घोटालेबाज़ को वीआईपी सुविधा देने का मामला तूल पकड़ा, जुर्म दर्ज
जो सरकार में बैठे लोग सत्ता में आने से पहले घोटाले बाजों को उल्टा लटका कर सीधा करने का दावा करते नहीं थकते यदि उसी सरकार में घोटाले बाजों को वीआईपी संरक्षण मिल रहा है सब तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है जेल में भी अस्पताल में भी और उससे इतर होटलों में भी तब इसे आप क्या कहेंगे
मामला छत्तीसगढ़ का है डबल इंजन की सरकार का है जहां चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने साफ तौर पर कहा था कि भ्रष्टाचारियों को बक्सा नहीं जाएगा लेकिन हाल यह है कि अब सारा खेल सब कुछ वही विष्णु देव साय सरकार कर रही है जिस आरोप के आसरे वह चुनाव जीती है मामला कस्टम मिलिंग का है कोयला घोटाला और शराब घोटाले का मामला छोड़ दीजिए क्योंकि कहा तो यह जा रहा है कि जो काम भूपेश सरकार में हो रहा था वही काम अब भी कोयला और शराब मामले में हो रहा है केवल चेहरे बदल गए हैं लेकिन कस्टम मिलिंग में जो आरोपी गिरफ्तार हुआ है करोड़ों रुपए का मामला है रोशन चंद्राकर मुख्य आरोपी है साजिश करता है यहां तक कि उस पर आरोप है कि भूपेश सरकार के दौरान उसने ही प्रति क्विंटल 20-20 का कमीशन सत्ता तक पहुंचाया है यदि उस आरोपी को वीआईपी ट्रीट मिले और मामले का खुलासा होने के बाद केवल आरक्षक को निलंबित करके मामले की लीपापोती जांच के नाम पर की जाए तो फिर इसे आप क्या कहेंगे घोटाले बाजों को दमाद की तरह वीआईपी ट्रीटमेंट देने का मामला नया नहीं है पहले भी अपराधियों को आरोपियों को इस तरह से वीआईपी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर हर सत्ता विवादों में रही है लेकिन जो ताजा मामला आया है वह बेहद ही हैरान कर देने वाला इसलिए है क्योंकि सत्ता में आने के पहले इस डबल इंजन की सरकार ने लोगों से क्या-क्या वादे नहीं किए थे कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस पूरे मामले में पहले से ही खबर चल रही थी रोशन चंद्राकर को जेल में वीआईपी सुविधा दी जा रही है लेकिन सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं थी गृह मंत्री विजय शर्मा तो इस प्रदेश में अपराध की कमी का दावा करते हैं जबकि कांग्रेस लगातार अपराध के मामले उठा रही है और यही नहीं लोग भी त्रस्त है चोरी डकैती लूट जैसे मामले लगातार सामने आ रही है खुलेआम हत्या हो रही है हालांकि कुछ लोग पकड़े भी जा रहे हैं लेकिन जिस तरह से वारदातें बढ़ गई है वह हैरान कर देने वाली है तब रोशन चंद्राकर के मामले में आखिर हुआ क्या रोशन चंद्राकर को वीआईपी सुविधा देने का दावा पहले से किया जाता रहा है कई बार मीडिया में यह खबरें प्रकाशित हुई लेकिन सरकार हर बार खंडन कर देती थी लेकिन पिछले दिनों जब एक तस्वीर वायरल होना शुरू हुआ रो चंद्राकर को एक बड़े होटल से निकलते देखा गया और बताया गया कि सिपाही उसे किस तरीके से होटल में लाया था और वे किस तरीके से अपने परिवार वालों रिश्तेदारों से मिला माल भी उनके बच्चे को सिपाही ही घुमाते रहा जैसे खबरें जब सामने आई तो आनंद पानंद में डीजी जेल राजेश मिश्रा ने जेलर को फटकार लगाई और जेलर ने विवाद बढ़ता देखकर सिपाही जायसवाल है उसे निलंबित करके जांच करने की घोषणा कर दी जबक पहली ही दृष्टि में यह साफ तौर पर दिख रहा है कि रोशन चंद्राकर को इस सुविधा देने के नाम पर लेनदेन हुआ है फिर छापे की कारवाही क्यों की गई पैसे बरामद क्यों नहीं किए गए एफआईआर क्यों नहीं की गई जांच के नाम पर क्या इस मामले की भी लीपापोती की जा रही है ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि जिस सिपाही को सस्पेंड किया गया है उस वह इतनी बड़ी हिमाकत कर ही नहीं सकता था कि करोड़ों रुपए के आरोपी को अस्पताल में जांच के नाम पर ले जाने की बजाय होटल पहुंचाते बड़े उच्चाधिकारियों का इसमें हाथ है कुछ नेताओं के भी नाम सामने आ रहे हैं देखना है कि के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है उसमें यह सब मामला आता है कि नहीं एफआईआर होती है कि नहीं लेकिन कहा जा रहा है कि विजय शर्मा जब से ग्रह मंत्री बने हैं कानून व्यवस्था को लेकर सवाल तो उठ रहे हैं अब जेलों में जो बंद है आरोपी अपराधी उन्हें भी वीआईपी सुविधा देने का मामला सामने आ गया है देखना है कि इस पूरे मामले में सरकार की क्या भूमिका होती है !
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https://youtu.be/2U5jYlGFnHA?si=kN-_BS3W3QFrqbqC
