बुधवार, 18 सितंबर 2024

वाराणासी में क्यों पीटा गया सं‌धी ..


 वाराणासी में क्यों पीटा गया सं‌धी ..

पूरा वीडियो भी देखिए…


 सबसे ताकतवर होने का दम भरने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बुल्डोजर चलाकर रोब जमाने वाले योगी आदित्यनाथ के वाराणासी में यदि संघ के नेता की जमकर धुनाई हो जाये तो फिर इसे क्या आने वाले राजनीति के लिए कोई संकेत माना जाना चाहिए।

झूठ और अफवाह के आसरे नफरत की राजनीति में माहिर लोगों ने इस कदर जहर फैला रखा है कि अब उनके कुकर्म खुलकर सामने आने लगे हैं।

ऐसा ही मामला वाराणासी में तब सामने आया जब प्रेगनेंट कर देने की धमकी पर योगी की पुलिस इसलिए खामोश रह गई क्योंकि धमकी देने वाला संधी था। और इसके बाद युवती और उसके परिजनों  ने इस संघी राजेश सिंह की वह हाल कर दी कि आज पूरा देश इस संधी पर थू-थू कर रहा है। पूरे मामले का विडियो वायरल होते ही हिन्दू वादियों को साँप सूँघ गया है।


मंगलवार, 17 सितंबर 2024

फिर मोदी के आगे संघ शरणागत…!

 फिर मोदी के आगे संघ शरणागत !


 नान बायोलाजिकल क्रियेचर के इस दौर में एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी ताकत का रौब संघ को  दिखा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रत्यक्ष रुप से आलोचना करने में लगे संघ प्रमुख मोहन भागवत  की लाचारी के कई किस्सों के बीच अब जो क़िस्सा सामने आया है । उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी किसी और के लिए नान बायोलाजी हो  न हो, संघ के लिए तो है ही।

दरअसल लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद जिस तरह से संघ प्रमुख हमलावर थे उसे देखते हुए  स्वयंसेवकों और मोदी विरोधियों में नए तरह की आशा की उम्मीद जगी थी। और जब केरल में आयोजित बैठक  में भाजपाध्यक्ष जेजी नड्‌डा पहुंचे थे तो यह माना जा रहा था कि संघ अब मोदी सत्ता को कड़ा संदेश देगी। लेकिन कहा जाता है कि जेपी नड्‌डा ने ही मोदी का कड़ा संदेश सुनाकर मोहन भागवत की  बोलती बंद कर दी।

सूत्रों की माने तो जेपी नड्डा ने साफ तौर पर कह दिया कि बग़ैर सत्ता के संघ  का कोई मतलब नहीं रहेगा इसलिए आलोचना करने की बजाय अब तक बीजेपी के लिये जिस ताह से संघ काम करती रही है वैसा ही करे। यहीं नहीं राज्यों के चुनाव में भी संघ के लोगों को सक्रिय बनाने की रूपरेखा तैयार कर ले। और अपनी पूरी ताक़त लगाये।

कहा जाता है कि मोदी के इस स्पष्ट संदेश ने संघ प्रमुख को सकते में ला दिया है, क्योंकि एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगातार हमले से स्वयंसेवकों में घबराहट है और ऐसे में यदि मोदी ने भी हाथ खींच लिया तो मुश्किल बढ़ सकती है । इसलिए इस संदेश के बाद अब संघ ने बैठकों का सिलसिला शुरु करते में ही अपनी भलाई मानकर हरियाणा में वनवासी कल्याण आश्रम की बैठक तय कर ली है। जबकि हरियाणा में आदिवासियों की जनसंख्या क्या  है वह भी अच्छी तरह से जानते है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तीन दिवसीय सम्मेलन का हरियाणा के समालखा में आयोजन होगा। इस सम्मेलन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण के प्रचार प्रमुख प्रमोद पेठकर ने बताया कि इसमें करीब 80 जनजातियों को बुलाया गया है। इसमें दो हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।मोद पेठकर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय सम्मेलन का 20, 21 और 22 सितंबर को हरियाणा के समालखा में आयोजन किया जाएगा। इसमें 80 जनजातियों को बुलाया गया है, जो अपनी पूजा-पद्धति को सामने रखेंगे। इसमें पूरे भारत के एकता के दर्शन हो पाएंगे। हम चाहते हैं कि समाज तक जनजातीय जीवन के गौरवपूर्ण पूजा-पद्धति को पहुंचाया जाए।



सोमवार, 16 सितंबर 2024

किताब रद्दी में: किसे बचा रहे हैं मुख्यमंत्री साय...

 किताब रद्दी में: किसे बचा रहे हैं मुख्यमंत्री साय...

 जांच समिति बनी, एफ आई आर क्यों नहीं...


छत्तीसगढ़ के नौनिहालों की बांटे जाने वाली किताब रद्‌दी के भाव बेन्च दी गई लेकिन सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय ने इस पर चुप्पी ओढ़ ली है। लाखें करोड़ों की इन किताबों को लेकर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने घोटाले का आरोप लगाया है लेकिन किताबें बरामद होने के बाद इस पर एफ आई आर नहीं किया गया, बल्कि अब आरोप यह लगाया जा रहा है कि मामले की लीपापोती करने ही जाँच कमेटी बनाई गई है। लेकिन समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। 

राजधानी के समीप सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में लाखों पाठ्‌य पुस्तकें कबाड़ में मिलने के बाद मचे बवाल के बीच सरकार की अपनी हो रही किरकिरी से बचने जाँच समिति बनाई है जाँच समिति में पाठ्‌य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक राजेतश कटारा के अलावा अतिरिक्त संचालक योगेश शिवहरे, संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पाण्डे, पापुनि के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा के अलावा रायपुर कलेक्टर के नामित अधिकारी होगे।

अब जांच समिति के सदस्यों पर ही सवाल उठने लगे है। कहा जाता है कि समिति में शामिल कुछ अधिकारियों की भूमिका पहले ही विवाद में रही है, हमारी टीम इस पर काम कर रही है हम शीघ्र ही जांच समिति के सदस्यों को लेकर खुलासा करेंगे।

दूसरी तरफ पाठ्‌य पुस्तकों के कबाड़ में बरामदगी से घबराई सरकार ने पेपर मिल को सील कर दिया है। कहा जा रहा है कि कबाड़ को ठिकाने लगाने की आशंका को लेकर कोग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा धरना देने के दबाव में यह कार्रवाई हुई है।

चूंकि मुख्यमंत्री के पास ही शिक्षा विभाग है इसलिए सरकार की खूब किरकिरी हो रही है।

 छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दिए जाने वाली पाठ्य पुस्तकें राजधानी में रद्दी में मिली है। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश किताबों को शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए तैयार किया गया था। इसका खुलासा रविवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने किया है। उनका आरोप है कि नि:शुल्क किताब वितरण के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने इस पूरे मामले में जांच की मांग की है।

सूचना के आधार पर पूर्व विधायक उपाध्याय सिलियारी स्थित एक पेपर मिल गए। वहां देखा कि पाठ्य पुस्तक निगम की ओर से सरकारी स्कूलों में वितरित की जाने वाली किताबें बड़ी संख्य में डंप थी। जब उन्होंने कुछ किताबों को देखा तो इन किताबों पर वर्ष 2024-25 लिखा था। किताबों का जखीरा पकड़ने के बाद उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में भी जारी किया। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से इस छापेमारी की कार्रवाई को लाइव किया है। उनका कहना है कि यह सीधे-सीधे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला है।

रविवार, 15 सितंबर 2024

दादा की शहादत पर भारी पोते की गाली...

 दादा की शहादत पर भारी पोते की गाली...


पता नहीं भाजपा  में जाते ही कोई देशद्रोही का तमगा बाँटने लगता है तो कोई हिन्दुत्व का। लेकिन इस दौर में यही  सब हो रहा है, दुनिया देख रही है कि भारत की राजनीति में हिन्दू वोटरों के ध्रुवीकरण का  कैसा विभत्स खेल चल रहा है।

परेशानी यह नहीं है कि देश की तरक्की किस विचारधारा से होगी। परेशानी तो यह है कि मोदी सत्त्रा की आलोचना आख़िर  उनकी पार्टी को बर्दाश्त क्यों नहीं है, क्या मंहगाई, बेरोजगारी, नफरत, लूट, दरकती सड्‌के, टपकती छत, महँगी  शिक्षा पर बात नहीं होनी चाहिए।


नॉन बायोलोजिकल क्रियेचर पर स्पेस टेक्नालाजी पर बहस क्या सत्ता  का ही अधिकार है।


ऐसे में रवनीत सिंह बिट्‌टू का राहुल गांधी को देश का नम्बर वन आंतकी घोषित करने के क्या मायने है। जिस परिवार से रवनीत सिंह बिट्‌टू आते  है क्या वे सभी आतंकी थे? उनके दादा बेअंत सिंह ने तो कांग्रेस से मुख्यमंत्री रहते शहादत दी थी। तब क्या वे भूल गये हैं कि राहुल या कांग्रेस को आतंकी  कहने का मतलब क्या है?

खबर के मुताबिक़ केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस लीडर राहुल गांधी को आतंकवादी बताया है। नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए बिट्टू ने कहा, ‘राहुल गांधी ने सिखों को बांटने का प्रयास किया है। सिख किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है, मगर चिंगारी लगाने की कोशिश हो रही है। राहुल गांधी देश के नंबर वन टेररिस्ट हैं।’ भाजपा नेता ने कहा कि वे लोग जो हर वक्त मारने की बात करते हैं, जहाजों-ट्रेनों को उड़ाने की बात करते हैं... वे राहुल गांधी के समर्थन में आ गए हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा लीजिए। मेरे ख्याल से अगर किसी को पकड़ने के लिए इनाम होना चाहिए तो वो राहुल गांधी हैं। उन्होंने राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा दुश्मन भी बताया।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, 'राहुल गांधी भारतीय नहीं हैं, उन्होंने अपना ज्यादातर समय बाहर बिताया है। उन्हें अपने देश से ज्यादा प्यार नहीं है, क्योंकि वह विदेश जाकर हर बात को गलत तरीके से कहते हैं। जो लोग मोस्ट वांटेड हैं, अलगाववादी हैं, बम, बंदूक और गोले बनाने में माहिर हैं, उन्होंने राहुल गांधी के बयानों की सराहना की है।' मंत्री ने कहा कि कांग्रेस केवल इधर-उधर की बातें करती है। जबकि राहुल गांधी पहली बार संसद में विपक्ष के नेता बने हैं। वे कभी सिख की असुरक्षा की बात करते हैं तो कभी समाज के बिखराव की बात करते हैं। उनका ऐसा व्यवहार माफ करने लायक नहीं है।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि राहुल गांधी में गंभीरता नहीं है। राहुल गांधी हो या उनके पार्टी के अन्य नेता, सभी देश को तोड़ने में लगे हुए हैं। कांग्रेस को देश की सुरक्षा और करोड़ों जनता के हितों की चिंता बिल्कुल नहीं है। सिर्फ वोट के लिए कांग्रेस समाज में अशांति फैलाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मैंने काफी नजदीक से देखा है, परखा है। कांग्रेस के टिकट पर तीन बार सांसद रहा हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और भाजपा के मूल मंत्रों से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ली। पीएम मोदी के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार में शामिल होकर रेल के क्षेत्र में देशवासियों की सेवा कर रहा हूं। 

राहुल गांधी ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय अमेरिकियों की सभा को बीते सोमवार को संबोधित किया था। इस दौरा उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर मानता है। उन्होंने कहा था कि भारत में राजनीति के लिए नहीं, बल्कि इसी बात की लड़ाई लड़ी जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘लड़ाई इस बात की है कि क्या एक सिख को भारत में पगड़ी या कड़ा पहनने का अधिकार है या नहीं। या एक सिख के रूप में वह गुरुद्वारे जा सकते हैं या नहीं। लड़ाई इसी बात के लिए है और यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है।’ 

अमेरिका क्यों ताकतवर है...

 अमेरिका क्यों ताकतवर है...


यह बेहद कठिन सवाल है लेकिन इसका जवाब इन दिनों कुछ ऐसे दिया जा रहा है कि अमेरिका के लोग बेहद सजग है

उन्हें जैसे ही पता चला कि उनका राष्ट्र‌पति सठिया गया है, उस पर उम्र हावी होने लगी है वे आयँ-बायं-सायं बोलने लगा है।

तत्काल राष्ट्रपति जो बाइडन की पार्टी ने राष्ट्र‌पति के निर्णय लेने के अधिकारों को सीमित करते हुए बड़े और कड़े फैसले के लिए केद्रीय केबिनेट को अधिकृत कर दिया। इतना ही नहीं जो बाइडन को बीच चुनाव में उम्मीदवारी से हटा कर उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को उम्मीदवार बना दिया।

क्योंकि अमेरिकन जानते है कि देश बतौलेबाजी से नहीं चलता...!

आदिवासी समाज ने नहीं उठाया शव...

आदिवासी समाज ने नहीं उठाया शव...

तेज होते आन्दोलन से सत्ता की नींद उड़ी 

 हत्या कर लाश दपनाकर पानी टंकी का निर्माण 


सीतापुर में आदिवासी युवक की हत्या करके उसकी लाश दफनाकर पानी टंकी का निर्माण करवाने वाले आरोपी ठेकेदार अभिषेक पाण्डेय को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तो दूसरी तरफ मृतक संदीप लकड़ा के शव को लेने से इंकार करते हुए उसके परिजनों ने धरना देना शुरू  कर दिया है।) मृतक के परिजनों को दो करोड़ मुआवजा और आरोपी की गिरफ्तारी की मोग के चलते संदीप का शव 10 दिनों से मर्क्युरी में रखा हुआ  है तो अब मृतक के परिजनों के समर्थन में आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस भी खड़ी हो गई है।

दृश्यप फिल्म की तर्ज पर हुए इस हत्याकांड को लेकर कोग्रेस के दिग्गज नेता भी धरना स्थल पहुंचने लगे है जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री ती एस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के अलावा कांग्रेस  व गोडवान पार्टी के नेता शामिल है।

सीतापुर में राजमिस्त्री की हत्या व फिर दृश्यम मूवी की तर्ज पर उसके शव को ओवरहेड टैंक के नीचे दफन करने के मामले ने अब और तूल पकड़ लिया है। सर्व आदिवासी समाज ने सीएम के नाम लिखे एक पत्र में मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय, उसके सहयोगी प्रत्यूष पांडेय व गौरी तिवारी के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज कर तीनों को फांसी की सजा देने की मांग की है। वहीं उसके परिजन को 2 करोड़ रुपए का मुआवजा व शासकीय नौकरी देने की भी मांग की है।


सीएम के नाम लिखे गए पत्र में सर्व आदिवासी समाज ने कहा है संदीप का शव 75 दिन बाद मिला है। उन्होंने एसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच कराने तथा तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की मांग की है। उन्होंने मृतक संदीप लकड़ा (Sandeep murder case) की पत्नी सलीमा लकड़ा को शासकीय नौकरी देने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय के निजी खाते से आहरित करोड़ों रुपए का उपयोग इस प्रकरण को दबाने में इस्तेमाल किया गया है। इसकी जांच कर संबंधितों के ऊपर एफआईआर दर्ज किया जाए

अमरजीत भगत के मुताबिक परिजनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होता पार्थिव शरीर को नहीं लेंगे. जबकि पुलिस प्रशासन अब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सका है.ऐसे में शव को इसी तरह से कब तक रखा जाएगा.इसलिए प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए.

सीतापुर के बेलजोरा निवासी राजमिस्त्री संदीप लकड़ा की नृशंस हत्या व शव दफन करने वाला मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय अब तक गिरफ्तार  नहीं हुआ है। इसे लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश है। वे सीतापुर रेस्ट हाउस के सामने 3 दिन से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं। वहीं परिजनों ने अब तक संदीप का शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी नहीं पकड़ा जाता, वे शव नहीं लेंगे। इसी बीच सीतापुर थाने के टीआई जॉन प्रदीप लकड़ा व एक एसआई को हटा दिया गया है।

शुक्रवार, 13 सितंबर 2024

टिकिट तो दे दी ही अब बुर्का भी बाँटेगी बीजेपी

 टिकिट तो दे दी ही अब बुर्का भी बाँटेगी बीजेपी


लोकसभा चुनाव में २४० सीट आने से घबराई बीजेपी ने हरियाणा और कश्मीर के विधानसभा चुनाव में मुसलमानों को टिकिट दे दिया है तो अब महाराष्ट्र में वह बुर्का बाँटने आमदा है।

लोगों को कपड़े से पहचान लेने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस रुख से वे तमाम लोग क्या करेंगे जो हिजाब और बुर्के लेकर पूरे देश में हंगामा खड़‌ा कर रहे थे। बुल्डोजर का निशाना बनाकर हिन्दुत्व की दुहाई दे रहे थे, इसका तो पता नहीं चला है लेकिन लोकसभा चुनाव में अपनी भद पिटवा चुकी भाज़पा का मुसलमानों के शरण में जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।


दरअसल लोकसभा के चुनाव में महाराष्ट्र में न केवल भाजपा बल्कि इंडिया गठबंधन की ऐसी बुरी हार की किसी ने कल्पना नहीं की थी, इसलिए अब जब महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव होने है, तो सत्ता जाते देख भाजपा के सहयोगी दलों की नींद उड़ी हुई है, हालांकि पासमांदा मुसलमानों को रिझाने की कोशिश तो पहले भी हुई थी लेकिन लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार ने भाजपा के सह‌योगियों के अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लगा दिया है।


और यही वजह है कि मुंबई के कई इलाकों में मुस्लिम महिलाओं को रिझाने बुर्का वितरण समारोह किया जा रहा है।

यदि ऐसा ही पोस्टर कांग्रेस या इंडिया गठबंधन का कोई दल लगा देता तो तमाम तरह के हिन्दुवादी संगठन बिलबिलाने लगते लेकिन इस बार न केवल ऐसे पोस्टर शिंदे गुट ने लगाया है बल्कि शिंदे गुट के विधायक यामिनी यशवंत जाधव ने तो बुर्का वितरण समारोह का आयोजन शुरु कर दिया उपर से इस पर पत्रकारों के सवाल पर उनरी प्रतिक्रिया है वे तो यह सब नहीं मानती, उनके लिए उनेक क्षेत्र के लोग ही महत्वपूर्ण है।

अब देखना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख आते आते और भी क्या कुछ होने वाला है। लेकिन अब उन बेचारों का भी सोचिये जिनकी ऐसी बेइज्जती इन दिनों रोज हो रही है।