गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

थैलीसीमिया एवं सिकलसेल की संयुक्त स्क्रीनिंग पर जोर

   थैलीसीमिया एवं सिकलसेल की संयुक्त स्क्रीनिंग पर जोर


रायपुर।Koi Apna Sa Ho Kash Foundation द्वारा रायपुर में एक दिवसीय जागरूकता एवं रोकथाम अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना तथा उनके समय पर परीक्षण, उचित उपचार और रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा करना रहा।


कार्यक्रम में दिल्ली, मध्यप्रदेश एवं अन्य स्थानों से आए अनुभवी चिकित्सकों एवं मेडिकल विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण, समय पर जांच (स्क्रीनिंग), गुणवत्तापूर्ण रक्त आधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन), नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा रोगियों के बेहतर जीवन प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी।


संस्था की संस्थापक काजल सुरेश सचदेव ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज में रक्त से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। समय रहते जांच और सही परामर्श से इन बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।


दिल्ली से पधारी थैलासीमिक इंडिया की सेक्रेटरी शोभा तुली ने बताया कि इन बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए प्रॉपर केयर मैनेजमेंट अत्यंत जरूरी है। साथ ही भविष्य में ऐसे बच्चों के जन्म को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया की अनिवार्य स्क्रीनिंग निःशुल्क की जानी चाहिए। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर “सिकल सेल एवं थैलेसीमिया मुक्त भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार के साथ समन्वय कर कार्य करें। 

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जी ने काश फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए आश्वासन दिया है कि थैलीसीमिया स्क्रीनिंग की दिशा में अवश्य ही सरकार ठोस कदम उठाएगी। कार्यक्रम में पधारे स्वास्थ विभाग के IS रितेश अग्रवाल जी ने सारी बातों को सुना एवं इस पर गंभीरता से अमल किए जाने के लिए कहा।


संस्था के अध्यक्ष सुरेश सचदेव एवं सचिव संदीप कुकरेजा ने भी रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए नियमित जांच, जागरूकता अभियान और सामुदायिक सहभागिता को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित इत्सा हॉस्पिटल के डा सचिन पितलवार,डा विकास गोयल, बिलासा ब्लड के संस्थापक स्वराज गौतम सब ने मिलकर हीमोग्लोबिनो पैथी पर हर तीन महीने में कार्यशाला पर जोर दिया , इन बच्चों के पैदा होने पर चिंता जताई। दिल्ली के डा राहुल भार्गव ने अन्य प्रदेशों के मॉडल से छत्तीसगढ़ को भी इस बीमारी को खत्म करने की सलाह दी

काश फाउंडेशन लगभग 15 सालों से थैलीसीमिया एवं सिकलसेल पर कार्य कर रहा है शादी से पहले लड़के और लड़की का HPLC टेस्ट करा लिया जाए तो ऐसे बच्चे जन्म ही नहीं लेंगे


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और रक्त संबंधी बीमारियों के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।


यह अभियान समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा ।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

अदानी पॉवर ले बर्बाद होवत हे खेती…

 अदानी पॉवर ले बर्बाद होवत हे खेती… 

अइसे कोन राज के सरकार होही जेन ह अपने ही राज के आदमी मन नागरिक मन के शोषण के शिकार होवत देखत  चुपचाप रही। का ये दौर म पैसा सब कुछ हो गे हे,  25 बरस हो गे छत्तीसगढ़ राज बने चार चार झन मुख्यमंत्री बन गे लेकिन छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी अउ छत्तीसगढ़िया मन के शोषण के कहानी रुके के नाम नहीं ले वत हे अइसे में आज हम आप मन ला वो घटना के जानकारी देवत हन जेन ला  सुन के आप मन चौक जहु, के  आखिर सरकार ह कईसे उद्योगपति मन के गोद में बैठ ज़थे।

 आखिर छत्तीसगढ़ में होत का हे, चलत का हे आज हम बात करत हन राजधानी ले 20 कोस दूर के गांव रायखेड़ा के खेती किसानी करने वाला छत्तीसगढ़ के।  यहू गांव के आदमी मनखेती किसानी में ही अपन जीवन जीयत रहीन  अचानक ये  गांव में उद्योगपति गौतम अडानी के फैक्ट्री लगत है पावर प्लांट लगत है और ये  पावर प्लांट अब रायखेड़ा नहीं आसपास के कई गांव के खेती ला बर्बाद करत हे कहूं तो गलत नहीं होही,  ये फैक्ट्री ले जे पानी निकलत हे, करिया पानी बीख करिया।  टेंपरेरी लाइन बना के नाली बना के रखे हैं और ये पानी ले खेती ह बर्बाद होवत हे,  पक्का नाली बनातीस तो पानी ह नईं रीसतीस लेकिन नाली के पानी ह रीस रीस के खेत में जाथे।  खेत करिया पड़त जात हे,  पानी ला छू नहीं सकस अउ ये पानी के सेती खेती बर्बाद है जमीन करिया पड़त जात हे, अउ  फसल में भी असर पड़त हे, अउ  लोग मन ला नवा नवा बीमारी घलो अंग्रेजी में स्किन वाला बीमारी दमा खांसी यह अलग कहानी है। इहां के आदमी मन ला कई बेर  होगे शासन ला प्रशासन ला चिट्ठी लिख के अपन पीड़ा बतात,  अपन समस्या बतात,  लेकिन सरकार यदि उद्योगपति के गोद में बइठे हे त फेर कारवाई कइसे होही, कईसे  रस्ता निकलही, ये जो नाली  के पानी ह पहली धनसुली नाला में जाथे, अउ धनसुली नाला पूरा नाला में जाके मिलथे, जेन रस्ता ले पानी गुजरत है वो पूरा क्षेत्र बर्बाद होवत हे,  खेती बर्बाद होवत जात हे,  गांव वाले मन खुल के बोले म डराथे,  अतिक वो फैक्ट्री के पावर है । पावर प्लांट के पावर है जनप्रतिनिधि बने बइठे विधायक हो चाहे सांसद हो ,  सरपंच मन हो गए यू म अपन मुंह में ताला लगा के रखे हैं। अइसे नहीं है कि छत्तीसगढ़ में अडानी के यह ताकत अउ ये पावर खाली रायखेड़ा में हसदेव ला कईसे भुला सकत हन।जीहां रातों रात रूख राही काटत है। उहां के जीव जंतु मन के जीना मुश्किल हो गेहे। लगातार हसदेव के किसान मन आदिवासी मन आंदोलन करत है आंदोलन बस्तर के किसान मन करत है 150 गांव के लोग मन आंदोलन करत हे तेखर सेती उहां खदान चालू नहीं हो पाए लेकिन हसदेव में सरकार विष्णु देव के आय के पहले यानी ज़इसे सुनीन की सरकार आवत है,  रुख राही मनमाने ढंग से काट आदिवासी मन ला पुलिस वाले मन से पिटवा के अउ कतकोंन झन ला  जेल में डाले गीस, वोला कईसे भुला सकत हन।

 राय खेड़ा में भी ऐ आंदोलन के जरूरत वहां के गांव वाले मन बतावत है किआंदोलन करे पड़ी और नेता मंत्री मन के घेराव करे पड़ी लेकिन  छत्तीसगढ़ मन के जीवनशैली वो मन कभी लड़ाई झंझट में नहीं पड़े ।