अस्मिता यात्रा कवर्धा के गांवों में, कइयों की नींद उड़ी
छत्तीसगढ़ महतारी की अपमान और छत्तीसगढ़ियों की उपेक्षा को लेकर गांव गांव में जा रही अस्मिता यात्रा के कवर्धा पहुंचते ही राजनीति गर्माने लगी है, शोषकों के ख़िलाफ़ चल रहे इस यात्रा को जिस तरह से गांव गांव में सफलता मिल रही है, सदस्य बनने की होड़ मची है क्या उससे आने वाले दिनों में कवर्धा की राजनैतिक समीकरण बदलेगा।
कहा जा रहा है कि जिस तरह से अस्मिता यात्रा को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा के विधानसभा में उत्साह दिखाई दे रहा है, उससे दोनों ही दलों के स्थानीय नेताओं की नीड़ उड़ी है , देखना है आगे क्या होता हैं
छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा कवर्धा जिला में प्रवेश रणजीतपुर चारभाटा बाम्हनी की सभा को श्री महेंद्र कौशिक लालाराम वर्मा ने संबोधित किया सैकड़ो सदस्य बने छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता को लेकर छत्तीसगढ़िया समाज एकजुट हो गया। बाहरी शोषकों के खिलाफ आंदोलन तेज भ्रष्ट जिलाधीश महासमुंद पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होने पर होगा संग्राम- महेंद्र कौशिक
सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले 'छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता रथयात्रा' झाड़ू टोला , डोरिया, नवापारा, जमुनिया, रणजीतपुर, विरेन्द्रनगर, हाथलेव, रणवीरपुर कोहड़िया, अचानकपुर, चरभाठा, नवागाँव, बाहनी, मड़मड़ा, घाटा एवं मैनपुरी आदि गाँवों का भ्रमण किया।
आज रथयात्रा का नेतृत्व सर्व छत्तीसगढ़िया किसान मोर्चा संचालक मंडल के सदस्य महेन्द्र सिंह कौशिक, लालाराम वर्मा, जगदम्बा साहू एवं गणेश कौशिक ने किया। गाँव-गाँव में 'छत्तीसगढ़ महतारी' रथ की आरती उतारकर भव्य स्वागत किया गया एवं सैकड़ों की संख्या में सदस्यता ग्रहण की गई।
गाँव-गाँव की सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता महेन्द्र सिंह कौशिक ने कहा कि भ्रष्ट जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक पर कार्यवाही नहीं होने पर यह जनआंदोलन उग्र होगा।
रथयात्रा के प्रभारी लालाराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्मित हुए 25 वर्ष एवं छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिले 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी 3 करोड़ छत्तीसगढ़ियों को संवैधानिक अधिकारों से वंचित करना संविधान का गला घोंटने जैसी हरकत है। ऊपर से छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता के साथ खिलवाड़ को किसी भी हालत में बर्दास नहीं किया जाएगा।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें