निर्मला सीतारमन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
निर्मला सीतारमन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 29 सितंबर 2024

ईडी ने वसूली तो छत्तीसगढ़ में भी की है...

 ईडी ने वसूली तो छत्तीसगढ़ में भी की है...

कहाँ है रामगोपाल…


इलेक्ट्रोरल बांड ने मोदी ब्राण्ड को बुरी तरह बेनकाब कर दिया है, बेंगलुर की अदालत के द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सितारमन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा सहित 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश ने इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि मोदी सरकार में ईडी का काम क्या था।

ऐसे में छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला, कोयला परिवहन घोटाला, महादेव सट्‌टा एप सहित कई मामलों की जांच में भी क्या इडी ने वसूली की है। यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है, क्योंकि इडी की  कार्रवाई पहली नजर में पक्षपात पूर्ण दिखाई देने लगी है।

ईडी की कार्रवाई मैं जो पहला पक्षपात दिखाई देता है वह आई एएस व आईपी एस अफसरों पर कार्रवाई को है और इसके बाद गिरफ्तारी की सूची में उन नामों का ग़ायब होना जिस पर सबसे ज्यादा संदेह था। उसके अलावा कुछ लोगों को फ़रार होने का मौका देना और इसके बाद ई ओ डब्ल्यू में एफआई आर की सूची।

छत्तीसगढ़ में इडी की वसूली की चर्चा में वे नाम सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में है जिसका नागपुर कनेक्शन है । और कहा जाता है कि ऐसे आईपीएस अफ़सरों से 15 से 25 करोड़ के बीच वसूली हुई है। कोयला परिवहन घोटाले से जुड़े इन अफसरों से पूछताछ तो हुई है लेकिन पैसा लेकर छोड़ देने का आरोप है और इन अफसरों की साय सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति भी कम चौंकाने वाला नहीं है।

इस पूरे मामले में सबसे चर्चित नाम तो आईएएस विवेक ढांड और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और  उसके रिश्तेदार है। कहा जाता है कि रामगोपाल को सेंटिंग के तहत ही फरार होने का मौका दिया गया।

हुब इस खेल में क्या क्या हुआ और कौन कौन आरोपी बचा लिये गए है हम आपको बताते रहेंगे, आरोपों से घिरे अफसरों को साय सरकार ने कैसे सर माथे पर बिठाया है और उनका नागपुर कनेक्शन भी  चर्चा में है।

शुक्रवार, 27 सितंबर 2024

बुरी तरह फँस गई निर्मला सीतारमण

 बुरी तरह फँस गई निर्मला सीतारमण


घटिया और अमानक स्तर की दवाइयों को लेकर चल रहे विवाद के बीच जब बंगलुर के कोर्ट ने वित्त मंत्री निर्मला सितारमण के खिलाफ एफ‌आईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया तो सहसा इलेक्ट्रोरल बांड की फ़ाइले आंखों के आगे सामने आ गई।

वित्त मंत्री निर्मला सितारमण के खिलाफ क्या है मामला हम बताये इससे पहले यह बता दे कि वित्त मंत्री के खिलाफ जो जुर्म दर्ज करने का आदेश दिया गया है उसका संबंध भी वही इलेक्ट्रोरल बांड से है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अवैध तो बताया लेकिन इस अबैध कमाई की राशि को जब्त करने की हिम्म्मत नहीं जुटा पाया।

इलेक्ट्रोरल बांड की सूची में चंदा देने वालों में तब आधा दर्जन से अधिक ऐसी दवा कंपनियों के नाम थे जिन्होंने मोदी सत्त्रा की बीजेपी को करोड़ों-अरबों रूपये चंदा दिया था, इन चंदा देने वाली दवा कंपनियों  में वे कंपनी भी शामिल थी जिनकी दवाईयां घटिया निकली थी और इनमें से कुछ की जाँच रोक दी गई थी तो कुछ को क्लीन चीट दे दी गई थी।

यानी आम लोगों की जान की कीमत पर दवा कंपनियों से इलेक्ट्रोरेल बांड के रूप में चंदा वसूला गया था। तब भी धमकी-चमकी, काम लो पैसा दो के आरोप मोदी सत्ता पर लगे थे लेकिन न जांच हुई और न ही इन आरोपों पर  कोई जुर्म दर्ज ही हुआ।

ऐसे में घटिया 53 दवाईयों के  सप्लाई का मामला जो अब सामने आया है उसे लेकर मोदि सत्ता फिर सवालों में है। लेकिन अब इलेक्ट्रोरल बॉड की लूट की परतें उधड़ने लगी है तो निर्मला सितारमण के खिलाफ जुर्म दर्ज हो गया है । 

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड के जरिए कथित जबरन वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। ये आदेश बेंगलुरु की पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव कोर्ट ने दिया है। जनाधिकार संघर्ष परिषद (जेएसपी) के सह-अध्यक्ष आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु की अदालत में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।

कई नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज

आदर्श अय्यर ने आरोप लगाया कि चुनावी बॉन्ड के जरिए धमकी देकर जबरन वसूली की गई। जन अधिकार संघर्ष परिषद ने पिछले साल अप्रैल में 42वें ACMM कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ईडी अधिकारियों, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पार्टी के अन्य राष्ट्रीय नेताओं, बीजेपी के तत्कालीन कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बी वाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी। अदालत ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस थाने को चुनावी बॉन्ड के जरिए जबरन वसूली का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।