पुलिस बर्बरता की कहानी कहता वीडियो, एसपी भी शामिल
सोशल मीडिया में अपनी पीठ थपथपा वाला वीडियो डालकर स्वयं को हीरो साबित करने वाला आईपीएस अभिषेक पल्लव कितना बड़ा खलनायक निकला यह उन वीडियो को देखकर आप समझ सकते हैं जिन वीडियो में मासूम बच्चों महिलाओं को खड़े होकर अभिषेक पल्लव पिटवा नजर आ रहे हैं पूरा मामला गृह मंत्री के क्षेत्र लोहारा डीह का है और लोहारा डी को लेकर इस कदर बवाल मचा है कि 21 सितंबर को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ बंद करने का ऐलान कर दिया था मामला बेहद गंभीर है हम कुछ वीडियो आपके सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरीके से आईपीएस अभिषेक पल्लव खड़े होकर बच्चों को महिलाओं को पिटवा रहे हैं क्या यह किसी लोकतंत्र में जायज हो सकता है यह पूरा मामला हम आपको बताएं उससे पहले हम बता देते हैं कुछ और बड़ी घटनाएं हुई सब घटनाओं का अलग-अलग वीडियो बनाना बड़ा मुश्किल काम है टाइम लगता है वीडियो बनाना एडिटिंग करना और कई मुद्दे छूट जाते हैं हम कोशिश करेंगे कि आज के बाद से एक ही वीडियो में बहुत कुछ कुछ घटनाएं आपके सामने लाने की कोशिश करेंगे सबसे पहले उस मामले की चर्चा कर लेते हैं जो देश में हलचल पैदा करती है दुनिया के सबसे अमीर मंदिर जिसमें अ अमिताभ बच्चन से लेकर मोदी तक अंबानी से लेकर अदानी तक बड़े-बड़े उद्योगपति लाखों करोड़ रुपए दान देते हैं उस मंदिर के प्रसाद लड्डू में गाय की चर्बी मछली का तेल मिलाया जा रहा था लेकिन दुखद पहलू तो यह है कि जो हिंदूवादी संगठन कांग्रेस और मुसलमान का नाम आते ही बाहे चढ़ा लेती थी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिनका खून खोल जाता था उनकी भावनाएं आहत नहीं हो रही है या कुछ प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है है ना हैरानी की बात सोचिए कि इनका हिंदुत्व किस तरह का हिंदुत्व है लेकिन छत्तीसगढ़ की बात करें तो सीमेंट की कीमत बढ़ गई बवाल मच गया तब उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन आकर बैठक लेते हैं और मीडिया में यह छपवा जाती है कि दो टूक शब्दों में कह दिया गया है कि सीमेंट की कीमत नहीं बढ़ेगी लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया जो कीमत बढ़ाई गई है उस पर क्या आपको यह पूरा खेल हमेशा से लगने वाले आरोपों की तरह नहीं है सरकार पर सीमेंट की कीमत बढ़ाकर वसूली का खेल चलता रहा है और जीरो टॉलरेंस की दुहाई देने वाले विष्णु देव साय सरकार में भी यह सब चल रहा है सराब और कोयले की बात हम फिर कभी करेंगे लेकिन ताजा मामला पाठ्य पुस्तक निगम से लेकर है सरकार की शिक्षा व्यवस्था की नियत पर उठते सवाल है कि पाठ्य पुस्तक निगम की किताबें लाखों की संख्या में रद्दी के भाव में कबाड़ में बेच दी जाती है और जांच समिति बनती है जांच समिति में प्रेम प्रकाश शर्मा का नाम है और जब बवाल मचता है कि जिम्मेदार तो पाठ पुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा ही है तो आनंद फानंद में सरकार उन्हें निलंबित कर देती है यानी सोचिए पहले उन्हें जांच कमेटी का सदस्य बनाती है चोर के हाथ में ही तिजोरी की चाबी जैसी स्थिति बनती है जो कहावत है और अब निलंबित कर दिया गया बवाल मचने के बाद क्या ऐसा ही कुछ बलौदा बाजार हिंसा कांड में नहीं हुआ था जब पहले तो हिंसा होने के बाद एसपी कलेक्टर को हटा दिया गया और जब दबाव बना तो निलंबित किया गया तो लोहारा डी में भी घटना के दो-तीन दिन बाद जब प्रशांत साहू की हत्या कर दी जाती हम हत्या इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनके शरीर में जो मार के निशान दिखाई दे रहे हैं हम दिखा नहीं सकते अपने दर्शकों को पाठकों को इतना ढंग से आदिम युग की बर्बरता फेल हो जाए उस ढंग से प्रशांत साहू को मारा गया शरीर का कोई हिस्सा नहीं बचा था जहां चोट के निशान नहीं थे और अब एडिशनल एसपी विकास कुमार को बली का बकरा बना दिया गया जबकि वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि एसपी अभिषेक पल्लव खुद खड़ा होकर महिलाओं और बच्चों को पिटवा रहे हैं और मेरे भाई को और मेरे मा भाई घटते हुए मारते हु घर उठ ले जा कौन लोग मारे हैं पुलिस वाले लोग अच्छा कुते की की चीखे निकल रही है बिलख नहीं है महिलाए लेकिन किसी भी पुलिस वाले का दिल नहीं पसीज रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कह दिया है कि पुलिस का हाथ लोहे का होना चाहिए लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जो वीडियो सामने आ रहे हैं वे बेहद ही खौफनाक है आदि बर्बर ु की जात ताजा करने वाली य वीडियो किस तरीके से पीटा गया है तो क्या यह सब कुछ गृह मंत्री विजय शर्मा की खींच का परिणाम था या फिर ग्रामीणों ने जिस तरीके से अभिषेक पल्लव को गांव आने से रोकने के लिए धक्का मुक्की की थी उसका गुस्सा था कहना बेहद कठिन क्योंकि कांग्रेस अभी तक अभिषेक पल्लव को ना तो निलंबित किया गया है और ना ही हटाया गया है सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है सरकार अपराध कम होने की बा बात करती लेकिन जिस तरीके से बर्बरता के साथ खुद एसपी खड़े होकर बच्चों और महिलाओं को पिटवा रहे हैं क्या वह वीडियो विष्णु देव साय या ग्रह मंत्री विजय शर्मा ने नहीं देखा क्या उन्हें अपनी पुलिस पर शर्म नहीं आती कि किस तरीके से सरकार चला रहे हैं और हफ्ता भर नहीं हुए हैं कलेक्टर एसपी कान्फ्रेंस को और इस तरीके की बर्बरता छत्तीसगढ़ में इस तरीके की बर्बरता की खबर शायद ही कभी सुनने को मिलती होगी वरना यहां तो पुलिस ही पीटती थी लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया उनकी भी बरामी से पिटाई किस हद तक या किस के साथ विष्णु देव साय सरकार चला रही है यह कहना बेहद मुश्किल काम कांग्रेस नेता पहुंचे थे उनके सामने महिलाएं बच्चे गांव वालों ने जो व्यथा कही है वह इस वीडियो में दिखाया नहीं जा सकता सोचिए कि किस हद की बर्बरता पुलिस ने वहां की है कितने ही लोग गांव छोड़कर भाग गए किस तरीके का खेल हुआ है और अभिषेक पल्लव जो हीरो बने फिरते थे सोशल मीडिया में तरह तरह के अपने हीरोगिरी के वीडियो डाला करते थे उस अभिषेक पल्लव के भीतर का जान किस कदर निकला बाहर कौन सा गुस्सा था उन्हें कि उनका दिल नहीं प पसीजा उन मासूम बच्चों और महिलाओं की चीख पर आप खुद सोचिए कि छत्तीसगढ़ सरकार कैसे चल रही है !
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