सोमवार, 11 मई 2026

सालों से परेशान नटवरलाल कोर्ट पहुँचा, वजह जान आप भी हैरान हो जाएँगे…

 

सालों से परेशान नटवरलाल कोर्ट पहुँचा, वजह जान आप भी हैरान हो जाएँगे…

इस देश के लोग या सरकार नटवर लालों से बेहद परेशान है लेकिन आज हम आपको एक ऐसी नटवर लाल की कहानी बताएंगे जो खुद इतना परेशान हुए कि उन्हें हाई कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी दरअसल पिछले कई सालों से यह नटवन लाल बेहद परेशान है यानी परिवार के साथ जब फिल्में देखने बैठता है यह या टीवी देखने बैठता है तो उन्हें किस तरीके से मजाक का सामना करना पड़ता है दोस्तों के बीच खबरों में हर जगह नटवर लाल के टैग लाइन ने इस नटवर लाल को परेशान कर दिया उन्होंने हमसे बातचीत में बताया कि वह किस तरीके से परेशान है पहले उनकी पूरी बात सुन लीजिए आज से लगभग 58 59 साल पहले मेरे माता-पिता ने मेरा नाम नटवर लाल भगवान श्री कृष्ण के नाम नटवर के आधार पर रखा था तब उन्हें क्या पता था कि इसको 420 के साथ जोड़ दिया जाएगा नट लाल का नाम इससे हमारी धार्मिक भावनाएं आर्थिक मानसिक आहत होती है जिस नटवरलाल का नाम सबसे पहले जिस व्यक्ति के लिए जड़ा गया था उसका नाम भी मिथिलेश श्रीवास्तव था नटवरलाल नहीं था उसके बाद से एक परंपरा सी बन गई है 30 40 साल पहले जब लोग अपने बच्चों का नाम नटवरलाल रखा करते थे लेकिन जब से यह फ्रॉड के साथ में जोड़ना शुरू हुआ है तब से लोगों ने अपने बच्चों का नाम नटवरलाल रखना बंद कर दिया क्या लोग मजाक भी उड़ाते हैं इस मामले में आपके साथ स्वाभाविक क्रिया है कोई ऐसी घटना जो आप बता सके कि किस तरीके से आपको अपमानित होना पड़ा या आपको बड़ा पीड़ा पहुंचा ऐसी कोई घटना जब हम मालो बच्चों के साथ में टीवी देख रहे हैं और बैठे हैं परिवार के साथ में और जब य आता है कि नौरा फतेही और एक नटवरलाल के चक्कर में फसी तो एक मन में यह लगता है कि इसमें नटवरलाल का क्या कहा क्या क्या क्या लेना देना इस प्रकरण से सुकेश चंद्रशेखर का नाम सुकेश चंद्रशेखर लिया जाए ना ना कि टला क्या लगता है इस मामले में आपको न्याय मिलेगा माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ से हमने निवेदन किया है कि इस प्रथा को बंद किया जाए और मेरा सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया एव सोशल मीडिया वालों से निवेदन है कि नटवर लाल के नाम का दुरुपयोग बंद करें एक मजाक का पात्र तो होही जाता है कहीं ना कहीं क्योंकि चाहे मजाक में ही तो यह प्रथा मतलब कुल मिला करके कहेंगे तो गलत परंपरा ही तो प्रारंभ हो गई ना जैसे आजकल नया बंटी बबली वगैरह भी आ गया है तो यह क्या क्या मतलब है इस परंपरा का य कहां से शुरू हुई किसने शुरू की इसकी त में जाना भी एक मेरे हिसाब से उचित होगा कोई भी 420 प्रकरण अभी भी आप आए दिन देख लीजिए में न्यूज चैनल में सोशल मीडिया पर कोई भी पकड़ता है चिल्ला चिल्ला के बोलते और नटवरलाल इसमें पकड़ा गया एक और नटवरलाल पकड़ा गया बड़े बड़े नटवरलाल शर्मा जाए जबक इसमें मेरे हिसाब से कोई नटवरलाल का कोई रोल या कोई तुक नहीं हैसे तो आप सालों से गुजर रहे हैं तो क्या अब जाकर आप इस बात को हमारे द्वारा यह भी इंतजार किया गया चलो कोई बात नहीं हो गया चलिए कोई बात नहीं इसके बाद बंद हो जाएगा लेकिन ये तो रेगुलर आदत सी बन गई है बिल्कुल परंपरा सी बन गई है या घर परिवार में भी दिक्कत होती है दिक्कत का मतलब य है कि मेरा नाम को जो मेरे मां बाप ने भगवान श्री कृष्ण के नाम पर रखा था उसको फड के नाम से जोड़ना नटवरलाल किसी भी नलाल का नाम को उसम स्वाभाविक पीड़ा का कार्य है मे हिब से तो यह थे रायगढ़ के वासी नटवर लाल अग्रवाल किस किस तरीके से इन् परेशान होना पड़ा है अपमानित होना पड़ा है इसे लेकर अब वे हाई कोर्ट की शरण में जा पहुंचे हैं देखना है कि इस मामले में इस नटवन लाल अग्रवाल को क्या न्याय मिलेगा उ वो तो सीधे-सीधे कहते हैं धार्मिक भावना का तो उपहास उड़ाया ही जा रहा है भगवान के नाम का उपहास आया जा रहा है और इस पर रोक लगनी चाहिए !

Vidio देखें 

https://youtu.be/nAeA7QkhL4A?si=D33JMrQmqt5n0eyV

अपनी ही सरकार पर भड़के बीजेपी सांसद, मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखा

 

अपनी ही सरकार पर भड़के बीजेपी सांसद, मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखा

छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार यानी केंद्र में भी और राज्य में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और उसके बाद भी यदि मोदी की कई गारंटी पूरी नहीं हो रही तो फिर इसे क्या गारंटी पूरी नहीं होने से अब भारतीय जनता पार्टी में भी विरोध के स्वर सु बगाने लगे हैं  पहले ही कई तरह के आरोपों से घिरे विष्णुदेव साय सरकार क्या अब पार्टी के नेताओं को भी नहीं साथ पा रहे कांग्रेस ने तो इसे रिमोट पर चलने वाली सरकार कह दी है और जिस तरीके से वरिष्ठ की उपेक्षा हो रही है उसे लेकर भी साय सरकार पर कई तरह के सवाल है कहा जाता है कि विधायक तो छोड़िए मंत्रियों की भी बात यदि अधिकारी नहीं सुन रहे हैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार कौन चला रहा है हालांकि कई सुपर सीएम खुद विष्णुदेव साय की धर्म पत्नी कौशल्या देवी भी अपने को सुपर सीएम कहने से परहेज नहीं करती तो इसके अलावा संगठन का भी अपना दबदबा है संगठन मंत्री पवन साय का जिस तरीके से लाल बत्ती के इच्छुक लोग चक्कर लगा रहे हैं वह भी क्या सत्ता का केंद्र बिंदु ब न भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान जिस तरीके से रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने को अपमानित महसूस जिस तरीके से गुस्से में आकर उन्होंने मोमबत्ती को बुझाया और वहां से चले गए यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है और लोग तो इसके लिए बृजमोहन अग्रवाल को दोष दे रहे हैं कि हर जगह ठने की क्या जरूरत है जहां मान सम्मान ना हो वहां जाने की क्या जरूरत है और यह बात नंद कुमार साय को लेकर भी जन चर्चा का विषय तब ऐसे दुर्ग से दूसरी बार सांसद बने विजय बघेल का गुस्सा क्या वायरल नहीं हो रहा है उन्होंने कर्मचारियों के एक कार्यक्रम में जिस तरीके से विष्णु देव साय सरकार पर प्रहार किया वह पहले आप खुद सुन अभ दिल्ली ग मुख्यमंत्री बात रता हं आप लोग ज्यादा दिन इसको उइ मत अपनी हसी मत उड़ाए अब अगर कर्मचारी आंदोलन होंगे उस आंदोलन में यो आपने बनाया था और जी की गारंटी के रूप में हमने इसको दिया है तो मोदी गारंटी झूठी ना हो उस पर विश्वास बना रहे कर्मचारी अधिकारियों का इसलिए इसको तत्काल आप निर्णय लीजिए नहीं तो अब धीरे धीरे आग सुलग रही है कब स्पोट स्थिति आ जाएगी मैं नहीं जानता और उसम मैं भी शामिल होगा य बोल यानी आप सोचिए कि विजय बघेल किस तरीके से नाराज है और अपनी टिकट या अपनी कुर्सी तक को दाव में लगाने को तैयार तभी मिलता है नहीं तो टिकट तो बहुत लोग को मिलता है हर कोई जीत जाता तो ये मैं उसकी चिंता नहीं करता टिकट मिले नहीं मिले वो जिसकी किस्मत में होगा मिलेगा मेरी किस्मत में रहेगा मिलेगा लेकिन छत्तीसगढ़ में किस तरीके से सत्ता चल रही है यह सिर्फ एक बानगी है अपराध बेलगाम हो चुके हैं लगातार अपराध की घटनाएं घट रही है लोग देख रहे हैं लेकिन गृह मंत्री आकड़े बाजी में लगे हैं वे कहते हैं कि अपराध में कमी आई विष्णु देव साय दावा करते घूम रहे हैं कि डबल इंजन की सरकार होने की वजह से बस्तर में विकास का नया युग शुरू हो गया क्योंकि डबल इंजन की भी सरकार है उसका भी लाभ मिल रहा है और हमारे देश असस गृह मंत्री आदरणीय अमित शाह जी आठ महीने में दो बार आकर हम लोग का हमारे प्रदेश के जो जवान है जो सैनिक बल है उनका हौसला अफजाई किए हैं और बहुत मजबूती के साथ हम लोग नक्सलवाद के साथ लड़ रहे हैं लेकिन हकीकत तो यह है कि पार्टी के भीतर असंतोष जमकर भरा हुआ है और जिस तरीके से विजय बघेल ने कहा कि कभी भी विस्फोटक रूप ले लेगा तो क्या सचमुच विष्णु देव साय सत्ता संभालने में असफल हो रहे हैं या फिर सचमुच रिमोट की यह सरकार है जो हर काम मोदी शाह के इशारे पर करती है और इसीलिए काम पूरा होने में विलंब हो रहा है भ्रष्टाचार को लेकर भी कई तरह के सवाल है हालांकि अभी तक किसी भारतीय जनता पार्टी के नेता भ्रष्टाचार को लेकर खुलकर नहीं सामने आए हैं लेकिन कहा जा रहा है कि शराब घोटाला के लिए जो सिस्टम जिम्मेदार था वही सिस्टम तो चल रहे हैं जल जीवन मिशन में भी वसूली बाजी जमकर हो रही है तो संविदा नियुक्ति के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं एम फंड को लेकर जिस तरह के आरोप से भूपेश बघेल की सरकार घिरी थी कमो बेश वही स्थिति है कलेक्टरों की अपनी मनमानी चल रही है यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो विष्णुदेव साय सरकार आठ महीने में भले ही मुख्यमंत्री कहते हो कि मात्र आठ महीने जब से हम लोग सरकार में आए हैं अभी सरकार को मात्र आठ महीने हुए हैं लेकिन किसी भी सत्ता के लिए उसकी परफॉर्मेंस को देखना आठ माह का समय कम नहीं होता है तब ऐसी परिस्थिति में विजय बघेल ने जो सवाल उठाए हैं या सीधा-सीधा अपनी ही सरकार पर हमला किए उन्होंने तो पत्र भी लिख दिया है विष्णु देव साय को तब देखना है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति क्या जम्मू कश्मीर और हरियाणा में जिस तरीके से बगावत हो रहे हैं उसी तरीके से सामने आएगा हालांकि इसकी कोई संभावना इसलिए भी नहीं दिखाई देती क्योंकि सरकार का कार्यकाल पूरे 4 साल बचा है लेकिन चुनाव के आते ही क्या जिस तरीके से हरियाणा में गुस्सा फूटा है कश्मीर में गुस्सा फूटा है उसी तरीके से अब जहां-जहां डबल इंजन की सरकार है वहां वहां गुस्सा फटेगा !

Vidio देखें 


https://youtu.be/9QFbrpJ9Gb0?si=lknlElrzmbgS8gSX