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शुक्रवार, 1 अगस्त 2025

ट्रंप कितना भी जुतियाये पर राहुल को कोई हक़ नहीं…

 ट्रंप कितना भी जुतियाये  पर राहुल को कोई हक़ नहीं…


क्या हो गया है बीजेपी को, क्या हो गया है मोदी सत्ता को, यह सवाल अब इसलिए बड़ा होने लगा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार मर्यादा लांघ भारत और प्रधानमंत्री का लगातार अपमान करते जा रहे है, यहाँ तक कि अब अर्थव्यवस्था को ही मृत कह दिया लेकिन पूरी बीजेपी चुप रही लेकिन जब पत्रकारों ने राहुल से ट्रंप के इस मृत अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल पूछा तो राहुल ने जैसे ही इस पर हामी भरी पूरी बीजेपी राहुल पर पिल पड़ी, ऐसे में ट्रंप पर चुप्पी से उठते सवाल….

सवाल ये है कि_

ट्रंप ने जब भारत की अर्थव्यवस्था को मृत कह दिया,

तब पूरी मोदी/बीजेपी सरकार ने ट्रंप की निंदा क्यों नहीं की..? 


लेकिन प्रेस के पूछने पर जैसे ही

राहुल गांधी ने कहा_ हां सही कहा है कि 

मोदी/बीजेपी ने अपनी नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को मृत कर दिया है..


तो ट्रम्प पर चुप्पी और पूंछ दबाये 

बीजेपी के सांसदों ने राहुल पर हमला बोल दिया..


सवाल ये है कि जब ट्रम्प ने ये बात कही तब_

बीजेपी ने ऐसी बात कहने के लिये ट्रंप की आलोचना में कुछ भी क्यों नहीं कहा? 


बात केवल ट्रेड टैरिफ की नहीं है, 

सवाल इसका है कि ट्रंप भारत का नाम जिस संदर्भ में ले रहे हैं, उसे क्यों सहन किया जा रहा है? 

वे भारत की नीतियों का मज़ाक उड़ा रहे हैं, 

रुस से तेल खरीदने पर भारत पर जुर्माना लगा रहे हैं, 

भारत की कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, 

क्या यह किसी भी तरह से मोदी के मित्र का व्यवहार है? 

राहुल पर बोलने वाला मोदी गैंग_ट्रम्प पर चुप क्यों है..??

क्या अंग्रेजी की गुलामी से पैंशन लेने‌ वाले मुखबिर क्या फिर से ट्रम्प को ईस्ट इंडिया बनाने की साजिश में मुंह में दही जमा लिये हैं..??

रविवार, 27 जुलाई 2025

अहमदाबाद प्लेन क्रैश साज़िश…

 अहमदाबाद प्लेन क्रैश साज़िश…


अहमदाबाद में हुई हवाई जहाज़ दुर्घटना क्या किसी की साज़िश थी, इस खेल में कौन शामिल है, प्रारंभिक रिपोर्ट का सामने आना भी क्या षड्यंत्र का हिस्सा है , ऐसे कई सवालों के जवाब इंटरनेट में बिखरे पड़े है ऐसे में भास्कर की रिपोर्ट भी तो साज़िश की ओर इशारा कर रही है , तब कुछ बातें ऐसी समझी जानी चाहिए 

मात्र 43 सेकेंड मे टेक आँफ और क्रँश की घटना हुवी..

अगर ये आखरी सेकेंड थे तो फिर एक पायलट द्वारा ये पुछा जाना - क्या तुमने इंजन बंद किया ?

दुसरे पायलट का जवाब - मैने इंजन बंद नही किया..


फिर मेडे..मेडे..मेडे का मँसेज.


ब्लँक बाँक्स के आधार पर बनाई गई लगभग 35 पन्नो की प्रायमरी जांच मे ये सबकुछ बतलाया गया है..


ये किस आधार पर बतलाया गया ?


विमान मे 2 ब्लँक बाँक्स होते है और इन्हे विमान के पिछले हिस्से मे पुछ की तरफ रखा जाता है..


विमान की पुछ सुरक्षित थी..

मोदी जब घटनास्थल गए तो विमान के पिछले हिस्से की फोटो और वीडियो सार्वजनिक की गई थी..


भौतिकी नियम के अनुसार विमान मुंंह की तरफ से गिरता है..


इस लिये ब्लँक बाँक्स को विमान की पिछली साईड मे रखा जाता है..


दुर्घटना होने के एक दिन पहेले ये विमान पँरीस से आया था..


रात भर अडानी एअरपोर्ट (सरदार वल्लभभाई एअरपोर्ट) पर पार्क किया हुवा था..


मतलब ये विमान अडानी एअरपोर्ट के संबंधित प्रशासन की कस्टडी मे था..


टर्कीश कंपनी की तरफ ध्यान भटकाए जाने के बाद टर्कीश कंपनी ने बयान देकर कहा के इस विमान का मेंटेनेंस हमने नही किया है..


जिस कंपनी ने किया है ऊसका नाम हमे पता है मगर हम किसी विवाद मे पडना नही चाहते..


संघ के और भाजपा के पुर्व मुख्यमंत्री की इस दुर्घटना मे मौत होने के बाद भी देश के किसी भी संघी या भाजपाई के मुंह से ' श्र 'ध्दांजलि का 'श्र' शब्द भी ना निकलना परेशान करता है..


ग्रीन एनर्जी से संबंधित देश का बिजनेस टाइकुन कौन है..?

संबंधित विमान रातभर कहां पार्क था..?

ग्रीन एनर्जी से रूपाणी क्यो खफा थे ?

पता नही..


ऐसे संदेहास्पद वातावरण मे..

ऊसी दिन सुबह 'मिड डे' अखबार मे विमान का बिल्डिंग के बाहर निकला हुवा हिस्सा बतलाया गया था और कुछ घंटो बाद इसी तरह से अहमदाबाद विमान हादसा हुवा..


विश्व को यूरोप अमेरिका  नही चलाते..


विश्व को खुफिया ताकते चलाती है..


यूरोप अमेरिका समेत विश्व के सभी देशो के शासको को यही खुफिया ताकते अपने इशारो से चलाती है..


ये ताकते Jओ* निस्ट है मगर शैतान की ऊपासक होती है..


इन ताकतो को जब भी कोई षडयंत्र या कांड करना होता है तो ये इशारो इशारो मे पहेले ही सार्वजनिक रूप से बतला देते है..


ऐसा करने से पाप नही लगता ऐसा शैतान ऊपासको का विश्वास होता है..


सिमसन कार्टून , द इकानामिक टाईम्स वगैरह के माध्यम से अगले साल दस साल वाली प्रमुख घटनाए सांकेतिक तौर पर बतला दी जाती है..


ऐसे बहोत सारे ऊदाहरण दिये जा सकते है..


खुफिया ताकतो द्वारा बिल्डिंग मे फंसे एअर इंडिया लिखे विमान का फोटो ऊसी दिन सुबह मतलब 12 जुन को प्रकाशित किया जाना और  गुजरात के पुर्व मुख्यमंत्री रूपाणी का ग्रीन एनर्जी से जुडे किसी विवाद के दरमियान हवाई यात्रा करना..


खुफिया ताकतो और रूपाणी  के दुश्मनो का गठजोड होने का संदेह पैदा करती है..


खुफिया ताकतो की अपनी एक सच्चाई है..


टारटेनिक जहाज भी खुफिया ताकतो ने ही डुबोया था..


इस जहाज मे सैर करने के लिये ऊन ऊद्योगपतियो को आमंत्रित किया गया था जो फेडरल बँन्क की स्थापना का विरोध कर रहे थे..


और जहुदियो के आर्थिक जाल को तोडने के लिये समानांतर आर्थिक संस्था खडी करना चाहते थे..


मिड डे मे प्रकाशित चित्र की वजह से विमान मे कोई खराबी हुवी हो ऐसा मानने को मन नही करता..


क्यो की ऐसी घटना घटित होने का समय से पहेले ही इशारा कर देना खुफिया ताकतो की मोडस आँपरेंडी है..


ऊपरोक्त सभी जानकारी के आधार इंटरनेट पर जगह जगह फैले पडे है..


कमेंट मे इसी पर आधारित एक रिल का लिंक कमेंट करने का प्रयास किया जाऐंगा..(साभार)

शनिवार, 12 जुलाई 2025

क्या ट्रंप के इशारे पर आया विमान हादसे की यह रिपोर्ट…

 क्या ट्रंप के इशारे पर आया

विमान हादसे की यह रिपोर्ट…


अहमदाबाद में जिस बोईंग ने चार सौ से अधिक लोगों की जान ले ली, उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में बोईंग कंपनी को बचाने का पूरा इंतज़ाम कर लिया गया है, रिपोर्ट में पायलट की भूमिका को लेकर कही गई बात  भारतीयों को बेवक़ूफ़ समझने की कोशिश है, और यह बात तो अंधभक्त भी नहीं पचा सकते कि इतने अनुभवी पायलट फ़्यूल स्विच बंद रखे या बंद कर दें तो क्या यह रिपोर्ट संकेत नहीं दे रहा कि ट्रंप के आगे सत्ता किस कदर नतमस्तक है…

मुझे नहीं मालुम आप लोग इस बात पर क्या प्रतिक्रिया देंगे लेकिन यह सिद्ध हो गया है कि हमारा नेतृत्व एक भीगी बिल्ली कर रही है और ट्रंप हमारे पालन हार बन चुके है।  अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर के हादसे की एक रिपोर्ट आज लीक हुई है। वैश्विक मीडिया के समझदार एक्सपर्ट बता रहे है कि किसी नतीजे पर पहुँचने में एक साल का समय लगेगा लेकिन भारत ने जो पंद्रह पेज की रिपोर्ट बनाई है उसे वाल स्ट्रीट जर्नल ने लीक कर दिया। 

 रिपोर्ट ने इनडायरेक्ट इशारा किया है कि फ्यूल स्विच पायलट ने ऑफ किया था जिसकी वजह से इंजन को ईंधन नहीं मिला और ड्रीमलाइनर ऊपर नहीं उठ पाया। इस बात  को मोदी के अंधभक्त भी गले नहीं उतारेंगे कि दोनों पायलट इस उड़ान से पहले नौ हजार घंटों की उड़ान का अनुभव रखते हुए काम कर रहे थे। इतने अनुभवी पायलट भला इस तरह की बेवकूफी कैसे कर सकते है ? 

अब आइये इस लेख की शुरूआती लाइन पर।  ड्रीमलाइनर बोईंग का प्रोडक्ट है।  बोईंग आज दस लाख करोड़ की कंपनी है।  जब आप यह पढ़ रहे है तब बोईंग के कम से कम तीन हजार प्लेन कही से उड़ान भर रहे हैं , कहीं उतर रहे है , कहीं हवा में होंगे।  अगर इस रिपोर्ट में एक लाइन भी बोईंग के खिलाफ होती तो बोईंग का स्टॉक मार्किट ओपन होते ही दस परसेंट का गोता लगाता नजर आता। 


सनद रहे। अमेरिका इस समय एक सनकी के हाथ में है , और यह सनकी अपने देश को लेकर अपने वाले से ज्यादा पसेसिव है। उसके देश की किसी कंपनी की गुडविल खराब हो वह बर्दाश्त नहीं करेगा ! बस अपनी भीगी बिल्ली ने उस लकड़बग्घे को खुश करने के लिए सारा दोष अपने निर्दोष पायलटों पर डाल  दिया। शहीद अपनी सफाई देने नहीं आने वाले। पन्दरह दिन बाद किसी को याद भी नहीं रहेगा कि अहमदाबाद ने ऐतिहासिक विध्वंस देखा है।(साभार)

बुधवार, 11 जून 2025

ट्रंप के भारत विरोधी एजेंडे की असली वजह…

 ट्रंप के भारत विरोधी एजेंडे की असली वजह…


यह पूरा देश जानता है कि कभी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को अपना सबसे बड़ा मित्र बताया था तब ट्रंप आख़िर ऐसी हरकत क्यों कर रहा है जिससे मोदी की छीछालेदर तो हो ही रही है भारत का नाम भी न केवल दुनिया में ख़राब हो रहा है बल्कि नई तरह की मुसीबत खड़ी हो रही है…

क्या इसकी वजह नरेंद्र मोदी की कोई चाल है जिसकी वजह से ट्रंप नाराज़ हो गया, या फिर इसकी वजह मोदी का मित्र प्रेम है या फिर ब्रिक्स में डॉलर को चुनौती देना या फिर कुछ और …

सोशल मीडिया में कितने ही क़यास चल रहे है इन क़यासों के बीच रजनीश जैन लिखते हैं- लॉस एंजेलिस में चल रहे दंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं, लेकिन उनका भारत-विरोधी एजेंडा रुकने का नाम नहीं ले रहा। वायरल तस्वीरों में एक अप्रवासी  भारतीय छात्र को हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़ा हुआ देखकर हर भारतीय का खून खौल उठता है। यह न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान पर हमला है। फिर भी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रहस्यमयी चुप्पी देश को हैरान कर रही है।

ट्रम्प प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए भारतीयों को निशाना बनाया है। 2025 में सैन्य विमानों से 104 भारतीयों को हथकड़ियों में वापस भेजने की घटना ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं। सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने सही कहा कि भारत को अमेरिका से मानवीय व्यवहार की मांग करनी चाहिए थी, न कि अपराधियों सा बर्ताव स्वीकार करना चाहिए था। ट्रम्प का यह रवैया उनकी भारत-विरोधी नीतियों का हिस्सा है, जो भारत-पाकिस्तान युद्धविराम में मध्यस्थता के दावे और भारत के रूस-चीन संबंधों पर तंज से स्पष्ट है।

मोदी सरकार की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बनाती है। कभी ट्रम्प के लिए "अबकी बार ट्रम्प सरकार" का नारा देने वाले मोदी आज उनके सामने भारत का सम्मान दांव पर लगने के बावजूद खामोश हैं। क्या यह वही "मजबूत" भारत है, जिसका दावा सरकार करती रही है? विदेश मंत्रालय की ओर से सिर्फ औपचारिक बयानबाजी और सहयोग की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन ठोस कदमों का अभाव है।

भारत को अब कूटनीतिक दबाव बनाना होगा। ट्रम्प के टैरिफ और निर्वासन नीतियों का जवाब भारत को अपने व्यापारिक और सामरिक हितों की रक्षा करते हुए देना चाहिए। भारतीय छात्रों और प्रवासियों के सम्मान की रक्षा के लिए अमेरिका में भारतीय दूतावासों को सक्रिय होना होगा। मोदी सरकार को चाहिए कि वह ट्रम्प के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखे, न कि चुप्पी साधे। देश का स्वाभिमान दांव पर है, और अब समय है कि भारत अपनी आवाज बुलंद करे।  लेकिन सिंदूरी लाल अपने ग्यारह साल को सदी के बेहतरीन साल मनवाने को आमादा है।

रविवार, 8 जून 2025

मंदिर-मंदिर घुमते मस्क की सच्चाई क्या हिंदू धर्म का अपमान नहीं…

 मंदिर-मंदिर घुमते मस्क की सच्चाई क्या हिंदू धर्म का अपमान नहीं…


एलन मस्क के पिता एरोल के भारत आ कर मंदिर मंदिर घुमते तस्वीर को लेकर कितने ही सवाल है और सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि जिस व्यक्ति का पूरा जीवन सनातन धर्म के विपरीत रहा है उसे लेकर न तो नफ़रती चिंटुओं की भावना आहत हो रही है न ही मंदिर के पुजारियों की। गौ मांस का सेवन करने वाले एरोल सिर्फ़ बिज़नेस के लिए भारत आये हैं और वे मंदिर मंदिर सिर्फ़ सरकार को खुश करने घुम रहे हैं इसके बाद भी यदि नफ़रती चिंटुओं को उनके साथ तस्वीर खिंचाने में मज़ा आ रहा है तो आप भी जान ले कि एलन मस्क के इस पिता एरोल की हक़ीक़त…

एरोल ग्राहम मस्क का जन्म वाल्टर और कोरा अमेलिया मस्क ( नीरॉबिन्सन) के घर 25 मई 1946 को प्रिटोरिया में हुआ था। उनके पिता दक्षिण अफ़्रीकी थे और उनकी माँ अंग्रेज़ थीं। उन्होंने क्लैफ़हम हाई स्कूल में पढ़ाई की, जहाँ उनका मेय हल्दमैन के साथ रिश्ता शुरू हुआ [ 3 ] जिनसे उन्होंने 1970 में शादी की। [ 4 ] परिवार प्रिटोरिया में रहता था , जहाँ मेय ने आहार विशेषज्ञ और एक मॉडल के रूप में काम किया। [ 3 ] उनके पहले बच्चे, एलोन रीव मस्क का जन्म 28 जून 1971 को हुआ, जिसका नाम मेय के दादा जे. एलोन हल्दमैन के नाम पर रखा गया, रीव उनकी नानी का पहला नाम था। [ 3 [ 1 ]

1979 में मस्क और उनकी पत्नी मेय का तलाक हो गया। [ 3 [ 23 ] अपने संस्मरण में मेय ने अपनी शादी को अपमानजनक बताया और आरोप लगाया कि एरोल हिंसक था। [ 24 ] वह अपने तलाक के दौरान एक समय को याद करती है जब उसने एक पड़ोसी के घर में शरण ली थी जब एरोल उसे ढूंढते हुए चाकू लेकर आया था। [ 12 ] तलाक के बाद, मस्क ने अपने बच्चों की कस्टडी के लिए अपनी पूर्व पत्नी पर बार-बार मुकदमा किया। [ 12 ]उन्होंने कुछ समय के लिए सू नाम की एक महिला से शादी की थी। [ 12 ]

1990 के दशक की शुरुआत में, एरोल ने, जो उस समय 45 वर्ष के थे, 25 वर्षीय हेइडे बेजुइडेनहौट से विवाह किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह "मेरे जीवन में देखी गई सबसे सुंदर महिलाओं में से एक थी।" [ 25 ] बेजुइडेनहौट से उनकी दो बेटियाँ थीं। [ 26 ]

1992 में एरोल मस्क दक्षिण अफ्रीका में Heidi Bezuidenhout नाम की महिला से दूसरी शादी करते हैं ,


● Heidi को पहली शादी से चार साल की बेटी Jana थी...!


● Jana जब जवान होती है तब एरोल मस्क अपनी इस सौतेली बेटी को पेट से कर देता है अब तो वो दो बच्चों की माँ हैदोनों केबीच 42 वर्ष का अंतर है...!


 एलन मस्क अपने पिता की हरकत पर उन्हें EVIL कहा हैइस बात की सच्चाई इसकी ख़ुद की वेबसाइट विकिपीडिया पर भीमौजुद है...!


● अब ऐसे आदमी को एक राज्य में मंदिर दर्शन के नाम पर स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया जा रहा है क्या यह उचित है...?

दूसरी अहम बात ये एलन मस्क का पिता तो गौ मांस भी खाता है,

इसे प्रभु श्री राम जी के मंदिर औऱ अयोध्या में इतनी इज़्ज़त क्यो दी जा रही है VHP Digital वालो...?

या अब RSS org हिंदू की भावनाओं को रुपए में बेचते हो...?

● ज्ञात हो एलन मस्क ऐरोल मस्क की पहली बीवी से पैदा हुवे हैं जिसे ऐरोल मस्क ने तलाक़ देकर दूसरी महिला के साथ सालों तकलिव इन रिलेशनशिप में थे लेक़िन उससे कोई संतान नही होने से उससे अलग होकर तीसरी शादी Heidi Bezuidenhout नाम कीमहिला से किये जिस महिला की उसके पहले तलाकशुदा पति से महज 4 साल की बेटी थीजिसका नाम Jana है अब इसी सौतेलीबेटी के जवान होने पर ऐरोल मस्क को 2 औलाद Jana से हुवे हैं , ऐसे चरित्रहीन (कैरेक्टर लेसको मंदिरों में घुमाना स्टेट गेस्ट बनाना कितना  उचित है...!

शुक्रवार, 6 जून 2025

दोस्त दोस्त न रहा…

 दोस्त दोस्त न रहा…


दरअसल न तो ट्रंप किसी के दोस्त हो सकते हैं और न ही अमेरिका ? ऐसे में ट्रंप को जिताने के लिये जिस तरह से नमस्ते ट्रंप का नारा बेकार गया उसी तरह से एलन मस्क की दोस्ती भी छू हो गई । क्या होगा इसका दूरगामी परिणाम..

असल में दोस्ती बेहद ही नाजूक रिश्ता है, और यदि दोस्ती इसलिए हुई हो कि स्वार्थ पूरा हो तब इसका टूटना तय है और शायद यही वजह है कि अपनी दूसरी पारी में ट्रम्प ने इस दोस्ती की पोल खोल दी और न केवल मोदी सरकार बल्कि भारतीयों की बेइज्जत करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा लेकिन मोदी ख़ामोश हैं । क्यों? ये बड़ा सवाल है ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अपने उद्योगपति मित्र की वजह से क्या ब्लेकमेलिंग का शिकार हो रहे हैं 

तो दूसरी तरफ़ एलन मस्क से भी ट्रंप के रिश्ते समाप्त होने की ख़बर हैं लेकिन मोदी की तरह मस्क चुप नहीं हैं बल्कि वे खुलकर सामने आ गये हैं।

हालाँकि दोनों तरफ से आरोपों की झड़ी लग चुकी है , एक दूसरे को बर्बाद करने की कस्मे खाई जा रही है।  मस्क ट्रम्प पर महाभियोग चलाने के लिए कांग्रेस के सदस्यों से अपनी आत्मा जगाने की बात कर रहे है। ट्रम्प सरकारी ठेकों से मस्क को निकालने की बात कर रहे है। 

इसी दौरान मस्क ने ' एप्सटीन ' फाइल को सार्वजनिक करने की मांग कर दी है।  रंगीन मिजाज यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन ने आत्म हत्या कर ली है लेकिन उनके मुक़दमे से संबंधित दस्तावेजों में ट्रम्प का नाम भी आया है। ट्रम्प का चरित्र वैसे भी खुली किताब रहा है। आप चाहे तो दो और दो का जोड़ लगाकर अपनी राय बना सकते है !

दो भैंसों की लड़ाई में हमेशा घाँस कुचली गई है। कल डोजोन्स गिरकर बंद हुआ और टेस्ला के शेयर इतिहास में दूसरी बार 14 परसेंट हलके हुए। मस्क की दौलत के सागर से 34 बिलियन डॉलर की बूंद छलक गई। 

है न ग़ज़ब क़िस्से, दोस्ती के ये दोनों क़िस्से इतिहास में दर्ज तो होंगे लेकिन इसे किस रूप में लिया जाएगा , कहना मुश्किल है।