रेत माफियाओ से सत्ता के गठजोड़ पर भड़की कांग्रेस
रेत माफियाओं अधिकारियों और नेताओं के गठजोड़ से जिस तरीके से बस्तर में चार पत्रकारों को गांजा के मामले में फसाने की कोशिश की गई उससे थानेदार तो नब गए अजय सोनकर लेकिन अब कांग्रेस इस मुद्दे में विष्णुदेव साय सरकार को अच्छी तरीके से घेरने में लगी हुई है पूरे प्रदेश में जिस तरीके से रेत माफियाओं का बोलबाला है और जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं तो क्या सचमुच डबल इंजन की सरकार रेत माफियाओं के चुंगल में है यह सवाल हम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता लेकर सीधे-सीधे सरकार पर मिली भगत का आरोप लगाया है उन्होंने क्या कुछ कहा पहले सुन लीजिए की नाकामियों को बसर की जनता छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता तक सामने लाए और वहां के ई पुलिस अधिकारी मिले हुए माइनिंग विभाग मिला हुआ जिला प्रशासन मिला हुआरे सरकार के नुमाइंदे पूरे मिले हुए लोग है जो सरे उत्खनन अवध परिवन की पैसा सबके पास पहुंच रही है कोंटा से लेकर रायपुर तक उसी कारण है कि उस निर्दोष पत्रकारों को आवाज उठाने के बजाय में कारवाई करने की जगह एक अपनी गाड़ी में गाजा रख दिया जाता है गाजा केस उसको अंदर भेज दिया जाता है आखिर क्यों कौन है इसका षड्यंत्रकारी कौन है इसका मास्टर माइंड यह बस्तर की जनता देखना चाह रहा है छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लेते दूसरा चीज आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी यहां आपकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है आंध्र प्रदेश में आपकी एनडीए गवर्नमेंट की सहयोगी पार्टी है मतलब वहां पर मौसेरे भाई की सरकार है आपने क्यों बात नहीं की क्यों संवाद नहीं किया उनसे यह दूसरा सवाल तीसरा सवाल पत्रकारों के दबाव में कोंटा टीआई पर आई आर आप दर्ज करते और उनको कारवाई करते इसका मतलब साफ साफ है कि इस केस में सिर्फ कोंटा टीआई स्पष्ट रूप से जिम्मेदार है दोषी है साथ ही इसके पीछे एक कहीं कहीं बड़ा लाभी काम करता है बड़ा लाभी काम कर रही है नेताजी कौन है जो ई लिखते फेसबुक कमेंट में नेताजी को बता देना काम हो गया व नेताजी कौन है बस्तर की जनता जानना चाह रही है आखिर किसके संरक्षण में कोटाई ने इतना ब कदम उठाया कुको गाड़ी में गांजा रख दिया जाता है और उसको फसा दिया जाता है आखिर होटल का सीसीटीवी फुटेज क्यों उसको डिलीट कर दिया जाता है सवाल ये है इसलिए आदरणीय साथियों इस सवालों का जवाब शासन को देना चाहिए यानी आप सोचिए कि छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के आगे सरकार किस कदर घुटने लेके हुए हैं धमतरी हो महासमुंद हो बिलासपुर हो कहीं से भी आपको इस तरह की खबरें आसानी से सुनाई दे जाएगी कि अवैध परिवहन हो रहे हैं अवैध उत्खनन हो रहे हैं खनिज विभाग के अधिकारी पैसा वसूलने में लगे हैं और सरकार खामोशी से बैठे हुए हैं यह मामला विधानसभा में भी उठा लेकिन सरकार ने केवल आश्वासन दिया कि रेत माफियाओं को बक्स नहीं जाएगा लेकिन हकीकत जिस तरीके से सामने आ रही है वह छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं के बोल बाले को इंगित तो करता ही है साथ ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में जिस तरीके से खनिज माफिया अधिकारियों को डराते धमकाते हैं या हत्या तक कर देते हैं क्या वैसी स्थिति छत्तीसगढ़ में आ जाएगी देखना होगा !
वीडियो देखें

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें