नितिन गडकरी ने सरकार की मंशा ज़ाहिर कर दी, मिडिल क्लास पर बढ़ाता बोझ…
तुम अगर कार वालों से टोल ज्यादा लोगे वह आंदोलन नहीं करेगा ट्रक बसेस वाले एजीटेशन नहीं करेंगे पर स्कूटर और साइकिल वाला झेंडा लेकर घूमता है तुम उससे तुम्हारे टोटल इसमें एक परसेंट भी एडिशन नहीं हो रहा उसको आंग पर क्यों ले रहे हो उसको ऑटो रिक्षा और स्कूटर से लेने का कोई कारण नहीं-नितिन गडकरी
मोदी सरकार ने सुविधा देने के नाम पर जिस तरीके से टैक्स वसूली के नए-नए फार्मूले सामने लाए हैं उससे क्या मिडिल क्लास की तकलीफें बढ़ गई महंगाई भी इसी वजह से बढ़ी और बेरोजगारी भी क्या इसी वजह से बढ़ी यह सवाल इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि आम आदमी को महंगाई की वजह से जीवन जीना मुश्किल और अब मिडिल क्लास की तकलीफों का अंदाजा आरएसएस या हिंदूवादी संगठनों को भी धीरे-धीरे होने लगा है मिडिल क्लास की तकलीफों को देखकर पिछले दिनों आरएसएस के नेता गोपाल अग्रवाल जो रायपुर सांसद के बड़े भाई भी हैं उन्होंने और ऐसा नहीं है कि इस पूरे खेल में केवल वित्तमंत्री सीतारमण शामिल हो या देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमित शाह ही शामिल हो इस खेल में परिवहन मंत्री नितिन गटक भी उतने ही शिद्दत से शामिल है एनएचआई का कर्जा यदि लगातार बढ़ रहा है और उसी पैमाने पर विकास के नाम पर टोल टैक्स की बात हो या आम आदमी से जुर्माना वसूलने की बात हो उसी तेजी से यदि बढ़ाई जा रही तो इसे क्या कहा जाए और अब तो नितिन गडकरी ने खुलेआम मंच से कहना शुरू कर दिया है कि मिडिल क्लास को निचोड़ डालो हालांकि सीधे उन्होंने मिडिल क्लास का नाम नहीं लिया ना ही निचोड़ में जैसे शब्द का इस्तेमाल किया लेकिन जिस तरीके से उ ने कार वालों से वसूली को लेकर बात कही पहले वह सुन लीजिए तुम अगर कार वालों से टोल ज्यादा लोगे व आंदोलन नहीं करेगा ट्रक बसेस वाले एजीटेशन नहीं करेंगे पर स्कूटर और साइकिल वाला झेंडा लेकर घूमता है तुम उससे तुम्हारे टोटल इसमें एक परट भी एडिशन नहीं हो रहा उसको आंग पर क्यों ले रहे हो उसको ऑटो रिक्षा और स्कूटर से लेने का कोई कारण नहीं यानी आप सोचिए कि लोन लेकर मिडिल क्लास अपने सपने पूरे करता है और उससे वसूली किस तरीके से करने का प्लान या वसूली को लेकर यदि दिमाग में परिवहन मंत्री की सोच है तो फिर इसे क्या कहा जाए हालांकि इतनी वसूली के बाद भी यानी टोल टैक्स के रूप में वसूली चल रही है रोड टैक्स के रूप में वसूली चल रही है अनाप सनाप जुर्माना वसूला जा रहा है 20 20 303 हजार के जुर्माने की खबरें तो आए दिन मीडिया की सुर्खियां बनी रहती है और उसके बाद भी यदि 1750 किलोमीटर सड़क बेची जा रही है 14 हाईवे सेक्शन की है यह सड़क बकायदा इसे लेकर टेंडर भी जारी किया गया था 3 लाख 47 हज करोड़ रुपए कर्जा है ए और जिस तरीके से वसूली के नए नए मापदंड तैयार किए जा रहे हैं करोड़ों रुपए खर्च करके टोल प्लाजा बनवाया गया फास्ट ट्रैक लगवाया गया और उसके बाद अब इन करोड़ों रुपए का कोई मतलब नहीं रह जाएगा जब सेटेलाइट सिस्टम पर आ जाएगा और यकीन मानिए य सेटेलाइट सिर्फ टोल वसूली नहीं करेगी बल्कि आने वाले दिनों में वह स्पीड को लेकर भी जुर्माना वसूलने लग जाए तो कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि जो सिस्टम लगाए जा रहे हैं वह सिस्टम में यह भी पता चलेगा कि किस सड़क पर गाड़ी कितनी किलोमीटर चलनी चाहिए यदि आपने उससे मान लो किसी सड़क में 40 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ी चलनी और आपने 42 की चला ली तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में टोल टक्स की वसूली के साथ जुर्माने का भी रसीद आपके पास पहुंच जाए यानी सरकार कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती और सबसे हैरानी की बात तो यह है 10 साल सत्ता में रहने के बाद दुनिया भर के दावा करने के बाद यदि टोल टैक्स वसूली का काम गुंडे बदमाश या राजनीतिक ने ही कर रहे हैं तो इसे क्या कहा जाए आप खुद सुनिए कि नितिन गडकरी टोल वसूली को लेकर क्या कहते हैं आदर यू लाइक इट मे नॉट लाइक इट टोल कलेक्शन यह तुम्हारा धंधा ही नहीं है अभी देश में यह धंधा है इसमें जो इवॉल्वड है एंटरप्र व एक तो पॉलिटिशियन है अंडरवर्ल्ड है या क्रिमिनल है मारपीट करने वाले ल बाज वही आते हैं और वह आने के बाद यह सिस्टम में की दादागिरी चलने लगी और फिर उन्होंने एक काम किया कि अभी बहुत से जगह पर उतना ज्यादा डायरेक्ट बोलना मेरे लिए उचित नहीं है वहां का मेंबर ऑफ पार्लियामेंट हो या एमएलए हो उन लोगों के साथ इनका जॉइंट वेंचर बन गया और फिर उसके बाद यह बिजनेस रन करते हैं यानी आप सोचिए कि किस तरीके से सरकार चल रही है और किस तरीके से मिडिल क्लास को निचोड़ का खेल चल रहा है पर्यावरण के नाम पर 10 साल 15 साल चली गाड़ियों को कंडम बनाकर ऑटोमोबाइल सेक्टर को जीवित करने की कोशिश तो की जा रही है लेकिन इसका भार भी तो आम आदमी पर पड़ रहा है तब देखना है कि आने वाले दिनों में मिडिल क्लास को लेकर या मिडिल क्लास से वसूली को लेकर सत्ता और किस किस तरह की योजना बनाती है !
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