विधायकद्वय कुलदीप जुनेजा, अमरजीत भगत तथा सूरजपुर के अब्दुल रसीद, वासु चक्रवर्ती और संजय पाठक?
भटगांव चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त ने न केवल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धनेन्द्र साहू बल्कि प्रभारी नारायण सामी के अस्तित्व पर ही सवाल उठाये हैं। ऐसे में भाजपा के प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेसियों के सहयोग की बात कहकर कांग्रेसियों के गाल पर तमाचा जड़ा है जबकि भाजपा से पैसे लेकर भीतरघात करने वालों में विधायक द्वय कुलदीप जुनेजा, अमरजीत भगत के अलावा सूरजपुर के अब्दुल रसीद, शहर अध्यक्ष के दावेदार संजय पाठक, वासु चक्रवर्ती और अरुण भद्रा का नाम सुर्खियों में है।
वैसे तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पूरी तरह से गुटबाजी में उलझी हुई है। कहा जाता है कि राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिस तरह से संगठन को अपना पिछलग्गू और वसूलीबाज बनाया है उससे निष्ठावान कांग्रेसियों में हताशा है। भाजपा से सांठगांठ के आरोपों की एक वजह यह भी बताई जाती है कि मोतीलाल वोरा के बाद से जितने भी कांग्रेसी अध्यक्ष बने इन लोगों ने कभी भी भाजपा के खिलाफ बड़ा आंदोलन नहीं किया। हालत यह है कि कांग्रेस गुटबाजी में उलझ गई। दूसरे बड़े नेता विद्याचरण शुक्ल और अजीत जोगी की गुटबाजी है। दोनों ही छत्तीसगढ़ में मोतीलाल वोरा से यादा पकड़ रखते हैं लेकिन संगठन में इनकी नहीं चलती जिसकी वजह से एक दूसरे को नीचा दिखाने के जिम्मेदारी इन नेताओं के समर्थकों ने उठा रखी है। इनके बयान से लेकर एक-एक चाल पर गौर करें तो पता चलेगा कि अपने मतलब के लिए ये लोग कांग्रेस को गर्त पर पहुंचा सकते हैं।
भटगांव चुनाव इसका उदाहरण नहीं है इसके पहले रायपुर में नगर निगम के सभापति के चुनाव में भी भाजपा ने कांग्रेसियों को खरीदकर करारी शिकस्त दी थी। इस मामले में हुए लेन-देन की शिकायत पर जांच की नौटंकी भी हुई लेकिन लाचार प्रदेशाध्यक्ष धनेन्द्र साहू कुछ नहीं कर पाए। उनकी इन्हीं कमजोरी को भांपकर भटगांव चुनाव में कांग्रेस के लोगों ने भाजपा से पैसा लेकर जमकर भीतरघात किया। बताया जाता है कि बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर के कांग्रेसियों से हमेशा ही मधुर संबंध के चलते जीतते रहे हैं। उनके लिए कांग्रेसी भीतरघात करते रहे हैं। ऐसे में भटगांव चुनाव में जब उन्हें प्रभारी बनाया गया तो बृजमोहन अग्रवाल से संबंध रखने वाले शहर के कांग्रेसियों ने भटगांव में जाकर बैठ गए और सारी गतिविधियों की जानकारी भाजपा तक पहुंचने लगी।
इधर इस बात की शिकायत प्रदेशाध्यक्ष धनेन्द्र साहू से की गई है जिसमें विधायक कुलदीप जुनेजा और अमरजीत भगत के क्रियाकलापों पर न केवल सवाल उठाए गए हैं बल्कि उन पर लेन देन के आरोप भी लगे हैं। शिकायत कर्ताओं ने यहां तक कहा है कि इन दोनों विधायकों की जिन बूथों पर डयूटी लगाई गई थी वहां एजेंट ही नहीं बैठाए गए या भाजपा से सांठगांठ कर भाजपा के एजेंट ही बिठा दिए गए। शिकायत में महल विरोधी रहे सूरजपुर के अब्दुल रसीद के अलावा वासु चक्रवर्ती, संजय पाठक और अरुण भद्रा पर भी बृजमोहन अग्रवाल से मधुर संबंध के चलते भीतरघात करने और लेन देन का आरोप लगाया गया है।
इधर विधायक द्वय से पूछताछ की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे जबकि बाकी ने इसे छवि धूमिल करने वाला बताया। इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सूत्रों के मुताबिक उन तक भीतरघातियों की शिकायत तो पहुंच गई है लेकिन वे अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश में यादा ध्यान दे रहे हैं। हालांकि यह भी चर्चा है कि इस बार भीतरघातियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस में जबरदस्त बिखराव आएगा और इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।
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मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010
सोमवार, 11 अक्टूबर 2010
जब मंत्री ही नियम तोड़ें तो सरकार से क्या बोलें...
मुख्यमंत्री के निर्देश का दूसरी बार उल्लंघन किया मंत्री मोहिले ने
रायपुर। अयोध्या विवाद के फैसले पर जुलूस रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने जिस तरह से नियम कानून की धाियां उड़ाई है उसके बाद इस सरकार से कोई उम्मीद बेमानी ही मानी जाएगी। पुन्नूलाल मोहिले ने मुख्यमंत्री के निर्देश का दूसरी बार उल्लंघन किया है। पहली बार वे प्रतिबंध के बाद विदेश यात्रा पर चले गए थे। डा. रमन सिंह ने अयोध्या विवाद के फैसले पर किसी भी तरह का जुलूस-रैली और पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू रही और पूरे देश े इस विवाद के बाद शांति बनाए रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखा।
रायपुर। अयोध्या विवाद के फैसले पर जुलूस रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने जिस तरह से नियम कानून की धाियां उड़ाई है उसके बाद इस सरकार से कोई उम्मीद बेमानी ही मानी जाएगी। पुन्नूलाल मोहिले ने मुख्यमंत्री के निर्देश का दूसरी बार उल्लंघन किया है। पहली बार वे प्रतिबंध के बाद विदेश यात्रा पर चले गए थे। डा. रमन सिंह ने अयोध्या विवाद के फैसले पर किसी भी तरह का जुलूस-रैली और पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू रही और पूरे देश े इस विवाद के बाद शांति बनाए रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखा। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने अपने निर्वाचन क्षेत्र तखतपुर में जिस तरह से फैसले के बाद जुलूस निकाला वह न केवल घोर आपत्तिजनक मानी जा रही है बल्कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के अस्तित्व के लिए भी चुनौती मानी जा रही है। ऐसा नहीं है कि खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने डा. रमन सिंह के निर्देश को पहली बार चुनौती दी हो। इसके पहले भी वे मुख्यमंत्री के निर्देश को धत्ता बता विदेश यात्रा पर जा चुके है तब हमारी खबर पर मुख्यमंत्री ने न केवल पुन्नूलाल मोहिले को जमकर फटकारा था बल्कि उनके साथ विदेश जाने वाले अफसर उमेश अग्रवाल को हटा दिया गया था जबकि विवेक ढांड को भी खूब लताड़ा गया था।
बताया जाता है कि सांसद से विधायक बने पुन्नूलाल मोहिले काफी वरिष्ठ हैं और वे ऐसे में मुख्यमंत्री की सुनना पसंद नहीं करते। बहरहाल उनकी इस जुलूस को लेकर कांग्रेसियों ने जहां उन्हें पद से हटाने की मांग की है वहीं भाजपा खेमा में भी जबरदस्त हलचल है और कहा जा रहा है कि मंत्री की इस करतूत की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई है।
रविवार, 10 अक्टूबर 2010
राजधानी में दुर्गोत्सव की धूम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों भक्ति भाव से दुर्गोत्सव मनाया जा रहा है जगह -जगह झांकी व् मंदिरों को सजाया गया है. मां देवी की भक्ति में लोग राम गए है . यंहा की ज्यादातर प्रतिमा मन ग्राम में निर्मित होती है यंहा बंगालियों की बस्ती है . सबसे ज्यादा भीड़ पुरानी बस्ती स्थित महामाया मंदिर में होती है जबकि सबसे पुरानी दुर्गित्सव पंडाल आजाद चौक ब्रह्मण पारा की है
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