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बुधवार, 29 जुलाई 2026

नव्या मलिक ड्रग्स केस: रायपुर के 8 बड़े होटल-पब ED के रडार पर, चीन दौरों और वसूली डायरी से हिला सिस्टम

 नव्या मलिक ड्रग्स केस: रायपुर के 8 बड़े होटल-पब ED के रडार पर, चीन दौरों और वसूली डायरी से हिला सिस्टम 


छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नव्या मलिक ड्रग्स केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ एंट्री के बाद इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट के तार लगातार गहराते जा रहे हैं [00:10]। इंटीरियर डिजाइनर से ड्रग्स सिंडिकेट के केंद्र तक पहुंची नव्या मलिक मामले में अब राजधानी रायपुर के 8 बड़े प्रतिष्ठित होटल और पब्स ईडी के सीधे निशाने पर आ चुके हैं [00:19]। ईडी की जांच में वित्तीय लेनदेन, इंटरनेशनल हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और रसूखदारों से ब्लैकमेलिंग-उगाही का एक बड़ा ढांचा सामने आ रहा है।

1. 850 रईसजादे, अश्लील तस्वीरें और उगाही का खेल

पुलिस जांच और शुरुआती दावों के मुताबिक, नव्या मलिक के नेटवर्क में शहर के लगभग 850 रईसजादे और हाई-प्रोफाइल लोग जुड़े हुए थे [02:25]। आरोप है कि ड्रग्स पार्टियों के बहाने रसूखदारों को फंसाया जाता था और बाद में अश्लील तस्वीरों व वीडियो के जरिए उनसे मोटी रकम की उगाही की जाती थी [02:37]। पुलिस को नव्या मलिक के इस पूरे खेल की प्राथमिक जानकारी उसके मंगेतर के जरिए ही मिली थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था [02:08]।

2. पुलिस की 'वसूली डायरी' और SIT का गठन

मामले ने तब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तहलका मचा दिया, जब पुलिस की कथित 'वसूली की डायरी' के पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए [03:07]।

 इस डायरी में किस-किस रसूखदार और अधिकारी को मामले से बचाने के लिए कितनी रकम दी गई, इसका ब्योरा दर्ज होने की बात सामने आई [03:27]।

 पुलिस पर ही बड़े चेहरों को बचाने और उगाही करने के आरोप लगने के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया [03:52]।

3. ED की एंट्री: विदेशी यात्राएं और 'चीन कनेक्शन'

करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन और हवाला सिंडिकेट का संदेह गहराते ही केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हुई [04:02]। ईडी ने नव्या मलिक के पासपोर्ट और बैंक अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया [04:11]।

 12 विदेशी यात्राएं और 8 बार चीन का दौरा: जांच में खुलासा हुआ कि नव्या मलिक ने दर्जनभर विदेशी यात्राएं कीं, जिनमें से 8 बार उसने चीन (China) की यात्रा की थी [06:36]।

 हवाला और शेल कंपनियां: ईडी को अंदेशा है कि इन विदेशी दौरों की फंडिंग और संदिग्ध बैंक खातों के पीछे अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क और शेल कंपनियों का हाथ है [04:32]।

4. रायपुर के 8 बड़े होटल व पब्स बने अड्डे

ईडी के सूत्रों के मुताबिक, नव्या मलिक ने रायपुर के 8 प्रमुख होटलों और पब्स को अपने सिंडिकेट का मुख्य अड्डा बना रखा था [05:13]।

 इन होटलों और पब्स में वीकेंड्स पर लाखों रुपये का नशे का कारोबार होता था [05:32]।

 ईडी अब इन 8 होटलों के मालिकों, प्रमोटर्स और मैनेजर्स के बैंक खातों तथा नव्या मलिक के सीधे वित्तीय संबंधों की कड़ियों की गहन पड़ताल कर रही है [05:56]।

क्या नव्या महज एक 'मोहरा' है?

इस पूरे केस में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या नव्या मलिक सिर्फ इस सिंडिकेट का चेहरा (फ्रंटमैन) थी [07:08]? ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पर्दे के पीछे बैठकर रायपुर के नाइटलाइफ और ड्रग्स सिंडिकेट को कंट्रोल करने वाले 'असली वजीर' कौन हैं [07:20]। आने वाले दिनों में रायपुर के कई बड़े प्रमोटरों और रसूखदारों पर ईडी की कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है [06:19]।

वीडियो देखें 

रविवार, 29 सितंबर 2024

ईडी ने वसूली तो छत्तीसगढ़ में भी की है...

 ईडी ने वसूली तो छत्तीसगढ़ में भी की है...

कहाँ है रामगोपाल…


इलेक्ट्रोरल बांड ने मोदी ब्राण्ड को बुरी तरह बेनकाब कर दिया है, बेंगलुर की अदालत के द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सितारमन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा सहित 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश ने इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि मोदी सरकार में ईडी का काम क्या था।

ऐसे में छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला, कोयला परिवहन घोटाला, महादेव सट्‌टा एप सहित कई मामलों की जांच में भी क्या इडी ने वसूली की है। यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है, क्योंकि इडी की  कार्रवाई पहली नजर में पक्षपात पूर्ण दिखाई देने लगी है।

ईडी की कार्रवाई मैं जो पहला पक्षपात दिखाई देता है वह आई एएस व आईपी एस अफसरों पर कार्रवाई को है और इसके बाद गिरफ्तारी की सूची में उन नामों का ग़ायब होना जिस पर सबसे ज्यादा संदेह था। उसके अलावा कुछ लोगों को फ़रार होने का मौका देना और इसके बाद ई ओ डब्ल्यू में एफआई आर की सूची।

छत्तीसगढ़ में इडी की वसूली की चर्चा में वे नाम सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में है जिसका नागपुर कनेक्शन है । और कहा जाता है कि ऐसे आईपीएस अफ़सरों से 15 से 25 करोड़ के बीच वसूली हुई है। कोयला परिवहन घोटाले से जुड़े इन अफसरों से पूछताछ तो हुई है लेकिन पैसा लेकर छोड़ देने का आरोप है और इन अफसरों की साय सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति भी कम चौंकाने वाला नहीं है।

इस पूरे मामले में सबसे चर्चित नाम तो आईएएस विवेक ढांड और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और  उसके रिश्तेदार है। कहा जाता है कि रामगोपाल को सेंटिंग के तहत ही फरार होने का मौका दिया गया।

हुब इस खेल में क्या क्या हुआ और कौन कौन आरोपी बचा लिये गए है हम आपको बताते रहेंगे, आरोपों से घिरे अफसरों को साय सरकार ने कैसे सर माथे पर बिठाया है और उनका नागपुर कनेक्शन भी  चर्चा में है।