भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी
सत्ता का नशा जब सर चढ़कर बोलता है तो वह कुछ भी नहीं देखता चाहे संघ का कितना भी बड़ा संस्कार देने का दावा हो या फिर पार्टी का अनुशासन सब कुछ धरा का धरा रह जाता है जब सता का नशा सर चढ़कर बोलता है और बड़ी मुश्किल से ना उम्मीद के साथ मिली सत्ता नशा का तो कुछ और ही मतलब होता है . कांव काव खाव खाव के इस दौर में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के दो नेता आपस में भीड़ गए उसे लेकर संघ के संस्कार पर तो सवाल उठ ही रहे हैं साथ ही दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी सवाल उठ रहे हैं बृजमोहन अग्रवाल पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जो दोनों नेताओं ने सड़क पर खुलेआम गाली गलोज के साथ मारपीट और गुंडागर्दी की है वे दोनों नेता सचिन मेघानी हो या फिर राहुल चंदना नहीं दोनों ही नेता बृजमोहन अग्रवाल के करीबी लोगों में गिने जाते हैं कटोरा तालाब चौक के इस मामले में जिस तरीके की गुंडागर्दी गाली गलो सरे राह हुई उससे आने जाने वाले शर्मसार हो रहे थे क्या महिलाएं क्या बच्चे और उधर से गुजरने वाले तमाम लोग तमाशा बिन इसलिए बने थे क्योंकि इन गुंडागर्दी के बीच कौन मुंह खोलकर अपनी पिटाई करवाता मामला लेन देन का है यह बताया जा रहा है दोनों ही मोहन सेठ के समर्थक है और दोनों के बीच जिस तरीके से राहुल चंद नानी के होटल में घुसकर पहले विवाद हुआ और होटल से शुरू हुई मारपीट बाहर तक निकला आप खुद वीडियो में देख रहे होंगे कि किस तरीके से यातायात व्यवस्था चौपट हो गई थी पुलिस का कहीं अता पता नहीं था पुलिस को फोन भी कुछ लोगों ने किया लेकिन घंटों बाद पुलिस तब पहुंची जब एक पक्ष जा चुका था मामला पुलिस तक पहुंचा राहुल चंद नानी के रिपोर्ट पर सचिन मेघानी और उनके लोगों पर जुर्म दर्ज किया गया है वहीं सचिन मेघानी ने भी आवेदन दिया है उसके आवेदन पर अभी तक जुर्म दर्ज नहीं हुआ है और कहा जा रहा है कि समझौते का प्रयास हो रहा है क्या इस तरह की गुंडागर्दी खुलेआम मारपीट के मामले में पुलिस को स्वतः संजन लेकर दोनों के खिलाफ कारवाही नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि सत्ता उनकी है धमक उनकी है और दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके हैं ऐसे में बहुत जल्दी इस मामले का पटक शेप हो जाएगा समझौता हो जाएगा लेनदेन का विवाद सुलझ जाएगा यह भी लोग संभावना जता रहे हैं लेकिन जिस तरीके की गुंडागर्दी हुई है उसे लेकर कहा जा रहा है कि सत्ता मिलते ही भाजपाइयों के तेवर बदल गए और इसी तरह के कई मामले कई जगह पर सुनाई देने लगे हमारी टीम लगी हुई है हम विस्तार से घटनाओं को आपके सामने रखेंगे लेकिन जो मीडिया रिपोर्ट आई है उस मुताबिक नेताजी होटल के संचालक राहुल चंद नानी की रिपोर्ट पर सचिन मेघानी करण बजार दिव्यांग सक्सेना मनोज जोशी कमल पारक याकूब गनी सहित कई लोगों जो नामजद नहीं है बहुत सारे लोग पहुंचे थे उसके होटल में वहीं सचिन मेघानी ने भी शिकायत करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की है जिस तरीके का वीडियो वायरल हो रहा है जिस तरीके की गाली गलौज हो रही है आप सोच सकते हैं कि राजधानी में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है हालांकि कानून व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री विजय पहले ही निशाने में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है एक जगह पुलिस संभालने जाती है तो दूसरे मोहल्ले से इस तरह की खबर आती है और यदि कोई पुलिस वाला ईमानदारी से काम कर दे तो किस तरीके से मंत्रियों का ौस या फोल सामने आता है यह भी चर्चा का विषय हमने कल ही विस्तार से बताया कि किस से शराब खोरी कर रहे एक महिला मंत्री के जेठ को जब पुलिस ने चौकी ले आया पकड़कर तो किस तरीके से उस प्रधान आरक्षक आदिवासी प्रधान आरक्षक को धमकी दी जा रही है उसे एसपी ने लाइन अटैच कर दिया तब ऐसी परिस्थिति में क्या सूचना मिलने के बाद भी क तालाब चौक में पुलिस के नहीं पहुंचने की यही वजह थी आखिर पुलिस कैसे काम करें यह सबसे बड़ा सवाल है !
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