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रविवार, 17 अक्टूबर 2010

विवादास्पद सिंह साहब भी मोहन के बंगले में...

अजय को डुबाया अब...!
 छत्तीसगढ़ के दमदार माने जाने वाले पीडब्ल्यूडी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का विवादों से पुराना नाता है इन दिनों उनके बंगले में आर.एन. सिंह का दबदबा है और कभी इनका दबदबा अजय चंद्राकर के बंगले में रहा है। पीएसी में चयन को लेकर विवाद में रहे आर.एन. सिंह इन दिनों अपने दबदबे से सुर्खियों में हैं।
छत्तीसगढ़ में वैसे तो अफसरराज ही नहीं चल रहा है बल्कि दागी और विवादास्पद छवि के लोगों को सरकार द्वारा प्रश्रय भी दिया जा रहा है। दमदार मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विभाग में सर्वाधिक दागी और विवादास्पद अधिकारियों का जमावड़ा है। दंतेवाड़ा शिक्षा अधिकारी डा.एच. आर. शर्मा, श्रीमती आर.बाम्बरा, मैडम तवारिस, अजय श्रीवास्तव, एमजी श्रीवास्तव, सुब्रत साहू, एम.के. राउत के अलावा अब मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बंगले में पदस्थ आर.एन. सिंह का नाम भी विवादास्पद अधिकारियों में जुड़ गया है।
कहा जाता है कि जिन अधिकारियों को उनकी करतूतों के कारण बर्खास्त कर देना चाहिए उन लोगों को सरकार द्वारा प्रश्रय दिया जा रहा है। बताया जाता है कि पीएससी में चयन के दौरान आर.एन. सिंह भी सुर्खियों में रहे हैं। दरअसल सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मिली है उसके तहत यह बात स्पष्ट होने लगा है कि आर.एन. शर्मा का चयन न केवल गलत ढंग से हुआ है बल्कि वे चयन के पात्र ही नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक पीएससी चयन में लिे गए साक्षात्कार में आरएन शर्मा को आठवां स्थान मिला था और जब मेरिट बनी तो वे तीसरे नम्बर पर पहुंच गए। यह गोलमाल कहा और केसे हुआ यह जांच का विषय है। लेकिन कहा जाता है कि तब तत्कालीन मंत्री अजय चंद्राकर के बंगले में आर.एन. शर्मा को पदस्थ किया गया।
बताया जाता है कि अजय चंद्राकर को अपनी करतूत के कारण विधानसभा में हार का मुंह देखना पड़ा तब आर.एन. सिंह के लिए बृजमोहन अग्रवाल का दरबार सज गया। सूत्रों की माने तो श्री सिंह को बृजमोहन अग्रवाल के बंगले में पदस्थ करने में अजय चंद्राकर ने ही सिफारिश की थी। इधर आर.एन. सिंह के चयन को लेकर जब सवाल उठने लगे तो एक बार फिर मामले की लीपापोती की जा रही है। बताया जाता है कि इन दिनों मंत्री के बंगले में उनके व्यवहार को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है और इसकी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से मोहन समर्थक ही गड़े-मुर्दे उखाड़ने में लगे हैं। बहरहाल दागी और विवादास्पद अधिकारियों के जमावड़े ने एक बार फिर दमदार माने जाने वाले मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को सुर्खियों में ला दिया है।