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सोमवार, 4 अगस्त 2025

नाम श्रीराम सेना, काम रावण से भी घटिया…

 नाम श्रीराम सेना, काम रावण से भी घटिया… 


नफ़रत की राजनीति इस देश को कहाँ ले जाएगा, और क्या क्या देखना पड़ेगा, क्या श्रीराम सेना के इन दरिंदों को मासूम बच्चों पर भी दया नहीं आई, स्कूल में पीने के पानी की टंकी में ज़हर… कैसे नफ़रत का यह खेल ख़त्म होगा, बहुसंख्यक होने के कारण उन्हें हर वह बात जायज लगती है जो मुसलमान के ख़िलाफ़ होती है. अब चाहे कितने ही बेकसूर और निर्दोष लोग मारे जाएं लेकिन अधिकांश हंसी की इमोजी और अश्लील वक्तव्य देते हुए एक कट्टर विचार को महानता की तरफ पेश करते हैं. लेकिन इन अपराधियों को नज़र नहीं आया कि कम से कम बच्चों को नुकसान ना पहुंचाए, नफरत की आग में अंधे होकर मासूम बच्चों को ही निशाना बनाने लगे. 

कर्नाटक के बेलगावी में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कुछ शरारती तत्वों ने साजिश के तहत एक सरकारी स्कूल के टैंक में जहरीला पदार्थ मिला दिया। इस घटना से स्कूल के दर्जन भर छात्र बीमार पड़ गए। 14 जुलाई को हुई इस घटना में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें श्री राम सेना का एक स्थानीय नेता भी शामिल है। 

पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य प्रधानाध्यापक सुलेमान गोरिनाइक के इर्द-गिर्द दहशत और संदेह पैदा करना था। जो 13 सालों से हुलिकट्टी के सरकारी निचले प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। पुलिस ने ऐसा प्रतिष्ठा को धूमिल करने और ट्रांसफर कराने के इरादे से किया गया था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जहर देने की इस कोशिश की निंदा की और इसे धार्मिक कट्‌टरपंथ करार दिया है।

पानी की टंकी में जहर मिलाने से 12 छात्र बीमार पड़ गए थे। गनीमत यह रही है कि किसी बच्चे की जान नहीं गई। पुलिस ने अब पूरे मामले की गहराई से जांच करने के बाद चौंकानेवाला खुलासा किया है। स्कूल में काफी बच्चों के बीमार पड़ने पर हड़कंप मच गया था। इससे अधिकारियों और अभिभावकों के बीच चिंता खड़ी हो गई थी। ये सभी बच्चे अब ठीक हो गए हैं लेकिन इस घटना की जांच में सन्न कर देने वाला खुलासा सामने आया है।

पुलिस ने पाया कि जहर देने की यह घटना पांचवीं कक्षा के एक छात्र द्वारा की गई थी। यह घटना बेलगावी के सवादत्ती तालुक के हुलिकट्टी गांव में हुई। छात्र से जब और पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बोतल में एक हानिकारक पदार्थ दिया गया था। इसे पानी की टंकी में डालने को कहा गया था। छात्र ने बोतल देने का नाम पुलिस को कृष्ण मदार बताया।

जांच में पता चला कि कृष्ण ने दबाव में आकर यह काम किया था। पुलिस के अनुसार सागर पाटिल और नागनगौड़ा पाटिल उसे ब्लैकमेल कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर उसके अंतर्जातीय प्रेम संबंधों का पर्दाफाश करने की धमकी दी थी। कृष्ण ने उनकी मांग मान ली। 

पुलिस के अनुसार सागर पाटिल श्री राम सेना का तालुक स्तरीय का नेता है। वह इस पूरे घटना का माटरमाइंड था। पुलिस का कहना है कि पाटिल ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह स्थानीय सरकारी स्कूल में एक मुस्लिम प्रधानाध्यापक के पद पर आसीन होने से नाराज था। पुलिस ने तीनों आरोपियों सागर पाटिल, नागनगौड़ा पाटिल और कृष्ण मदार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गुरुवार, 29 मई 2025

बीजेपी में इतनी नफ़रत कैसे भर गई…

 बीजेपी में इतनी नफ़रत कैसे भर गई… 


आख़िर मुसलमान देखकर क्यों भड़क जाते हैं भाजपा के नेता, आख़िर इनमें इतनी नफ़रत किसने भारी है। क्या संघ ने या मोदी ने…? सवाल तो है क्योंकि इस विषवमन की फ़ेहरिस्त है। अब कर्नाटक के बीजेपी नेता रवि कुमार ने विषवमन किया है । क्या है पूरा मामला….

ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार नहीं हुआ है जब किसी बीजेपी नेता ने देश की सेवा करने वाले किसी अधिकारी को लेकर टिप्पणी की हो. इसके पहले मध्य प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह भी विवादित बयान दे चुके हैं.और दुख की बात तो यह है कि सेना के शौर्य का बखान करने वाले मोदी भी उन्हें मंत्री पद से  नहीं हटवा पाये हैं। 

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने ‘कलबुर्गी चलो कैंपेन’ के तहत 24 मई को एक रैली आयोजित की गई थी. जहां बीजेपी नेता रवि कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां का जिला प्रशासन कांग्रेस के दबाव पर काम करता था.

इसी को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर के कार्यों की नीतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कलबुर्गी जिला कलेक्टर दफ्तर ने भी अपनी आजादी खो दी है. जिला कलेक्टर मैडम भी इस समय कांग्रेस की ही सुन रही हैं. मुझे नहीं पता कि जिला कलेक्टर पाकिस्तान से आईं हैं या यहां की आईएएस अधिकारी हैं.

आईएएस अधिकारी संघ ने की बयान की निंदा

आईएएस अधिकारी संघ ने बीजेपी नेता रवि कुमार के बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियों को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा. संघ ने कहा कि कुमार को अपनी टिप्पणी पर बिना किसी शर्त के माफी मागं लेनी चाहिए.

संघ ने IAS फौजिया तरन्नुम के कामों की तारीफ करते हुए कहा कि फौजिया तरन्नुम पर एक साफ सुधरी छवि वाली अधिकारी हैं. इसका एक ट्रैक रिकॉर्ड भी रहा है. और वे सार्वजनिक सेवा और राज्य के प्रति गहरी समर्पण की अधिकारी हैं. उनके खिलाफ रवि कुमार द्वारा की गई टिप्पणी निराधार, अनुचित और पूरी तरह से तर्कहीन है.

संघ की तरफ से कहा गया कि रवि कुमार ने जो बयान दिया इस तरह के भड़काऊ और झूठे बयान न केवल प्रतिबद्ध सिविल सेवकों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि गंभीर मानसिक आघात भी पहुंचाते हैं और कर्तव्य की पंक्ति में उत्पीड़न के समान हैं. इसके साथ ही संघ ने इस तरह की टिप्पणियों पर भी चिंता जाहिर की है. संघ ने साफ किया कि वे आगे आने वाली किसी भी स्थिति में अपने अधिकारी के साथ खड़े हैं.