सोमवार, 27 अप्रैल 2026

चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी

 चौधरी को लेकर क्यो नाराज़ है कर्मचारी 


छत्तीसगढ़ के सबसे दमदार मंत्री माने जाने वाले ओपी चौधरी ने एक बार फिर कर्मचारियों को लेकर जो बात कही  उसे लेकर विवाद शुरू हो गया है दरअसल ओपी चौधरी का विवादों से पुराना नाता है जब वे कलेक्टर थे तब भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप के चलते हुए विवादों में आए थे उसके बाद उन्होंने आनंद फानंद में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी लेकिन 2018 का चुनाव वे हार गए थे   फिर उन्हें टिकट मिली और अमित शाह को आकर कहना पड़ा कि ओपी चौधरी को जिता हो हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे और इसके बाद जब मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उन्हें सबसे महत्त्वपूर्ण विभाग वित्त विभाग दिया गया वित्त विभाग के मिलते ही जिस तरीके से वे विवादों में आए हैं उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं सबसे पहले तो उन्होंने 33000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में जिस तरह से कहा कि अभी फंड नहीं है फिलहाल शिक्षकों की भर्ती पर कोई विचार नहीं किया जा रहा उसे लेकर ओपी चौधरी विवादों में रहे और बेरोजगारों का गुस्सा आज तक सोशल मीडिया में फूट रहा तब कर्मचारियों को लेकर ओपी चौधरी ने जो बात कही उससे लेकर कर्मचारी संगठनों में भी आक्रोश है हालांकि छत्तीसगढ़ के कर्मचारी पहले से ही ओपी चौधरी की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और विभिन्न संगठन खासकर शिक्षक समुदाय तो लगातार आंदोलन कर रहे हैं युक्तिकरण के खिलाफ दरअसल यह पूरा खेल शिक्षक भर्ती पर बंदिश लगाने का है कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा क्योंकि स्कूलों में शिक्षक की कमी है लेकिन युक्तिकरण के नाम पर जिस तरीके से स्कूल ही बंद करने की योजना बना ली गई है उसे लेकर शिक्षक संघों में भारी आक्रोश है लेकिन नया मामला है यूपीएस का यूपीएस यानी नई एकीकृत पेंशन योजना यह केंद्र सरकार ने प्रस्ताव बनाकर लागू कर दिया है 1 अप्रैल 2025 से और इसमें फायदा जो 25 साल नौकरी कर चुके हैं उन्हीं कर्मचारियों को ज्यादा मिलेगा अभी ओपीएसओ पेंशन स्कीम और एनपीएस न्यू पेंशन स्कीम को लेकर जबरदस्त बवाल है और कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भी यह मुद्दा काम कर रहा था और इसी से घबराकर केंद्र सरकार ने नहीं एकीकृत पेंशन योजना लाई है यूपीएस जिसका नाम दिया गया और राज्य सरकारों से कहा गया है कि कर्मचारियों को इस बात के लिए तैयार करें इस पेंशन को बनाने वालों का दावा है कि इस योजना का लाभ 90 लाख कर्मचारियों को होगा लेकिन छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू करने का कोई विचार नहीं है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बात वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिए उन्होंने प्रतिष्ठित अखबार नव भारत से चर्चा करते हुए यह बात कही है तो क्या इस नई पेंशन स्कीम पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि जब विचार ही नहीं होगा तो फायदा कहां से मिलेगा लेकिन इससे इधर छत्तीसगढ़ की क्या स्थिति है छत्तीसगढ़ में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर लंबे आंदोलन जब हुए तो पूर्ववर्ती सरकार कांग्रेस की जो सरकार थी भूपेश बघेल की उन्हो ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दिया और इसके चलते यहां के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए आवेदन भी दे दिया उनके आवेदन स्वीकृत भी हो गए लेकिन मामला फंडिंग का है जो केंद्र सरकार पर एनपीएस का जो फंडिंग है वह अटका पड़ा हुआ है और उसे छत्तीसगढ़ को मिलेगा नहीं मिलेगा कब मिलेगा यह कहना बेहद मुश्किल भरा सवाल है और कब होगा यह भी आसानी से सुलझ का मामला नहीं दिख रहा है ऐसी परिस्थिति में मजबूरी में जो कर्मचारी एनपीएस के साथ खड़े हैं उनके लिए यह एक सुनारा मौका हो सकता था नई पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लेकिन अब जब प्रदेश सरकार इस पर विचार करने को तैयार नहीं है तब देखना है कि कर्मचारी संगठनों का क्या रवैया होता है हालांकि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग पर कायम है केंद्र सरकार की यूनिफाइड योजना ओ पीएस जैसी लाभदायक नहीं है यानी ओल्ड पेंशन स्कीम की तरह य लाभकारी नहीं है इसलिए इस तरफ कर्मचारियों का जरा भी ध्यान नहीं है वह तो वल्ड पेंशन योजना पर ही पूरा ध्यान लगाए हुए हैं यह बात फेडरेशन के जो संयोजक है कमल वर्मा ने यह बात मीडिया से कही है ऐसी परिस्थिति में जब कुछ कर्मचारियों को उम्मीद थी कि छत्तीसगढ़ सर सरकार यूपीएस लागू करेगी तो उन्हें फायदा मिलेगा जिनकी सर्विस 25 साल से अधिक हो जाएगी लेकिन अब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ तौर पर कह दिया है कि इस योजना पर अभी विचार नहीं किया जाएगा देखना है कि कर्मचारी संगठन ओपी चौधरी के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं !

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच

डॉ पुनीत गुप्ता के बहाली का सच 


 सत्ता बदलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों की निकल पड़ी है उन्हें ठेके भी बड़े पैमाने पर मिल रहे हैं तो उच्च पदों पर भी बिठाने का खेल चल रहा है तो जो लोग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे उन के निलंबन भी बहाली में तब्दील होने लगा है इसमें सबसे चर्चित नाम है डॉक्टर पुनीत गुप्ता का यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे डॉक्टर रमन सिंह के कितने करीबी रिश्तेदार हैं और उन पर किसकिस तरह के गंभीर आरोप लगे थे डीकेएस हॉस्पिटल के वे प्रभारी रहे हैं यानी सब कुछ उन्हीं के जिम्मे था वहां निर्माण से लेकर दुकान आबंटन तक कई तरह के उन पर गंभीर आरोप लगे थे और गोल बाजार थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी भूपेश सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच करते हुए डॉक्टर पुनीत गुप्ता को निलंबित कर दिया था और 5 साल वे लगातार निलंबित रह थे और अचानक सत्ता बदलते हुए उन्होंने आवेदन दिया और उनके आवेदन पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तत्काल बहाली का आदेश जारी कर दिया क्या यह ब ली का आदेश डॉक्टर रमन सिंह के कहने पर हुआ है या फिर स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर हुआ है इसे लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म इसलिए है क्योंकि डॉक्टर पुनीत गुप्ता को लेकर कई तरह के विवाद चर्चा पारिवारिक रूप से और भी बहुत कुछ है उस पर हम फिर कभी विस्तार से चर्चा करेंगे लेकिन उनकी बहाली को लेकर जिस तरीके से राजनीति गर्म है और जिस आनंद फनन में उनकी बहाली की गई है उसे लेकर प्रदेश सरकार निशाने पर है कहा जा रहा है कि इसी तरह का खेल कई मामले में कई विभागों में हो चुका है कई निलंबित लोगों की बहाली हुई है कई लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के रिश्तेदार हैं कहां तो यहां तक जा रहा है कि डीकेएस फिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता को सौंप दिया जाएगा हालांकि जो पारिवारिक कला है उसे लेकर इस पर संशय है जरूर लेकिन जिस तरीके से आनंद फानंद में पुनीत गुप्ता की बहाली की गई है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ र और कहा जा रहा है कि भारतीय जनता के पार्टी के अंदरूनी राजनीति भी एक बड़ी वजह है और डॉक्टर रमन सिंह से जिनकी नहीं पढती है उन लोगों ने यह पूरा खेल डॉक्टर रमन सिंह को बदनाम कर करने के लिए किया गया है क्योंकि डॉक्टर रमण सिंह इन दिनों पुनीत गुप्ता से दूरी बना चुके हैं ऐसी परिस्थिति में हमारी टीम लगी हुई है इस पूरे मामले की जानकारी इकट्ठी की जा रही है आखिर डॉक्टर पुनीत गुप्ता की बहाली के पीछे किसका हाथ है और किस तरीके से आनंद फानंद में उसकी बहाली कर दी गई है और गोल बाजार में जो प्राथमिकी दर्ज है डॉक्टर पुनीत गुप्ता के खिलाफ उसका क्या हुआ ।

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https://youtu.be/aTXiJXrmPe0?si=3iAgRDM5R1NLK78w

रविवार, 26 अप्रैल 2026

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल

 छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की मुसीबत लगातार बढ़ रही है कम होने का नाम ही नहीं ले रही है यहां तक कि रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जब यात्री ट्रेनों को रद्द करने का मामला संसद में उठाया तो उसके बाद और भी करीब 42 45 ट्रेन रद्द कर दी गई यानी उन सवाल का कोई मतलब नहीं है लोग मरे क्या करें इसका कहीं कोई हिसाब किताब इस दौर में नहीं दिखाई देता बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से त्रस्त लोगों के लिए यदि आवागमन की सुविधा भी सहज और सरल कम कीमत पर उपलब्ध ना हो तो लोगों के सामने एक नया संकट खड़ा हो जाता है और पिछले साल से देखें आप तो लगभग 3 सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी है यात्री परेशान है और पेट्रोल डीजल में जो मनमाना खून निचोड़ वाला टैक्स वसूला जा रहा है उसके शिकार हो रहे हैं क्योंकि यदि यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी तो निजी वाहनों से प्राइवेट वाहनों से उन्हें सफर करना पड़ेगा और इन परिस्थितियों से जूझ रहे छत्तीसगढ़ का सच क्या है क्या सचमुच मेंटेनेंस के नाम पर विस्तारीकरण के नाम पर ट्रेन रद्द की गई है तब फिर सिर्फ माल गाड़ी क्यों चल रहा है यदि कोरवा मंडल की बात करें तो एक ट्रेन चल रही है सुबह की और यहां से 45 ट्रेन मालगाड़ी की कोयला भर भर कर निकल रही है यानी दिक्कत सरकार को सिर्फ यात्री ट्रेनों से माल गाड़ियों से नहीं है लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि करोना काल के बाद जो परिस्थितियां निर्मित हुई थी उसका फायदा उठाते हुए यानी आपदा में अवसर की तलाश जिस तरीके से की गई है उसमें यात्री ट्रेन बुरी तरीके से प्रभावित हुई मालगाड़ी नहीं हुई है प्रभावित मालगाड़ी अपनी रफ्तार से चली जा रही है खूब कमाई भी हो रही है बिलासपुर रेल मंडल को लेकिन यात्रियों को सुविधा के नाम पर जिस तरीके से बरगलाया गया जिस तरीके से उन्हें अंधेरे में रखा गया उसके चलते आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है अब तो ट्रेन में सफर करना कितना मुश्किल भरा काम हो गया हो गया है यह आप किसी रेगुलर यात्री से पूछ सकते हैं लेकिन सरकार चुप्पी ओड़ी हुई और छत्तीसगढ़ जिसने 10 सांसद भारतीय जनता पार्टी को दिए उनके सांसद भी लोकसभा में रेल मंत्री के जवाब के बाद खामोशी ड़ लिए या सवाल करके अपनी जिम्मेदारी का इति सी कर लिए शायद यदि केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो यह सांसद सड़कों पर निकल पड़ते हैं लेकिन यह मोदी सरकार है यह मोदी शाह की सरकार है जिसके सामने अच्छे-अच्छे लोगों की बोलती बंद हो जाती है तब क्या इसी तरीके की परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ के लोगों को दो चार होना पड़ेगा !

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https://youtu.be/qB8igMrrOUs?si=CikU7y0Jv4BryMeb

रेत माफियाओ से सत्ता के गठजोड़ पर भड़की कांग्रेस

रेत माफियाओ से सत्ता के गठजोड़ पर भड़की कांग्रेस


 रेत माफियाओं अधिकारियों और नेताओं के गठजोड़ से जिस तरीके से बस्तर में चार पत्रकारों को गांजा के मामले में फसाने की कोशिश की गई उससे थानेदार तो नब गए अजय सोनकर लेकिन अब कांग्रेस इस मुद्दे में विष्णुदेव साय सरकार को अच्छी तरीके से घेरने में लगी हुई है पूरे प्रदेश में जिस तरीके से रेत माफियाओं का बोलबाला है और जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं तो क्या सचमुच डबल इंजन की सरकार रेत माफियाओं के चुंगल में है यह सवाल हम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता लेकर सीधे-सीधे सरकार पर मिली भगत का आरोप लगाया है उन्होंने क्या कुछ कहा पहले सुन लीजिए की नाकामियों को बसर की जनता छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता तक सामने लाए और वहां के ई पुलिस अधिकारी मिले हुए माइनिंग विभाग मिला हुआ जिला प्रशासन मिला हुआरे सरकार के नुमाइंदे पूरे मिले हुए लोग है जो सरे उत्खनन अवध परिवन की पैसा सबके पास पहुंच रही है कोंटा से लेकर रायपुर तक उसी कारण है कि उस निर्दोष पत्रकारों को आवाज उठाने के बजाय में कारवाई करने की जगह एक अपनी गाड़ी में गाजा रख दिया जाता है गाजा केस उसको अंदर भेज दिया जाता है आखिर क्यों कौन है इसका षड्यंत्रकारी कौन है इसका मास्टर माइंड यह बस्तर की जनता देखना चाह रहा है छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लेते दूसरा चीज आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी यहां आपकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है आंध्र प्रदेश में आपकी एनडीए गवर्नमेंट की सहयोगी पार्टी है मतलब वहां पर मौसेरे भाई की सरकार है आपने क्यों बात नहीं की क्यों संवाद नहीं किया उनसे यह दूसरा सवाल तीसरा सवाल पत्रकारों के दबाव में कोंटा टीआई पर आई आर आप दर्ज करते और उनको कारवाई करते इसका मतलब साफ साफ है कि इस केस में सिर्फ कोंटा टीआई स्पष्ट रूप से जिम्मेदार है दोषी है साथ ही इसके पीछे एक कहीं कहीं बड़ा लाभी काम करता है बड़ा लाभी काम कर रही है नेताजी कौन है जो ई लिखते फेसबुक कमेंट में नेताजी को बता देना काम हो गया व नेताजी कौन है बस्तर की जनता जानना चाह रही है आखिर किसके संरक्षण में कोटाई ने इतना ब कदम उठाया कुको गाड़ी में गांजा रख दिया जाता है और उसको फसा दिया जाता है आखिर होटल का सीसीटीवी फुटेज क्यों उसको डिलीट कर दिया जाता है सवाल ये है इसलिए आदरणीय साथियों इस सवालों का जवाब शासन को देना चाहिए यानी आप सोचिए कि छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के आगे सरकार किस कदर घुटने लेके हुए हैं धमतरी हो महासमुंद हो बिलासपुर हो कहीं से भी आपको इस तरह की खबरें आसानी से सुनाई दे जाएगी कि अवैध परिवहन हो रहे हैं अवैध उत्खनन हो रहे हैं खनिज विभाग के अधिकारी पैसा वसूलने में लगे हैं और सरकार खामोशी से बैठे हुए हैं यह मामला विधानसभा में भी उठा लेकिन सरकार ने केवल आश्वासन दिया कि रेत माफियाओं को बक्स नहीं जाएगा लेकिन हकीकत जिस तरीके से सामने आ रही है वह छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के बोल बाले को इंगित तो करता ही है साथ ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में जिस तरीके से खनिज माफिया अधिकारियों को डराते धमकाते हैं या हत्या तक कर देते हैं क्या वैसी स्थिति छत्तीसगढ़ में आ जाएगी देखना होगा !


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https://youtu.be/YBOv_ywk1uU?si=pKLNOPJWYcd4F0V3

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

सीएम हाऊस के गेट पर महिलाओं का अपमान हुआ

 

जब सीएम हाऊस के गेट पर महिलाओं का अपमान हुआ 


आधी आबादी को साधने के खेल में लगी राजनीतिक पार्टियां किस तरीके से लोकलुभावन नारे देकर महिलाओं का वोट हासिल करना चाहती है लेकिन इसके इतर किस तरीके से समय पड़ने पर उनका अपमान भी कर देती है यह मामला तब सामने आया जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पोला उत्सव के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गई सीएम हाउस में शायद उम्मीद नहीं रही होगी कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं सीएम हाउस पहुंच जाएंगी और उन्हें गेट में ही रोक दिया गया महिलाओं का जिस तरीके से मुख्यमंत्री निवास के बाहर अपमान किया गया जिस तरीके से सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद करके उन्हें हकालने की कोशिश की कहा तो यहां तक जाता है कि कई महिलाओं के साथ गाली गलोज भी की गई तो कई महिलाओं को धक्का देकर हटाने की भी कोशिश की गई ड़ इस अपमान को लेकर महिलाएं किस तरीके से उद्वेलित हुई यह एक अलग मसला है लेकिन इस मामले में कांग्रेस की चुप्पी भी कम हैरान करने वाली नहीं हालांकि उन्होंने कुछ वीडियो जारी किए हैं और महिलाओं के अपमान की बात कही है लेकिन इस पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया कांग्रेस के बड़े नेताओं की नहीं रही है तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने निवास स्थान पर पोला उत्सव मनाया धूम रही क्योंकि हाल में ही वे सत्ता से बाहर हुए हैं उनका प्रभा मंडल अभी शायद कायम है बड़ी संख्या में वहां भी लोग जूठे और भूपेश बघेर के इस आयोजन में तो कांग्रेस की राष्ट्रीय नेत्री भी पहुंची थी चाहे वह सुप्रिया सुने हो या मीनाक्षी लेखी और भी प्रदेश कांग्रेस के बड़े पदाधिकारी जो महिला नेतिया सब पहुंची थी इस पोला उत्सव में लेकिन छत्तीसगढ़ में महिलाओं के अपराध को लेकर विष्णुदेव साय की असंवेदनशील भी कम नहीं है सवाल सिर्फ सीएम हाउस में भीड़ बढ़ जाने से महिलाओं को हका देने का नहीं है सवाल तो उस न्याय का है कि इस दौर में किस तरीके से छत्तीसगढ़ में अचानक बलात्कार की घटनाएं बढ़ गई सामूहिक बलात्कार भी हो रहे हैं बड़ी संख्या में और जिस तरीके डीपीएस भिलाई में एक मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी की घटना को दबाने की कोशिश की गई है या लीपापोती का खेल किया गया वह बेहद ही शर्मनाक और इस मामले को लेकर राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी विष्णु देव साय सरकार को आड़े हाथ लिया इस देश की बेटी हूं और कई बार अपने आपसे यह सवाल पूछती हूं यह देश किसका है क्या यह देश आधी आबादी का है क्या इस देश में औरतों का कोई हक है क्या इस देश में खेत में काम करने वाली अनपढ़ मजदूर स्कूल की नाबालिक बच्ची दफ्तर में काम करने वाली महिला बस में चढ़ने वाली ग्रहणी और यहां तक कि अस्पताल तक में कार्यरत एक डॉक्टर सुरक्षित है और दुख के साथ कहती हूं त्यौहार का हर्ष त्यौहार का उल्लास एक तरफ ऐसा प्रतीत होता है कि आधी आबादी के लिए औरतों के लिए इस देश में कोई जगह ही नहीं बची है आज पूरा देश आक्रोशित है आज पूरा देश आंदोलित है और होना भी चाहिए जिस तरह की जघन्य घटना बंगाल में हुई जो विभ तस्वीरें सामने आई जो हैवानियत और दरिंदगी हमने देखी वाकई में रूह काप जाती है लेकिन मैं उसे निर्भया टू नहीं बुलाती हूं कितनी निर्भया चाहिए इस देश को कितनी निर्भया की कुर्बानी होगी जब यह देश जागेगा जब सत्ता का संरक्षण खत्म होगा मैं सिहर उठती हूं जब मैं बदलापुर के बारे में पढ़ती हूं मैं वहां गई दो छोटी चार साल की बच्चियों का यो शोषण और उस पर लीपा पोती की कोशिश और इससे अछूता आपका छत्तीसगढ़ भी नहीं है चाहे वह रायपुर के बस स्टेशन पर सामूहिक बलात्कार का मामला हो चाहे वह भिलाई के डीपीएस स्कूल में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला हो चाहे वो रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों के दुष्कर्म का मामला हो चाहे वह फिर से जशपुर में एक पोक्सो का नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार किया गया हो कोंडा गांव में एक महिला की के साथ जो दुष्कर्म किए गए सामूहिक दुष्कर्म छतीसगढ़ भी नहीं किसी भी महिला के खिलाफ उत्पीड़न उसका शोषण उसके बलात्कार का मामला पूरे आधी आबादी के खिलाफ का मामला है और यह सभ्य समाज पर धब्बा है आप लोगों पर धब्बा है पुरुषों तक पर धब्बा है धब्बा इसलिए क्योंकि आपके घर में बेटिया है बहन है पत्नी है मां है सुप्रिया सिनेट ने जमकर विष्णु देसाय पर आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया कि वह अपराधियों को बलात्कारियों को संरक्षण दे रहे हैं हालांकि इस पर भारतीय जनता पार्टी की भी प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कुछ आंकड़े पेश करते हुए यहां तक कह दिया है कि भूपेश राज में महिलाओं के साथ अत्याचार के मामले ज्यादा हो रहे थे लेकिन इस आरोप प्रत्यारोप के बीच क्या डीपीएस भिलाई की उस मासूम बच्ची को न्याय मिलेगा या जिस तरह की घटनाएं बढ़ रही है बलात्कार की या दूसरे अपराधों के उसे गृह मंत्री विजय शर्मा रोक पाएंगे अब तो यह बात चर्चा में आने लगी है कि रिमोट पर चल रही डबल इंजन सरकार के गृह मंत्री कानून व्यवस्था के मामले को लेकर पूरी तरीके से फेल हो गए तब सुप्रिया श्रीनेत के आरोप और उस पर पलटवार से क्या महिलाओं का जो अपमान का खेल हो रहा है या महिला अपराधों में जो वृद्धि हो रही है वह रुक पाएगा !

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https://youtu.be/ZEYTewgaQRo?si=NtMxHW4UBvHzX05Z

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

बलात्कारियों-छिछोरों का जमावड़ा क्यों बढ़ रहा, ऐसे-कैसे छवि गढ़ने की कोशिश…

बलात्कारियों-छिछोरों का जमावड़ा क्यों बढ़ रहा, ऐसे-कैसे छवि गढ़ने की कोशिश…

 जिस तरीके से मोदी सरकार चल रही है और जिस तरीके से समूची भाजपा में अपराधियों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है वह इस देश के लिए क्या चिंता का सबब नहीं होना चाहिए सत्ता बचाने के लिए या सत्ता में बने रहने के लिए भारतीय जनता पार्टी और आईटी सेल किस-किस तरीके से विज्ञापन प्रसारित नहीं करते हैं असंभव को संभव कर देने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में विश्व गुरु की राह पर चलने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे बड़ी मूर्ति बनाने वाले देश के प्रधानमंत्री और दुनिया में सबसे ऊंचे स्थान पर सड़क बनाने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेकिन यह पूरा खेल क्या संघ के संस्कार से निकल कर आया है यह सवाल संघ पर इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि पिछले दिनों यानी हाल के दिनों में या फिर यूं कहे मोदी सरकार के आने के बाद जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी में बलात्कारियों छिछोरों और अपराधियों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है जमावड़ा तो विपक्ष के नेताओं का भी बढ़ता जा रहा है जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे लेकिन आज हम बात कर रहे हैं उन छिछोरों और बलात्कारियों का याद कीजिए बीएचयू में तीन भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के नेता बंदूक की नोक पर बला बकार करते हैं उनकी गिरफ्तारी होती है और कायदा बताती है कि यह अपराधिक छवि के लोग हैं और उसके बाद उनकी जब जमानत होती है तो किस तरीके से उनके घर वाले उन बलात्कारियों का स्वागत सत्कार करते हैं और केक तक काटा जाता है यानी आप सोच सकते हैं इस दौर में जब बलात्कार के मामले को लेकर पूरा देश चिंतित है उस दौर में बलात्कारियों का स्वागत और ऐसा पहली बार नहीं हुआ कठुआ का मामला याद कीजिए आपकी मासूम बच्ची से बलात्कार करने वाले जब इसी तरीके से जमानत से बाहर आए थे तो किस तरीके से स्वागत सत्कार हुआ था गुजरात में बिल्किस बानू के बलात्कारियों की समयपुर रिहाई जब हुई तो किस तरीके से स्वागत सत्कार किया गया था तो क्या भारतीय जनता पार्टी ब कायों को पसंद करती है यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाए उसी ट्रेन में किस तरीके से बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार किया और साफ तौर पर जो वीडियो वायरल हो रहा है वह भारतीय जनता पार्टी के लिए शर्मसार कर देने वाला है लेकिन मजाक है वह आज भी बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कुछ बोल दे जो देश का गौरव देश का नाम रोशन करने वाली महिला पहलवानों की छाती पर बड़ी बेशर्मी से हाथ धरने करर सत्ता का संरक्षण ले रहा था ऐसे कई सारे सवाल है टिकट का तो हमने काकर का बताया कि किस तरीके से कांकेर में महिला अपराध में शामिल व्यक्ति को टिकट दे दिया गया किस तरीके से रायगढ़ में यन शोषण के आरोपी को जिलाध्यक्ष बनाकर रखा गया था तो क्या भारतीय जनता पार्टी में अब इसी तरह के लोग रहेंगे जो देश के लिए ही नहीं समाज के लिए भी खतरा बनता जा रहा है ऐसे कई सारे उदाहरण आपके सामने होंगे राज्य दर राज्य जब आप जाएंगे तो आपको ढेरों उदाहरण मिलेंगे जब बलात्कारी यौन शोषण के अपराधी छीछोरे और दूसरे तरह के अपराधियों को भारतीय जनता पार्टी में संरक्षण मिल र और ऐसा नहीं है कि दूसरी पार्टियां नहीं दे रही लेकिन इस दौर में जिस तरीके से भाजपा में यह बड़ी है वह चौकाने वाला है संसद में भी उनके सांसदों की फेहरिस्त सबसे ज्यादा है आप कहेंगे सबसे ज्यादा जीते हैं इसलिए सबसे ज्यादा लेकिन जिस तरीके से प्रचारित प्रसारित किया जा रहा है और शायद यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी अपने विज्ञापन में जिस विकास का दंब भरती है वह विकास किस तरीके से दम तोड़ने लगा सड़कों से लेकर मूर्तियों तक अयोध्या से लेकर संसद भवन तक सब कुछ तो साफ दिखाई देने लग और सत्ता में बने रहने के लिए चंदा वसूली का भी तो इलेक्ट्रोल बांड ने सब कुछ खुलासा कर दिया है और पीएम केयर फंड से बड़ा कोई भ्रष्टाचार हो सकता है नोटबंदी को लेकर भी तो भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगते रहे इसके अलावा जो दूसरी पार्टियों के भ्रष्ट लोग है अपराधिक लोग हैं उन्हें भी अपनी पार्टी में लाने के लिए किसकिस तरीके से जा पा एजेंसियों का सहारा लिया जाता है वह भी किसी से छिपा नहीं है तब क्या भारतीय जनता पार्टी को जो संघ से मिले संस्कार वह सत्ता मिलते ही दिखने लगा है!

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https://youtu.be/YYBTYf4Rtno?si=g2iGRC9DnoLjClTk

बुधवार, 22 अप्रैल 2026

क़र्ज़ से लदे है साय सरकार के कई मंत्री, लाखों का क़र्ज़

 

क़र्ज़ से लदे है साय सरकार के कई मंत्री, लाखों का क़र्ज़

एक तरफ विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में फेरबदल लेकर कई तरह की चर्चाए सामने आ रही है कहा जा रहा है कि मोदी शाह अनुमति ही नहीं दे रहे हैं और विष्णु देव साय लगातार दिल्ली का चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ निगम मंडल आयोग में नियुक्ति को लेकर भी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त रोष है कहा जा रहा है कि इसे लेकर दिल्ली तक शिकायत की जा चुकी है और इसे देखते हुए बड़ी बैठक  के बाद ही कोई निर्णय होगा  लेकिन इस सबसे दूर आज हम बात कर रहे हैं विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य के द्वारा लिए गए कर्जे का 11 मंत्री है वर्तमान में बृजमोहन अग्रवाल जो शिक्षा मंत्री थे उन्हें केंद्र की राजनीति में भेज दिया गया और उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा जबकि वे दावा कर रहे थे कि छ महीने तक वे रह सकते हैं लेकिन आनंद फानंद में उनसे इस्तीफा ले लिया गया या उन्होंने इस्तीफा दे दिया तब सवाल यह है कि विष्णु दे साय सरकार के मंत्रिमंडल का क्या हाल है परसेप्शन सबके सामने है कि किस तरीके से खेल खेला जा रहा है मोदी की गारंटी पूरा करने के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार किस तरीके से उद्योगपति की सरकार बन गई है अडानी की सरकार बन गई है उसे लेकर भी कई तरह के आरोप है लेकिन आज हम चर्चा कर रहे हैं विष्णु देव साय सरकार के कितने मन यो पर कर्ज और कौन कौन से मंत्री हैं जो कर्ज से मुक्त है यह पूरी जानकारी हम चुनाव आयोग के दिए गए जानकारी के आधार पर दे रहे हैं विष्णुदेव साय सरकार के जो सबसे बड़े कर्ज लेने वाले कोई मंत्री वे है श्याम बिहारी जायसवाल सरगुजा क्षेत्र से आते हैं और इन पर 5 करोड़ से अधिक कर्ज है बैंक में इनकी पत्नी भी सम्मिलित कर्ज में शामिल है 5 करोड़ 16 लाख 8477 रप के कर्जदार है ये तो दूसरे नंबर पर जिनका नाम है वे है खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिन पर 65 819 ₹ का कर्ज है तो तीसरे नंबर पर ओपी चौधरी है विष्णु देसाय से थोड़ा ही कम कर्जदार हैं वे 525000 के कर्जदार हैं हालांकि वे बड़े-बड़े दावा करते हैं कि किस तरीके से उ उन्होंने 2 करोड़ रुपए को 24 करोड़ बना लिया और पता नहीं किस किस तरह की बात करते हैं सुपर सीएम भी कहलाते हैं उन पर 65 करोड़ 25000 का कर्जा है तो राम विचार नेताम दमदार मंत्री हैं आदिवासी समाज से आते हैं यह भी सरगुजा क्षेत्र के विधायक हैं और रमन सरकार में भी मंत्री रहे इंदिरा प्रदर्शनी बैंक घोटाले को लेकर भी वे चर्चा में रहे कि सबसे नार्को टेस्ट जो कथित नार्को टेस्ट है उसमें सबसे ज्यादा पैसे वसूलने का आरोप राम विचार नेताम पर रहा है और वर्तमान में वे कृषि मंत्री हैं और कृषि विभाग कौन चला रहा है इसे लेकर भी संशय कई लोग तो किसी राकेश अग्रवाल का नाम लेते हैं तब उन पर 49 8276 रप का कर्जा है तो उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहली बार विधायक बने हैं और सीधे उप मुख्यमंत्री बना दिए गए गृह मंत्री जैसा महत्त्वपूर्ण विभाग उनके पास है उन पर 12 लाख से ऊपर कर्जा है एक मात्र महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी कर्जदार है उन पर 8 लाख रपए का र्चा है इसमें उनके पति भी साथ में हैं और यह कर्जा कुछ पटाल दिए हैं कि बढ़ गए हैं यह इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है लेकिन दयाल दास बघेल सुरक्षित सीट नवागढ़ से जीते हैं वे पूर्व मंत्री रुद्र गुरु को हराए हैं उन पर भी 40 90 हज से अधिक रुप का कर्चा है केदार कश्यप बस्तर के बड़े नेता है रमन सरकार में मंत्री जब जब चुनाव जीते हैं तब तब मंत्री रहे तीसरी बार वे मंत्री बने हैं उन पर भी 25 लाख का कर्जा है लेकिन इन कर्जदार मंत्रियों से भी इतर तीन ऐसे मंत्री हैं जिन पर कोई कर्जा नहीं है या उन्होंने चुनाव आयोग को जो जानकारी दी है उसमें बताया कि उन पर कोई नहीं है इनमें कोरबा के महापौर रहे चर्चित है बेहर एक विमला कांड को लेकर उनकी चर्चा बहुत जबरदस्त होते रही और हाल में वे चर्चा में तब आए जब विधानसभा में उन्हें उद्योगों में सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनु शर्मा नेही सवाल उठाया था इसके अलावा जो बारूद फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था पटवा के रिश्तेदारों की बारूद फैक्ट्री में उसमें उसे लेकर वे चर्चा में आए थे उन पर भी कोई कर्जा नहीं है तो पीए गिरी करते हुए मंत्री तक पहुंचे टंक राम वर्मा बलौदा बाजार के विधायक हैं उन्होंने शैलेश नितिन त्रिवेदी को हराया पहली बार विधायक बने और राजस्व मंत्रालय खेल मंत्रालय उनके पास है और किस तरीके से खेल विभाग में अंधा बा रेवड़ी अपन अपन को देवाले किससे चर्चित है ऐसे मंत्री टंक राम वर्मा पर भी कोई कर्जा नहीं है तो जो मुख्यमंत्री के दौड़ में सबसे आगे थे और अभी भी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पाले हुए हैं संघ के सबसे करीबी और विधायक पहली बार बने उससे पहले वे सांसद रहे और पहली बार विधायक बनते ही मुख्यमंत्री तक जा पहुंचे हैं ऐसे नेता अरुण साव पर भी कोई र्चा नहीं है ये पूरी जानकारी चुनाव आयोग को चुनाव लड़ने से पहले जो दी जाती है उनके आधार पर हो सकता है कि इनमें से कुछ लोगों ने कर्जा पटा दिया होगा या कई लोगों के कर्जे बढ़ गए होंगे यह देखने की बात है हमारी टीम लगी हुई कि स्थिति क्या है !

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https://youtu.be/B7ECf91Mw9Q?si=Qqw35hohda-vVo7a