रविवार, 5 अप्रैल 2026

जब बेर पर मचा था बवाल


जब बेर पर मचा था बवाल
 

 भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर किस किस तरह का तमाशा करती है यह किसी से छिपा नहीं है और ऐसे में  नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने छत्तीसगढ़ के विधानसभा में ही साय सरकार को बुरी तरीके से घेर लिया इसकी वजह थी बेर।

दरअसल कुछ ही दिन पहले साय सरकार यानी पूरी कैबिनेट राम लला के दर्शन करने के लिए अयोध्या गई थी और रामलला में क्या चढ़ाना है इसकी पूरी सूची जारी की थी जिसमें एक था सबरी के बेर शिवरी नारायण से लाया गया है यह बताया गया इसी बात को लेकर चरण दास महंत ने विधानसभा में सवाल पूछ लिया कि यह बेर का तो सीजन नहीं है मौसम नहीं है बेर का फिर शिवरी नारायण का बेर कहां से आ गया और बेर के नाम पर क्या चीज भगवान राम को चढ़ा दिया गया हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे भी अयोध्या जाना चाहते थे अकेले कैबिनेट को लेकर चले गए अब सब विधायकों को अयोध्या ले जाने प्लेन से अयोध्या ले जाने का इंतजाम किया जाए और बुरी तरीके से इस बेर के प्रकरण से बौखलाए बीजेपी के विधायकों ने चरण दास महंत को ही घेरने की कोशिश की 

राजेश मूणत रायपुर पश्चिम के विधायक है उन्होंने तो यह कह दिया कि 10 सीटें राम के नाम पर मिली है भारतीय जनता पार्टी को तो धर्मजीत सिंह पहले कांग्रेस में थे अब भाजपा में चले गए और भाजपा के विधायक हैं उन्होंने कह दिया कि क्या अयोध्या जाने का जो मंसा जाहिर कर रहे हैं चरण दास जी महंत उसके लिए राहुल गांधी से पूछे हैं लेकिन चरण दास महंत कब रुकने वाले थे उन्होंने सीधे-सीधे इन विधायकों से कह दिया कि आप लोग सही बातों का जवाब नहीं देते हैं बेर कहां से आया यह बताइए इधर-उधर की बात करते हैं और इसीलिए आप लोग अयोध्या से लेकर बद्रीनाथ चित्रकूट प्रयागराज नासिक रामेश्वरम सब हार गए देखना है कि सरकार इसका क्या जवाब देती हालांकि मुश्किल है इसका जवाब इस तरह के सवालों के जवाब कभी मिलते नहीं है और चरणदास महंत जी जब चर्चा कर रहे थे तो भाजपा के तेज करर माने जाने वाले विधायक और रमन सरकार में मंत्री रहे अजय चंद्राकर ने तो यहां तक कह दिया कि इस पर चर्चा क्यों होनी चाहिए और उन्होंने अध्यक्ष से यहां तक पूछ लिया कि क्या अयोध्या पर चर्चा के लिए कोई नोटिस दिया है अब बेर का मामला बड़ा होता जा रहा है और जन चर्चा का भी विषय बनता जा रहा है कि वाकई में आखिर जब सीजन नहीं था तो बेर कहां से लाया गया और क्या चढ़ाया गया भगवान को !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/DD8uGlRjsL4?si=lE7K7fvrxZtFc_5O

अब अनियमित कर्मचारियों की बड़ी तैयारी

अब अनियमित कर्मचारियों की बड़ी तैयारी 


एक तरफ़ प्रदेश में बढ़ते अपराध और बिगड़ती क़ानून व्यवस्था ने आम आदमी के सामने मुश्किल खड़ा कर दिया है तो  दूसरी तरफ अनियमित कर्मचारी भी सरकार के द्वारा ठगे जाने को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं बार-बार ठगे जा रहे हैं अनियमित कर्मचारी हम विस्तार से एक एक घटनाक्रम आपको बताएंगे कि किस तरीके से बच्चों को उफनती नदी पार करना पड़ रहा है पढ़ाई के लिए तो आत्मानंद  स्कूलों को किस तरीके से बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा इसके अलावा महतारी वंदन योजना को लेकर क्या विवाद चल रहा है क्यों ओपी चौधरी ने भूपेश बघेल को चैलेंज किया और भूपेश बघेल उस चैलेंज को किस तरीके से स्वीकारा यह सब बताएं उससे पहले आज सबसे पहले बता देते हैं कि कांग्रेस ने जन आंदोलन की बड़ी तैयारी की है और  कहा जा रहा है कि बलौदा बाजार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ही किया गया है याद कीजिए आप बलौदा बाजार में किस तरीके से सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें हुई थी किस तरीके से एसपी कार्यालय जला दिए गए थे। ऐसी घटनाओं को रोकने सरकार अब मुस्तैद दिखाई देती है 

तब ऐसे में अनियमित कर्मचारियों के सामने क्या रास्ता है क्योंकि सत्ता अपनी बातों से मुकर रही है जब विपक्ष में थे भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में थी तब उनके नेता किस तरीके से भूपेश सरकार के अत्याचार को लेकर अनियमित कर्मचारियों के पंडालों में जाते थे और सत्ता आने पर उन्हें नियमित कर देने का वादा करते थे उस दौर में रमन सिंह से लेकर जो मोहन सेठ है मनत सेठ है सब तरह के भाजपा के नेता इन अनियमित कर्मचारियों के मंचों पर जाकर उनके नियमितीकरण की मांग को स्वीकार करते थे लेकिन सात माह बीत गए अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं अनियमित कर्मचारी और वे बड़े प्रदर्शन की तैयारी में उससे पहले वे धरना प्रदर्शन कर रहे हैं निमित कर्मचारी संघ के पदाधिकारी ने क्या कहा पहले यह सुन लीजिए छतीसगढ़ प्रमित कर्मचारी फेडरेशन प्रदेश के शासकीय कार्याल में का अमित कर्मचारियों की निमक निकाले गए कर्मचारियों की बहाली न्यूनतम न्यून वेतन पाने वाले कर्मचारी को न्यूनतम वेतन देने अंशकालीन कर्मचारी को पूर्ण कालीन करने एवं और स सि ठेका प्रथा सेवा प्रदाता समूह समिति के माध्यम से कर्मचारियो को भाग में रखने जैसे मुद्दे को लेकर के कल 20 जुलाई 2024 को ध्यानाकर्षण रैली कर रहा है इसके माध्यम से हम अपनी बातों को मजबूती से शासन प्रशासन के समक्ष रखेंगे तब ऐसे में क्या अनियमित कर्मचारी इस सरकार के द्वारा भी ठगे जाएंगे क्योंकि लगातार रमन सिंह जब सत्ता में थे उस समय से अनियमित कर्मचारी अपनी मांग कर रहे हैं भूपेश बघेल और पूरी कांग्रेस उनकी मांग को स्वीकार करने का वादा करते हुए सत्ता में आई थी लेकिन साल उसने भी कुछ नहीं किया केवल कुछ कागजी कारवाही की बात करते रही लेकिन अनियमित कर्मचारियों का कुछ नहीं हुआ तब अनियमित कर्मचारी छह सात माह इस नए सरकार का इंतजार करते रहे इस विष्णु देव साय की सरकार के वादों का इंतजार करते रहे और अब उनका शब्द टूटने लगा है तो दूसरी तरफ कई तरह के वादे किए थे विधानसभा जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी में में उसमें से एक बड़ा वादा था मतारी वंदन योजना जिसके तहत हर शादीशुदा महिला को 1000 देने की बात कही गई थी साल में 12000 लेकिन सत्ता में आने के बाद कुछ नियम बना दिए गए और उस नियम के तहत लाखों महिलाओं को इस लाभ से वंचित कर दिया गया और अब नया विवाद यह शुरू हो गया है कि क्या बीपीएल या निम्न आय वाले परिवार की सभी महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है और इसे लेकर ओपी चौधरी ने कांग्रेस के आरोप पर कह दिया कि वे तैयार हैं यदि महिलाएं ला दे कि जो वंचित हैं और भूपेश बघेल ने इसे स्वीकार करते हुए यहां तक कह दिया कि गांव क्यों जाए आइए रायपुर शहर में आप रहते हैं राय शहर से ही कुछ वार्डों में जाकर पता कर लेते हैं यह चैलेंज क्या ओपी चौधरी स्वीकार करेंगे ओ पी चौधरी इन दिनों सुपर सीएम कहलाते हैं और उन्होंने नौकरी को लेकर क्या कुछ कहा यह भी किसी से छिपा नहीं है 2 साल में 1 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया है भारतीय जनता पार्टी ने।और ओपी चौधरी के पास जब युवा पहुंचे तो वे किस तरीके से जवाब दिए यह भी किसी से छिपा नहीं है नौकरी नहीं है फंड नहीं है वगैरह वगैरह कई तरह की बात उन्होंने कर दी और इसे लेकर विवाद भी मचा है युवाओं में आक्रोश भी है तब महतारी वंदन योजना को लेकर भूपेश बघेल ने जो चैलेंज किया है क्या ओपी चौधरी उसे स्वीकारें कहना मुश्किल है राजनीति में इस तरह का खेल चलता रहता है तब आत्मानंद स्कूल को लेकर भी तो शायद सरकार घिरी हुई है क्योंकि भूपेश बघेर ने जिस तरीके से आत्मानंद स्कूल बनाकर पढ़ाई के क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम किया था अब उन स्कूलों को पीएम श्री योजना में शामिल किया जा रहा है यही नहीं इस उमस के दौरान भी बारिश का मौसम है उमस होता है बच्चों की जो क्लासे लगाई जा रही उसमें कहीं किसी तरह की सुविधाएं भी नहीं है और परिपत्र पर परिपत्र जारी किया जा रहा है आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य द्वारा इस हम फिर कभी विस्तार से बात करेंगे क्योंकि यह बड़ा महत्त्वपूर्ण काम है शिक्षा लेकिन दूसरी तरफ खुद सरगुजा क्षेत्र में और कई क्षेत्र होंगे अभी जो वीडियो आए हैं वे सरगुजा क्षेत्र के गोरेला पेंड्रा मरवाही जिले की है जहां बच्चों को उफनती नदी में स्कूल जा के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है आप खुद सोचिए कि उनके अभिभावक किस तरीके से चिंतित होंगे लेकिन सरकार का अपना रवैया है मंत्री कुछ कहते हैं सत्ता कुछ बताती है ऐसी परिस्थिति में महिलाओं को लेकर एक बड़ी गारंटी दी गई थी 500 रप में सिलेंडर राजस्थान साथ में ही चुनाव हुए थे साथ में ही सरकार बनी है वहां शुरू हो गई है लेकिन अभी तक छत्तीसगढ़ में इसकी कोई सु गाहट प्रशासनिक तौर पर दिखाई नहीं दे रही तो क्या नगरी निकाय चुनाव के पहले शहर सरकार बनाने के नाम से इस योजना को अभी रोक दिया गया है और नगरी चुनाव के लिए वोट बैंक बनाने इस योजना की घोषणा की जाएगी कहना मुश्किल है क्योंकि जिस तरीके से साय सरकार चल रही है वह सब काम तो मोदी शाह के इशारे पर कर रही है कांग्रेस ने तो इसे रिमोट कंट्रोल वाला सरकार बता दिया है यहां तक कि मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा है निगम मंडल आयोग की नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ता आक्रोशित है उसकी भी नियुक्ति नहीं हो रही तब देखना है कि आने वाले दिनों में सरकार विधानसभा में किस तरीके से कांग्रेस के सवालों का जवाब देती है विधानसभा घेराव को किस तरीके से रोकती है और कर्मचारियों में जो आक्रोश है उसे कैसे समाधान करती है ।

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https://youtu.be/2eeHzLliMBA?si=jd-1nsoCQE_7xRsx

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

बीजेपी में पल रहे खतरनाक लोग


बीजेपी में पल रहे खतरनाक लोग
 

 लगता है भारतीय जनता पार्टी और उनसे जुड़े लोग 2024 के चुनाव परिणाम से भी सबक लेने को तैयार नहीं है 240 सीट में सिमट गई भाजपा को शायद अब भी लगता है कि नफरत की दुकान लगाकर ही वे सत्ता हासिल कर सकते कोई विजन नहीं है उनके पास सिवाय हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण का इसलिए धार्मिक नगरी को लेकर इन दिनों भारतीय जनता पार्टी बुरी तरीके से फंसी हुई है तो दूसरी तरफ 240 सीट आने की बौखलाहट भी दिखाई देने लगी है हालांकि बद्रीनाथ हार जाने के माले में भारतीय जनता पार्टी के लोगों को सांप स गया है लेकिन जब अयोध्या में पराजय मिली थी तो किस तरीके से विष बमन किया गया था वहां के लोगों को गालियां दी गई थी वह भी किसी से छिपा नहीं तो राहुल गांधी ने जो मोहब्बत की दुकान लगाने का आह्न करते हुए देश भर में यात्रा की थी क्या उसका असर है यह और इस असर को देखते हुए भाजपा के नेता कुछ ज्यादा ही बख लाने लगे हालांकि संघ ने भारतीय जनता पार्टी यानी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहंकार को लेकर कई जगह बातें कही लेकिन उन्होंने नाम कभी नहीं लिया सत्ता के अहंकार की बात करते रहे लेकिन अब जो मामला सामने आया है वह साफ संके दे रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के जो कर्ता धरता है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मंसा क्या है क्योंकि लगातार नफरत की दुकान लगाने वालों को प्रमुख पदों पर बैठाया जाता है किस तरीके से भारतीय जनता पार्टी में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण का खेल चल रहा है और उसे आरस का किस तरीके से समर्थन प्राप्त है यह कहना अब मुश्किल नहीं रह गया क्योंकि आरएसएस की चुप्पी और मोदी शाह का खेल क्या इस देश को सचमुच आग लगा देना चाहती है यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पहले भी पहले भी यानी कल जब सुभेंदु अधिकारी ने साफ तौर पर कहा वे विपक्ष के नेता है पश्चिम बंगाल में मोदी शाह के नाक के बाल है कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा और सुभेंदु अधिकारी ने सीधे-सीधे कहा कि भाजपा में अल्पसंख्यक मोर्चा को बंद कर देना चाहिए सबका साथ सबका विकास का नारा बेकार है इसी तरीके से क्या कुछ कहा पहले सुन लीजिए उनके मुह से बोले राष्ट्रवादी मुस्लिम अना बोले का साथ सबका विकास और बोल बोना बोल जो हमारे साथ हम उनका साथ जो हमारी साथ जो हमारे साथ जो हमारी साथ हम उनका साथ सबका साथ सबका विकास बंद करो नो नीड संल मोर्चा जय श्री राम तब क्या भारतीय जनता पार्टी ऐसे लोगों को हटाए गी हालांकि सुभेंदु अधिकारी ने कहा यह व्यक्तिगत सोच है और यदि यह सुभेंदु अधिकारी का व्यक्तिगत सोच भी है तो किस तरीके की सोच को सोच भाजपा में फूल रहा है यह क्या किसी को बताने की जरूरत है क्योंकि सुभेंदु अधिकारी ने जिस लहजे के साथ यह बात कही है वह इस देश के लिए बेहद ही खतरनाक है और भारतीय जनता पार्टी इस पर यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकती कि यह सुभेंदु अधिकारी की सोच है और यदि सुभेंदु अधिकारी की सोच है तो वह पार्टी में इतने बड़े पद पर कर क्या रहे हैं हालांकि इससे पहले भी जब जूता मारो सालों को या गोली मारो सालों को जैसे नारे लगाए जा रहे थे उन लोगों को भी बड़े-बड़े पदों से नवाजा गया साधवी प्रज्ञा को तो टिकट तक दे दी गई थी और इस सांसद बनने के उत्साह में उन्होंने किस तरीके से महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्द कहे थे और जब बवाल मचा तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहना पड़ा था कि वे प्रज्ञा को कभी माफ नहीं करेंगे इसके अलावा भी भारतीय जनता पार्टी के नेता समय-समय पर किस तरीके से विश् ममन करते हैं वह किसी से छिपा नहीं है 400 पार के नारे के साथ तो हेगड़े से लेकर राजस्थान के नेता तक कहने लगे थे कि 400 पार होगा तो हम संविधान बदल देंगे हिंदू राष्ट्र की घोषणा कर देंगे हालांकि पार्टी स्तर पर इस तरह के आरोपों का खंडन जरूर होता रहा लेकिन यह सभी लोग अब भी पार्टी में है प्रमुख पदों पर है उनका स्वागत सत्कार उतने ही ढंग अच्छे ढंग से किया जाता है तो क्या इस तरह के खतरनाक लोगों को भाजपा पाल नहीं रही है मोदी साहब पनाह नहीं दे रहे हैं तब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में यदि इस सोच को अमली जामा पहनाने की कोशिश करें जो पदों पर बैठे हैं तब सत्ता क्या करेगी आप खुद सोचिए कि किस तरीके से नफरत का खेल इस दौर में चल रहा है झूठ और अफवाह की राजनीति को साधते साधते किस कदर इस देश में नफरत फैलाया गया और अब धार्मिक पर्यटन को लेकर सत्ता की जो सोच है वह किस तरीके से डकैत की तरह हो गई है यह भी अब दिखने को मिलने लगा है चाहे अयोध्या का मामला हो बद्रीनाथ का मामला हो केदारनाथ का मामला हो या उज्जैन का मामला दिल्ली में तो केदारनाथ धाम बनाने को लेकर बवाल मचा हुआ शंकराचार्य को खुद सामने आकर इसकी आलोचना करनी पड़ी है तब सवाल यह है कि क्या मोदी सरकार या भारतीय जनता पार्टी ऐसे खतरनाक लोगों को अपनी पार्टी से हका लेगी बाहर निकाल देगी देखना होगा !

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https://youtu.be/1fclYZfWWvI?si=0XeRUqlLYjRpiPMs


गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

रेत माफियाओं को खुले आम संरक्षण

रेत माफियाओं को खुले आम संरक्षण, आ गया नाम 


 क्या छत्तीसगढ़ में माफिया राज हावी होने लगा है क्या रेत माफियाओं के कहर के आगे जनप्रतिनिधि ही नहीं शासकीय अधिकारी भी नतमस्तक है दरअसल रेत की नीलामी के बाद पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलने के बाद भी रेत खनन का काम बेतहाशा चल रहा है और क्या यह पूरा खेल उच्च स्तर पर चल रहा है यह सवाल इसलिए उठाये जा रहे है क्योंकि जिस तरीके से प्रतिबंध लगने के बाद भी छत्तीसगढ़ की नदियों से लगातार रेत का उत्खनन किया जा रहा है और हाईवा भर भर के सड़कों पर बेतहाशा दौड़ाई जा रही है जिससे लोगों की जान भी खतरे में आ गया है तब सवाल यह है  कि रेत माफियाओं के हौसले कितने बुलंद  है कि  धमतरी जिला पंचायत के उपाध्यक्ष जब एक कार्यक्रम से लौट रहे थे तो एक हाईवा तेज गति से आ रही थी और वे चपेट में आने से बाल-बाल बच गए हालांकि कई सारी घटनाएं हुई हैं छत्तीसगढ़ में इस दौर में जब हाईवा की चपेट में आकर लोग काल कलवी तक हुए हैं और लगातार शिकायत आ रही है कि कई खासकर धमतरी जिला महासमुंद जिला रायपुर जिला और बलौदा बाजार जिले से सर्वाधिक रेत की काला बाजारी की खबर आ रही है रेत के अवैध परिवहन को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं लेकिन जब प्रदेश के मुखिया के पास ही खनिज विभाग हो तब सवाल यह है कि क्या रेत माफिया का जो खेल चल रहा है अवैध उत्खनन का वह क्या मुख्यमंत्री के इशारे पर चल रहा है या रेत माफियाओं ने इतना अपना कद इतना बढ़ा लिया कि कारवाई करने में खनिज अधिकारियों के हाथ पैर काप जाते हैं छत्तीसगढ़ में रेत के अवैध उत्खनन का इतिहास यदि राज्य बनने के बाद देखा जाए तो याद कीजिए आप कि किस तरीके से जोगी शासन काल में कोई जैन और तिवारी के गठजोड़ ने किस तरह सी धमा चौकड़ी मचाई थी और उसके बाद डॉक्टर रमन सिंह के सरकार में भी चलता रहा केवल नाम बदल गया बाकी खेल उसी तरीके से चलते रहा और अब भी वही खेल चल रहा है भूपेश सरकार के दौरान भी रेत माफियाओं के गुंडागर्दी दादागिरी को लेकर सवाल उठते रहे और अब जब प्रतिबंधित समय बारिश के मौसम में नदियों में रेत उत्खनन प्रतिबंधित लगा कर दिया जाता है उस परिस्थिति में भी यदि बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन चल रहा है तो क्या इन्हें राजनैतिक संरक्षण है इन्हें अधिकारियों का संरक्षण और कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस खेल में कई जनप्रतिनिधि भी शामिल और लोगों को आशंका है कि यही स्थिति चलते रही तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है क्योंकि जिस ढंग से रेट माफिया ताकतवर होते जा रहे हैं वह आने वाले दिनों में प्रशासन और शासन दोनों के लिए मुश्किल हालात पैदा कर सकते हैं हालांकि चर्चा इस बात का भी है कि इस इन खेलों में कई जनप्रतिनिधि में सरपंच जिला पंचायत सदस्य या जनपद सदस्य और विधायक तक शामिल है तब देखना है कि जो धमतरी में घटना हुई है उसको प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है हालांकि धमतरी में एक और ऑडियो वायरल हो रहा है एक अधिकारी है नायब तहसीलदार ज्योति सिंह और जिला पंचायत के सदस्य खूब लाल ध्रुव के जो बहस हुई है इसी रेत मामले को लेकर वह खूब वायरल हो रहा है लेकिन अभी तक कारवाही नहीं रही है और कहा जा रहा है कि कारवाही के नाम में केवल खाना पूर्ति होती है और छोड़ दिया जाता है जुर्माना लिया जाता है नहीं लिया जाता है एक अलग विषय हो सकता है लेकिन जिस तरीके से रेत माफियाओं ने जाल बिछाया और रात भर बेहिसाब अवैध उत्खनन किया जाता है और हाईवा में भर भर के तेज गति से दौड़ाई जाती उससे आम लोगों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगा है देखना है कि शासन अब धमतरी में जो घटना हुई है धरना दिया गया था रात उसे लेकर कितनी गंभीरता से लेती है और कारवाई करती है 

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https://youtu.be/IFR2gI8GHFE?si=_u1Ui_f0hA3P2GeO!

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

क्या बिजली दरों में बढ़ोतरी अदानी को फ़ायदा पहुँचाने

क्या बिजली दरों में बढ़ोतरी अदानी को फ़ायदा पहुँचाने 


 छत्तीसगढ़ में एक तरफ देश के सबसे बड़े उद्योगपति और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्र गौतम अदानी के काम को गति मिली है तेज विस्तार हो रहा है खासकर पावर सेक्टर को लेकर तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के लघु उद्योगों खासकर जो स्टील क्षेत्र के मैन्युफैक्चरिंग उद्योग है री रोलिंग मिल है इन पर बंद होने का खतरा मंडराता जा रहा है और तब सवाल यह है कि क्या इन दोनों खबरों में कोई तालमेल है यह सबसे बड़ा सवाल क्योंकि जिस तरीके से छत्तीसगढ़ की सरकार सत्ता में आते ही यानी डबल इंजन की सरकार बनते ही जिस तरीके से छत्तीसगढ़ में अडानी की भूमिका बढ़ गई है हसदेव काटे जाने लगे राजस्थान को बिजली देने के लिए जमकर कटाई हुई है और उसे लेकर जबरदस्त आंदोलन भी हुआ है तो पावर प्लांट के विस्तार के लिए भी जन सुनवाई में जो अफसरों की भूमिका है वह भी संदेह के घेरे में है किसान जमीन नहीं देना चाहते सरकार सरकारी जमीन दे दी लगातार विरोध हो रहा है रायपुर के तिल्दा ब्लॉक स्थित अडानी पावर प्लांट की बात हो या रायगढ़ में स्थित अडानी पावर प्लांट की बात तिल्दा का जो प्लांट था पहले जीएमआर ग्रुप के पास था उसे नी ने खरीद लिया अधिग्रहित कर लिया अब उसका विस्तार हो रहा है जिसे लेकर जो जन सुनवाई हुई उसमें जबरदस्त हंगामा मचा विरोध हुआ लेकिन सरकार का दावा है कि सब कुछ ठीक हो गया है और जन सुनवाई में अदानी के विस्तार को लेकर लोग खुश है हकीकत क्या है कहना बेहद मुश्किल है तो दूसरी तरफ सरकार ने बिजली के दरों में बढ़ोतरी की है आम आदमी को तो इससे दो चार होना पड़ ही रहा उन्हें ठीक से बिजली नहीं मिल रही है लगातार बिजली कटौती और अनियमित बिजली सप्लाई को लेकर कई जगह आंदोलन हुए हैं बिजली दफ्तर के कर्मचारियों को भागना तक पड़ा तो उद्योग समूह से जुड़े जो उद्योगपति हैं वे भी अचानक बढ़ोतरी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं मुख्यमंत्री को ज्ञापन तक सौप गए हैं लेकिन अभी तक इस माम में कोई विचार नहीं होने से उद्योगपतियों में बेचैनी खबर यह भी है कि बिजली दर में बढ़ोतरी से परेशान कई उद्योगों ने अन्य विकल्पों की तलाश भी शुरू कर दी य विकल्प क्या हो सकते हैं सीधी सधी सी बात है कि जिन्हें उद्योग चलाना है वह सस्ती बिजली के लिए निजी जो कंपनियां है उनके पास जाएगी उनसे समझौता करेगी कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में जो कंपनी है सरकारी वह बिजली दे रही है वह सब टैक्स मिलाकर ₹ 60 पैसे पर यूनिट उद्योगों को बिजली दे रही है इस बढ़ोतरी के बाद जबकि यही पर यूनिट बिजली निजी कंपनी से तमाम टैक्स के बाद भी रुप प्रति यूनिट में मिल रहा है तब क्या महंगी बिजली खरीदेंगे और उद्योग क्या निजी कंपनी की ओ नहीं जाएगा और यह निजी कंपनी कौन है स्वाभाविक रूप से गौतम अडानी की कंपनी है जिससे बातचीत चल रही है और उद्योगपतियों ने नाम लेकर कहा कि वे अडानी से बिजली लेने को मजबूर हो जाएंगे यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो तो क्या सरकार ने पिछले दरवाजे से अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली दर में बढ़ोतरी की है यह सबसे बड़ा सवाल और यह सवाल इसलिए उठ रहा है क् कि लगातार पूरे देश में जिस तरीके से अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सत्ता लगी रही हिडन बर्ग की रिपोर्ट आने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई सेबी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे और मित्र प्रेम इस कदर हावी रहा कि संसद तक में हंगामा हुआ और आरोप तो यहां तक लगाया गया कि कई सदस्यों की सदस्यता सिर्फ इसलिए समाप्त कर दी गई क्योंकि अडानी को बचाना था तब ऐसी परिस्थिति में क्या छत्तीसगढ़ की सरकार अब पूरी तरीके से एक्सपोज हो गई है कि अडानी को वह किस हद तक मदद कर रही है सवाल सिर्फ हसदेव की कटाई का नहीं है सवाल राजस्थान को उजाला देकर छत्तीसगढ़ को अंधेरे में करने का भी है सवाल अदानी पावर प्लांट के विस्तार का नहीं है सवाल तो उस जन सुनवाई का है जो फर्जी करार दिया जाता है बाद में किसानों की सहमति के बगैर भूमि उद्योगों को सौंप दी जाती है दादागिरी के साथ उद्योग कब्जा कर लेते हैं कई सारे मामले हैं मोनेट वंदना कई कई लोगों पर इस तरह के आरोप लगते रहे कि उन्होंने जबरिया जमीन कब्जा की है सरकारी जमीन भी और निजी जमीन तब ऐसे में जो तब री रोलिंग मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी का कहना है कि एका एक बिजली की कीमत बढ़ा देने से लागत 300 से 500 रप टन बढ़ गया तो मिनी स्टील प्लांट के महासचिव मनीष धुप का कहना है कि य उद्योगों के लिए गंभीर मसला है और उम्मीद है कि सरकार इस पर विचार करेगी उद्योग सीधा सरकार से बैल लेना नहीं चाहते इसलिए जब वह प्रेस के सामने बोलती है तो कुछ और बोलती क्योंकि इस दौर में जिसने भी अदानी समूह को फायदा पहुंचाने की सत्ता की कोशिश के खिलाफ आवाज बुलंद की है उसके खिलाफ क्या कुछ नहीं हुआ या किसी से छिपा नहीं इधर चर्चा इस बात की भी है कि निजी बिजली कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ही यह सारा खेल खेला गया है रचा गया है और निजी कंपनी में अडानी ऐसा है जो यहां बिजली सप्लाई आसानी से करेगा ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या उद्योगपतियों के पास जब अदानी से बिजली खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है तब 3स गढ़ की जो विद्युत कंपनी है जो बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन कर रही है उन बिजली को क्या दूसरे राज्यों में बेचा जाएगा किस तरीके का घोटाला डॉक्टर रमन सिंह के कार्यकाल के दौरान सामने आया था जिंदल को लेकर और दूसरे राज्यों को बिजली देने को लेकर किस तरह के घोटाले थे उनकी कोई जांच वांच कभी नहीं हुई केवल आरोप तक सीमित होकर रह गए थे तब ऐसी परिस्थिति में जो स्थिति निर्मित हो रही है वह साफ संकेत दे रही है कि छत्तीसगढ़ में जो डबल इंजन की सरकार है वह अदानी के लिए सब कुछ कर लेना चाहती है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/jInmVvth5DM?si=nMtS0YPep2NyD31_

मंगलवार, 31 मार्च 2026

याद है वर्दी वाली खलनायिका


 याद है वर्दी वाली खलनायिका 

यह है वेद मती दरियो वर्दीधारी इनकी वर्दी की धमक अपराधियों पर कितनी है यह कहना कठिन है लेकिन इनके खिलाफ पीड़ित ही प्रताड़ित थाने में रिपोर्ट करने के लिए आने वालो को ही धमकाने में बहुत मजा आता है राजधानी के इकलौते महिला थाना के प्रभारी थी तब  इनके सामने अच्छे अच्छों की गिग्गी बन जाती और दहेज प्रताड़ित द्वारा वसूली का नया रिकॉर्ड कायम करने की भी चर्चा रही और यही नहीं इनके खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मामले थे और घेरा घारी करके  जब एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया तो इनकी ठसक देखने लायक थी ऐसा नहीं है कि एसीबी ने सिर्फ इस महिला वर्दीधारी जो प्रताड़ित लोगों के लिए खलनायिका बन चुकी थी को ही गिरफ्तार किया बल्कि धमतरी जिले में भी एसीबी ने कारवाही करके तहसीलदार को पकड़ा हमने विस्तार से बताया कि किस तरीके से इसके पहले एसीबी ने भागीरथ खांडे को गिरफ्तार किया था जो एसडीएम थे अब तक के सबसे बड़े अधिकारी को चपेट में लिया था एसीबी ने लेकिन वेद मती दरियों की अपनी कहानी है राजधानी के इकलौते महिला थाना के इस प्रभारी रही  के खेल को आप सुनेंगे तो चौक जाएंगे कि किस तरीके से जो पीड़ित पक्ष उन्हीं से यह पैसा वसूल की थी और कहा तो यहां तक जाता है कि यह प्रताड़ित पक्ष से यानी जो प्रताड़ित करने वाले हैं या जो अपराधी पक्ष है उनसे सेटिंग कर लेती थी और यह खेल बड़े लंबे समय से चल रहा था लगातार एसीबी को शिकायत मिल रही थी लेकिन और ऐसा नहीं है कि इसकी खबर जिले के अफसर या नेताओं को नहीं थी कई नेता भी इसको अपनी तरह से दरियो से अपने हित के काम के लिए उपयोग भी करते थे कहा तो यहां तक जाता है कि मंत्री तक इनकी पकड़ थी इसमें कितनी सच्चाई हम नहीं कह सकते लेकिन जिस तरीके से उसके खिलाफ लगातार आरोप लग रहे थे मीडिया में भी खबरें छप रही थी कि महिला थाने में किस तरह की भर्रा साही चल रही है उसके बाद भी पुलिस कप्तान इसे नहीं हटा रहे थे तो क्या उनका भी संरक्षण था या राजनीतिक दबाव की वजह से पुलिस कप्तान कुछ नहीं कर पा रहे थे यह एक अलग कहानी है लेकिन मैडम दरियो के नाम से ना केवल महिला थाना आने वाले थर थर कापते थे चाहे वे रिपोर्ट लिखाने ही क्यों ना आए हो और महिला परामर्श केंद्र जहां घरेलू झगड़े को निपटाया जाता है वहां भी इनकी धमक जबरदस्त ी कहा जाता है कि परामर्श केंद्र में जो महिला परामर्श वाली हैं जो महिलाओं को परामर्श देती हैं घरेलू विवाद निपटा हैं ऐसे लोगों में भी इनकी धमक थी और उनकी रिपोर्ट के विपरीत जाकर काम करती थी और वे महिला परामर्श में बैठने वाली महिलाएं समाजसेवी का चुप हो जाती थी क्योंकि इनकी अपनी धमक थी कहा जाता है कि मोआ की एक पीड़ित दहेज प्रतारक महिला ने एसीबी से शिकायत की और इस बात के लिए तैयार हो गई कि हां रिश्वत की राशि को लेकर वह एबी के कार्यशैली को अपना लेगी और इसी तरह से जब प्रीति बंजारे पैसा लेकर पहुंची तो एसीबी की टीम ने वेद मती दरियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया 

कहना बेहद कठिन है क्योंकि इस दौर में राजनीतिक पहुंचने यही सब तो किया तब जो धमतरी में गिरफ्तार हुए हैं एसीबी की टीम ने जिसे गिरफ्तार किया है वे तहसीलदार है कीर सागर बघेल यही नाम है उनका एक किसान से नामांतरण को लेकर उन्होंने रिश्वत मांगी थी किसान बहुत गिड़गिड़ा है इनके सामने लेकिन वे साफ कह दिए थे कि पैसे के बगैर कोई काम नहीं होगा और यही वजह है कि उस किसान ने त्रस्त होकर एसीबी में शिकायत की थी और एसीबी ने पूरी टीम के साथ इस तहसीलदार बघेल को रंगे हाथों की रफ्तार की हमने आपको बताया था कि किस तरीके से दो हफ्ते पहले ही सूरजपुर क्षेत्र में एसडीएम भागीरथी खांडे को एसीबी की टीम ने पकड़ा था और खुद तो वे पकड़ाई अपने साथ वे बाबू चपरासी सबको ले डूबे थे देखना है कि इस मामले में क्या कुछ होता है क्योंकि जिस तेजी के साथ सरकार बद है उसी तेजी के साथ भ्रष्टाचार के मामले लगातार आ रहे हैं और इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि मुख्यमंत्री के जनदर्शन में पहुंचने वाले ज्यादातर लोग इसी तरीके से प्रताड़ित लोग हैं शासन प्रशासन से प्रताड़ित लोगों की संख्या बड़ी बढ़ते जा रही है और मुख्यमंत्री इलाज के लिए पैसा देकर ट्राई साइकिल देकर वाहवाही लूटने में लगे हैं कि जन दर्शन में पहुंचने वालों की तकलीफें दूर की जा रही है लेकिन हकीकत तो यह है कि जिस तरीके से राजनैतिक हस्तक्षेप के साथ भ्रष्टाचार ही नहीं अफसरों की मनमानी भी बड़ी है उससे आम लोगों की तकलीफ बढ़ चुकी है देखना है कि इन तमाम मामलों में जो मुख्यमंत्री जनदर्शन में भी शिकायत लेकर आ रहे हैं उन पर किस तरह के कारवाई होती है !

Vidio देखें 


https://youtu.be/T-xppzHlF7k?si=U3QhOp0znCBkFM7P

सोमवार, 30 मार्च 2026

जब चौधरी ने बताया था दो करोड़ को चौबीस करोड़ बनाना

जब चौधरी ने बताया था दो करोड़ को चौबीस करोड़ बनाना 


देश के गृहमंत्री अमित शाह के लाड़ले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी का पैसा कमाने का अपना फंडा है,  2 करोड़ रुपया को  करोड़ रुप बना लेते है, और हो सकता है कि अमित शाह के लाड़ले ओपी चौधरी इसलिए बने हैं क्योंकि उनके पास पैसा कमाने का सभी तरह का फंडा है कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा

 पिछले दिनों साला उत्सव के कार्यक्रम में जब ओपी चौधरी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बताया बच्चों को या सिखाया कि किस तरीके से उन्होंने दो करोड़ रुपए को 24 करोड़ बना दिया । शाला उत्सव के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी ओपी चौधरी की बात सुनकर ताली बजाते नजर आए दरअसल छत्तीसगढ़ में हर साल  शाला  प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम चलता है जगह-जगह प्राय सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधि विधायक मंत्री इसी तरह के कार्यक्रम में व्यस्त रहते  है बच्चों का स्वागत कर रहे हैं सम्मान कर रहे हैं ऐसे ही एक कार्यक्रम बगीचा में हुआ जो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है और यहां ओपी चौधरी ने किस तरीके से पैसा कमाने का फंडा बताया वह बच्चों को क्या सीखना चाहिए यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए है क्योंकि ओपी चौधरी ने बताया कि बगैर शिक्षकों के या शिक्षकों के अभाव में उन्होंने पढ़ाई को  प्राथमिकता देते हुए आईएएस बने यह ओपी चौधरी बता रहे थे प्रदेश सरकार के सबसे होशियार मंत्री माने जाने वाले ओपी चौधरी ने जब बताया कि किस तरीके से शिक्षकों के अभाव में वे पढ़ाई कर रहे थे वे बच्चों से कह रहे थे कि पढ़ाई शिक्षा ही जीवन में काम आता है क्योंकि राइस मिल लगाने से लेकर दूसरे तमाम धंधे के लिए पैसा चाहिए अगर लाइफ में आप कुछ करना चाहता जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता हो तो शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाओ आप क्रेसर खोले जाया तो दिक्कत आ सकते है राइस मिल खोले जाया तो पैसा नहीं है तो घर में नहीं खोल सका आज पेट्रोल पंप चालू कर किया तो एक सामान्य घर के लड़का नहीं कर सके लेकिन पढ़ाई आप मन जरूर कर सकते हो और पढ़ाई के माध्यम से जीवन लापन के बदल सका था लेकिन शिक्षा के लिए पैसा नहीं पैसे की जरूरत नहीं होती केवल मन लगाने की जरूरत होती है और उन्होंने बताया कि जब वे 2018 का चुनाव हार गए तो उन्होंने किस तरीके से अपने दोस्तों से उधारी लेकर शेयर मार्केट का गहन अध्ययन करके दो करोड़ रुपए को 24 करोड़ रुपए बनाया एक तरह से कहा जाए तो शेयर मार्केट को लोग आम बोलचाल की भाषा में सट्टा बाजार भी कहते हैं वहां पैसा लगाकर ओपी चौधरी ने कई गुना किया अपने पैसे को उधारी उन्होंने चुकाया नहीं चुकाया इस पर उन्होंने कोई बात नहीं की लेकिन यह गजब का फंडा है पैसा कमाने का जो बच्चों को बताया जा रहा था कि शेयर मार्केट में पैसा लगाकर कई गुना ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है।

जब कलेक्ट्री की नौकरी छोड़ दे रहे तो आदमी मन सोचे कैसे जीवन यापन करी का करी कैसे करी इकोनॉमिक समय मो थोड़ ठीक ठाक पकड़ रही तो मैं स्टॉक मार्केट के पढ़ाई करो 20089 से देखो थोड़ बहुत का का का होते करके तो जब मैं नौकरी छोड़ दे तो स्टॉक मार्केट के बहुत गहनता के साथ अध्ययन करें और दो करोड़ रुपया में उधारी ले अलग अलग दोस्त मंे मिला जुला के और चार साल में सरस्वती मां के ही कृपा से दो करोड़ रुप 24 करोड़ रुपया बना दो करोड़ रुप 24 करोड़ रुप बना हालाकि ओपी चौधरी की चौधरा हट को लेकर कई तरह की चर्चा है और कई लोग तो उन्हें सुपर सीएम भी कहते हैं खासकर आईएएस आईपीएस लाबी में ओपी चौधरी की धमक है और कहा तो यहां तक जाता है कि ओपी चौधरी ही तमाम प्रशासन को चलाते हैं वि देव साय को मुख्यमंत्री बनाया है मोदी शाह ने लेकिन ओपी चौधरी को तो चुनाव प्रचार के दौरान ही अमित शाह ने बड़ा आदमी बनाने की बात कह दी थी तब शायद अमित शाह को यह बात मालूम नहीं रहा होगा कि ओपी चौधरी तो बड़ा आदमी बन चुके हैं उन्होंने शेयर मार्केट से दो करोड़ को 24 करोड़ बना दिया अब देखना है कि इस बयान को लेकर ओपी चौधरी का जो वीडियो है वह खूब वायरल हो रहा है देखना है कि आने वाले दिनों में स्कूली बच्चे इस पैसा कमाने के फंडे को किस तरीके से लेते हैं!

वीडियो देखे 


https://youtu.be/mnR6Vhd0qro?si=I5_A6zPiWKL7AYcC