शुक्रवार, 8 मई 2026

जब रोती हुई इस छात्रा ने खोल दी सरकार की पोल

जब रोती हुई इस छात्रा ने खोल दी सरकार की पोल 


 छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था किस कदर बदहाल है कि बच्चों को अपना भविष्य खराब नजर आने लगा है और क्या विष्णुदेव साय सरकार ने यह निर्णय ले लिया है कि जो भी बच्चे अब स्कूलों की बदहाली पर आवाज उठाएंगे उन्हें जेल में सड़ा देंगे क्या जिला शिक्षा अधिकारी खुद को मुख्यमंत्री समझने लगे हैं क्योंकि उनको लगता है कि मुख्यमंत्री से तो हर कोई मिल नहीं सकता तब उनकी मनमानी मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंचे सवाल सिर्फ इस अहिवारा के बच्चों का नहीं है सवाल तो प्रदेश में बदहाल होती शिक्षा का है ऐसे सैकड़ों स्कूल है जहां के बच्चों को शिक्षक भी नहीं मिल पा रहा है और हालत यह है सरकार कोई व्यवस्था करना ही नहीं चाहती और क्या सत्ता ने अब जिला शिक्षा अधिकारियों को यह पावर दे रखा है कि वह अपनी मनमान चलाए और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले बच्चों को जेल में सड़ा यह कई तरह के सवाल है जिसका जवाब ढूंढना बेहद मुश्किल है इतने बड़े मामले में कांग्रेस की भी चुप्पी हैरान कर देने वाली यानी आप सोचिए कि एक जिला शिक्षा अधिकारी की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि वह अपने स्कूल की समस्या को लेकर शिक्षकों की कमी को लेकर आने वाले बच्चों को जेल में डाल देने की धमकी दे रहे हैं क्या जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर बैठे कलेक्टर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं इतने ताकतवर हो गए जिला शिक्षाधिकारी ऐसे कई सारे सवाल है लेकिन जब आप इन बच्चों का पूरा वीडियो देखेंगे तो आपको समझ में आएगा कि किस हद तक छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था बदहाली की कगार पर पहुंच गया है और अधिकारियों की मनमानी किस हद तक पहुंच गई हम लोग कलेक्टर सर के पास गए थे तो उसने सर ने ना हम लोगों को डीओ साहब के पास भेजा कि हम लोग दो दिन में व्यवस्था करते हैं टीचर्स की लेकिन डीओ सर ने हमसे बदतमीजी से बात की बोलते हैं ऐसी बहस मत करो चलो जाओ यहां से क्या ये सब लिख एप्लीकेशन में कौन सिखाया तुम लोगों को लिखने के लिए जिी जेल का वो करोगे ना समझ जेल का वो करोगे ना समझ आ जाएगा ऐसे वैसे करके बोले हम लोगों को और हमारा जो क्या मांगने गए थे बेटा शिक्षक दो साल हो गए एक भी टीचर्स नहीं है तो हम लोग टीचर्स की मांग करने के लिए गए थे कितने टीचर नहीं है एक भी 11 12 पिछले साल से खुला है लेकिन 11 को जैसे तैसे करके हम लोग पास कर ले लेकिन 12थ हमारा बोर्ड है बोर्ड हमारा बेस है तो हम लोग कैसे फाइट करेंगे उसको तो हम लोग टीचर्स की मांग करने के लिए गए थे तो वैसे ही बोल दिया ओ आपके स्कूल का क्या नाम है कितने बच्चे हैं जिसमें पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल लीवा से हैं हम लोग और चार टीचर्स बस है वो भी ना 10थ के लिए है 11 12थ के नहीं है वो सर मैम जो है वो 160 अभी क्या चाह रहे हो अभी हमारे पास टीचर आज ऐसे करके बोलने के लिए आए थे लेकिन ओ सर ने हमको ये सब बोल दिया ठीक आपका नाम बताओ आरती साहू बायो कहा जा रहा है कि यह स्थिति केवल अवारा की नहीं है अमूमन किसी भी जिले के शिक्षा अधिकारियों का रुतबा देखने को बनता है शिक्षक वर्ग भी उनसे परेशान रहते हैं कभी छुट्टी को लेकर तो कभी दूसरे मामले को लेकर य सरकार के आने के बाद बढ़ोतरी हुई है कहा जाए तो गलत नहीं होगा !

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https://youtu.be/hVkT305tI5Y?si=eYp2teVu_-FoW6P3

छापा-छापा का खेल, कब होगी गिरफ़्तारी…

 

शराब कांड - छापा-छापा का खेल, कब होगी गिरफ़्तारी…

एक तरफ छत्तीसगढ़ में राजनीतिक गर्मी उफान पर है तो दूसरी तरफ ईडी सीबीआई एसीबी ईओ डब्लू की भूमिका भी अब अचानक तेज हो गई है और जिस तरीके से पिछले दिनों शराब घोटाले के मामले को लेकर आपकारी विभाग के 15 अफसरों से पूछताछ की गई क्या उनकी गिरफ्तारी होगी यह बड़ा सवाल है करोड़ों अरबों रुपए के शराब घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर है और सत्ता जाने की बड़ी वजह में से एक वजह शराब घोटाला भी रहा हालांकि इस पूरे मामले में राजनीति के जानकारों का कहना है कि भूपेश बघेल की गिरफ्तारी शायद इस मामले में ना हो क्योंकि उन्होंने जिस तरीके से शराब घोटाले के मामले को अंजाम दिया है उसमें उनकी संलिप्तता पाना बड़ा मुश्किल है उनके खिलाफ सबूत जुटाना बेहद मुश्किल है कोई मुंह खोल दे तो बात अलग है जो आरोपी धरे गए हैं 

शराब घोटाले में अनवर ढेबर अनिल टुटेजा सौम्या चौरसिया यानी इन बड़े आरोपियों में से कोई यदि मुंह खोल दे तब ही भूपेश बघेल की मुसीबत बढ़ सकती है लेकिन जो वर्तमान परिस्थिति है और जिस तरीके से ईडी पर भी वसूली के आरोप लगे हैं एसीबी और ईओडब्ल्यू पर भी पहचान देख देख देख कर कारवाही करने का आरोप लगाए उसके बाद जिस तरीके से अचानक आपकारी विभाग के 15 अफसरों से जो पूछताछ की गई है क्या वे अफसर धरे जाएंगे हालांकि आपकारी विभाग के तत्कालीन प्रमुख निरंजन दास अभी जेल की सलाखों के पीछे और कहा जा रहा है कि वे तो सिर्फ एक मोहरा थे असल मास्टर माइंड तो अना तो अनिल टुटेजा है ना अनोवर ढेबर है बल्कि जो आरोप पत्र दाखिल हुए उनके अनुसार तो विवेक ढांड की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे लेकिन अभी तक विवेक ढांड से ना तो कोई पूछताछ हुई है और ना ही कोई कारवाही की पहल हुई ऐसे में क्या विवेक ढांड ने सेटिंग कर ली क्योंकि इस दौर में जिस तरीके की खबरें आ रही है उसमें हमें सेटिंग शब्द का इस्तेमाल करने मजबूर होना पड़ रहा है राम गपाल अग्रवाल का मामला सेट हो गया यही चर्चा है जो आम लोगों में चर्चा है वह यही चर्चा है और कांग्रेस तो बिना कोष अध्यक्ष के संगठन चला रही है राम गोपाल अग्रवाल कहां है इसका किसी को पता नहीं इसके अलावा भी जो आईपीएस अधिकारी थे जिनसे बकायदा ईडी ने पूछताछ की थी और कहा जाता है कि उनके खिलाफ गंभीर तरह के सबूत भी मिले थे लेकिन ना तो भोजराज पटेल के खिलाफ जुर्म दर्ज हुआ ना उनकी गिरफ्तारी हुई ना तो पारुल माथुर को लेकर किसी तरह की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है इसके अलावा दीपांशु काबरा से तो परिवहन घोटाले के मामले में भी पूछताछ की खबरें आते रही महादेव सट्टा से भी कई आईपीएस अधिकारियों के नाम रहे ऐसी परिस्थिति में जब इन लोगों के खिलाफ ना तो कोई जुर्म दर्ज हो रहा है और ना ही गिरफ्तारी हो रही है ना पूछताछ हो रही है तो क्या यह पूरा मामला एक तरह से सेट हो चुका है यह कई तरह के सवाल हैं और यह जन चर्चा का विषय है कि आखिर यह लगातार छापे की कारवाई जमानत नहीं देना हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अब साफ तौर पर कह दिया है कि पीएमएलए कानून जो है वह भी अब जमानत के अधीन आ गया है यानी जमानत अधिकार है और जेल अपवाद तब ऐसी परिस्थिति में छत्तीसगढ़ में जो 15 अपकारी अधिकारियों के यहां छापेमारी की कारवाई हुई है या पूछताछ की जो कारवाई हुई है उसे लेकर भी तो सेटिंग की खबरें आ रही तो क्या सिर्फ वसूली के लिए दबाव बनाने का खेल चल रहा है लोगों को बड़ी उम्मीद थी जब अमित शाह ने भरी चुनावी सभा में कहा था कि भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटका कर सीधा कर देंगे शासन में आएंगे त भ्रष्टाचार करने वा को लेकिन जो परिस्थितियां इन आ न में बनी है आठ महीने से ऊपर हो रहे हैं विष्णु देव साय सरकार को यानी इस डबल इंजन सरकार को और जो परिस्थितियां निर्मित हो रही है वह कारवाही के नाम पर खाना पूर्ति की अधिक दिखाई दे रही है तब इन 15 आपकारी अफसर जो इन दिनों निशाने पर है उनके खिलाफ क्या होगा !

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https://youtu.be/MGMMmhipLHI?si=uSVPQeqKzC8x7DoJ

सोमवार, 4 मई 2026

जब बुरी तरह से फँस गई महिला मंत्री

जब बुरी तरह से फँस गई महिला मंत्री


 प्रदेश की एकमात्र महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जेठ के द्वारा जिस तरीके से शराब खोरी के दौरान पुलिस से उलझा गया और उसके चलते लक्ष्मी राजवाड़े की जो छीछालेदर हुई है क्या इस पर पुलिस अब लीपापोती का खेल कर रही है यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इस पूरे मामले को लेकर जिस प्रधान आरक्षक देवनारायण नेताम ने रिपोर्ट रोजनामचा में दर्ज की थी किस तरीके से 20 बार फोन करके उन्हें धमकाया गया था उस पर जुर्म दर्ज करने की बजाय बस स्टैंड में मौजूद एक व्यक्ति के शिकायत पर जमानती धारा लगाकर मामले की तीसरी करने की कोशिश की हालांकि इस पूरे मामले में महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने क्या कहा यह सुन लीजिए पहले हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के हो जो गलत किया उ गलत का परिणाम भगत पड़े हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के हो जो गलत किया उ गलत का परिणाम भगत पड़ेगा लक्ष्मी राजवाड़े तो साफ कह रही हैं कि जिसने गुनाह किया है उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए लेकिन क्या यह सिर्फ मीडिया में कहने की बात है क्योंकि पुलिस कप्तान ने तो पहले ही महिला मंत्री के जेठ राजू राजवाड़े की दबंगई के आगे प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर चुके हैं तब क्या उनका लाइन अटैच का जो फैसला है वह वापस होगा क्या देवनारायण नेता जैसे ईमानदार इस मामले में तो ईमानदारी दिखाई दे रही है के साथ न्याय होगा और उनकी रिपोर्ट पर जुर्म दर्ज होगा यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि अब इस मामले को लेकर पार्टी के भीतर भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है कहा तो यहां तक जा रहा है कि महिला मंत्री की क्लास तक ली जा चुकी है और इस मामले को लेकर कांग्रेस के नेता अब सक्रिय होने लगे हैं दरअसल पूरे मामले को आप समझेंगे तो हैरान हो जाएंगे कि एक व्यक्ति सिर्फ मंत्री के जेठ होने की वजह से वह पुलिस की वर्दी के बिल्ले नि ल लेता है फाड़ देता है गाली गलोज करता है धमका है और थाने से जाने के बाद भी 200 बार फोन करके धमका आता है और उस हवालदार को पुलिस कप्तान लाइन अटैच कर देता यह किस तरीके का खेल है हालाकि यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है और कहा जा रहा है कि पार्टी स्तर पर भी लक्ष्मी राजवाड़े को लेकर कई तरह की शिकायतें पहले से थी लेकिन चर्चा तो इस बात की भी है कि जिस एप्रोच के तहत वह मंत्री बनाई गई है ज्ञात हो कि दरअसल विष्णु देव साय सरकार पर यह आरोप इसलिए लग रहे हैं क्योंकि वे मंत्रिमंडल का विस्तार तक अपनी मर्जी से नहीं कर पा रहे हैं इसलिए कहा जा रहा है कि विष्णु देव साय सरकार में जिसे भी मंत्री पद मिला है वह किसी ना किसी तरह से पहुंच रखता है और उन्हें मंत्री पद इसी वजह से मिला है आखिर लक्ष्मी राजवाड़े को किसकी पहुंच से मंत्री पद मिला है यह बड़ा सवाल हो सकता है राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा है लेकिन कहा जा रहा है कि अब पुलिस इस पूरे मामले में लीपापोती करने लगी और लक्ष्मी राज वाड़े से जो संतुलित बयान दिलवाया गया है वह भी किसी के इशारे से दिलाया गया है हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के जो गलत किया गलत का परिणाम भगना प तब देखना है कि आने वाले दिनों में जो करतूतों का वीडियो जारी हो रहा है या वायरल हो रहा है उस पर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी क्या निर्णय लेती है !

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https://youtu.be/PQ23EU90RRo?si=OVuoqMopHQhmv27o

रविवार, 3 मई 2026

डीपीएस में बच्ची से छेड़छाड़ का मामला तूल पकड़ा लेकिन क्या हुआ

डीपीएस में बच्ची से छेड़छाड़ का मामला तूल तो पकड़ा लेकिन क्या हुआ 

दुर्ग में डीपीएस में हुए एक मासूम से अनाचार के मामले को लेकर बवाल तो खूब मचा लेकिन कार्रवाई क्या हुई कोई नहीं जानता । ऐसे में लोगो की याद वापस लाने हमने उस समय के घटनाक्रम को फिर से बताने की कोशिश की है ।

छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी और इस बार गरमाने की वजह भूपेश बघेल ही है दरअसल चुनाव होने के बाद जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तब से भूपेश बघेल को घेरने की कोशिश जारी है हालाकि अभी तक भूपेश बघेल बचे हुए हैं लेकिन आगे बचे रहेंगे कहना बेहद कठिन है क्योंकि मामला सिर्फ कोयला और शराब घोटाला नहीं है बल्कि महादेव सट्टा पप से लेकर दूसरे तरह के भी मामले अब सामने आने लगे हैं बलौदा बाजार हिंसा के बाद जिस तरीके से सरकार ने भूपेश बघेल को घेरने के लिहाज से उनके समर्थक विधायक देवेंद्र की गिरफ्तारी की है उसके बाद राजनीति उफान पर है देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ जब भूपेश बघेल और पूरी कांग्रेस सड़क पर उतरने लगी तो इसी दौरान भूपेश बघेल की सुरक्षा चूक को लेकर मामला गरमाने लगा और बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर भूपेश बेल का रास्ता रोककर उनके सुरक्षा अधिकारियों से के साथ बदतमीज जी का जो मामला सामने आया उसके बाद कांग्रेसी सड़क पर उतर आए भिलाई में जब कांग्रेसी थाना घेरने जा रहे थे तो इस दौरान पुलिस लाठी चार्ज करती और राजनीति को लेकर जब दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला का रुख कड़ा दिखाई देने लगा तो भूपेश भेल ने लाठी चार्ज के बाद सीधे-सीधे एसपी को ही गुंडा खेत सुरक्षित है ना गाय गरवा सुरक्षित है ना बेटी बहु सुरक्षित है नाना लमन तक सुरक्षित नहीं है बहुत प्रसिद्ध स्कूल है  अनाचार के शिकायत मिले है लेकिन एसपी ऐसे धमका शिकायत कर फर देख ले मतलब सब बड़ गुंडा कोई है तो दुर्ग में एसपी बन गए और अब एसपी के तेवर के बाद क्या भूपेश बघेल उन्हें घेरने के लिए नई रणनीति बना रहे हैं और क्या डीपीएस में हुई छेड़छाड़ के मामले को लेकर दुर्ग एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे और कोई बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे दरअसल डीपीएस में एक बच्ची की तबीयत खराब होती है और उसे जब इलाज के लिए मेडिकल हॉस्पिटल ले जाया जाता है तो रिपोर्ट सामने आती है कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की गई और इस घटना के सामने आते ही डीपीएस के सामने पालकों का प्रदर्शन होता है लेकिन कहा जाता है कि इस मामले में एसपी की भूमिका बेहद विवादास्पद है क्योंकि प्रदर्शन पालक कर चुके हैं डीपीएस के खिलाफ और इस मामले में पास को एक्ट के तहत कार्रवाई होनी थी लेकिन कार्रवाई करने की बजाय एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कह दिया कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है उसे लेकर विवाद शुरू हुआ है और कल भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राजधानी में पत्रकार वार्ता लेकर एसपी को हटाने की मांग कर दी भूपेश बघेल के साथ पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के दिग्गज माने जाने वाले नेता सत्यनारायण शर्मा रवींद्र चौबे धनेंद्र साहू सहित कई नेता उपस्थित इन लोगों ने डीपीएस में बच्ची के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में प्रदेश सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए तो एसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए भूपेश बघेल ने तो इस पूरी घटना का सिलसिले वार बरा देते हुए कहा कि बच्ची की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि प्राइवेट पार्ट में जखम है जानकारी में आने के बाद पालकों ने स्कूल में 2 अगस्त को प्रदर्शन भी किया याने सोच एक महीने होने जा रहा है इस पूरे मामले में लेकिन पुलिस की भूमिका क्या है यह सोचा जा सकता है प्रिंसिपल और दुर्ग के एसपी ने बयान दिया कि बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं एसपी ने मीडिया रिपोर्ट को गलत करार देकर धमकाया बेशर्मी के साथ एसपी ने कह दिया कि इसमें कोई तथ्य नहीं है पालक भी एफआईआर नहीं चाहते भूपेश बघेल ने पूछा कि कौन पालक होगा जो अपनी बच्ची से छेड़छाड़ के बाद अपराधी के खिलाफ कारवाई नहीं चाहेगा उन्होंने तो डीपीएस के प्रिंसिपल के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी मांग कर दिए और सवाल उठाया कि क्यों नहीं कराया गया बगेल ने तो यहां तक आरोप लगा दिया कि एसपी के बच्चे भी उसी स्कूल में पढ़ते हैं और जिस व ग्रुप में वे जुड़े हुए हैं उस ग्रुप में भी जब उन्होंने इसे तथ हीन बताया था तो पालकों ने गुस्सा जाहिर किया जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि सूचना मिलते ही जुर्म दर्ज किया जाता है उसके बाद जांच होती यदि पालक 2 अगस्त को प्रदर्शन कर रहे थे तो क्या शासन प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं थी कि उस बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया जाता लेकिन यह सब नहीं हुआ तो दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम में भूपेश बघेल ने अपनी ताकत ना केवल सत्ता को दिखाई है बल्कि पार्टी के भीतर भी अपनी ताकत दिखाई है और एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने जेल में बंद अपने खास समर्थक देवेंद्र यादव को राष्ट्रीय पदाधिकारी जैसे महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दिलवा दी अब देखना है कि राजनीति किस करवट बैठती है !

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https://youtu.be/B9E_ngA57KY?si=NbQxy2vALdXY_7cs

शनिवार, 2 मई 2026

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी,

 

भाजपाई आपस में भीड़े, सरे आम गुंडागर्दी

सत्ता का नशा जब सर चढ़कर बोलता है तो वह कुछ भी नहीं देखता चाहे संघ का कितना भी बड़ा संस्कार देने का दावा हो या फिर पार्टी का अनुशासन सब कुछ धरा का धरा रह जाता है जब सता का नशा सर चढ़कर बोलता है और बड़ी मुश्किल से ना उम्मीद के साथ मिली सत्ता नशा का तो कुछ और ही मतलब होता है . कांव काव खाव खाव के इस दौर में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के दो नेता आपस में भीड़ गए उसे लेकर संघ के संस्कार पर तो सवाल उठ ही रहे हैं साथ ही दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी सवाल उठ रहे हैं बृजमोहन अग्रवाल पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जो दोनों नेताओं ने सड़क पर खुलेआम गाली गलोज के साथ मारपीट और गुंडागर्दी की है वे दोनों नेता सचिन मेघानी हो या फिर राहुल चंदना नहीं दोनों ही नेता बृजमोहन अग्रवाल के करीबी लोगों में गिने जाते हैं कटोरा तालाब चौक के इस मामले में जिस तरीके की गुंडागर्दी गाली गलो सरे राह हुई उससे आने जाने वाले शर्मसार हो रहे थे क्या महिलाएं क्या बच्चे और उधर से गुजरने वाले तमाम लोग तमाशा बिन इसलिए बने थे क्योंकि इन गुंडागर्दी के बीच कौन मुंह खोलकर अपनी पिटाई करवाता मामला लेन देन का है यह बताया जा रहा है दोनों ही मोहन सेठ के समर्थक है और दोनों के बीच जिस तरीके से राहुल चंद नानी के होटल में घुसकर पहले विवाद हुआ और होटल से शुरू हुई मारपीट बाहर तक निकला आप खुद वीडियो में देख रहे होंगे कि किस तरीके से यातायात व्यवस्था चौपट हो गई थी पुलिस का कहीं अता पता नहीं था पुलिस को फोन भी कुछ लोगों ने किया लेकिन घंटों बाद पुलिस तब पहुंची जब एक पक्ष जा चुका था मामला पुलिस तक पहुंचा राहुल चंद नानी के रिपोर्ट पर सचिन मेघानी और उनके लोगों पर जुर्म दर्ज किया गया है वहीं सचिन मेघानी ने भी आवेदन दिया है उसके आवेदन पर अभी तक जुर्म दर्ज नहीं हुआ है और कहा जा रहा है कि समझौते का प्रयास हो रहा है क्या इस तरह की गुंडागर्दी खुलेआम मारपीट के मामले में पुलिस को स्वतः संजन लेकर दोनों के खिलाफ कारवाही नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि सत्ता उनकी है धमक उनकी है और दमदार माने जाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके हैं ऐसे में बहुत जल्दी इस मामले का पटक शेप हो जाएगा समझौता हो जाएगा लेनदेन का विवाद सुलझ जाएगा यह भी लोग संभावना जता रहे हैं लेकिन जिस तरीके की गुंडागर्दी हुई है उसे लेकर कहा जा रहा है कि सत्ता मिलते ही भाजपाइयों के तेवर बदल गए और इसी तरह के कई मामले कई जगह पर सुनाई देने लगे हमारी टीम लगी हुई है हम विस्तार से घटनाओं को आपके सामने रखेंगे लेकिन जो मीडिया रिपोर्ट आई है उस मुताबिक नेताजी होटल के संचालक राहुल चंद नानी की रिपोर्ट पर सचिन मेघानी करण बजार दिव्यांग सक्सेना मनोज जोशी कमल पारक याकूब गनी सहित कई लोगों जो नामजद नहीं है बहुत सारे लोग पहुंचे थे उसके होटल में वहीं सचिन मेघानी ने भी शिकायत करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की है जिस तरीके का वीडियो वायरल हो रहा है जिस तरीके की गाली गलौज हो रही है आप सोच सकते हैं कि राजधानी में कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है हालांकि कानून व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री विजय पहले ही निशाने में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है एक जगह पुलिस संभालने जाती है तो दूसरे मोहल्ले से इस तरह की खबर आती है और यदि कोई पुलिस वाला ईमानदारी से काम कर दे तो किस तरीके से मंत्रियों का ौस या फोल सामने आता है यह भी चर्चा का विषय हमने कल ही विस्तार से बताया कि किस से शराब खोरी कर रहे एक महिला मंत्री के जेठ को जब पुलिस ने चौकी ले आया पकड़कर तो किस तरीके से उस प्रधान आरक्षक आदिवासी प्रधान आरक्षक को धमकी दी जा रही है उसे एसपी ने लाइन अटैच कर दिया तब ऐसी परिस्थिति में क्या सूचना मिलने के बाद भी क तालाब चौक में पुलिस के नहीं पहुंचने की यही वजह थी आखिर पुलिस कैसे काम करें यह सबसे बड़ा सवाल है !

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https://youtu.be/V2NwsAhBDoQ?si=0gG09JdgaDCU9pR1

शुक्रवार, 1 मई 2026

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

 

कुख्यात क्यों होने लगा होटल बेबीलॉन ग्रुप, क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे शानदार होटल ग्रुप में शुमार बेबी लान ग्रुप अपनी करतूतों की वजह से पहले ही कुख्यात हो चुका है और फ़र्ज़ी कैफे ने रही सही कसर भी पूरी कर दी । नियम क़ानून  को अपनी जेब में रखने के कितने ही मामले हैं । जुआरियों के साथ गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या बेबी लान  संचालक अपनी ताकत पैसे और पहुंच के बल पर कुछ भी कर रहे हैं क्या उनके ग्रुप के होटलों में अ यासी भी हो रही है या सिर्फ जुआ खिलाने का ही काम बड़े पैमाने पर हो रहा है जिस तरीके से लोग गिरफ्तार हुए हैं उनके बारे में हम विस्तार से बताए उससे पहले बता देते हैं कि बेबी लान ग्रुप की धमक की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है इससे पहले बेबीलोन कैपिटल पर सरकारी जमीन और नाले पर कब्जे का जो आरोप लगा था वह सालों चलते रहा निगम की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन सत्ता बदलने के बाद जिस तरीके से एक मंत्री हड़ गए थे उसके चलते बेबी लान के इस कब्जे को बड़ी मुश्किल से हटाया गया था लेकिन कोई कारवाई नहीं की गई थी केवल कब्जा हटाया था निगम ने कोई जुर्म दर्ज नहीं किया था जबकि इतने बड़े क पर कोई दूसरा व्यक्ति होता तो उसके खिलाफ जुर्म दर्ज भी होता और इसके बाद बेबी लान इन चर्चा में तब आया था जब अंबिकापुर की एक लड़की की हत्या हो गई थी एक रूम में और पुलिस को घुसने नहीं दिया गया था पुलिस बारबार मोबाइल के लोकेशन के आधार पर बेबी लान इन होटल पहुंचती थी और उनके संचालक के दबाव में वह लौट आती थी लेकिन जब पीड़ित पक्ष ने दबाव बनाया भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं अंबिकापुर के गुप्ता परिवार और उन्होंने जब दबाव बनाया शासन की तरफ से तब जाकर पुलिस घुस पाई और लाश बरामद हुई थी इसके बाद भी कई तरह के विवाद सुन्य समझने को आते रहे लेकिन कारवाही नहीं हुई हो रही थी लेकिन कल जिस तरीके से कारवाई हुई वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है और कहा जा रहा है कि इसमें भी शहर के एक विधायक कहां था उन्होंने ही पुलिस पर दबाव बनाया था कि बेबी लान होटल के कमरा नंबर 115 में शहर के नामी गिरामी धनाढ्य संभ्रांत माने जाने वाले लोगों के बच्चे जुआ खेड़ रहे हैं लाखों रुपए के तब कहीं जाकर पुलिस सक्रिय हुई थी और होटल में छापेमारी की कारवाई की थी इसमें रायपुर के सदर बाजार सराफा से जुड़े परिवार के युवक तो शामिल थे ही धमतरी भाटापारा जैसे शहर के संभ्रांत माने जाने वाले परिवार के युवक भी शामिल थे और इसके अलावा जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने बेबी लान होटल के संचालक परमवीर पर भी जुर्म दर्ज किया है जिन लोगों पर वाही की है होटल के कमरा नंबर 115 में चल रहे जुआ के पाद उनमें निखिल सिंघानिया बड़ा नाम है नाम से ही आपको लग रहा होगा कि निखिल सिंघानिया बिलाईगढ़ के हैं ऋत्विक भंसाली टागोर नगर के हैं सदर से ही संबंधित है पारस वाधवा शंकर नगर रायपुर के हैं यश चावला कोस्टा पारा धमतरी ऋषभ भंसाली टैगोर नगर यह भी ज्वेलर्स से ही संबंधित परिवार है दर्शन मूलवानी साई वाठिका कॉलोनी देवपुरी का है गौरव गोलछा यह भी टैगोर नगर और संबंध सदर से यानी आप यह समझिए कि सदर के ज्यादातर सराफा व्यवसाई टैगोर नगर में ही शिफ्ट हो गए इसलिए उनका मूल पता टैगोर नगर ही होता है अक्षय सचदेव ये आमापारा धमतरी के हैं पंकज चावला दलदल शिवनी रायपुर के हैं निखिल जगताप यह बास पानी धमतरी के हैं यानी ये सारे लोग सराफा व्यवसाय से और बड़े ही रहिस खानदान के माने जाते हैं इन सबको पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किया और ररा यह पुलिस का कि बहुत बाद में नामों की घोषणा की गई छापा पढ़ने के बाद जब दबाव पड़ा पड़ा पत्रकारों ने नाम पूछने लगे तब कहीं जाकर पुलिस ने नाम उजागर किया था इन बड़े संभ्रांत लोगों का तो सवाल तो यही है कि क्या छत्तीसगढ़ में जो बड़े होटल व्यवसाई हैं उनका खेल क्या है बेबी लान तो कुख्यात होही गया अपनी कई तरह की करतूत सामने आने के बाद अब देखना है कि ऐसे मामले में पुलिस क्या कारवाई करती है !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/bZdUk9DPl2o?si=MPUnRwcX2hUhy5SS

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

जब चौकी प्रभारी को ईमानदारी की सज़ा

जब चौकी प्रभारी को ईमानदारी की सज़ा 

 छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार और उसके गृह मंत्री से कानून व्यवस्था तो संभल नहीं रही है और अब कानून व्यवस्था संभालने में निकली पुलिस को ही यदि निलंबित कर दिया जाए तो इसे आप क्या कहेंगे और वह भी आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते आदिवासी प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया जाता है क्योंकि उसने बस स्टैंड में खुलेआम कार में बैठकर शराब पीने वालों को गिरफ्तार करके चौकी तक ले आया था देवनारायण नेताम प्रधान आरक्षक यही नेता में आदिवासी समाज के और उन्होंने जब खुलेआम शराब खोरी को लेकर सवाल जवाब किया तो शराब पीने वाला एक युवक ने स्वयं को मंत्री का जेठ बताने लगा महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं आप सोचिए कि किस तरीके की मंत्री है और उनका जेठ जो पुलिस को धमकाने लगा लेकिन देवनारायण नेताम उनकी धमकी में नहीं आकर उन्हें चौकी में ले आए जहां चौकी में भी उसने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए ना केवल देवनारायण नेताम के साथ धक्का मुक्की की बल्कि छीना झपटी में देवनारायण नेताम की वर्दी फट गई या बिल्ला निकल गया और उसके बाद जो कुछ खेल हुआ व हैरानी की बात नहीं है कहा जाता है कि इसकी खबर ल ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसपी ने देवनारायण नेताम को आदिवासी है उसे अटैच कर दिया लाइन अटैच कर दिया और उस युवक को थाने से ही छोड़ दिया बगैर कारवाही की क्योंकि वह महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का जेट बताया जा रहा और इतना ही नहीं उस प्रधान आरक्षक को जिस तरीके से लगातार धमकी मिल रही है वह भी हैरानी की बात है उन्हें किसी स्थान का नाम लेकर कहा जा रहा है कि यहां आइए फिर बताते हैं कि तुम्हारी पुलिस क्या करती है यानी आप सोचिए कि किस तरीके से छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार चल रही है प्रदेश में अपराध के आंकड़े आसमान छू रहे हैं नशाखोरी को लेकर तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बताया कि किस तरीके से गांजा जैसे मामले में 36 गढ़ किसी भी दूसरे राज्य से औसतन डबल स्थिति में है यानी मनमाने गांजा की बिक्री हो रही है नशाखोरी को लेकर कई तरह के सवाल उठते रहे और राजधानी में लगातार नसेर द्वारा अपराध को अंजाम दिया जा रहा है ऐसे में चौकी प्रभारी ने जब शराब पीते खुलेआम शराब पीते दो लोगों को पकड़ा और थाने तक लाया तो उनके साथ किस तरीके से सत्ता में बैठे लोगों ने करतूत किया यह किसी से छिपा नहीं है सवाल क्या सिर्फ इतना है कि देवनारायण नेता आदिवासी समाज के हैं इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री आदिवासी है इसलिए हिम्मत दिखा दी थी और उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है आगे क्या होगा देवनारायण नेताम के साथ कहना बेहद मुश्किल है हालांकि एसएसपी का दावा है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और सबके खिलाफ कारवाही होगी तो क्या ये इस तरह की कारवाही होगी कि एक प्रधान आरक्षक जो अपनी ड्यूटी बजा रहा है और मंत्री का जेठ बताने के बाद भी चौकी तक ले आया उस प्रधान आरक्षक को ईमानदारी का इनाम देने की बजाय उसे लाइन अटैच कर देना यह किस तरीके का डबल इंजन है और गृह मंत्री विजय शर्मा दावा करते हैं कि अपराध क्याम हो रहे और जिस तरीके का खेल राजनीति में इन तीनों छत्तीसगढ़ में चल रहा है वह क्या कम चौकाने वाला है जो ईमानदारी से ड्यूटी बजाने वालों के साथ कारवाई की जा रही ऐसे में कौन पुलिस वाला भला ऐसे नसेड़ी और अपराधियों के खिलाफ कारवाही करने की हिम्मत जुटा सकता है किसे अपनी नौकरी प्यारी नहीं है तब सवाल यह है कि क्या इस मामले में उच्च स्तरी जांच करके अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारवाही नहीं की जानी चाहिए किसके दबाव में आकर एसपी ने लाइन अटैच किया देवनारायण नेताम को क्या उसकी भी गंभीरता से जांच नहीं होनी चाहिए विष्णु देव सय स्वयं को आदिवासी समाज का कि मुखिया बताने सेव हम को नहीं थकते और एक आदिवासी प्रधान आरक्षक को सिर्फ इसलिए लाइन अटैच कर देना कि वह शराब खोरी कर रहे युवको को चौकी तक ले आया देखना होगा इस मामले में क्या कुछ होता है अभी तक कांग्रेस की किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन मामला बेहद गंभीर है क्योंकि मंत्री से जुड़ा मामला है और मंत्री एक मात्र महिला मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्री उनके कई तरह के मामले अब सामने आने लगे हैं हम हमारी टीम लगी हुई है विस्तार से आपको पूरी जानकारी देंगे !

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