मंगलवार, 31 मार्च 2026

याद है वर्दी वाली खलनायिका


 याद है वर्दी वाली खलनायिका 

यह है वेद मती दरियो वर्दीधारी इनकी वर्दी की धमक अपराधियों पर कितनी है यह कहना कठिन है लेकिन इनके खिलाफ पीड़ित ही प्रताड़ित थाने में रिपोर्ट करने के लिए आने वालो को ही धमकाने में बहुत मजा आता है राजधानी के इकलौते महिला थाना के प्रभारी थी तब  इनके सामने अच्छे अच्छों की गिग्गी बन जाती और दहेज प्रताड़ित द्वारा वसूली का नया रिकॉर्ड कायम करने की भी चर्चा रही और यही नहीं इनके खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मामले थे और घेरा घारी करके  जब एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया तो इनकी ठसक देखने लायक थी ऐसा नहीं है कि एसीबी ने सिर्फ इस महिला वर्दीधारी जो प्रताड़ित लोगों के लिए खलनायिका बन चुकी थी को ही गिरफ्तार किया बल्कि धमतरी जिले में भी एसीबी ने कारवाही करके तहसीलदार को पकड़ा हमने विस्तार से बताया कि किस तरीके से इसके पहले एसीबी ने भागीरथ खांडे को गिरफ्तार किया था जो एसडीएम थे अब तक के सबसे बड़े अधिकारी को चपेट में लिया था एसीबी ने लेकिन वेद मती दरियों की अपनी कहानी है राजधानी के इकलौते महिला थाना के इस प्रभारी रही  के खेल को आप सुनेंगे तो चौक जाएंगे कि किस तरीके से जो पीड़ित पक्ष उन्हीं से यह पैसा वसूल की थी और कहा तो यहां तक जाता है कि यह प्रताड़ित पक्ष से यानी जो प्रताड़ित करने वाले हैं या जो अपराधी पक्ष है उनसे सेटिंग कर लेती थी और यह खेल बड़े लंबे समय से चल रहा था लगातार एसीबी को शिकायत मिल रही थी लेकिन और ऐसा नहीं है कि इसकी खबर जिले के अफसर या नेताओं को नहीं थी कई नेता भी इसको अपनी तरह से दरियो से अपने हित के काम के लिए उपयोग भी करते थे कहा तो यहां तक जाता है कि मंत्री तक इनकी पकड़ थी इसमें कितनी सच्चाई हम नहीं कह सकते लेकिन जिस तरीके से उसके खिलाफ लगातार आरोप लग रहे थे मीडिया में भी खबरें छप रही थी कि महिला थाने में किस तरह की भर्रा साही चल रही है उसके बाद भी पुलिस कप्तान इसे नहीं हटा रहे थे तो क्या उनका भी संरक्षण था या राजनीतिक दबाव की वजह से पुलिस कप्तान कुछ नहीं कर पा रहे थे यह एक अलग कहानी है लेकिन मैडम दरियो के नाम से ना केवल महिला थाना आने वाले थर थर कापते थे चाहे वे रिपोर्ट लिखाने ही क्यों ना आए हो और महिला परामर्श केंद्र जहां घरेलू झगड़े को निपटाया जाता है वहां भी इनकी धमक जबरदस्त ी कहा जाता है कि परामर्श केंद्र में जो महिला परामर्श वाली हैं जो महिलाओं को परामर्श देती हैं घरेलू विवाद निपटा हैं ऐसे लोगों में भी इनकी धमक थी और उनकी रिपोर्ट के विपरीत जाकर काम करती थी और वे महिला परामर्श में बैठने वाली महिलाएं समाजसेवी का चुप हो जाती थी क्योंकि इनकी अपनी धमक थी कहा जाता है कि मोआ की एक पीड़ित दहेज प्रतारक महिला ने एसीबी से शिकायत की और इस बात के लिए तैयार हो गई कि हां रिश्वत की राशि को लेकर वह एबी के कार्यशैली को अपना लेगी और इसी तरह से जब प्रीति बंजारे पैसा लेकर पहुंची तो एसीबी की टीम ने वेद मती दरियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया 

कहना बेहद कठिन है क्योंकि इस दौर में राजनीतिक पहुंचने यही सब तो किया तब जो धमतरी में गिरफ्तार हुए हैं एसीबी की टीम ने जिसे गिरफ्तार किया है वे तहसीलदार है कीर सागर बघेल यही नाम है उनका एक किसान से नामांतरण को लेकर उन्होंने रिश्वत मांगी थी किसान बहुत गिड़गिड़ा है इनके सामने लेकिन वे साफ कह दिए थे कि पैसे के बगैर कोई काम नहीं होगा और यही वजह है कि उस किसान ने त्रस्त होकर एसीबी में शिकायत की थी और एसीबी ने पूरी टीम के साथ इस तहसीलदार बघेल को रंगे हाथों की रफ्तार की हमने आपको बताया था कि किस तरीके से दो हफ्ते पहले ही सूरजपुर क्षेत्र में एसडीएम भागीरथी खांडे को एसीबी की टीम ने पकड़ा था और खुद तो वे पकड़ाई अपने साथ वे बाबू चपरासी सबको ले डूबे थे देखना है कि इस मामले में क्या कुछ होता है क्योंकि जिस तेजी के साथ सरकार बद है उसी तेजी के साथ भ्रष्टाचार के मामले लगातार आ रहे हैं और इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि मुख्यमंत्री के जनदर्शन में पहुंचने वाले ज्यादातर लोग इसी तरीके से प्रताड़ित लोग हैं शासन प्रशासन से प्रताड़ित लोगों की संख्या बड़ी बढ़ते जा रही है और मुख्यमंत्री इलाज के लिए पैसा देकर ट्राई साइकिल देकर वाहवाही लूटने में लगे हैं कि जन दर्शन में पहुंचने वालों की तकलीफें दूर की जा रही है लेकिन हकीकत तो यह है कि जिस तरीके से राजनैतिक हस्तक्षेप के साथ भ्रष्टाचार ही नहीं अफसरों की मनमानी भी बड़ी है उससे आम लोगों की तकलीफ बढ़ चुकी है देखना है कि इन तमाम मामलों में जो मुख्यमंत्री जनदर्शन में भी शिकायत लेकर आ रहे हैं उन पर किस तरह के कारवाई होती है !

Vidio देखें 


https://youtu.be/T-xppzHlF7k?si=U3QhOp0znCBkFM7P

सोमवार, 30 मार्च 2026

जब चौधरी ने बताया था दो करोड़ को चौबीस करोड़ बनाना

जब चौधरी ने बताया था दो करोड़ को चौबीस करोड़ बनाना 


देश के गृहमंत्री अमित शाह के लाड़ले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी का पैसा कमाने का अपना फंडा है,  2 करोड़ रुपया को  करोड़ रुप बना लेते है, और हो सकता है कि अमित शाह के लाड़ले ओपी चौधरी इसलिए बने हैं क्योंकि उनके पास पैसा कमाने का सभी तरह का फंडा है कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा

 पिछले दिनों साला उत्सव के कार्यक्रम में जब ओपी चौधरी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बताया बच्चों को या सिखाया कि किस तरीके से उन्होंने दो करोड़ रुपए को 24 करोड़ बना दिया । शाला उत्सव के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी ओपी चौधरी की बात सुनकर ताली बजाते नजर आए दरअसल छत्तीसगढ़ में हर साल  शाला  प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम चलता है जगह-जगह प्राय सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधि विधायक मंत्री इसी तरह के कार्यक्रम में व्यस्त रहते  है बच्चों का स्वागत कर रहे हैं सम्मान कर रहे हैं ऐसे ही एक कार्यक्रम बगीचा में हुआ जो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है और यहां ओपी चौधरी ने किस तरीके से पैसा कमाने का फंडा बताया वह बच्चों को क्या सीखना चाहिए यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए है क्योंकि ओपी चौधरी ने बताया कि बगैर शिक्षकों के या शिक्षकों के अभाव में उन्होंने पढ़ाई को  प्राथमिकता देते हुए आईएएस बने यह ओपी चौधरी बता रहे थे प्रदेश सरकार के सबसे होशियार मंत्री माने जाने वाले ओपी चौधरी ने जब बताया कि किस तरीके से शिक्षकों के अभाव में वे पढ़ाई कर रहे थे वे बच्चों से कह रहे थे कि पढ़ाई शिक्षा ही जीवन में काम आता है क्योंकि राइस मिल लगाने से लेकर दूसरे तमाम धंधे के लिए पैसा चाहिए अगर लाइफ में आप कुछ करना चाहता जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता हो तो शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाओ आप क्रेसर खोले जाया तो दिक्कत आ सकते है राइस मिल खोले जाया तो पैसा नहीं है तो घर में नहीं खोल सका आज पेट्रोल पंप चालू कर किया तो एक सामान्य घर के लड़का नहीं कर सके लेकिन पढ़ाई आप मन जरूर कर सकते हो और पढ़ाई के माध्यम से जीवन लापन के बदल सका था लेकिन शिक्षा के लिए पैसा नहीं पैसे की जरूरत नहीं होती केवल मन लगाने की जरूरत होती है और उन्होंने बताया कि जब वे 2018 का चुनाव हार गए तो उन्होंने किस तरीके से अपने दोस्तों से उधारी लेकर शेयर मार्केट का गहन अध्ययन करके दो करोड़ रुपए को 24 करोड़ रुपए बनाया एक तरह से कहा जाए तो शेयर मार्केट को लोग आम बोलचाल की भाषा में सट्टा बाजार भी कहते हैं वहां पैसा लगाकर ओपी चौधरी ने कई गुना किया अपने पैसे को उधारी उन्होंने चुकाया नहीं चुकाया इस पर उन्होंने कोई बात नहीं की लेकिन यह गजब का फंडा है पैसा कमाने का जो बच्चों को बताया जा रहा था कि शेयर मार्केट में पैसा लगाकर कई गुना ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है।

जब कलेक्ट्री की नौकरी छोड़ दे रहे तो आदमी मन सोचे कैसे जीवन यापन करी का करी कैसे करी इकोनॉमिक समय मो थोड़ ठीक ठाक पकड़ रही तो मैं स्टॉक मार्केट के पढ़ाई करो 20089 से देखो थोड़ बहुत का का का होते करके तो जब मैं नौकरी छोड़ दे तो स्टॉक मार्केट के बहुत गहनता के साथ अध्ययन करें और दो करोड़ रुपया में उधारी ले अलग अलग दोस्त मंे मिला जुला के और चार साल में सरस्वती मां के ही कृपा से दो करोड़ रुप 24 करोड़ रुपया बना दो करोड़ रुप 24 करोड़ रुप बना हालाकि ओपी चौधरी की चौधरा हट को लेकर कई तरह की चर्चा है और कई लोग तो उन्हें सुपर सीएम भी कहते हैं खासकर आईएएस आईपीएस लाबी में ओपी चौधरी की धमक है और कहा तो यहां तक जाता है कि ओपी चौधरी ही तमाम प्रशासन को चलाते हैं वि देव साय को मुख्यमंत्री बनाया है मोदी शाह ने लेकिन ओपी चौधरी को तो चुनाव प्रचार के दौरान ही अमित शाह ने बड़ा आदमी बनाने की बात कह दी थी तब शायद अमित शाह को यह बात मालूम नहीं रहा होगा कि ओपी चौधरी तो बड़ा आदमी बन चुके हैं उन्होंने शेयर मार्केट से दो करोड़ को 24 करोड़ बना दिया अब देखना है कि इस बयान को लेकर ओपी चौधरी का जो वीडियो है वह खूब वायरल हो रहा है देखना है कि आने वाले दिनों में स्कूली बच्चे इस पैसा कमाने के फंडे को किस तरीके से लेते हैं!

वीडियो देखे 


https://youtu.be/mnR6Vhd0qro?si=I5_A6zPiWKL7AYcC

रविवार, 29 मार्च 2026

अब इस कोल घोटाले पर बिफरे ननकीराम, सीबीआई जाँच की माँग

अब इस कोल घोटाले पर बिफरे ननकीराम, सीबीआई जाँच की माँग 


 माल ढुलाई के लिए यात्रियों को परेशान करने वाले रेल मंत्रालय क्या अब कोयला घोटाले में शामिल हो गया है यह सवाल इसलिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि जिस तरीके से छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है उसे ले कर लोगों में बेहद आक्रोश है लेकिन 10 सीट भारतीय जनता पार्टी को देने के बाद भी यहां के सांसदों ने इस मामले में अपने मुंह में दही जमा रखा है कहा जाए तो गलत नहीं होगा 

पिछले छ महीने बल्कि उससे अधिक दिनों से यहां के जो यात्री है जो रेलवे में सफर करते हैं वह परेशान है लेकिन अब कल जो मामला सामने आया है कि कोयला ढुलाई के नाम पर किस तरीके से कोल माफिया सक्रिय हैं और इस पूरे खेल में ना केवल रेल प्रशासन एचएससीएल बल्कि राज सरकार के भी कई अधिकारियों और नेताओं के शामिल होने की खबर है 

इस मामले को लेकर पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कवर ने रमन सरकार में गृह मंत्री थे और उन्होंने अपनी ईमानदारी के चलते रमन सरकार के एसपी और कलेक्टर को वसूली बाज और कमीशन खोर ही नहीं कहा था बल्कि 10 हजार में थाना बिकने की भी बात भरी विधानसभा में कही थी और अब उसी ननकी राम कवर ने कोयला घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात करके पूरे मामले की जानकारी देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है और उनके इस मांग से प्रदेश सरकार के कई अफ़सर और नेताओं में भी हड़कंप मचा हुआ है कहा जाए तो गलत नहीं होगा

 दरअसल मामला सरबिया स्टेशन का है जहां खदान से निकलने वाली कोयले को मालगाड़ी के जरिए ढुलाई करते हुए पहुंचाया जाता है और ज्यादा माल यानी कोयला ज्यादा लोड कर देने की वजह से डंप किया जाता है एडजस्टमेंट किया जाता है समायोजन किया जाता है यह रेलवे का दावा है लेकिन इस डंप कोयले की तलाई वजन या फिर यह कहां जा रहा है किसी को नहीं पता चलता और कहा जा रहा है कि इस डंप कोयले को फिर डंपर के माध्यम से इधर उधर पहुंचाया जाता है और इसी में पूरा खेल होता है इस मामले की जांच लंबे समय से ननकी राम कवर करते रहे और उन्होंने इस मामले को लेकर वहां धरना भी दिया था और कहा जाता है उसके धरने के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश तो दिए लेकिन अब सरबिया स्टेशन में माल डंप होना बंद हो गया लेकिन ननकी राम कवर ने सवाल उठाया है कि यदि सब कुछ सही था तो फिर डंप क्यों बंद किया गया क्यों पहले जैसी व्यवस्था नहीं चल रही यानी इसमें बहुत लंबा चौड़ा घोटाला और इस मामले को लेकर कल ननकी राम कवर ने जी किशन रेड्डी से मुलाकात भी की लाखों मेट्रिक टन कोयले की हेराफेरी और यही नहीं इस सबसे महत्त्वपूर्ण बात तो यह है कि ज्यादा लोड लादने की वजह से रेलवे ट्रैक भी खराब हो रहे हैं रेलवे को भी नुकसान हो रहा है और किसकिस तरह के नुकसान हो रहे ये सब सीबीआई जांच में पता चलेगा लेकिन इस मामले को लेकर नंद की राम कवर ने साफ तौर पर जी किशन रेड्डी यानी केंद्री मंत्री से कहा कि इसकी सीबीआई जांच की जाए उन्होंने जितने भी मामले उठाए हैं चाहे इसके पहले कोयला घोटाला हो शराब घोटाला हो या पीएससी परीक्षा घोटाला हो सब में कार्रवाई चल रही है और कई अफसर जेल की सलाखों में है कई नेता जेल की सलाखों में है कई दलाल से जेल की सलाखों में है इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए क्योंकि इस पूरे खेल में ना केवल रेल मंत्रालय बल्कि कोयला उत्पादन कंपनी और यही नहीं राज्य सरकार के कुछ अफसर भी शामिल हैं यह ननकी राम कवर का दावा है देखना है कि इस मामले को लेकर किस तरह की जांच शुरू होती है लेकिन ननकी राम कवर के सीधे केंद्रीय मंत्री से मिल लेने को लेकर भी पार्टी में हलचल है।

वीडियो देखें 


https://youtu.be/FL7uDUlMjQY?si=zT6txdNU8YWhkqKD

शनिवार, 28 मार्च 2026

जब धर्मजीत ने गधा गंवार कहा

 जब धर्मजीत ने गधा गंवार कहा 


सत्ता का नशा जब सर चढ़कर बोलता है तो वह किसी बात की परवाह नहीं करता ना तो उसकी जुबान पर ही कोई कंट्रोल रहता है और ना ही तेवर पे और शायद यही वजह है कि जल जीवन मिशन में घपले घोटाले को लेकर विधानसभा में जब चर्चा चल रही थी तब भारतीय जनता पार्टी के विधायक धर्म जीत सिंह ने ठेकेदारों को लेकर ऐसी बात कह दी जो हैरानी की बात है चौकाने वाली बात है 

उन्होंने कहा के गधे गवार लोग ठेकेदार बन के आ कहां कहा के गधे गवार लोग ठेकेदार बन के सब गए उनके भीतर का ठाकुर इसलिए जाग गया कि कितने सालों के बाद उनकी पार्टी को सत्ता मिली धर्मजीत सिंह कभी कांग्रेस में हुआ करते थे और उसके बाद जब जनता कांग्रेस बनी यानी जोगी कांग्रेस की नीव रखी गई तो धर्मजीत सिंह जोगी कांग्रेस चले गए लेकिन अमित जोगी से उनकी पटरी नहीं बैठी तो वे भारतीय जनता पार्टी में आ गए और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दी वे चुनाव भी जीत गए काफी सीनियर है लेकिन है तो ठाकुर तब छत्तीसगढ़ विधानसभा में उन्होंने क्या कहा यह पहले विस्तार से सुन लीजिए 

कहा के गधे गवार लोग ठेकेदार बन के आ गए हैं आदरणीय अध्यक्ष जी इनके कारण ही पूरा जल जीवन मिशन लेप्स पोजीशन में है  सिर्फ बिलासपुर की बात नहीं कह रहा हूं इस सदन में  90 विधानसभा क्षेत्र में यह योजना दम तोड़ रही है उसमें दम देने का काम आपसे निवेदन है कि आप करिए करोड़ों रुपया की लागत है अगर उसम थोड़ा और पैसा देकर के उसको लागू हो जाए तो गांव गांव में हम लोग जाते हैं दौरे में लोग क्या करेंगे हम लोग क्या कर सकते हैं  घपले घोटाले में पूरा सिस्टम शामिल है क्या अधिकारी क्या मंत्री क्या ठेकेदार क्या बाबू क्या चपरासी सब कुछ शामिल है लेकिन गुस्सा धर्मजीत सिंह का है तो अपनी सरकार के मंत्री की बजाय या अधिकारियों की बजाय उन ठेकेदारों कर कहां के गधे गवार लोग ठेकेदार बन के सब गए हैं इसम यह नहीं है कि धर्मजीत सिंह किस नेचर के व्यक्ति हैं वैसे तो बड़े सौम्य माने जाते हैं चेहरा मोहरा भी बड़ा शानदार है 

लेकिन भाषा क्या इस तरह की होनी चाहिए किसी के लिए भी क्या कोई भी ठेकेदार बन जाता है जल जीवन मिशन में निश्चित रूप से जबरदस्त घपला हुआ है अब तक नौ इंजीनियर निलंबित किए जा चुके हैं कई ठेकेदारों को भी सस्पेंड कर दिया है या उनके काम को रोक दिया है उनसे काम वापस ले लिया गया प्राय सभी जिले में सर्वाधिक तो जो शिकायत सामने आई है वह बिलासपुर संभाग में है तो धमतरी जिले में भी जमकर शिकायत हुई है कहा जा रहा है कि अधिकारियों को पैसा देकर ठेकेदारों ने काम पूर्ण होने का सर्टिफिकेट तक ले लिया है लेकिन धरातल में काम शुरू ही नहीं हुआ कई जगह तो काम हुए कई जगह तो पानी की सप्लाई लोगों को मिला लेकिन 15 दिन बाद बंद कर दिया गया कई जगह तो पाइपलाइन ही नहीं बची यानी आधे अधूरे काम को पूर्ण दिखाकर जिस तरीके से ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया है उसे लेकर विधायकों ने सवाल पूछे तो मंत्री का जवाब भी हैरान कर देने वाला था गोलमोल जवाब दे रहे थे मंत्री सवाल कुछ और पूछे जा रहे थे जवाब कुछ और दिए जा रहे थे यहां तक कि जो ज्यादा राशि ठेकेदारों को दी गई है उसे लेकर भी जब सवाल पूछा गया तो ना तो ठेकेदारों पर कारवाई की बात की गई और ना ही उन राशियों को वसूलने की बात की गई यहां तक कि उन दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी क्या कारवाई होगी कहना मुश्किल है 

लेकिन धर्मजीत सिंह को गुस्सा उन अधिकारियों पर नहीं है धर्मजीत सिंह को गुस्सा उस सिस्टम पर नहीं है गुस्सा है उन ठेकेदारों पर जो कमाने के लिए ही ठेकेदारी कर रहे हैं तब सवाल यह है कि क्या सत्ता का नशा इस तरीके से सिर चढ़कर बोलता है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/nxStEleO5Bw?si=HaogPSqQ7c5j_OCv

शुक्रवार, 27 मार्च 2026

अब एम्स रायपुर में भी चहेते ठेकेदारों को ही काम

अब एम्स रायपुर में भी चहेते ठेकेदारों को ही काम 


 क्या मोदी सत्ता ने केंद्र सरकार के सभी विभागों को भ्रष्टाचार करने की खुले आम छूट दे रखी है लगातार खबर आ रही है चाहे रेलवे क्यों ना हो वंदे भारत एक्सप्रेस की छत से पानी टपकने की खबर आ रही है तो दूसरे तरफ पूलों के लगातार ढहने की खबर दिल्ली के प्रगति मैदान की भी तो खबर हैं तो दूसरी तरफ जिस तरीके से  कैग ने रिपोर्ट दी थी चाहे आयुष्मान भारत कार्ड योजना हो या फिर ा स करोड़ रुपए में एक किलोमीटर सड़क निर्माण की बात हो सब तरफ भ्रष्टाचार की खबरें आ रही है लेकिन अब जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से खबर रही है वह भी हैरान कर देने वाली रायपुर स्थित एम्स  अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान  वहां से जो टेंडर घोटाले की खबर आ रही है वह हैरान कर देने वाली है कि किस तरीके से दिल्ली से आए स्टाफ ने अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए किस किस तरीके का खेल नहीं खेला सब कुछ कागजों में कैद है और आरटीआई के माध्यम से और भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है लेकिन जो प्रारंभिक जानकारी मिली है वह साफ संकेत दे रही है कि चहते ठेकेदार को टेंडर देने ठेका देने मनमाने ढंग से घपले बाजी की गई है घोटाले की गई है 

इस घोटाले को लेकर जो खबर आ रही है व हैरान कर देने वाली इसलिए भी है क्योंकि रायपुर एम्स जो कई कार्यक्रम आयोजित करता है जिसमें राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के आगमन के कार्यक्रम भी होते हैं मंत्रियों के कार्यक्रम होते इसके लिए इवेंट कंपनियों को काम दिया जाता है ऐसा ही एक काम का टेंडर निकला था जिसे 30 मई को खोला जाना था इस टेंडर में तीन कंपनियों ने भाग लिया था जिसम से एक कंपनी को यह टेंडर मिल गया था लेकिन वह कंपनी चहेता कंपनी नहीं था इसलिए यह टेंडर रदद कर दिया गया कि इन कंपलीट फाइनेंस की होने की वजह से 

जबकि इसे जिस तरह के रेट  आए थे या जो ए कंपनी थी व य 30 लाख में काम करने को तैयार थी तो जो दूसरी कंपनिया थी वह कोई 40 लाख तो कोई 60 लाख तक का टेंडर भरा था ऐसे में उस फाइनेंशियल कीट के जो खाने छूटे हुए थे उसे भरकर आसानी से टेंडर जारी किया जा सकता था लेकिन वर्क आर्डर नहीं दिया गया और तमाम टेंडर निरस्त करके फिर से टेंडर जारी कर दिया गया यह पूरा ऑनलाइन प्रक्रिया है लेकिन किस तरीके से इसमें भी खेल होता है यह समझिए जब दूसरी बार टेंडर जारी हुआ और 26 तारीख को उसे 26 जून को इसे खोला जाना था तब छ कंपनियो ने इस में हिस्सा लिया कंपने प्रजेंटेशन नहीं दिया तो उनका फम रिजेक्ट कर दिया गया अब सिर्फ दो कंपनिया बची थी एक री दूसरा और इन दोनों कंपनियों का टेंडर खोला जाना था और जिसका एल वन होता उसे टेंडर दे दिया जाना था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से  टेंडर खोला ही नहीं क्योंकि  टेंडर देना था यह शिकायत भी हुई है क्योंकि जिस बना पर मेरी टेडर किया नहीं खोला गया है व पहले जब टेंडर हुआ था उसम प्रेजेंटेशन व दे चुके थे और यह कर दिया गया को की आपका जो प्रेजेंटेशन है अप टू द मार्क पर नहीं है जबक इसी प्रेजेंटेशन पर पहली बार टेंडर उसे मिल चुका था जिसे निरस्त किया गया था ऐसी परिस्थिति में जब हमारी टीम ने इस शिकायत पर जब अस्पताल प्रबंधन से बात करने की कोशिश की तो उपलब्ध नहीं थे लेकिन जो जानकारी मिली है वह भी कम हैरानी की बात नहीं है क्योंकि टेंडर की शर्तो में एक महत्वपूर्ण शर्त यह था कि टर्न ओवर एक करोड़  होना चाहिए लेकिन जिस कंपनी को यह टेंडर जारी कर दिया गया उसका टर्न ओवर 50 लाख से भी ज्यादा नहीं है और कारण यह बताया गया क्योंकि वह  एमएसएनई कंपनी है इसलिए उसे छूट दी जा रही है और यही बात यदि टेंडर जारी करते समय कर दी जाती कि एमएसएमई  सेक्टर वालो को छूट दी जाएगी तो यकीन मानिए कि कई लोग स्टैंडर में भाग लेते हैं यानी एक करोड़ टन की शर्त लगाकर एमएसए के कई कंपनियों को रोक दिया गया और एमएस की छूट के नाम पर अपने चहते कंपनी को टेंडर जारी कर दिया गया कहा जा रहा है कि इस पूरे मामले में जबरदस्त ढंग से खेल हुआ है और यही नहीं अब तो जो कंपनिया इवेंट का काम करती है फ्लावर लगाने का टेंट लगाने का लगाने का व कंपनिया आशंकित इसलिए भी है क्योंकि एम्स में हर साल करोड़ अरब रुपए का काम निकलता है तो एक शुरुआत थी इस साल की उसमें ही यदि इस तरीके की घपले बाजी हो रही है तो आने वाले दिनों में क्या कुछ होगा कहना मुश्किल है देखना है कि इस मामले को लेकर अब किस तरीके की कारवाई होगी क्योंकि कहा तो यहां तक जा रहा है कि कुछ पार्टी इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाने वाली है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/uXzRZRUhjLw?si=_zis7qUm9KlXBTBE

प्रदेश में क्यो बदतर हो रही क़ानून व्यवस्था

 प्रदेश में क्यो बदतर हो रही क़ानून व्यवस्था 


क्या छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार पूरी तरीके से फेल हो चुकी है और उसके सामने इस प्रदेश के कानून व्यवस्था को संभालने का कोई रास्ता नहीं बचा है या फिर प्रदेश की सरकार को किसानों की भी चिंता नहीं है , हालत बदतर होते जा रहा है महंगाई को जमा खोर ने और बढ़ा दिया है जमकर जमाखोरी हो रही है छत्तीसगढ़ में और बेरोजगारी का यह आलम है कि एक वैकेंसी निकलती है और लाखों बच्चे टूट पड़ते हैं उसकी नौकरी पाने के लिए तब ऐसी परिस्थिति में डबल इंजन की सरकार कर क्या रही है यह बताएं उससे पहले हम बता देते हैं कि अपनी पूरी कैबिनेट के साथ विष्णु देव साय सरकार  रामलला के दर्शन करने गए थे, वे अपने साथ बेर भी ले गए हैं सबरी का बेर बहुत चर्चित रहा है पूरे राम कथा में उस बेर को लेकर गए हैं शिवरी नारायण से तो विष्णु भोग चाव यह भी छत्तीसगढ़ की एक अपनी पहचान है कोंसा वस्त्र कारी लड्डू अनरसा और सीताफल सब कुछ लेकर गए थे,रामलला को खुश करने के लिए लेकिन क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि जब वह रामलला के दर्शन की रवानगी कर रही थी तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की राजधानी में सरेआम गोलीबारी हो रही थी हवाई फायर किए गए हैं कार को गोली लगी है तब कानून व्यवस्था की स्थिति किस हद तक बदतर है और किस तरीके से लोगों में पुलिस का डर खत्म हो गया है यह लगातार देखने को मिल रहा है लगातार हत्याएं हो रही है सवाल सिर्फ बलौदा बाजार के उस घटना का नहीं है जिसमें पुलिस कप्तान के कार्यालय को जला दिया गया और कलेक्टोरेट में तोड़फोड़ किया गया उसके बाद पुलिस पकड़ धकड़ कर रही है कहा जा रहा है कि जो लोग इस घटना में शामिल नहीं थे उनकी भी गिरफ्तारी हो रही है भीम आर्मी भी निशाने में है तो कांग्रेस के नेता भी निशाने में है लेकिन यदि प्रदेश भर में लगातार हत्याएं हो रही है याद कीजिए कि किस तरीके से सरेआम एक लड़की को बीच बाजार में चाकू मार दिया गया था सरगुजा क्षेत्र में तो दूसरी तरफ जगदलपुर में जो घटना हुई है वह भी कम हैरानी की बात नहीं है सरकार भले ही दुनिया भर का दावा कर ले लेकिन महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन नार की बना दिया और नशे के कारोबार में जिस तरीके से सरकार भी लिप्त हो गई है जिस तरीके से अवैध शराब बिक रहे हैं जिस तरीके से नशे की गोलियां राजधानी के कई क्षेत्रों में बिक रही है उसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार केवल पैसा पैसा पैसा कर रही है क्योंकि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी साफ कह दिया है कि योजनाओं में पैसे खर्च हो रहे हैं रोज बेरोजगार युवक पकौड़ा तलने यह सीधे नहीं कहा है लेकिन इसी तरह का आशा है उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि वैकेंसी नहीं निकलेगी तब ऐसी परिस्थिति में जब अपराध पढ़ रहे हैं राजधानी में ही लगातार नशे के कारोबार फल फूल रहे हैं जुआ सट्टा का जोर है और खुलेआम गोलीबारी हो रही हो तब सवाल यह है कि आखिर बस्तर में जो जगदलपुर में जो दोहरा हत्याकांड हुआ उसका सच क्या है क्या उसके पीछे महंगाई बड़ी वजह है कहा भी जा रहा है कि जिस युवक ने अपने मां और बड़े भाई की हत्या की वह पूरी तरीके से कर्ज में डूबा था उनके घर में आए दिन पैसे को लेकर विवाद होता था और घर चलाना मुश्किल होता जा रहा था एक छोटी सी किराने की दुकान थी आप सोच रहे होंगे कि अपनी मां और भाई की हत्या करते वक्त उस हत्यारे भाई का हाथ क्या नहीं खापा होगा लेकिन क्या महंगाई और कर्जे का बोझ इतना बड़ा हो चला था कि उसके हाथ अपनी मां और भाई के गर्दन तक जा पहुंचा सवाल सवाल आप इस दौर में कुछ भी उठा ले लेकिन यदि सब कुछ धर्म के आधार पर ही राजनीति को हका जाएगा तो फिर आम आदमी की तकलीफ कैसे दूर होगी यह सबसे बड़ा सवाल है जिस तरीके से तेली बांधा क्षेत्र राजधानी के महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम कोयला कारोबारी पर गोली दागी गई हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन क्या यह कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा नहीं करता है आप खुद सोचिए कि एक तरफ कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर है किसानों की हालत खराब है और दूसरी तरफ यदि सत्ता सरकारी खर्चे से यदि पूरे कैबिनेट के साथ राम लला का दर्शन करने जा रहे हैं तो यह किस तरह की राजनीति की जा रही है आप खुद सोचिए !

Video देखें 

https://youtu.be/C42uGXjDaB4?si=pib-0Tiw-v1lahmD

बुधवार, 25 मार्च 2026

आख़िर कौन चला रहा कृषि विभाग

आख़िर कौन चला रहा कृषि विभाग 


 छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार के मंत्रियों की करतूत एकएक करके बाहर आने लगी है हमने आपको बताया कि किस तरीके से सीजीपीएससी घोटाले में ओपी चौधरी की भूमिका सामने आई है तो शिक्षा विभाग के घोटाले को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं ट्रांसफर पोस्टिंग पदोन्नति जिसमें देखिए आप गड़बड़ छाला है लेकिन आज हम बात कर रहे हैं कृषि विभाग का क्योंकि अब मानसून छत्तीसगढ़ पहुंच चुका है और यहां के किसान खेती किसानी में जूट गए हैं धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की अपनी अहमियत है कृषि को लेकर और विभाग को लेकर शायद यही वजह है कि एक समय में डॉक्टर रमन सिंह ने इसके लिए अलग से बजट तक की बात कर दी थी लेकिन अब इस दौर में किस तरीके का खेल यहां चल रहा है कहना मुश्किल है कृषि विभाग आखिर है किसके हवाले कहने को तो इसके मंत्री राम विचार नेताम को बनाया गया है लेकिन राम विचार नेता काम को लेकर कई तरह के सवाल हमेशा ही उठते रहे हैं खासकर इंदिरा प्रदर्शनी बैंक घोटाले में राम विचार ताम का नाम सामने आया था नारको टेस्ट की कथित सीडी में जिस तरीके से पैसे की लेनदेन को लेकर बातें सामने आई थी उसमें राम विचार नेताम का नाम भी सामने था इसके अलावा भी उनके गृह मंत्री रहते जब रमन सरकार में वे गृह मंत्री थे तब भी उन के खेल को लेकर सवाल उठते रहे लेकिन इस बार विष्णु देव साय की सरकार ने उन्हें कृषि विभाग दिया है सबसे बड़ा बजट वाला विभाग कहा जाए तो गलत नहीं होगा और इस विभाग में किसका खेल चल रहा है यह विभाग आखिर चला कौन रहा है क्या कृषि मंत्री राम विचार नेताम चला रहे हैं या आईएएस जो बैठे हैं भुनेश यादव वे चला रहे हैं राजस्थान से आते हैं भुनेश यादव और उनकी एक अपनी कहानी है कि किस तरीके से वे बिजनेस करते आईएएस बने दूसरे अटें में उन्होंने पास किया था लेकिन सत्ता बदलते हु उन्हें एपीओ में रख दिया गया था कोई विभाग नहीं दिया गया था फिर कई तरह के विभाग मिले भूपेश बघेल सरकार के नाक के बाल भी कहे जाते थे भूने यादव हालांकि उन पर अभी तक घपले घोटाले के कोई चार्ज नहीं लगे हैं लेकिन जिस तरीके का रवैया चल रहा है कृषि विभाग में उसमें भुनेश यादव की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है तब क्या कोई राकेश अग्रवाल नाम का व्यक्ति चला रहा है कृषि यह बेहद ही गंभीर सवाल है क्योंकि जो मीडिया रिपोर्ट आ रही है उसमें सीधे अग्रवाल का नाम तो सामने नहीं आ रहा है हमारी टीम ने जब पता किया कि मीडिया रिपोर्ट में जिस लक्ष्मी पुत्र की बात की जा रही है या जिस दलाल की बात की जा रही है वह है कौन तब उसमें कुछ नाम सामने आए और सबसे बड़े नाम जो सामने आए वह राकेश अग्रवाल का नाम है तो क्या कृषि विभाग को राकेश अग्रवाल के सुपुर्द कर दिया गया यह बेहद गंभीर सवाल हालांकि हमने राकेश अग्रवाल से बात करने की कोशिश की लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे इस पूरे मामले को लेकर लेकिन कहा जा रहा है कि पूरा दफ्तर वहीं से चल रहा है तब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बीच निगम में चल क्या रहा है टेंडर को लेकर गड़बड़ियों की खबर तो लगातार आ रही है यही नहीं किसानों को दिए जाने वाली योजनाओं में भी जो ठेका दिया जाता है उसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और कहा जा रहा है कि किसान त्रस्त है नकली बीज नकली खाद का मामला तो पहले भी उठता रहा है लेकिन सप्लाई के काम में जिस तरह की भर्रा साही की खबरें सामने आ रही है या मीडिया रिपोर्ट सामने आ रहे हैं कि किस तरीके का खेल हो रहा है वहां पहले कमीशन दो और कमीशन भी कितना 40 फीदी कमी की बात सामने आ रही है जो प्रदेश में किसी भी विभाग में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है हालांकि कमीशन के मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग हो या नगर निगम कई तरह के विभाग जो है वोह हमेशा ही चर्चा में रहे हैं पीएचई में जल जीवन मिशन को लेकर घोटाले की लगातार खबरें आ रही है कुछ इंजीनियरों को सस्पेंड भी किया गया हम इस पर विस्तार से फिर कभी चर्चा करेंगे लेकिन कृषि विभाग है किसके पास यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि जो खबरें आ रही हैं वह हैरान कर देने वाली है कि आखिर राम विचार नेताओ ने चुप्पी क्यों ओढ ली है या इन खबरों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया क्या है यह भी समझ में नहीं आ रहा है बीज निगम से लेकर उद्यान की विभाग तक गड़बड़ झाला की जो खबरें आ रही है वह हैरान कर देने वाली है हम हमारे रिपोर्टर्स लगे हुए हैं इस पूरे मामले की पता साझी करने के लिए देखना है कि आने वाले दिनों में क्या कुछ होता है !

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https://youtu.be/36X_nwujrko?si=IvoMnqz5Ift3g1Am