सोमवार, 11 मई 2026

अपनी ही सरकार पर भड़के बीजेपी सांसद, मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखा

 

अपनी ही सरकार पर भड़के बीजेपी सांसद, मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखा

छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार यानी केंद्र में भी और राज्य में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और उसके बाद भी यदि मोदी की कई गारंटी पूरी नहीं हो रही तो फिर इसे क्या गारंटी पूरी नहीं होने से अब भारतीय जनता पार्टी में भी विरोध के स्वर सु बगाने लगे हैं  पहले ही कई तरह के आरोपों से घिरे विष्णुदेव साय सरकार क्या अब पार्टी के नेताओं को भी नहीं साथ पा रहे कांग्रेस ने तो इसे रिमोट पर चलने वाली सरकार कह दी है और जिस तरीके से वरिष्ठ की उपेक्षा हो रही है उसे लेकर भी साय सरकार पर कई तरह के सवाल है कहा जाता है कि विधायक तो छोड़िए मंत्रियों की भी बात यदि अधिकारी नहीं सुन रहे हैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार कौन चला रहा है हालांकि कई सुपर सीएम खुद विष्णुदेव साय की धर्म पत्नी कौशल्या देवी भी अपने को सुपर सीएम कहने से परहेज नहीं करती तो इसके अलावा संगठन का भी अपना दबदबा है संगठन मंत्री पवन साय का जिस तरीके से लाल बत्ती के इच्छुक लोग चक्कर लगा रहे हैं वह भी क्या सत्ता का केंद्र बिंदु ब न भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान जिस तरीके से रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने को अपमानित महसूस जिस तरीके से गुस्से में आकर उन्होंने मोमबत्ती को बुझाया और वहां से चले गए यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है और लोग तो इसके लिए बृजमोहन अग्रवाल को दोष दे रहे हैं कि हर जगह ठने की क्या जरूरत है जहां मान सम्मान ना हो वहां जाने की क्या जरूरत है और यह बात नंद कुमार साय को लेकर भी जन चर्चा का विषय तब ऐसे दुर्ग से दूसरी बार सांसद बने विजय बघेल का गुस्सा क्या वायरल नहीं हो रहा है उन्होंने कर्मचारियों के एक कार्यक्रम में जिस तरीके से विष्णु देव साय सरकार पर प्रहार किया वह पहले आप खुद सुन अभ दिल्ली ग मुख्यमंत्री बात रता हं आप लोग ज्यादा दिन इसको उइ मत अपनी हसी मत उड़ाए अब अगर कर्मचारी आंदोलन होंगे उस आंदोलन में यो आपने बनाया था और जी की गारंटी के रूप में हमने इसको दिया है तो मोदी गारंटी झूठी ना हो उस पर विश्वास बना रहे कर्मचारी अधिकारियों का इसलिए इसको तत्काल आप निर्णय लीजिए नहीं तो अब धीरे धीरे आग सुलग रही है कब स्पोट स्थिति आ जाएगी मैं नहीं जानता और उसम मैं भी शामिल होगा य बोल यानी आप सोचिए कि विजय बघेल किस तरीके से नाराज है और अपनी टिकट या अपनी कुर्सी तक को दाव में लगाने को तैयार तभी मिलता है नहीं तो टिकट तो बहुत लोग को मिलता है हर कोई जीत जाता तो ये मैं उसकी चिंता नहीं करता टिकट मिले नहीं मिले वो जिसकी किस्मत में होगा मिलेगा मेरी किस्मत में रहेगा मिलेगा लेकिन छत्तीसगढ़ में किस तरीके से सत्ता चल रही है यह सिर्फ एक बानगी है अपराध बेलगाम हो चुके हैं लगातार अपराध की घटनाएं घट रही है लोग देख रहे हैं लेकिन गृह मंत्री आकड़े बाजी में लगे हैं वे कहते हैं कि अपराध में कमी आई विष्णु देव साय दावा करते घूम रहे हैं कि डबल इंजन की सरकार होने की वजह से बस्तर में विकास का नया युग शुरू हो गया क्योंकि डबल इंजन की भी सरकार है उसका भी लाभ मिल रहा है और हमारे देश असस गृह मंत्री आदरणीय अमित शाह जी आठ महीने में दो बार आकर हम लोग का हमारे प्रदेश के जो जवान है जो सैनिक बल है उनका हौसला अफजाई किए हैं और बहुत मजबूती के साथ हम लोग नक्सलवाद के साथ लड़ रहे हैं लेकिन हकीकत तो यह है कि पार्टी के भीतर असंतोष जमकर भरा हुआ है और जिस तरीके से विजय बघेल ने कहा कि कभी भी विस्फोटक रूप ले लेगा तो क्या सचमुच विष्णु देव साय सत्ता संभालने में असफल हो रहे हैं या फिर सचमुच रिमोट की यह सरकार है जो हर काम मोदी शाह के इशारे पर करती है और इसीलिए काम पूरा होने में विलंब हो रहा है भ्रष्टाचार को लेकर भी कई तरह के सवाल है हालांकि अभी तक किसी भारतीय जनता पार्टी के नेता भ्रष्टाचार को लेकर खुलकर नहीं सामने आए हैं लेकिन कहा जा रहा है कि शराब घोटाला के लिए जो सिस्टम जिम्मेदार था वही सिस्टम तो चल रहे हैं जल जीवन मिशन में भी वसूली बाजी जमकर हो रही है तो संविदा नियुक्ति के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं एम फंड को लेकर जिस तरह के आरोप से भूपेश बघेल की सरकार घिरी थी कमो बेश वही स्थिति है कलेक्टरों की अपनी मनमानी चल रही है यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो विष्णुदेव साय सरकार आठ महीने में भले ही मुख्यमंत्री कहते हो कि मात्र आठ महीने जब से हम लोग सरकार में आए हैं अभी सरकार को मात्र आठ महीने हुए हैं लेकिन किसी भी सत्ता के लिए उसकी परफॉर्मेंस को देखना आठ माह का समय कम नहीं होता है तब ऐसी परिस्थिति में विजय बघेल ने जो सवाल उठाए हैं या सीधा-सीधा अपनी ही सरकार पर हमला किए उन्होंने तो पत्र भी लिख दिया है विष्णु देव साय को तब देखना है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति क्या जम्मू कश्मीर और हरियाणा में जिस तरीके से बगावत हो रहे हैं उसी तरीके से सामने आएगा हालांकि इसकी कोई संभावना इसलिए भी नहीं दिखाई देती क्योंकि सरकार का कार्यकाल पूरे 4 साल बचा है लेकिन चुनाव के आते ही क्या जिस तरीके से हरियाणा में गुस्सा फूटा है कश्मीर में गुस्सा फूटा है उसी तरीके से अब जहां-जहां डबल इंजन की सरकार है वहां वहां गुस्सा फटेगा !

Vidio देखें 


https://youtu.be/9QFbrpJ9Gb0?si=lknlElrzmbgS8gSX

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