शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

सीएम हाऊस के गेट पर महिलाओं का अपमान हुआ

 

जब सीएम हाऊस के गेट पर महिलाओं का अपमान हुआ 


आधी आबादी को साधने के खेल में लगी राजनीतिक पार्टियां किस तरीके से लोकलुभावन नारे देकर महिलाओं का वोट हासिल करना चाहती है लेकिन इसके इतर किस तरीके से समय पड़ने पर उनका अपमान भी कर देती है यह मामला तब सामने आया जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पोला उत्सव के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गई सीएम हाउस में शायद उम्मीद नहीं रही होगी कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं सीएम हाउस पहुंच जाएंगी और उन्हें गेट में ही रोक दिया गया महिलाओं का जिस तरीके से मुख्यमंत्री निवास के बाहर अपमान किया गया जिस तरीके से सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद करके उन्हें हकालने की कोशिश की कहा तो यहां तक जाता है कि कई महिलाओं के साथ गाली गलोज भी की गई तो कई महिलाओं को धक्का देकर हटाने की भी कोशिश की गई ड़ इस अपमान को लेकर महिलाएं किस तरीके से उद्वेलित हुई यह एक अलग मसला है लेकिन इस मामले में कांग्रेस की चुप्पी भी कम हैरान करने वाली नहीं हालांकि उन्होंने कुछ वीडियो जारी किए हैं और महिलाओं के अपमान की बात कही है लेकिन इस पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया कांग्रेस के बड़े नेताओं की नहीं रही है तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने निवास स्थान पर पोला उत्सव मनाया धूम रही क्योंकि हाल में ही वे सत्ता से बाहर हुए हैं उनका प्रभा मंडल अभी शायद कायम है बड़ी संख्या में वहां भी लोग जूठे और भूपेश बघेर के इस आयोजन में तो कांग्रेस की राष्ट्रीय नेत्री भी पहुंची थी चाहे वह सुप्रिया सुने हो या मीनाक्षी लेखी और भी प्रदेश कांग्रेस के बड़े पदाधिकारी जो महिला नेतिया सब पहुंची थी इस पोला उत्सव में लेकिन छत्तीसगढ़ में महिलाओं के अपराध को लेकर विष्णुदेव साय की असंवेदनशील भी कम नहीं है सवाल सिर्फ सीएम हाउस में भीड़ बढ़ जाने से महिलाओं को हका देने का नहीं है सवाल तो उस न्याय का है कि इस दौर में किस तरीके से छत्तीसगढ़ में अचानक बलात्कार की घटनाएं बढ़ गई सामूहिक बलात्कार भी हो रहे हैं बड़ी संख्या में और जिस तरीके डीपीएस भिलाई में एक मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी की घटना को दबाने की कोशिश की गई है या लीपापोती का खेल किया गया वह बेहद ही शर्मनाक और इस मामले को लेकर राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी विष्णु देव साय सरकार को आड़े हाथ लिया इस देश की बेटी हूं और कई बार अपने आपसे यह सवाल पूछती हूं यह देश किसका है क्या यह देश आधी आबादी का है क्या इस देश में औरतों का कोई हक है क्या इस देश में खेत में काम करने वाली अनपढ़ मजदूर स्कूल की नाबालिक बच्ची दफ्तर में काम करने वाली महिला बस में चढ़ने वाली ग्रहणी और यहां तक कि अस्पताल तक में कार्यरत एक डॉक्टर सुरक्षित है और दुख के साथ कहती हूं त्यौहार का हर्ष त्यौहार का उल्लास एक तरफ ऐसा प्रतीत होता है कि आधी आबादी के लिए औरतों के लिए इस देश में कोई जगह ही नहीं बची है आज पूरा देश आक्रोशित है आज पूरा देश आंदोलित है और होना भी चाहिए जिस तरह की जघन्य घटना बंगाल में हुई जो विभ तस्वीरें सामने आई जो हैवानियत और दरिंदगी हमने देखी वाकई में रूह काप जाती है लेकिन मैं उसे निर्भया टू नहीं बुलाती हूं कितनी निर्भया चाहिए इस देश को कितनी निर्भया की कुर्बानी होगी जब यह देश जागेगा जब सत्ता का संरक्षण खत्म होगा मैं सिहर उठती हूं जब मैं बदलापुर के बारे में पढ़ती हूं मैं वहां गई दो छोटी चार साल की बच्चियों का यो शोषण और उस पर लीपा पोती की कोशिश और इससे अछूता आपका छत्तीसगढ़ भी नहीं है चाहे वह रायपुर के बस स्टेशन पर सामूहिक बलात्कार का मामला हो चाहे वह भिलाई के डीपीएस स्कूल में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला हो चाहे वो रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों के दुष्कर्म का मामला हो चाहे वह फिर से जशपुर में एक पोक्सो का नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार किया गया हो कोंडा गांव में एक महिला की के साथ जो दुष्कर्म किए गए सामूहिक दुष्कर्म छतीसगढ़ भी नहीं किसी भी महिला के खिलाफ उत्पीड़न उसका शोषण उसके बलात्कार का मामला पूरे आधी आबादी के खिलाफ का मामला है और यह सभ्य समाज पर धब्बा है आप लोगों पर धब्बा है पुरुषों तक पर धब्बा है धब्बा इसलिए क्योंकि आपके घर में बेटिया है बहन है पत्नी है मां है सुप्रिया सिनेट ने जमकर विष्णु देसाय पर आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया कि वह अपराधियों को बलात्कारियों को संरक्षण दे रहे हैं हालांकि इस पर भारतीय जनता पार्टी की भी प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कुछ आंकड़े पेश करते हुए यहां तक कह दिया है कि भूपेश राज में महिलाओं के साथ अत्याचार के मामले ज्यादा हो रहे थे लेकिन इस आरोप प्रत्यारोप के बीच क्या डीपीएस भिलाई की उस मासूम बच्ची को न्याय मिलेगा या जिस तरह की घटनाएं बढ़ रही है बलात्कार की या दूसरे अपराधों के उसे गृह मंत्री विजय शर्मा रोक पाएंगे अब तो यह बात चर्चा में आने लगी है कि रिमोट पर चल रही डबल इंजन सरकार के गृह मंत्री कानून व्यवस्था के मामले को लेकर पूरी तरीके से फेल हो गए तब सुप्रिया श्रीनेत के आरोप और उस पर पलटवार से क्या महिलाओं का जो अपमान का खेल हो रहा है या महिला अपराधों में जो वृद्धि हो रही है वह रुक पाएगा !

Video देखें 

https://youtu.be/ZEYTewgaQRo?si=NtMxHW4UBvHzX05Z