मौत का सामान बन रहा तरबूज
गर्मी तेज पड़ने लगी है और इसके साथ ही तरबूज की मांग भी बढ़ गई लोगों को अच्छे तरबूज चाहिए लाल रंग के तरबूज चाहिए और शायद इसका फायदा उठाते हुए बहुत सारे तरबूज के व्यापारी खाने का रंग खाद्य और औषधि प्रशासन द्वारा अनुमति मिला हुआ है एरिथ सन नामक यह खाद्य रंग कितना हाम फूल है कितना फायदे जनक है इसे लेकर कई तरह के विवाद हमेशा ही उठते रहे हैं
पुलिस भी इंजेक्शन के जरिए तरबूज मेंलाल रंग करने वालों को गिरफ्तार भी करती है कारवाही भी करती है लेकिन पुलिस क्यों नहीं पहुंच पाती असली व्यापारी तक केवल इंजेक्शन लगाने वाले नौकरों तक ही क्यों सीमित हो जाती यह एक अलग सवाल है दरअसलएरिथ सन को खाद्य एवं औषधि प्रशासन से अनुमति मिली हुई है इसके बाद भी यदि इसे तरबूज में मिलाने के बाद लोगों की तकलीफ शुरू हो जाती है उल्टी दस्त पेट दर्द और अब तो मौत तक की खबर आने लगी तब क्या लोगों को इस बात का ध्यान नहीं रखना चाहिए कि वे ऐसी तरबूज ना खरीदे बड़ा सरल सा परीक्षण है इसके आप तरबूज को कटवा लीजिए और कॉटन रुई से आप उस लाल रंग में काटन और रुई को फेरिए तो यदि वह लाल हो जाता है तो उसमें एरिथ सिन मिलाई गई है लेकिन लोगों को तो साबुत तरबूज घर ले जाना है तब उनके सामने क्या उपाय कई बार इसे लेकर सवाल उठते रहे हैं 1990 के दशक में तो वाशिंगटन पोस्ट ने यानी अमेरिका के उस बड़े चर्चित अखबार में इसके प्रतिबंध लगाने की भी खबरें प्रसारित कर दी गई थी लेकिन बार-बार रिसर्च के बाद भी यह कहा जाता है कि यह मनुष्य के लिए नुकसानदायक नहीं है चूहे में प्रयोग हुआ था उसके कुछ
लक्षण आए थे एक तो दूसरी तरफ विशेषज्ञों का यह भी दावा है कि बड़े लंबे समय तक सेवन करने के बाद ही इसमें में कैंसर या थायराइड जैसी बीमारी हो सकती है के लक्षणपाए गए हैं तब सवाल यह है कि आखिर जो खबरें आ रही है उत्तर प्रदेश की खबरें हैं एक लड़की अपने घर की सबसे बड़ीथी और उसने तरबूज खाया उसके बाद उसे पेट में दर्द हुआ उल्टी हुआ अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई इसी तरह की और भी खबरें कुछ लोग ठीक भी हुए हैं तो क्या इंजेक्शन लगाने के दौरान एहतियात नहीं बढ़ता जाता है जब वैज्ञानिकों ने कह दिया कि यह बहुत ज्यादा हार्मफुल नहीं है और लाखों लोगों में से एक आक को थायराइड याकैंसर जैसी बीमारी हो सकती है तब यदि घटना हो रही है तो क्या इससे बचा जाना नहीं चाहिए यकीनन बचा जाना चाहिए पुलिस ने पिछले दिनों कुछ लोगों को गिरफ्तार भीकिया इंजेक्शन लगाते हुए बकायदा लेकिन वे नौकर थे वे कह रहे हैं कि उन्हें मालिक नौकरी पर रखा और मालिक जैसा आदेश देंगे वे करेंगे लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही यदि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की अनुमति है कि यह खाने की चीजों में मिलाई जा सकती है तब इसे क्या कहा जाए या इसका क्या किया जाए फिलहाल तो हम अपने पाठकों को यही सलाह दे सकते हैं या दर्शकों को यही सलाह दे सकतेहैं कि वे इस तरीके से मिश्रित चीजों से बचे शुद्धता वाली चीजों पर ही भरोसा करेंवीडियो देखें
