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सोमवार, 9 सितंबर 2024

अब इंदौर में रेप के आरोप में भाजपाई फँसे…

 अब इंदौर में रेप के आरोप में भाजपाई फँसे…

युवती को एफ़आईआर के लिए कोर्ट जाना पड़ा


गुजरात के राजकोट में छात्रा से बलालार करने वाले भाजपाईयों को गिरफ़्तार  करने से पुलिए किस तरह बचती रही यह मामला अभी लोगों के जेहन से उतरा भी नहीं है कि अब मध्यप्रदेश के इंदौर से खबर आ गई कि सामूहिक बलात्कार के आरोपियों के खिलाफ पुलिस में एफ़आईआर कराने युवती को न्यायालय जाना पड़ा तब कहीं जाकर पुलिस ने सामूहिक बलात्कार के आरोपियों के खिलाफ एफ‌आईआर दर्ज की। इस मामले का मुख्य आरोपी भाजपा नेता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि 34 साल की महिला की शिकायत पर शहजाद मडावरा, सलीम बारी निवासी श्रीनगर कांकड, सलीम तेली पुत्र ईद मोहम्मद निवासी खजराना, इरफान अली निवासी रसलपुर देवास और नजर पठान पर गैंगरेप की धाराओं में कार्रवाई की है।

पीड़िता के मुताबिक घटना 11 जून 2024 की है। वह कनाड़िया में किराये से फ्लैट देखने जा रही थी। तभी एक थार गाड़ी से सामने से आई स्कूटी के यहां रोक दी। इस कार से इरफान अली उतरा। वह मुझे जबरदस्ती कार में बैठाने लगा। कहा कि तुझे सलीम भाईजान से 10 से 12 लाख रुपए दिलवा देता हूं।मैंने काफी विरोध किया तो कार की पीछे की सीट पर सलीम तेली निकला। उसने कहा सड़क पर ही इसे कपड़े उतार दो। फिर एक मिनट में गाड़ी में बैठ जाएगी। इसके बाद सलीम बारिक नाम का लड़का उतरा और मुझे खींचकर जबरदस्ती गाड़ी में बैठा दिया। उसी समय सफेद रंग की दूसरी कार से शहजाद उतरा। उसने भी अपशब्द कहे।

इसके बाद सभी पीड़िता को कार में बैठाकर अपहरण किया और अरविंदो अस्पताल के यहां गोदाम में ले गए। यहां कमरे में टीवी चालू कर सभी शराब पीने लगे।

तभी स लीम ने बेल्ट निकाला और मुजरा करने को कहा। करीब आधे घंटे बाद सभी ने अननैचुरल सेक्स को लेकर दबाव बनाने लगे। मना किया तो नजर पठान ने बेल्ट से बुरी तरह से मारा। फिर सभी एक के बाद एक बेल्ट से मारने लगे। सभी ने नशा किया और पीड़िता के साथ रेप किया।

पीड़िता ने एफआईआर में लिखवाया कि मैं चिल्लाई तो टीवी पर चल रही अश्लील फिल्म की आवाज तेज कर दी। सलीम तेली ने अननैचुरल सेक्स के लिए मजबूर किया। मेरे साथ शैतानों जैसी हरकत की। कुछ देर बाद मुझे नजर पठान मुझे एक्टिवा पर बैठाकर एमआर10 ब्रिज के यहां छोड़कर भाग गया।

यहां से मैं अपनी बहन के यहां पर मूसाखेड़ी चली गई। पीड़िता ने बताया कि वह इनके खिलाफ शिकायत करने थाने पहुंची। कनाड़िया पुलिस ने भी उसकी सुनवाई नहीं की। आरोपियों को पता चला तो उन्होंने मुझे काफी डराया। सोमवार रात कनाड़िया पुलिस ने पांचों आरोपियों पर केस दर्ज किया है।

देवास में भाजपा का पार्षद रह चुका इरफान गैंगरेप का एक आरोपी इरफान भाजपा का पार्षद रह चुका है। वह स्थानीय भाजपा विधायक का करीबी भी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इरफान आरोपी सलीम सहित अपने अन्य दोस्तों के साथ कुछ दिन पहले गोवा घूमने गया था।

शनिवार, 7 सितंबर 2024

थम नहीं रहा भाजपाईयों का रेप कांड...

 बंगाल पर बवाल, राजकोट पर चुप्पी... 

थम नहीं रहा भाजपाईयों का रेप कांड...



कलकत्ता में जूनियर डाक्टर  के साथ बलात्कार के बाद हत्या का आरोपी गिरफ्तार हो गया, सीबीआई जांच शुरु हो गई, विधानसभा में कड़े कानून भी बन गये लेकिन बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन दूसरी तरफ राजकोट में एक छात्रा के साथ हुई बलालार के मामले में बीजेपी शायद इस लिए चुप है क्योंकि बलालार करने वाले भाजपाई है और उन्हें ४० दिनों बाद भी पुलिस गिरफ्तार करने से बचती रही और कोर्ट के द्वारा जमानत खारिज करने के बाद आरोपी ने ख़ुद सरेंडर किया।

जबकि एक अन्य मामले में हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायक हंसराज के खिलाफ बलाकार की शिकायत लिखाने वाली युवती ने यह कहते हुए शिकायत वापस ले ली कि उसने बहकावे में शिकायत की थी। बाकि आप समझदार है कि कैसे वृजभूषण शरन सिंह के खिलाफ पास्को एक्ट हट गया था। दोनों ही मामलो को लेकर जो मीडिया रिपार्ट आई है उससे बीजेपी में हड़कंप मचा हुआ है लेकिन दोनों ही राज्यों में सरकार होने और आरोपियों के पार्टी से जुड़े होने के बाद यह सवाल सोशल मीडिया में तेजी से उठ रहा है कि आखिर भाज़पा के नेताओं पर इतने आरोप  क्यों. ? भाजपा के 12 सांसदों के नामो के अलावा बृजभूषण शरण सिंह, राम-रहीम को संरक्षण के  अलावा बलात्कारियों के स्वागत सत्कार की तस्वीरें एक बार फिर वायरल हो रही है। राजकोट और हिमाचल की खबरें कुछ इस प्रकार है

एक 21 साल की युवती के रेप के आरोप में 40 दिनों से फरार BJP कार्यकर्ता विजय रादड़िया ने आत्मसमर्पण कर दिया है. उसे जेल भेज दिया गया है). विजय, राजकोट के एक गांव में स्थित शैक्षणिक संस्थान का ट्रस्टी है. पीड़िता उसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ती थी. कोर्ट के आदेश के बाद विजय को 9 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा

विजय की पत्नी दक्षा राजकोट ज़िला पंचायत की सदस्य हैं. उन्होंने इस मामले में अपने पति की गिरफ़्तारी पर रोक लगाने की मांगी की थी. लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. इसी के दो दिन बाद ये गिरफ़्तारी हुई है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि जून 2023 में शैक्षणिक परिसर में 2 लोगों ने उसका रेप किया. इसके बाद विजय और गांव के पूर्व सरपंच मधु थधानी के ख़िलाफ़ 25 जुलाई को मामला दर्ज किया गया.

युवती ने बताया कि वो संस्थान में ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रही थी और कैंपस के एक हॉस्टल में भी काम कर रही थी. मधु थधानी और विजय रादड़िया की संस्थान के तत्कालीन मैनेजिंग ट्रस्टी से दोस्ती थी. इसीलिए वो अक्सर कैंपस में आया करते थे. FIR के मुताबिक़, जून 2023 से मधु और विजय ने कथित तौर पर उसे 'आंख मारना और मुस्कुराना' शुरू कर दिया. लगभग 15 दिन बाद मधु ने उसे फ़ोनकिया।

इसके बाद दोनों व्यक्ति कथित तौर पर उसके कमरे में गए, उसे धमकाया और बारी-बारी से उसके साथ रेप किया. FIR में युवती ने ये भी आरोप लगाया कि मधु ने कहा कि संस्थान के तत्कालीन मैनेजिंग ट्रस्टी को सब कुछ पता था. मधु यधानी ने इसके बाद भी उसका यौन उत्पीड़न किया. मई, 2024 में वो आगे की पढ़ाई के लिए सूरत चली गई. लेकिन मधु ने फिर भी उससे दो बार मुलाक़ात की, आख़िरी बार 12 जुलाई को.इस दौरान भी मधु यधानी ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसे धमकाया. उससे शादी करने के लिए कहा और चेतावनी दी कि वो उसे किसी और आदमी से सगाई नहीं करने देगा. मधु पेशे से किसान और बिल्डर है. मधु को 2 अगस्त, 2024 को गिरफ़्तार किया गया था. वो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

इस बीच, विजय रादड़िया फरार हो गया था. उसने 26 जुलाई को राजकोट डिस्ट्रिक्ट एंट सेशल कोर्ट में अग्रिम ज़मानत की अर्जी दी थी. याचिका का विरोध करते हुए राजकोट ग्रामीण पुलिस ने अपने हलफ़नामे में कहा,आरोपी याचिकाकर्ता की पत्नी राजकोट ज़िला पंचायत की सदस्य हैं. वो ख़ुद राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है और इसलिए अग्रिम ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए. क्योंकि अगर उसे अग्रिम ज़मानत दी जाती है, तो वो गवाहों को प्रभावित करने और सज़ा से बचने की कोशिश करेगा.

इसी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 3 सितंबर को विजय रादड़िया की ज़मानत याचिका खारिज कर दी. फिर 5 सितंबर को उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. उसे गिरफ़्तार किया गया और 6 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे 9 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

BJP की प्रतिक्रिया

इस बीच, राजकोट के BJP नेताओं का कहना है कि मामले के बारे में पार्टी हाईकमान को बताया जाएगा. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, BJP की राजकोट ज़िला इकाई के महासचिव हरेश हेरभा ने कहा,

चूंकि वो हमारे कार्यकर्ता हैं, इसलिए हम इस मामले की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को देंगे. आगे की कार्रवाई के लिए उनसे मार्गदर्शन मांगेंगे.

वहीं, शैक्षणिक संस्थान के मौजूदा मैनेजिंग ट्रस्टी ने कहा कि वो जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. विक्टिम को न्याय दिलाने के लिए पूरी शक्ति से काम किया जा रहा है. परिसर में 200 CCTV कैमरे लगे हैं और बाहरी लोगों को परिसर में एंट्री की अनुमति नहीं है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है

BJP विधायक पर पार्टी कार्यकर्ता की बेटी से नग्न तस्वीरें मांगने का आरोप, FIR के बाद पलट क्यों गई युवती?

हंसराज, हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले के चुराह से तीसरी बार के विधायक हैं. वो हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और BJP की राज्य इकाई के वर्तमान उपाध्यक्ष भी हैं. उनके ख़िलाफ़ 9 अगस्त को चंबा के महिला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज किया।

बाद में युवती ने कहा कि 'मानसिक तनाव' में और किसी के 'बहकावे' में आकर शिकायत दर्ज कराई है. 

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के BJP विधायक हंस राज (BJP MLA Hans Raj) के ख़िलाफ़ एक 20 साल की युवती की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. FIR के मुताबिक़, हंस राज ने कथित तौर पर युवती को अश्लील मैसेज भेजे, नग्न तस्वीरें मांगी और धमकाया. बताया गया कि युवती एक BJP कार्यकर्ता की बेटी है. हालांकि, बाद में युवती ने फ़ेसबुक पर लाइव आकर बताया कि उसने 'मानसिक तनाव' में और किसी के 'बहकावे' में आकर शिकायत दर्ज कराई है.