलिस ने नाम उजागर किया था इन बड़े संभ्रांत लोगों का तो सवाल तो यही है कि क्या छत्तीसगढ़ में जो बड़े होटल व्यवसाई हैं उनका खेल क्या है बेबी लान तो कुख्यात होही गया अपनी कई तरह की करतूत सामने आने के बाद अब देखना है कि ऐसे मामले में पुलिस क्या कारवाई करती है !

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https://youtu.be/bZdUk9DPl2o?si=MPUnRwcX2hUhy5SS

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

जब चौकी प्रभारी को ईमानदारी की सज़ा

जब चौकी प्रभारी को ईमानदारी की सज़ा 

 छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार और उसके गृह मंत्री से कानून व्यवस्था तो संभल नहीं रही है और अब कानून व्यवस्था संभालने में निकली पुलिस को ही यदि निलंबित कर दिया जाए तो इसे आप क्या कहेंगे और वह भी आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते आदिवासी प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया जाता है क्योंकि उसने बस स्टैंड में खुलेआम कार में बैठकर शराब पीने वालों को गिरफ्तार करके चौकी तक ले आया था देवनारायण नेताम प्रधान आरक्षक यही नेता में आदिवासी समाज के और उन्होंने जब खुलेआम शराब खोरी को लेकर सवाल जवाब किया तो शराब पीने वाला एक युवक ने स्वयं को मंत्री का जेठ बताने लगा महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं आप सोचिए कि किस तरीके की मंत्री है और उनका जेठ जो पुलिस को धमकाने लगा लेकिन देवनारायण नेताम उनकी धमकी में नहीं आकर उन्हें चौकी में ले आए जहां चौकी में भी उसने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए ना केवल देवनारायण नेताम के साथ धक्का मुक्की की बल्कि छीना झपटी में देवनारायण नेताम की वर्दी फट गई या बिल्ला निकल गया और उसके बाद जो कुछ खेल हुआ व हैरानी की बात नहीं है कहा जाता है कि इसकी खबर ल ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसपी ने देवनारायण नेताम को आदिवासी है उसे अटैच कर दिया लाइन अटैच कर दिया और उस युवक को थाने से ही छोड़ दिया बगैर कारवाही की क्योंकि वह महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का जेट बताया जा रहा और इतना ही नहीं उस प्रधान आरक्षक को जिस तरीके से लगातार धमकी मिल रही है वह भी हैरानी की बात है उन्हें किसी स्थान का नाम लेकर कहा जा रहा है कि यहां आइए फिर बताते हैं कि तुम्हारी पुलिस क्या करती है यानी आप सोचिए कि किस तरीके से छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार चल रही है प्रदेश में अपराध के आंकड़े आसमान छू रहे हैं नशाखोरी को लेकर तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बताया कि किस तरीके से गांजा जैसे मामले में 36 गढ़ किसी भी दूसरे राज्य से औसतन डबल स्थिति में है यानी मनमाने गांजा की बिक्री हो रही है नशाखोरी को लेकर कई तरह के सवाल उठते रहे और राजधानी में लगातार नसेर द्वारा अपराध को अंजाम दिया जा रहा है ऐसे में चौकी प्रभारी ने जब शराब पीते खुलेआम शराब पीते दो लोगों को पकड़ा और थाने तक लाया तो उनके साथ किस तरीके से सत्ता में बैठे लोगों ने करतूत किया यह किसी से छिपा नहीं है सवाल क्या सिर्फ इतना है कि देवनारायण नेता आदिवासी समाज के हैं इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री आदिवासी है इसलिए हिम्मत दिखा दी थी और उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है आगे क्या होगा देवनारायण नेताम के साथ कहना बेहद मुश्किल है हालांकि एसएसपी का दावा है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और सबके खिलाफ कारवाही होगी तो क्या ये इस तरह की कारवाही होगी कि एक प्रधान आरक्षक जो अपनी ड्यूटी बजा रहा है और मंत्री का जेठ बताने के बाद भी चौकी तक ले आया उस प्रधान आरक्षक को ईमानदारी का इनाम देने की बजाय उसे लाइन अटैच कर देना यह किस तरीके का डबल इंजन है और गृह मंत्री विजय शर्मा दावा करते हैं कि अपराध क्याम हो रहे और जिस तरीके का खेल राजनीति में इन तीनों छत्तीसगढ़ में चल रहा है वह क्या कम चौकाने वाला है जो ईमानदारी से ड्यूटी बजाने वालों के साथ कारवाई की जा रही ऐसे में कौन पुलिस वाला भला ऐसे नसेड़ी और अपराधियों के खिलाफ कारवाही करने की हिम्मत जुटा सकता है किसे अपनी नौकरी प्यारी नहीं है तब सवाल यह है कि क्या इस मामले में उच्च स्तरी जांच करके अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारवाही नहीं की जानी चाहिए किसके दबाव में आकर एसपी ने लाइन अटैच किया देवनारायण नेताम को क्या उसकी भी गंभीरता से जांच नहीं होनी चाहिए विष्णु देव सय स्वयं को आदिवासी समाज का कि मुखिया बताने सेव हम को नहीं थकते और एक आदिवासी प्रधान आरक्षक को सिर्फ इसलिए लाइन अटैच कर देना कि वह शराब खोरी कर रहे युवको को चौकी तक ले आया देखना होगा इस मामले में क्या कुछ होता है अभी तक कांग्रेस की किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन मामला बेहद गंभीर है क्योंकि मंत्री से जुड़ा मामला है और मंत्री एक मात्र महिला मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्री उनके कई तरह के मामले अब सामने आने लगे हैं हम हमारी टीम लगी हुई है विस्तार से आपको पूरी जानकारी देंगे !

Video देखे


https://youtu.be/Q_HI8mTE31g?si=p1TLZ-5Gg5Xjn8O0

बुधवार, 29 अप्रैल 2026

भूपेश को घेरने के चक्कर में बीजेपी नेताओं की मुसीबत बढ़ी

 

भूपेश को घेरने के चक्कर में बीजेपी नेताओं की मुसीबत बढ़ी

सत्ता में आते ही भारतीय जनता पार्टी डबल इंजन की सरकार विष्णु देव साय की सरकार ने जिस तरीके से एकएक मामले को सीबीआई को सौंपना शुरू किया है क्या उससे भ्रष्टाचार मिट पाएगा या अधिक मामले को सीबीआई को सौंपा गया है क्या उसका का परिणाम सुखद आएगा क्योंकि सीबीआई का जो परसेप्शन रहा है वह न्यायालय में जाकर टाय टाए फिस हो जाने वाला रहा है और इस दौर में तो सीबीआई हो ईडी हो या तमाम तरह की इस तरह की जितनी भी संस्थाएं हैं सब पर राजनीतिक द्वेष के साथ कारवाई करने का आरोप लगता रहा है ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस महादेव सट्टा को सौंपा है उसे लेकर बेहद बवाल मचा था इससे पहले हम बता देते हैं कि दो और मामले सीबीआई को सौपे गए जिसमें से एक बीरपुर हत्या का मामला था जो चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा था और इसके चलते दुर्ग जिले में कांग्रेस का लगभग सफाया हो गया था और कद्दावर मंत्री र चौवे ताम्र साहू रुद्र गुरु सब चुनाव हार गए थे और इस मामले को सीबीआई को सौंपा गया है क्या कुछ कारवाई हो रही है अभी किसी की जानकारी में नहीं दूसरा मामला था यह भी चुनाव में खूब हल्ला हुआ था पीएससी घोटाले का जिसमें राज्यपाल के यहां तैनात अधिकारियों पीएससी अध्यक्ष पीएससी सचिव और कई कांग्रेस के नेताओं के रिश्तेदारों का चैन का मामला था भर्ती पीएससी ने निकाली थी इस मामले को भी सौंप दिया गया है कारवाही कहां तक हो रही है किस तरीके से गिरफ्तारी होगी अभी कहना मुश्किल है अब तीसरा मामला महादेव सट्टा एक्ट का है इस मामले को लेकर बहुत बवाल मचा बवाल तो यहां तक मचा कि जो मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर है उस उसके साथ भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की तस्वीर तक कांग्रेस ने जारी कर दी थी जिसमें डॉक्टर रमन सिंह थे प्रेम प्रकाश पांडे थे और भी बहुत सारे भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ महादेव सट्टा संचालित करने वाले सौरभ चंद्राकर की तस्वीर थी कहा जा रहा है कि इस मामले में कई आईपीएस घेरे में है हालांकि अभी तक जितने भी बड़े मामले सामने आए हैं चाहे कोयला घोटाला हो या शराब घोटाला हो सब में नाम तो रहे आईपीएस अधिकारियों के लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई गिरफ्तारी केवल आईपीएस लोगों की हुई तो क्या महादेव सट्टा ए में जिस तरीके से दुर्ग रायपुर जैसे शहरों में उस दौरान पदस्थ आईपीएस लोगों के नाम थे क्या उनकी गिरफ्तारी होगी यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए है क्योंकि छोटे मछलियां तो गिरफ्तार हुई है अब तक कोई बड़ी मछली गिरफ्तार नहीं हुई क्योंकि संचालक करने वाले लोग दुबई में जाके बैठे हैं और अभी तक महादेव सट्टा ए पर प्रतिबंध भी नहीं लगा है कारवाही की बात की जाए तो 300 से ऊपर गिरफ्तारी हो चुकी है देश भर के कई थानों में अपराध दर्ज है और ओडब्ल्यू ने जो रिपोर्ट लिखी है उसमें भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम इसके अलावा भी कई पुलिस अधिकारियों के नाम है कई बड़े अधिकारी हैं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का तो हमने बताया कि जब यह मामला उठा था तो किस तरीके से कांग्रेस ने बकायदा पत्रकार वार्ता लेकर सौरभ चंद्राकर के संबंधों का खुलासा करते हुए भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीर जारी की थी तो क्या इस जांच में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता भी आएंगे जिनके साथ उनकी तस्वीर है क्या उनकी भी गिरफ्तारी होगी बहरहाल कहा जा रहा है कि यह पूरा मामला भूपेश बघेल पर दबाव बनाने के लिए है देखना है कि सीबीआई इस मामले को क्या करती है !

वीडियो देखें


https://youtu.be/W8ElSBP_OgI?si=uodJqRK-mTtk3-Z0

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी

 चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी 


छत्तीसगढ़ के सबसे दमदार मंत्री माने जाने वाले ओपी चौधरी ने एक बार फिर कर्मचारियों को लेकर जो बात कही  उसे लेकर विवाद शुरू हो गया है दरअसल ओपी चौधरी का विवादों से पुराना नाता है जब वे कलेक्टर थे तब भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप के चलते हुए विवादों में आए थे उसके बाद उन्होंने आनंद फानंद में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी लेकिन 2018 का चुनाव वे हार गए थे   फिर उन्हें टिकट मिली और अमित शाह को आकर कहना पड़ा कि ओपी चौधरी को जिता हो हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे और इसके बाद जब मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उन्हें सबसे महत्त्वपूर्ण विभाग वित्त विभाग दिया गया वित्त विभाग के मिलते ही जिस तरीके से वे विवादों में आए हैं उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं सबसे पहले तो उन्होंने 33000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में जिस तरह से कहा कि अभी फंड नहीं है फिलहाल शिक्षकों की भर्ती पर कोई विचार नहीं किया जा रहा उसे लेकर ओपी चौधरी विवादों में रहे और बेरोजगारों का गुस्सा आज तक सोशल मीडिया में फूट रहा तब कर्मचारियों को लेकर ओपी चौधरी ने जो बात कही उससे लेकर कर्मचारी संगठनों में भी आक्रोश है हालांकि छत्तीसगढ़ के कर्मचारी पहले से ही ओपी चौधरी की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और विभिन्न संगठन खासकर शिक्षक समुदाय तो लगातार आंदोलन कर रहे हैं युक्तिकरण के खिलाफ दरअसल यह पूरा खेल शिक्षक भर्ती पर बंदिश लगाने का है कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा क्योंकि स्कूलों में शिक्षक की कमी है लेकिन युक्तिकरण के नाम पर जिस तरीके से स्कूल ही बंद करने की योजना बना ली गई है उसे लेकर शिक्षक संघों में भारी आक्रोश है लेकिन नया मामला है यूपीएस का यूपीएस यानी नई एकीकृत पेंशन योजना यह केंद्र सरकार ने प्रस्ताव बनाकर लागू कर दिया है 1 अप्रैल 2025 से और इसमें फायदा जो 25 साल नौकरी कर चुके हैं उन्हीं कर्मचारियों को ज्यादा मिलेगा अभी ओपीएसओ पेंशन स्कीम और एनपीएस न्यू पेंशन स्कीम को लेकर जबरदस्त बवाल है और कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भी यह मुद्दा काम कर रहा था और इसी से घबराकर केंद्र सरकार ने नहीं एकीकृत पेंशन योजना लाई है यूपीएस जिसका नाम दिया गया और राज्य सरकारों से कहा गया है कि कर्मचारियों को इस बात के लिए तैयार करें इस पेंशन को बनाने वालों का दावा है कि इस योजना का लाभ 90 लाख कर्मचारियों को होगा लेकिन छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू करने का कोई विचार नहीं है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बात वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिए उन्होंने प्रतिष्ठित अखबार नव भारत से चर्चा करते हुए यह बात कही है तो क्या इस नई पेंशन स्कीम पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि जब विचार ही नहीं होगा तो फायदा कहां से मिलेगा लेकिन इससे इधर छत्तीसगढ़ की क्या स्थिति है छत्तीसगढ़ में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर लंबे आंदोलन जब हुए तो पूर्ववर्ती सरकार कांग्रेस की जो सरकार थी भूपेश बघेल की उन्हो ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दिया और इसके चलते यहां के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए आवेदन भी दे दिया उनके आवेदन स्वीकृत भी हो गए लेकिन मामला फंडिंग का है जो केंद्र सरकार पर एनपीएस का जो फंडिंग है वह अटका पड़ा हुआ है और उसे छत्तीसगढ़ को मिलेगा नहीं मिलेगा कब मिलेगा यह कहना बेहद मुश्किल भरा सवाल है और कब होगा यह भी आसानी से सुलझ का मामला नहीं दिख रहा है ऐसी परिस्थिति में मजबूरी में जो कर्मचारी एनपीएस के साथ खड़े हैं उनके लिए यह एक सुनारा मौका हो सकता था नई पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लेकिन अब जब प्रदेश सरकार इस पर विचार करने को तैयार नहीं है तब देखना है कि कर्मचारी संगठनों का क्या रवैया होता है हालांकि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग पर कायम है केंद्र सरकार की यूनिफाइड योजना ओ पीएस जैसी लाभदायक नहीं है यानी ओल्ड पेंशन स्कीम की तरह य लाभकारी नहीं है इसलिए इस तरफ कर्मचारियों का जरा भी ध्यान नहीं है वह तो वल्ड पेंशन योजना पर ही पूरा ध्यान लगाए हुए हैं यह बात फेडरेशन के जो संयोजक है कमल वर्मा ने यह बात मीडिया से कही है ऐसी परिस्थिति में जब कुछ कर्मचारियों को उम्मीद थी कि छत्तीसगढ़ सर सरकार यूपीएस लागू करेगी तो उन्हें फायदा मिलेगा जिनकी सर्विस 25 साल से अधिक हो जाएगी लेकिन अब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिया है कि इस योजना पर अभी विचार नहीं किया जाएगा देखना है कि कर्मचारी संगठन ओपी चौधरी के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं !

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच 


 सत्ता बदलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों की निकल पड़ी है उन्हें ठेके भी बड़े पैमाने पर मिल रहे हैं तो उच्च पदों पर भी बिठाने का खेल चल रहा है तो जो लोग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे उन के निलंबन भी बहाली में तब्दील होने लगा है इसमें सबसे चर्चित नाम है डॉक्टर पुनीत गुप्ता का यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे डॉक्टर रमन सिंह के कितने करीबी रिश्तेदार हैं और उन पर किसकिस तरह के गंभीर आरोप लगे थे डीकेएस हॉस्पिटल के वे प्रभारी रहे हैं यानी सब कुछ उन्हीं के जिम्मे था वहां निर्माण से लेकर दुकान आबंटन तक कई तरह के उन पर गंभीर आरोप लगे थे और गोल बाजार थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी भूपेश सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच करते हुए डॉक्टर पुनीत गुप्ता को निलंबित कर दिया था और 5 साल वे लगातार निलंबित रह थे और अचानक सत्ता बदलते हुए उन्होंने आवेदन दिया और उनके आवेदन पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तत्काल बहाली का आदेश जारी कर दिया क्या यह ब ली का आदेश डॉक्टर रमन सिंह के कहने पर हुआ है या फिर स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर हुआ है इसे लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म इसलिए है क्योंकि डॉक्टर पुनीत गुप्ता को लेकर कई तरह के विवाद चर्चा पारिवारिक रूप से और भी बहुत कुछ है उस पर हम फिर कभी विस्तार से चर्चा करेंगे लेकिन उनकी बहाली को लेकर जिस तरीके से राजनीति गर्म है और जिस आनंद फनन में उनकी बहाली की गई है उसे लेकर प्रदेश सरकार निशाने पर है कहा जा रहा है कि इसी तरह का खेल कई मामले में कई विभागों में हो चुका है कई निलंबित लोगों की बहाली हुई है कई लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदार हैं कहां तो यहां तक जा रहा है कि डीकेएस फिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता को सौंप दिया जाएगा हालांकि जो पारिवारिक कला है उसे लेकर इस पर संशय है जरूर लेकिन जिस तरीके से आनंद फानंद में पुनीत गुप्ता की बहाली की गई है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ र और कहा जा रहा है कि भारतीय जनता के पार्टी के अंदरूनी राजनीति भी एक बड़ी वजह है और डॉक्टर रमन सिंह से जिनकी नहीं पढती है उन लोगों ने यह पूरा खेल डॉक्टर रमन सिंह को बदनाम कर करने के लिए किया गया है क्योंकि डॉक्टर रमण सिंह इन दिनों पुनीत गुप्ता से दूरी बना चुके हैं ऐसी परिस्थिति में हमारी टीम लगी हुई है इस पूरे मामले की जानकारी इकट्ठी की जा रही है आखिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता की बहाली के पीछे किसका हाथ है और किस तरीके से आनंद फानंद में उसकी बहाली कर दी गई है और गोल बाजार में जो प्राथमिकी दर्ज है डॉक्टर पुनीत गुप्ता के खिलाफ उसका क्या हुआ ।

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https://youtu.be/aTXiJXrmPe0?si=3iAgRDM5R1NLK78w

रविवार, 26 अप्रैल 2026

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

 छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की मुसीबत लगातार बढ़ रही है कम होने का नाम ही नहीं ले रही है यहां तक कि रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जब यात्री ट्रेनों को रद्द करने का मामला संसद में उठाया तो उसके बाद और भी करीब 42 45 ट्रेन रद्द कर दी गई यानी उन सवाल का कोई मतलब नहीं है लोग मरे क्या करें इसका कहीं कोई हिसाब किताब इस दौर में नहीं दिखाई देता बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से त्रस्त लोगों के लिए यदि आवागमन की सुविधा भी सहज और सरल कम कीमत पर उपलब्ध ना हो तो लोगों के सामने एक नया संकट खड़ा हो जाता है और पिछले साल से देखें आप तो लगभग 3 सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी है यात्री परेशान है और पेट्रोल डीजल में जो मनमाना खून निचोड़ वाला टैक्स वसूला जा रहा है उसके शिकार हो रहे हैं क्योंकि यदि यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी तो निजी वाहनों से प्राइवेट वाहनों से उन्हें सफर करना पड़ेगा और इन परिस्थितियों से जूझ रहे छत्तीसगढ़ का सच क्या है क्या सचमुच मेंटेनेंस के नाम पर विस्तारीकरण के नाम पर ट्रेन रद्द की गई है तब फिर सिर्फ माल गाड़ी क्यों चल रहा है यदि कोरवा मंडल की बात करें तो एक ट्रेन चल रही है सुबह की और यहां से 45 ट्रेन मालगाड़ी की कोयला भर भर कर निकल रही है यानी दिक्कत सरकार को सिर्फ यात्री ट्रेनों से माल गाड़ियों से नहीं है लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि करोना काल के बाद जो परिस्थितियां निर्मित हुई थी उसका फायदा उठाते हुए यानी आपदा में अवसर की तलाश जिस तरीके से की गई है उसमें यात्री ट्रेन बुरी तरीके से प्रभावित हुई मालगाड़ी नहीं हुई है प्रभावित मालगाड़ी अपनी रफ्तार से चली जा रही है खूब कमाई भी हो रही है बिलासपुर रेल मंडल को लेकिन यात्रियों को सुविधा के नाम पर जिस तरीके से बरगलाया गया जिस तरीके से उन्हें अंधेरे में रखा गया उसके चलते आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है अब तो ट्रेन में सफर करना कितना मुश्किल भरा काम हो गया हो गया है यह आप किसी रेगुलर यात्री से पूछ सकते हैं लेकिन सरकार चुप्पी ओड़ी हुई और छत्तीसगढ़ जिसने 10 सांसद भारतीय जनता पार्टी को दिए उनके सांसद भी लोकसभा में रेल मंत्री के जवाब के बाद खामोशी ड़ लिए या सवाल करके अपनी जिम्मेदारी का इति सी कर लिए शायद यदि केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो यह सांसद सड़कों पर निकल पड़ते हैं लेकिन यह मोदी सरकार है यह मोदी शाह की सरकार है जिसके सामने अच्छे-अच्छे लोगों की बोलती बंद हो जाती है तब क्या इसी तरीके की परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ के लोगों को दो चार होना पड़ेगा !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/qB8igMrrOUs?si=CikU7y0Jv4BryMeb