इन बड़े दो दर्जन अफसरों की नौकरी पर लटकी तलवार
छत्तीसगढ़ में कार्यरत 21 राज्य अफसरों का सर्टिफिकेट फर्जी है फर्जी सर्टिफिकेट में काम करने वाले इन अफसरों की अपनी ठसक और धमक होने की वजह से जांच का काम ना तो पूरा हो रहा है और ना ही कोई कार्रवाई हो रही सिर्फ जाति प्रमाण पत्र की बात नहीं है बल्कि आज हम बात कर रहे हैं 21 ऐसे अफसरों का जिनके दिव्यांग सर्टिफिकेट ही फर्जी है
यह दावा दिव्यांक संघ का है और उन्होंने इसकी लिखित में शिकायत की है कईबार शिकायत कर ली और अब वे पैदल मार्च का ऐलान कर चुके हैं कारवाई के लिए तो क्या राज्य सरकार अब उन 21 संदिग्ध दिव्यांग सर्टिफिकेट वाले अफसरों के खिलाफ कोई कारवाई करेगी या जांच में तेजी लाएगी कहना कठिन है क्योंकि सालों से यह मामला चल रहा है सत्ता बदली मुख्यमंत्री बदले लेकिन दिव्यांग सर्टिफिकेट के आसरे काम करने वाले अफसरों का कुछ नहीं बिगड़ा बल्कि इनमें से चार अफसर तो डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत है महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे और इन दिव्यांग संदिग्ध अफसरों में से 21 अफसर पीएससी से चयनित है और जिन पांच अफसरों के नाम दिव्यांग संघ ने जारी किया है संदिग्ध बताते हुए उनमें रेखा चंद्रा आकांक्षा पांडे संजय कुमार मरकाम अभिषेक तिवारी प्रीतेश सिंह राजपूत नंद कुमार चौवे और राजेंद्र कुमार कौसी ये नाम अफसरों के जो महत्त्वपूर्ण पदों पर बैठे हुए हैं अलग-अलग जिले में कोई एसडीएम जैसे पद पर भी बैठा हुआ राज्य लेखा सेवा के राकेश कुमार पटेल उमा सिन्हा अरविंद कुमार देवांगन केअलावा परियोजना अधिकारी श्वेता देवी पांडे नायब तहसीलदार दीप्ति जायसवाल लोकनाथ साहू प्रभा कश्यप सहायक लेखा अधिकारी मोनिका साहू जंग बहादुर सहकारिता निरीक्षक राजकुमार पटेल देवव्रत भागवत सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी राम कुमार जायसवाल डॉक्टर राकेश सोनी और डॉक्टर योगेश कुमार नायक यह वे नाम है जो दिव्यांग संघ ने जारी किए दिव्यांग सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष महित राम चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग समय पर राज्य सरकार को राज्यपाल को मुख्यमंत्री को मुख्य सचिव को125 ऐसे अधिकारियों की सूची सौंपी है जिनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग वे लगातार करते रहे दिव्यांग संघ की शिकायत पर हित राम चंद्राकर ने बताया कि उनकीशिकायत पर पांच अफसर हाई कोर्ट चले गए हैं जहां मामला पेंडिंग है सुनवाई चल रही है लेकिन यह सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि राज्य सरकार की कारवाई का तरीका बेहद लुंज पुंज है या धीमा है
हैरानी की बात तो यह है कि यह शिकायत लंबे समय से होते रही है लेकिन कारवाही होते नहीं देख अब दिव्यांग संघ ने पैदल मार्च का निर्णय लिया है शीघ्र ही तारीख की घोषणा कर दी जाएगी
वीडियो देखें
https://youtu.be/YFbs7kobyuw?si=Yh_jcPswKlkOgMQN

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