सोमवार, 25 मई 2026

कांग्रेस का साय सरकार पर चौतरफा हमला

कांग्रेस  का साय सरकार पर चौतरफा हमला



छत्तीसगढ़ में चरमराती कानून-व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की विष्णु देव साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के तेवर के चलते सियासी गलियारों में हलचल तेज है, वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इस बहाने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखे प्रहार किए है और कांग्रेस  के इस तेवर के चलते विभिन्न क्षेत्रों से पीड़ित और त्रस्त लोग लगातार जुड़ रहे हैं । लोहारा की महिलाओं से लेकर बलौदा बाजार अग्निकांड में पुलिसिया कार्रवाई से पीड़ित सतनामी समाज के लोग, कवर्धा की जनता और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता रहे दिवंगत संतोष पटेल (जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी) के पीड़ित परिजन पहले ही न्याय यात्रा में शामिल होकर अपनी व्यथा साझा चुके  हैं । इसके अलावा स्पेशल ब्लास्ट फैक्ट्री विस्फोट से प्रभावित लोग भी यात्रा का हिस्सा बन चुके  हैं । जनता के बीच पैठ मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने रायपुर के जय स्तंभ चौक पर नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया, जिसके जरिए साय सरकार की कथित विफलताओं को उजागर किया गया ।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बदले तेवर

आमतौर पर अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत इस बार बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं । यात्रा में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी के बीच महंत ने राज्य सरकार की नीतियों की पोल खोली ।

महंत ने बेरोजगारी और ठप पड़े विकास कार्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "जब से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आई है, गांवों में स्वीकृत विकास कार्य रोक दिए गए हैं और उनके पैसे वापस मंगा लिए गए हैं । नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए रोजगार के वादे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। सुशासन का दावा करने वाली सरकार में आज गरीब, आदिवासी, ओबीसी, व्यापारी या नौकरीपेशा—कोई भी वर्ग सुखी नहीं है । किसी एक भी व्यक्ति का नाम बता दीजिए जो इस सरकार में खुश हो।"

कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक फेरबदल पर उठाए सवाल

डॉ. महंत ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर साय सरकार को 'असंवेदनशील' करार दिया । उन्होंने कहा कि आदिवासी जिलों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में जिस तरह हत्या, बलात्कार और लूटपाट की घटनाएं बढ़ी हैं, वैसी स्थिति छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई ।

प्रशासनिक स्तर पर मचे घमासान का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार एक साल भी ठीक से काम नहीं कर पाई है। मंत्रियों के ओएसडी (OSD) के धड़ाधड़ ट्रांसफर हो रहे हैं और बिलासपुर कमिश्नर का ट्रांसफर तो महज दो घंटे के भीतर बदल दिया गया । उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर पर तहसीलदारों और अधिकारियों के माध्यम से खुली वसूली का खेल चल रहा है, जिससे आम जनता त्रस्त है और कांग्रेस इस पर आंखें बंद नहीं रख सकती ।

गांधीवादी नीति से सामाजिक सौहार्द की बहाली

महंत ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जो सामाजिक ताना-बाना और सौहार्द बिगड़ा है, उसे ठीक करने के लिए ही कांग्रेस  यात्रा निकाल रही है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और आपसी कटुता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। यह पूरी यात्रा गांधीवादी नीति और भाईचारे के संदेश पर आधारित है ।

निष्कर्ष:

अब देखना यह होगा कि इस यात्रा से मिले जनसमर्थन के बाद कांग्रेस आने वाले दिनों में साय सरकार को घेरने के लिए क्या नई रणनीति तैयार करती है 

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