शनिवार, 17 अगस्त 2024

बुरी तरह फँस गये विधायक...

 बुरी तरह फँस गये विधायक...


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सबसे करीबी विधायक देवेंद्र यादव को छत्तीसगढ़ की पुलिस ने गिरफ़्तार कर ही लिया। उनकी गिरफ्तारी की आशंका तो उसी दिन जाहिर कर दी गई थी, जब डबल इंजन सरकार के तीन-तीन मंत्रियों ने बतौदाबाजार हिंसाकांड  के बाद कांग्रेस के नेताओ की तस्वीर  जारी करते हुए हिंसा फैलाने का आरोप लगाया था।

सतनामी समाज के जैतखंभ को काटे जाने के विरोध में बलौदाबाजार में समाज के प्रदर्शन के दौरान इस तरह लोग बेकाबू हो गये कि एसपी दफ़्तर। , कलेक्ट्रोरेट परिसर को फूंक दिया था। इसके बाद सरकार ने आनन फानन में बलौदाबाजार के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया लेकिन जब मामला तूल पक‌ड़ने लगा तो एसपी - कलेक्टर को निलंबित करना पड़ा।

इसके बाद पुलिस ने प्रद‌र्शन में उपस्थित सतनामी समाज के नेताओकी गिर‌फ्तारी शुरु कर दी तो सर‌कार पर यह आरोप भी लगने लगा कि वह निर्दोष लोगों को न केवल गिरफ्तार कर रही है बल्कि मारपीट और  प्रताडित भी कर रही है।

प्रदर्शन में शामिल मिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव पर तीन-तीन मंत्रियों ने प्रेसवार्ता ले कर गंभीर आरोप लगाये थे और इसके बाद जब पुलिस ने देवेन्द्र यादव को पूछताछ के लिए बुलाया तभी से उन पर गिफ्तारी की तलवार लटकने लगी थी।

कल सुबह 6 बजे अचानक पुलिस देवेन्द्र यादव के घर पहुंच गई, और पुलिस के पहुंचने की खबर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बेज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता यादव के घर पहुंच गये । एक पुलिस अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। वहीं यादव ने भाजपा सरकार पर आगजनी मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फंसाने का आरोप लगाया।बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि यादव को दुर्ग जिले में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कार्रवाई की खबर फैलने के बाद दुर्ग के भिलाई नगर इलाके में यादव के आवास के बाहर उनके कई समर्थक जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। पार्टी का प्रभावशाली युवा चेहरा यादव भिलाई नगर निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार विधायक हैं।अग्रवाल ने बताया कि यादव को बलौदाबाजार आगजनी की घटना में कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 147 (दंगा करने की सजा), 186 (किसी लोक सेवक को अपने कर्तव्यों का पालन करने से स्वैच्छिक रूप से रोकना), 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 307 (हत्या का प्रयास) और अन्य तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत दर्ज किया गया था।अग्रवाल ने बताया कि यादव को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने यादव को बयान दर्ज करने के लिए कम से कम तीन बार बुलाया था, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बलौदाबाजार से पुलिस के जवान दुर्ग पुलिस के साथ सुबह करीब 7 बजे यादव के घर पहुंचे। खबर फैलते ही यादव के समर्थकों ने विधायक को बचाने की कोशिश की और नारे लगाए। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस शाम करीब 5 बजे यादव को अपने साथ ले जाने में कामयाब रही।

इस साल 15 और 16 मई की मध्य रात्रि को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी धाम में अमर गुफा के पास अज्ञात व्यक्तियों ने सतनामी समुदाय द्वारा पूजे जाने वाले पवित्र प्रतीक ‘जैतखाम’ (विजय स्तंभ) को तोड़ दिया था, जिसके बाद जून में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

10 जून को, बलौदाबाजार शहर में ‘विजय स्तंभ’ की कथित तोड़फोड़ के खिलाफ सतनामियों द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने एक सरकारी कार्यालय भवन और 150 से अधिक वाहनों में आग लगा दी, जिसके कारण दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई।

यादव सहित कांग्रेस नेताओं ने कथित तौर पर दशहरा मैदान में सतनामियों द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक सार्वजनिक बैठक में भाग लिया था। 10 जून की आगजनी के सिलसिले में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और भीम “रेजिमेंट” के सदस्यों सहित लगभग 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।मध्यकालीन समाज सुधारक बाबा गुरु घासीदास द्वारा स्थापित प्रभावशाली सतनामी समुदाय, छत्तीसगढ़ में सबसे बड़े अनुसूचित जाति समूह का प्रतिनिधित्व करता है।

सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना करते हुए यादव ने कहा कि वह सरकार से नहीं डरते और जनता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने भिलाई में कहा, “राज्य सरकार बलौदाबाजार आगजनी मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फंसाने की कोशिश कर रही है। सतनामी समुदाय के युवाओं और निर्दोष लोगों के लिए आवाज उठाने पर सरकार ने मेरे खिलाफ कार्रवाई की। मैं सरकार से नहीं डरता और कानूनी लड़ाई लड़ रहूंगा।” यादव ने दावा किया कि वह पहले भी बलौदाबाजार पुलिस के समक्ष सम्मन मिलने पर उपस्थित हुए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया और पुलिस से राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करने को कहा।

बघेल ने आरोप लगाया, “पूरे घटनाक्रम में सरकार और पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। भाजपा के किसी भी सदस्य से न तो पूछताछ की गई और न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया, जबकि घटना में उसके पूर्व विधायक सनम जांगड़े की कथित भूमिका सामने आई थी।” सतनामी समुदाय के प्रदर्शन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यादव न तो मंच पर चढ़ते हैं और न ही वहां लंबे समय तक इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष के कारण की गई है और हम इसका विरोध करते हैं।

बघेल ने कहा, “हम कानूनी सुझाव लेंगे और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई तय करेंगे।” यादव, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान सामने आए कथित कोयला लेवी घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज मामलों में भी आरोपी हैं

शुक्रवार, 16 अगस्त 2024

चुनाव आयोग की घोषणा में सत्ता की बेशर्मी...

 चुनाव आयोग की घोषणा में सत्ता की बेशर्मी...


चुनाव आयोग ने हरियाणा और जम्मूकश्मीर में चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी, लेकिन इसी साल के अंत तक होने वाले दो अन्य राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में भी विधानसमा के चुनाव होने है उसकी घोषणा कब होगी और राजनैतिक दलों को इन राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए कितना समय दिया जायेगा अभी केवल अंदाजा ही लगाया जा सकता है। ऐसे में सवाल देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की उस दंभोक्ति का क्या जो एक देश-एक चुनाव को लेकर जनता में भ्रम पैदा करता रहा है।

यदि चार राज्यों के चुनाव की तारिखो  का एलान नहीं हो पा रहा है तो फिर एक राष्ट्र-एक चुनाव के सपने दिखाने का मतलब क्या निकाला जाना चाहिए।

दरअसल चुनाव आयोग की इस चुनावी एलान में मोदी सत्ता की बेशर्मी का वह खेल को उजागर कर दिया है जो राजनीति को अपने अनुकूल साधने में लगा है।

जम्मू कश्मीर में चुनाव दस साल बाद होंगे। वह भी सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख़ की वजह से। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में चुनाव के लिए जो समय सीमा तय की थी , उसकी वजह से वहां चुनाव हो रहे हैं कहा जाय तो गलत नहीं होगा।

लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र में तो नवम्बर में हर हाल में नई सरकार का गठन हो जाना है तब सिर्फ हरियाणा में ही विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा क्या महाराष्ट्र में मोदी सत्ता को घोषणाओं के लिए समय देना नहीं है?

अब तक के रिकाई बताते हैं कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा एक साथ होते रही है और दोनों ही राज्यों में एनडीए या बीजेपी की सरकार भी है। तब एक ही साथ तारीख के एलान में इस बार क्या परेशानी हो गई। 

दोनों ही राज्यों में बीजेपी की हालत बेहद खराब होने का संकेत तो लोकसभा चुनाव के परिणाम ने दे दिया है तब क्या इस संकेत से डरी सत्ता ने यह खेल खेला है जिस पर चुनाव आयोग की मुहर लग गई है।

सवाल तो उठेंगे ही जब चुनाव आयोग लगातार सत्ता के अनुकुल तारीखों का एलान करेगा। हरियाणा में नवम्बर के पहले सप्ताह और महाराष्ट्र में नवम्बर  के आखरी सप्ताह में नई सरकार का गठन होना है?

जम्‍मू कश्‍मीर और हरियाणा में चुनावों का ऐलान कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में जम्‍मू कश्‍मीर में तीन चरणों में 18 सितंबर से मतदान की घोषणा की है. वहीं हरियाणा में एक अक्‍टूबर को वोट डाले जाएंगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा. वहीं मतगणना चार अक्टूबर को होगी. इसी तरह से हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए एक अक्टूबर को मतदान और चार अक्टूबर को मतगणना होगी. 

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त राजीव कुमार ने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर के लोग तस्‍वीर बदलना चाहते हैं. जम्‍मू कश्‍मीर के लोगों ने हिंसा को नकारा है. उन्‍होंने कहा कि 20 अगस्त को मतदाता लिस्ट जारी होगी. उन्‍होंने कहा कि चुनाव के लिए लोगों में ललक दिखी है. 


निर्वाचन आयोग को जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने थे. यह समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने तय की थी. आयोग ने चुनाव संबंधी तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का दौरा किया था. 

बांग्लादेश के हिदु‌ओं के लिए 25 सदस्यीय जत्था का तीर्थ यात्रा

 बांग्लादेश के हिदु‌ओं के लिए 25 सदस्यीय जत्था का तीर्थ यात्रा


बांग्ला देश के हालात को लेकर वैसे तो पूरा देश चिंतित है। ऐसे में वहां रह रहे हिन्दू समाज पर अत्याचार की खब‌रें विचलित करने वाली है। बांग्लादेश में शांति बहाली और हिंदुओं की जान माल की सुरक्षा को लेकर रायपुर उत्तर विधानसमा के पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने बालाजी महालक्ष्मी और रामेश्वरम की यात्रा की।

भाजपा प्रवक्ता श्री चंद सुंदरानी ने बगया कि बांग्लादेश की खबरें चिंताजनक है और वहां के हिदु‌ओं पर जिस तरह से हमले हो रहे हैं वे हिन्दुसमान के लिए चिंता की बात है और हिन्दू समाज के जानमाल की सुरक्षा और बांग्लादेश में शांति बहाली के लिए उन्होंने 25 सदस्यीय जत्था के साथ तिरुपति, बेल्लूर और रामेश्वरम् की यात्रा की जहां ईश्वर से हिन्दु समाज की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में जिस तरह के हालात की खबरें आ रही है उससे पूरा मानव समाज़ चिंतित है इसलिए उन्होंने 25 सदस्यीय जत्थे के साथ यह धार्मिक यात्रा की।

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान् सबकी सुनते है और  बांग्लादेश में भी शीघ्र ही न केवल शांति बहाली होगी बल्कि हिन्दुओ के साथ हो रहे अत्याचार के मामले में भी न्याय होगा।

उनके साथ यात्रा में गये मोहन सुंदरानी ने कहा कि वे पहले भी कई धार्मिक यात्रा त्रा कर चुके हैं लेकिन यह यात्रा अद्‌भूत रही, और भगवान भोलेनाथ इस यात्रा के ध्येय को सफल बनायेंगे। यात्रा में मनोज दुबे, अर्जुनदास वासवानी, हरिभाई तलरेजा, नंदकिशोर अग्रवाल,अशोक कुमार मुजवारी, श्रीचंद कालाणी, दयाल राजपाल, गुलाब असरानी, नारायण हिदुजा,पवन कुमार भुलवानी, सुरेश परप्यानी शामिल थे।

पांच दिवसीय इस धार्मिक यात्रा में तिरुपति बालाजी, वेल्लूर में महालक्ष्मी और रामेश्वरम् ज्योर्लिंग के दर्शन कर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की गई।

शनिवार, 10 अगस्त 2024

टीकाराम का ना टोटका काम आया, न चालबाजी !

 जिला शिक्षाअधिकारी बुरी तरह फँसे...


टीकाराम का ना टोटका काम आया, न चालबाजी !


आर्थिक अपराध शाखा की जद में आये बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकाटी के पद पर पदस्थ टीकाराम साहू की मुसिबत बढ़ते ही जा रही है। कहा जाता है कि अपनी काली कमाई को छुपाने के लिए परिवार के लोगों को भी टीकाराम ने करोड‌पति बना  दिया था तो तरह-तरह के टोटके भी किये जाने की खबर है ताकि उनकी करतूत उजागर न हो।

मूल रूप से कवर्धा निवासी टीकाराम साहू के बारे में कहा जाता है कि व्याख्यता से जब वे विकासखंड शिक्षा अधिकारी बने तभी से उन्होंने जमकर कमाना शुरु कर दिया था और

राजर्नादगांव जिले के तीन विकासखंडों में शिक्षा अधिकारी के रूप में वे बेहद चर्चितभी थे। कहा जाता है कि उस दोर में उनकी उमक की वजह से कोई शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं करता था। लेकिन रमन राज के बाद उनके खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा बनना शुरु हो गया।

कहा जाता है कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उन्हें कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने से उनकी मुसिबत बढ़ गई है। एसीबी के मुताबिक जो संपत्ति उजागर हुआ है उसकी बानगी हैरान कर देने वाला है। पढिये छापे में कहां-कहां मिली प्रॉपर्टी

1988 में व्याख्याता के पद से नौकरी की शुरुवात करने वाले बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू ने बीईओ और डीईओ के पद पर रहने के दौरान करोड़ों रुपए की करीबन दो दर्जन संपत्तियां बनाई हैं। शिकायत सत्यापन के पश्चात आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने अपराध दर्ज कर लिया है।

टीकाराम साहू के खिलाफ दर्ज FIR में उनके द्वारा अर्जित चल अचल संपत्ति का विवरण भी दिया है। टीकाराम साहू ने आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक मात्रा में स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की है।

56 वर्षीय टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू मूलतः कवर्धा के श्याम नगर वार्ड क्रमांक 8 के रहने वाले हैं। 7 अक्टूबर 2023 से वे जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। टीकाराम साहू की प्रथम नियुक्ति 20 दिसंबर 1988 को व्याख्याता के पद पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरागढ़ जिला राजनंदगांव में हुई थी। इसके बाद भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कबीरधाम, छुईखदान कवर्धा, में मलाईदार पदों पर रहे। 7 अक्टूबर 2023 से बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी हैं।

01- संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण जी श्यामनगर, विजय ग्रीन पथ में 40x60 में 2400 वर्गफुट में दो मंजिला सर्वसुविधायुक्त मकान। इस भूमि पर कवर्धा में मकान बनाया गया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग, ई-स्टाम्प राशि 30 लाख रुपये है।

02-संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/34, 89/26 रकबा 0.014 हेक्टेयर जमीन टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 20 नवम्बर 2017 को क्रय किया गर रजिस्ट्री दिनांक-20/11/2017, ई-स्टाम्प राशि 4,74,000/- रुपये

03-संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर जमीन 13 जून 2018 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 13/06/2018, ई-स्टाम्प राशि 3,24,500/-

04- संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा • जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 359/1 रकबा 0.130 हेक्टेयर जमीन दिनांक 9 सितम्बर 2018 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक- 11/09/2018 ई-स्टाम्प राशि -1,05,00005-

05–संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण अटल विहार योजना मकान नं. एलआईजी. 117 मैनपुरी, कवर्धा, जिला कबीरधाम रजिस्ट्री दिनांक 31/05/2019, ई-स्टाम्प राशि -6,35,840/- रुपये

06- टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला-कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 350 रकबा 0.129 हेक्टेयर जमीन दिनांक 4 अगस्त 2021 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 04/08/2021, ई-स्टाम्प राशि 1,53,000 रु

07- संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का०) पहन- 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/12, रकबा 0.158 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2022 को क्रय किया गया रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प रात्रि 98,000/-

08- संपत्ति धारक का नाम- टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला- 3

कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का0) पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/10, रकबा 0.420 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2000 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प राशि 2,60,000/- रुपये

09- संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम सागौना प.ह.न.-02 रा.कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का0) पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/10, रकबा 0.420 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2000 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प राशि 2,60,000/- रुपये

10– संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम सागोना प.ह.न.-02 रा. नि.म. तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 97/48 रकबा 0.018 हेक्टेयर जमीन दिनांक 28 नवम्बर 2022 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 28/11/2022, ई-स्टाम्प राशि 3,37,000/- रुपये

11–संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 26 क्रय किया गया है। रजिस्ट्री दिनांक 29/11/2022 प्लाट नंबर 26,27,28,29 का एक ई-स्टाम्प कुल राशि 17,14,000/- रुपये टीकाराम साहू एवं उनकी पत्नी के नाम निम्नलिखित संपतियों के संबंध में पुष्टिकृत जानकारी प्राप्त हुई है।

12–संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवर्चा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 27 क्रय किया गया है।

12-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 28 क्रय किया गया है।

13-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग.संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट क्रय किया गया है।

14- संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/34, रकबा 0.014 वर्गफुट क्रय किया गया है।

15-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 452/9, रकबा 0.012 वर्गफुट क्रय किया गया है।

16-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2020-21 को ग्राम खुटू, कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 120/10, रकबा 0.040 वर्गफुट क्रय किया गया है।

17-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन- 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर

18- संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 431/12 रकबा 0.049 हेक्टेयर 09-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा नाम पर दिनांक 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 452/9, रकबा 0.012 वर्गफुट क्रय किया गया है।

19-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2020-21 को ग्राम खुटु, कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 120/10, रकबा 0.040 वर्गफुट क्रय किया गया है।

18-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर

19- संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवाँ, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 431/12 रकबा 0.049 हेक्टेयर

19-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण-ग्राम-नबघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 468/12 रकबा 0.971 हेक्टेयर

20-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण, ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 501/3 रकबा 0.328 हेक्टेयर

21-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 514/5 रकबा 0.235 हेक्टेयर

22-संपत्ति धारक का नाम - पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति धारक का नाम ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 514/7 रकबा 0.060 हेक्टेयर

23-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण. ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 359/1 रकबा 0.1300 हेक्टेयर

24-संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/46 रकबा 0.025 हेक्टेयर जमीन टीकाराम साह के नाम पर क्रय किया गया।

शुक्रवार, 9 अगस्त 2024

छत्तीसगढ़ में चार हजार से अधिक स्कूलों को बंद करने की तैयारी…

  छत्तीसगढ़ में चार हजार से अधिक स्कूलों को बंद करने की तैयारी शासन ने हाईकोर्ट में कैवियेट लगाया...



छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार ने युक्तीकाण के नाम पर चार हजार से अधिक स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेने जा रही है और इस मामले में न्यायालयीन पचड़े से बचने हाईकोर्ट में कैवियेट भी दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही अब  स्कूलों में 33000 शिक्षकों की भर्ती का मामला भी ठंडे बस्ते  में चला गया है।


छत्तीसगढ़ में बदहाल होती शिक्षा व्यवस्था को सुधार के नाम पर चल रहे इस खेल को लेकर सबसे बड़ी चर्चा तो तेतीस हजार शिक्षकों की भर्ती  का मामला है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले तेत्तीस हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा अब दूर की कौड़ी होने लगी है ا

बताया जा रहा है के सरकार ने हस निर्णय के ख़िलाफ़ किसी भी तरह के  आक्रोश को दबाने का पूरा इंतजाम कर लिया है और इस कड़ी में हाईकोर्ट बिलासपुर में कैवियेट दायर कर दिया गया है ताकि स्कूलों को बंद  करने के मामले में किसी को स्टे न मिल पाये।

इधर सोशल मीडिया में जिस तरह से शिक्षको की भर्ती का मामला युवा बेरोजगारों ने उठाना शुरु किया है उससे भी निपटने की तैयारी की खबर भी अब सुर्ख़ियाँ बटोर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रारंभ कर दिया है। पिछले हफ्ते युक्तियुक्तरण के ड्राफ्ट को भी मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग युद्ध स्तर पर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में जुट गया है। स्कूलों के युक्तियुक्तकरण से करीब छह हजार शिक्षक अतिशेष बचेंगे। शिक्षकों के 7303 शिक्षक पहले से अतिशेष हैं। याने कुल मिलाकर 13 हजार से अधिक शिक्षक सरकार के पास एक्सट्रा हो जाएंगे। इससे शिक्षक विहीन और सिंगल टीचर वाले लगभग सारे स्कूल कवर हो जाएंगे। कवर मतलब शिक्षक विहीन या फिर सिंगल टीचर वाला झंझट नहीं रहेगा।

अधिकारियों की मानें तो सबसे पहले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। क्योंकि, अतिशेष स्कूलों की संख्या पहले से ही ज्ञात है। वो करीब 7303 है। स्कूलों के युक्यिक्तकरण के बाद फिर फायनल लिस्ट बनाई जाएगी। क्योंकि जिन 4077 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाना है, उनमें 3978 प्रायमरी, मीडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूल एक ही परिसर में हैं। सिर्फ 99 स्कूलों का आसपास के गांवों में शिफ्थ करना होगा। इनमें 63 प्राईमरी और 36 मीडिल स्कूल हैं। इन 99 स्कूलों में चार-से-पांच बच्चे हैं और टीचर बच्चों से अधिक। छत्तीसगढ़ में एक ही परिसर में राष्ट्रीय औसत से कम बच्चे वाले सबसे अधिक प्राईमरी और मीडिल स्कूल हैं। इनकी संख्या 2933 हैं। इन्हें एक में मिला दिया जाएगा। हालांकि, इससे नाम बदलेगा मगर जगह नहीं। इसलिए इसमें दिक्कत नहीं। इसी तरह एक ही परिसर में मीडिल और हाईस्कूलों की संख्या 282, एक ही परिसर में प्राईमरी, मीडिल और हाईस्कूलां की संख्या 413 और एक ही परिसर में मीडिल, हाई स्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूलों की संख्या 350 चिन्हांकित की गई, जिन्हें एक-दूसरे में मर्ज कर दिया ।

स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने चार बिंदुओं में मापदंड तैयार किया है।

अफसरों का कहना था कि युक्तियुक्तकरण का काम पहले हो जाना था। उन्होंने इसके ये फायदे गिनाए....शिक्षक विहीन या सिंगल टीचर वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।स्थापना व्यय में कमी आएगी।एक ही परिसर के स्कूलों के युक्यिक्तकरण से बच्चों के ड्रॉप आाउट में कमी आएगी। एक ही परिसर के स्कूलों से बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से बच्चों को राहत मिलेगी।एक ही परिसर के स्कूलों को एक-दूसरे में मर्ज करने पर अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चन मुहैया हो सकेगा।

इधर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों और शिक्षकों का युक्यिक्तकरण करने से पहले बिलासपुर हाई कोर्ट में केवियेट दायर कर दिया है। इसका मतलब यह है कि युक्तियुक्तकरण के खिलाफ अब कोई कोर्ट जाएगा तो उस पर फैसला लेने से पहले सरकार का पक्ष भी सुना जाएगा।

अंबानी ने मोदी के दावे की ह‌वा निकाल दी…

 अंबानी ने मोदी के दावे की ह‌वा निकाल दी…


रिलायंस समूह के बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी ने मोदी सरकार के उस दावे की हवा निकाल दी, जिसमें सरकार ने बताया था कि देश की जीडीपी लगातार बढ़ रही है और 2047 तक में भारत विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आ जाएगा।

सच से दूर या फर्जी आकड़े को लेकर उठते सवालों  के बीच  जो खबर सामने आ रही है वह बेहद चौकाने वाला है। खबरों के मुताबिक देश की आर्थिक स्थिति  लगातार खराब होते जा रही है। इम्पोर्ट भी लगातार घट रहा है तो  उत्पादन में मी भारी गिरावट हो रही है। यही नहीं अधिकाश बड़े कंपनियों ने नौकरी को लेकर साइलेंट कट का रास्ता अख़्तियार कर लिया है ताकि छँटनी की खबर को दबाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने दावा किया था कि कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर  लौट रही है लेकिन कहा जा रहा है कि सबसे ज्यादा नौकरी देने वाले आईटी और रिटेल सेक्टरों में कर्मचारियों की छँटनी का काम बढ़ता ही जा रहा है। कॉल सेंटरों में भी बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से निकालने की खबर अब सामने आने लगी है।

शादी में करोड़ों रुपये खर्च करने को लेकर चर्चा में आये अंबानी ग्रुप की स्थिति को लेकर चर्चा तब शुरु हुई जब उसने जियों के दर में वृद्धि कर दी और लोगों ने जियो सहित दूसरी कई टेलीकाम कम्पनियों को छोड़‌कर बीएसएनएल में स्वीच करना शुरु कर दिया।

 मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश और दुनिया में बढ़ती मंदी की खबर के बीच एक हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है. देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री में पिछले एक साल में बड़ी संख्या में कॉस्ट कटिंग हुई है. कंपनी ने वर्कफोर्स कम करने की बात अपने एनुअल जनरल रिपोर्ट में दी है. कंपनी ने बताया है कि वित्तवर्ष 2023 में रिलायंस इडंस्ट्री में कुल कर्मचारियों की संख्या 3,89,000 थी जो 2024 में घटाकर 3,47,000 हो गई है. रिलायंस ग्रुप ने सबसे अधिक कॉस्ट कटिंग रिलायंस रिटेल वर्टिकल में किया है.

कंपनी के सालाना रिपोर्ट में मिली जानकारी के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक साल पहले की तुलना में वित्त वर्ष 24 में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 11% या 42,000 की कमी की है, जो कॉस्ट एफिशिएंसी और विशेष रूप से रिटेल सेक्टर में कम नियुक्तियों को दर्शाता है, जिसमें स्टोर बंद होने और धीमी ग्रोथ रेट भी देखी गई. आरआईएल की लेटेस्ट सालाना रिपोर्ट के अनुसार, नई भर्तियों की संख्या में एक तिहाई से अधिक की कटौती करके 1,70,000 कर दी गई है.

ग्रुप में हुई वर्क फोर्स में कटौती का एक बड़ा हिस्सा इसके रिटेल कारोबार में था, जो पिछले वित्त वर्ष में RIL के 2,07,000 कर्मचारियों की संख्या का लगभग 60% था, जबकि वित्त वर्ष 23 में यह 2,45,000 था. जियो ने भी वित्त वर्ष 24 में कर्मचारियों की संख्या घटाकर 90,000 कर दी, जो एक साल पहले 95,000 थी. RIL ने कहा कि वित्त वर्ष 24 में खुद से नौकरी छोड़ने की संख्या वित्त वर्ष 23 की तुलना में बेहद कम रही है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जून तिमाही के अपने नेट प्रॉफिट में पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है. रिफाइनिंग और पेट्रो-रसायन कारोबार के कम मार्जिन ने टेलीकॉम एवं रिटेल कारोबार में मिली बढ़त को भी फीका कर दिया है. तेल से लेकर रिटेल और टेलीकॉम कारोबार तक में एक्टिव रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में समूह का नेट प्रॉफिट 15,138 करोड़ रुपए यानी 22.37 रुपए प्रति शेयर रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 16,011 करोड़ रुपए यानी 23.66 रुपए प्रति शेयर था.

इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने रिकॉर्ड 18,951 करोड़ रुपए की कमाई की थी. तिमाही आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 20 प्रतिशत घटा है. इस समान तिमाही में परिवहन ईंधन के मार्जिन में कमी के अलावा रिलायंस के डेप्रिसिएशन लागत पर भी अधिक खर्च हुआ है, जिससे कंपनी की कमाई प्रभावित हुई है. पेट्रोल की कीमतों में 30 प्रतिशत की गिरावट और रसायन कारोबार के मार्जिन में कमी दर्ज होने से ऐसा हुआ

गुरुवार, 8 अगस्त 2024

उद्धव ठाकरे ने कर दिया खेल...

 उद्धव ठाकरे ने कर दिया खेल...

 मोदी-भागवत  के हाथ-पांव फूले


महाराष्ट्र में इस साल के अंत में होने बाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरह से उध्दव ठाकरे ने फ्रंट-फूट पर खेलना शुरु कर दिया है उससे मोदी सत्ता और आरएसएस की बेचैनी ही नहीं बड़ी है बल्कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौति उन मुद्‌दों की हवा भी निकालनी है जो उद्धव ठाकरे ने जोर-शोर से उठाना शुरु कर दिया है।

महाराष्ट्र जाने का क्या मतलब है यह मोदी सरकार ही नहीं आरएसएस भी अच्छी तरह जानता है, यही वजह है कि कल जब शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने दिल्ली पहुंच कर जब राहुल गांधी और शरद पवार से मुलाकात कर बांग्लादेश के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला किया तो आरएसएस ही नहीं समूची बीजेपी के हाथ पाँव फूलने लगे।

दरअसल लोकसमा चुनाव के परिणाम जिस तरह से महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन के पक्ष में आया है उससे साफ है कि यदि विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन कायम रहा तो भाजपा के लिए महाराष्ट्र बचा पाना मुश्किल हो जायेगा।

महाराष्ट्र में मोदी का जादू नहीं चलने या आरएसएस का हिन्दूत्व कमजोर पड़‌ने की यदि बड़ी वजह पर नज़र डाले तो साफ दिखेगा कि उद्धव ठाकरे की पहचान हिन्दुत्व के जिस चेहरे को लेकर है उसे तमाम कोशिश के बाद भी बीजेपी नहीं नहीं बिगाड़ पायी।

लेकिन इससे भी बड़ा मुद्दा जो भाजपा के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है वह महाराष्ट्र के हक की परियोजना को गुजरात शिफ्ट करने का है यह इतना बड़ा मुद्दा है कि इस मुद्दे ने शिंदे व अजित पवार तक को भी झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में बेरोजगारी महगाई के साथ किसान के मुद्दे ने भी शिंदे सरकार को पस्त कर दिया है।

तब सवाल यह भी है कि क्या इंडिया गंठबंधन ने जब चेहरा व सीट तय कर ली है तब भाजपा गठबंधन के लिए सीटो का बटवारा भी तो मुश्किल है।

और शायद यही वजह है कि भाजपा के सामने अब हिन्दूत्व की लकीर को मोटी करने की चुनौति है लेकिन उद्धव ठाकरे के पलटवार ने

भाजपा और आरएसएस के हाथों से यह मुद्रा भी छीन लिया है।उद्धव ठाकरे जिस आक्रामक मुद्रा में खड़े है उससे आरएसएस भी सकते में है।

लेकिन इससे भी बड़ी चुनौति महाराष्ट्र चुनाव में नेतृत्व के चेहरे का है और उद्धव ठाकरे के चेहरे के सामने बीजेपी के सामने यह बेहद दुविधा की स्थिति है क्योंकि मोदी शाह के खेल ने देवेंद्र फड़नवीस के चेहरे पर पहले ही डेंट लगा दिया है।और शिंदे की मजबूरी को आरएसएस बर्दाश्त नहीं कर पा रही।