रविवार, 16 जून 2024

स्पेशल ब्लॉस्ट हादसा- किसे बचा रही साय सरकार

स्पेशल ब्लास्ट बेमेतरा में हुए विस्फोट किसकी लापरवाही 

राजकोट हो या बेमेतरा हो, राजनैतिक पहुँच ने लोगों की जान ली है

क्या सत्ता ऐसे लोगों के आगे नतमस्तक है


स्पेशल ब्लास्ट में हुए विस्फोट में एफ़आईआर तो दर्ज कर ली गई लेकिन गिरफ़्तारी नहीं हुई क्यों? क्या इसलिए कि ये फ़ैक्ट्री बीजेपी नेता के रिश्तेदारों की है 

अभी भी कई सवाल उलझे है । आख़िर डबल इंजन वाली विष्णुदेव कि सरकार किसे बचा रही है 

 छत्तीसगढ़ में बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक के ग्राम पिरदा स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड के बारूद फैक्ट्री में शनिवार को जोरदार ब्लास्ट हुआ। सुबह-सुबह तेज धमाके के साथ चारों और सन्नाटा छा गया। लोगों के सामने अंधेरा छा गया। इससे पहले की लोग कुछ समझ पाते चारों और चीख-पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। फैक्टरी परिसर में 10 मजदूरों के जगह-जगह शरीर के चिथड़े बिखरे हुए दिखाई दिये।


घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी 

इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि बारूद फैक्टरी में विस्फोट इतना तगड़ा था कि सीसीटीवी फुटेज भी कांप उठा और हिलता हुआ दिखाई दे रहा है। बारूद फैक्टरी में ब्लास्ट की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। इससे आस-पास के गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए हैं। इस घटना में अभी तक कुल 10 लोगों की मौत हुई है। वहीं कई लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र के तहत ग्राम पिरदा में बीते 25 मई शनिवार की सुबह 7.50 बजे स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड कंपनी के फैक्टरी में ब्लास्ट हो गया था। घटना में एक की मौत, सात घायल और आठ लोग लापता हैं। कंपनी के बाहर आज शुक्रवार को एक बार फिर से ग्रामीणों व परिजनों का धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इन लोगों की मांग 50 लाख रुपए मुआवजा थी। 

जानकारी के अनुसार अब कंपनी की ओर से एक मृतक व 8 लापता हुए लोगों के परिवार को 35-35 लाख रुपए दिया जाएगा। इसके अलावा घायलों का कंपनी की ओर से उपचार कराया जाएगा। साथ ही उन्हे 50-50 हजार रुपए भी दिए जाएंगे। वर्तमान में कंपनी की ओर से प्रति व्यक्ति 35 लाख रुपए व राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपए मिलेंगे। यानि एक व्यक्ति को 40 लाख रुपए मिलेंगे।



डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

हादसे के बाद लापता श्रमिकों को मलबे में खोजने की कोशिश की गई। लेकिन, मलबे से मानव अंग और उनके मांस के लोथड़े पॉलिथीन में इकट्ठा कर बेमेतरा प्रशासन ने रायपुर मेडिकल कॉलेज में डीएनए के लिए भेजा है। अब परिजनों को डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे कि वे अंतिम संस्कार कर सकें। हालांकि, ग्राम बोरसी में एक परिवार ने लापता हुए व्यक्ति का कुश बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया है।

सरोज पांडे की हार का ठीकरा फोड़ने सिर की तलाश


  सरोज पांडे की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा, बीजेपी में बवाल 

छत्तीसगढ़ में सरोज पांडे को क्या बीजेपी के लोगों ने ही हराया

क्या सरोज पांडे किसी को बख्शेगी

कोरबा से सांसद का चुनाव लड़ने वाली सरोज पांडे कि हार कि वजह को लेकर उठते सवाल के बीच यह जानना ज़रूरी है कि वे दुर्ग ज़िले से विधायक और सांसद रहने के अलावा महापौर भी रही है 

कहा जाता है कि मुख्यमंत्री बनने कि महत्वाकांक्षा के चलते उनकी डॉ रमन सिंह से भी ठन गई थी 

और उसके बाद भी वह राष्ट्रीय नेतृत्व का भरोसा जीतने में सफल रही

राज्य सभा का सदस्य भी बनी और कोरबा से टिकिट भी ले आई

कहा जाता है कि बीजेपी की अंदरूनी राजनीति की शिकार हो गई 

https://youtu.be/NFPUcNyhiu4?si=i6Jw_78qP-5nnCIU

शनिवार, 15 जून 2024

इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में मोदी

  मोदी के लिए राह आसन कैसे होगी, सब कर रहे समय का इंतज़ार 


किसी को स्पीकर चुनाव का तो किसी को विधानसभा चुनाव का तो बीजेपी को ताक़त बढ़ने का 

ऐसे में सरकार की राह का सबसे बड़ा रोढ़ा कौन

आने वाले दिनों में तीन राज्यों महाराष्ट्र झारखंड और हरियाणा में विधान सभा का चुनाव होना है और तीनों ही राज्यों में लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हालात ख़राब हुई है तब क्या होगा 

इसके अलावा सहयोगी दलों ख़ासकर नीतीश, नायडू और जीतन राम माँझी के अलावा भी दूसरे नेताओ को साधना पड़ेगा

यही नहीं पार्टी के भीतर नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, वसुंधरा और योगी भी मुश्किल खड़ी कर सकते है

एक रिपोर्ट…. 

https://youtu.be/PwrS2uv1F40?si=ueh78hobze8g2Xez

मौत के मुँह में झोंकती छत्तीसगढ़ की सरकार

  लोगों को मौत के मुँह में झोंक रही छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार 

कार्रवाई के नाम पर ख़ाना पूर्ति



निगम की टीम कार्रवाई करने की बजाय लोगो की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने समय देकर आ गई 

गेमिंग जोन का मामला  

राजकोट के टीआरपी गेम जोन जैसा हादसा रायपुर में भी देखने मिल सकता है। नगर निगम के अधिकारियों ने शहर के पूना और रीबाउंस गेमिंग जोन का निरीक्षण किया, जिसमें हालात बेहद खराब मिले। दोनों ही गेमिंग जोनों में फायर सेप्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। इतना ही नहीं, दोनों ही गेमिंग जोनों के पास फायर सेफ्टी की एनओसी तक नहीं है।

हालांकि फिलहाल निगम के अधिकारियों ने संबंधित गेमिंग जोन के मालिकों को सुरक्षा के इंतजाम दुरुस्त कराने की चेतावनी दे दी है, लेकिन आम नागरिक भी अपने बच्चों को गेमिंग जोन में छोड़ने से पहले सुरक्षा के इंतजामों का जायजा अवश्य लें।शहर में कई सारे गेमिंग जोन संचालित हैं। जिनका नईदुनिया की टीम ने भी रविवार को जायजा लिया तो, हालात बहुत साही देखने नहीं मिले थे। जिसके बाद सोमवार को निगम अधिकारियों द्वारा की गई जांच में चीजें सामने भी आ गईं।

इस दौरान नगर निगम के जोन क्रमांक-9 की टीम कार्यपालन अभियंता केके शर्मा, सहायक अभियंता अंशुल शर्मा, उपअभियंता अबरार खान, कुंदन साहू के साथ अपने क्षेत्र के गेमिंग जोन का निरीक्षण करने पहुंची। टीम के सदस्य पूनो और रीबाउंस प्ले जोन में आपातकालीन स्थिति के लिए किए गए आवश्यक प्रबंध की जांच करने लगी तो स्थिति बेहद बिपरीत देखने मिली।


निगम के अधिकारियों ने बताया कि दोनो संस्थानों के मालिकों से बातचीत की गई तो उनके द्वारा कोई संतोष जनक उत्तर प्रदान नहीं किया, जिसके बाद उन्हें तत्काल अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच कराकर निगम को सूचित करने के लिए कहा गया है।वहीं, अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर के अन्य गेमिंग जोन में भी इस तरह की स्थिति देखने मिल सकती है। सभी को सतर्कता वरतने की विशेष आवश्यकता है।

दोनो ही संस्थानों के खिलाफ निगम द्वारा अग्निशमन डिपोर्टमेंट को सूचना दी जाएगी।साथ ही अग्निशमन डिपार्टमेंट से अग्रिम कार्रवाई के लिए आग्रह भी किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम जोन-9 द्वारा निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा को पत्र लिखकर सूचित किया गया है। साथ ही अग्रिम कार्रवाई का अाग्रह भी किया गया है। ताकि दोनो संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं, भविष्य में किसी भी तहत की आगजनी कि स्थिति से बचा जा सके।

हैरान कर देने वाली कमियाँ-

फायर सेफ्टी के उचित प्रबंध नहीं

स्प्रींकलर की व्यवस्था नहीं

फायर एनओसी अप्राप्त है

फायर एक्जिट की व्यवस्था नहीं


- फायर माक ड्रील नहीं कराया गया


- पुनो में रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं


- रिबाउंस में रेनवाटर हार्वेस्टिंग है, लेकिन रखरखाव नहीं नहीं है


https://youtu.be/xFeRnhu_X2E?si=yAe42EFS4Adt0Z4o



शुक्रवार, 14 जून 2024

क्यों डर गये संघ प्रमुख मोहन भागवत

 आख़िर मोहन भागवत की डर की असली वजह क्या है


जिस तरह से संघ प्रमुख अब सत्ता की आलोचना करते घूम रहे है उसकी वजह क्या है क्योंकि संघ बीजेपी को छोड़ ही नहीं सकता 

तब ऐसे में मोहन भागवत का कथन क्या संघ को कांग्रेसियों या दूसरे दलों के कोपभाजन से बचाना है

या कुछ और 


 मणिपुर (Manipur) के हालात पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के दिए बयान पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भागवत को इस बारे में प्रधानमंत्री को भी समझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत द्वारा मणिपुर के बारे में मोदी को भी ज्ञान दिया जाना चाहिए क्योंकि राज्य में जातीय हिंसा की शुरुआत के बाद से अब तक प्रधानमंत्री ने वहां का दौरा नहीं किया है।

भागवत ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि मणिपुर पिछले एक साल से शांति की राह देख रहा है और इस संघर्षग्रस्त राज्य की स्थिति पर प्राथमिकता से विचार किया जाना चाहिए। संघ प्रमुख के इस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए दिग्विजय सिंह ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,’मैं भागवत से अनुरोध करूंगा कि वह यह ज्ञान प्रधानमंत्री मोदी को भी दें। वह (मोदी) अब तक वहां (मणिपुर) गए नहीं हैं।’


देखिए एक रिपोर्ट…

https://youtu.be/3LeRVVe89dA?si=A8U9-56Osn_h1IXF


neet scam करोड़ों युवाओं का सपना कुचला गया

  करोड़ों युवाओं के सपने ऐसा कुचला गया, 

गुजरात का नाम फिर क्यों 





नीट को लेकर जिस तरह की खबर आ रही है वह परेशान करने वाली है

कांग्रेस ने हमला तेज़ किया

लोकसभा में भी गूंजेगा मामला

धर्मेंद्र प्रधान का आनन फ़ानन में एनटीए को क्लीन चिट देना क्या घपले की चुग़ली नहीं कर रहा 

नेशनल  टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2024 में अपनी गलती आखिरकार मान ली है। 1,563 परीक्षार्थियों को दिए ग्रेस मार्क (कृपांक) को सही ठहराने वाली एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में कबूला कि


यह फैसला निरस्त कर दिया है। इसके साथ, उसने 1,563 परीक्षार्थियों के कृपांक रद्द कर दिए। इन्हें बिना कृपांक के वास्तविक नंबर दिए जाएंगे। एनटीए ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि परीक्षार्थियों को दो विकल्प दिए गए हैं।


कई शहरों में प्रदर्शन, सात हाईकोर्ट में भी केस दर्ज नीट में अनियमितता व कदाचार के आरोपों में उत्तर प्रदेश, बंगाल व महाराष्ट्र के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सात हाईकोर्ट में भी केस दर्ज हुए हैं। अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर 10 जून को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन कर चुके हैं।


पहला, उनके लिए फिर परीक्षा कराई जाएगी, जो 23 जून को होगी और 30 जून को नतीजा आएगा। दूसरा विकल्प यह है कि जो अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते, उनकी काउंसलिंग व दाखिले पांच मई की परीक्षा में प्राप्तांक


(बिना कृपांक) के आधार पर ही होंगे। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने एनटीए के फैसले को उचित करार दिया।


NEET परीक्षा मुद्दे पर सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए, कांग्रेस ने शुक्रवार को इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की 'चुप्पी' पर सवाल उठाया और कहा कि केवल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की निगरानी वाली फोरेंसिक जांच ही लाखों युवा छात्रों के भविष्य की रक्षा कर सकती है. शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने दावा किया कि मोदी सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के माध्यम से 'NEET घोटाले को कवर करना' शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा 'नीट-स्नातक' में कथित धांधली को लेकर शुक्रवार को इसे व्यापम 2.0’ करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते. मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में फोरेंसिक जांच होनी चाहिए.

नीट परीक्षा परिणाम की सीबीआई जांच हेतु एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन


गुरुवार, 13 जून 2024

बृजमोहन का सुर बग़ावती या कुछ और…

 मंत्री पद का ऐसा मोह…


 छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार किसकी वजह से टल गया



सांसद बनने के बाद भी यदि बृजमोहन अग्रवाल राज्य में मंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं है तब क्या साय उनसे इस्तीफ़ा लेंगे या छह माह का इंतज़ार करेंगे

दावेदारों में बेचैनी बढ़ी


भाजपा सांसद व राज्य में कद्दावर कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने एक यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में जिस तरह से बयान दिया है उसे लेकर राजनीति गर्म है कोई इस बयान को दबाव की राजनीति तो कोई इसे मोदी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का ग़ुस्सा के रूप में देख रहे हैं उन्होंने पत्रकार के सवाल पर कहा कि संविधान के अनुसार वे राज्य में मंत्री के पद पर छह महीने रह सकते हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों को घोषणा के बाद 14 दिनों के भीतर तो विधायक के पद से इस्तीफा देना है। वे इस बारे में जल्दी निर्णय करेंगे कि विधायक के पद से इस्तीफा देना है या सांसद के पद से? मंत्री पद के मामले में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्री बनाया है, वो जिस दिन कह देंगे, उस दिन इस्तीफा दे दूंगा। 


मोहन सेठ का यह  बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल श्री अग्रवाल के समर्थकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि 5 लाख 75 हजार मतों के अंतर से जीतने वाले सांसद को भी केंद्र में मंत्री नहीं बनाया गया। यूट्यूब चैनल पर लिए गए साक्षात्कार के सवाल भी इसी के ईद-गिर्द है। 

क्या है इस खबर की असली राजनीति इस लिंक में देखें…

https://youtu.be/CiRl1fSCAR4?si=Eu0iYQ-dTf_JYw_x