बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

अब इस महिला ने बता दिया मोदी की डिग्री का सच

 अब इस महिला ने बता दिया मोदी की डिग्री का सच  


दुनिया के सबसे विवादास्पद नेताओं में शुमार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको लेकर कितने ही सवाल उठते रहे हैं चाहे चुनावी बांड योजना में लूट खस की बात हो या विरोधियों को जेल में डाल देने या अपनी पार्टी में शामिल कर देने के साम दाम दंडभेद की नीति की बात हो देश के प्रधानमंत्री ना केवल इन्हीं मामलों में विवाद में रहे हैं या सिर्फ राजनीति में विवाद में नहीं रहे बल्कि व्यक्तिगत जीवन भी उनका विवादों से भरा हुआ है और सबसे बड़ा विवाद तो उनके पढ़े लिखे को लेकर है जिस पर अरविंद केजरीवाल ने जो सवाल उठाए थे क्या उसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा सवाल आप इस दौर में कुछ भी उठा सकते हैं लेकिन परसेप्शन तो यही बनाया जाता है कि भ्रष्टाचारियों को बक्सा नहीं जाएगा लेकिनहकीकत तो यह है कि भ्रष्टाचारियों को भारतीय जनता पार्टी जिस तरीके से फूल माला से लाग देती है वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है लेकिन आज हम बात कर रहे हैंनरेंद्र मोदी के उस डिग्री को लेकर उस पढ़े लिखे को लेकर जिसका खुलासा अमरजीत कौर ने जिस ढंग से किया है वह इस देश को देखना समझना चाहिए दरअसल डिग्री को लेकर जब सवाल उठे थे तो डिग्री ला दी गई थी औरयूनिवर्सिटी की डिग्री लाई गई थी उसे लेकर कई तरह के विवाद हुए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले को दंडित भी करने का मामला सामने आ चुका है लेकिन अब तक किसी को नहीं मालूम है कि आखिर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितने पढ़े लिखे हैं ऐसे में अमरजीत कौर सीपीआई की नेता है बिहार में एक सभा में जिस तरीकेसे पूरा खुलासा किया उसे देश को देखना

समझना चाहिए मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ी हूं मैंने बीएससी एमएससी एलएल वहीं से की और जो मेरा पीरियड का पीरियड है पढ़ाई का जब नरेंद्र मोदी की एमए की डिग्री बताते हैं उसी पीरियड की बताते हैं बी और एम की तो मेरे से ज्यादा कौन जानेगा यूनिवर्सिटी के अंदर मोदी था कि नहीं अरु जेली तो मेरे कोलीग थे विजय गल मेरे थे ये सब तो मेरेसाथ ही पढ़ते थे य में थे ल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन करती थी मैं सभी एनएसवाई के एवीपी के एसवाईएस समाजवादी यजन सभा के के सब नेता को जानती थी और जानती हो जोअलग अलग जग पर नेतृत्व कर रहे मैंने जितनी ्र पास की व सारी हस्तलिखित है क्योंकि उस जमाने में हाथ से डिग्रीलिखी जाती थी तो फ नरेंद्र मोदी की डिग्री टाइ डिग्री कहा से आ गई दुनिया में आया भी नहीं था वो डिग्री उस फट में टाइप करके उनको दी [संगीत] गई ू की नहीं है ना जिस रेलवे स्टेशन प चाय बेचने का नाम लेकर लोगों से हमदर्द वोट पाई तो हमारे जैसे किसी नागरिक ने रेलवे में एक चिठी डाली सूचना अधिकार यह रेलवे स्टेशन कब बना अब उस अधिकारी को तो पता नहीं था क्यों पूछ रहे उसने जवाब में बोला कि 1973 में बना अब नरेंद्र मोदी कब पैदा हुए 199 तो 1973 में वो कितने साल के हो गए 24 साल के थे तो वो रेलवे स्टेशन जब ये 24 साल के हुए तब वो रेलवे स्टेशन बना और वहां रेलवे गाड़ी रुकनी शुरू हुई तो नरेंद्र मोदी ने उस रेलवे स्टेशन पर सात आ साल की उम्र में चाय कैसे बेच तो इसलिए यह है हकीकत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की यह हम नहीं अमर जीत कौर कह रही और यकीन मानिए कि जिस बेबाकी से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोलते हैं उसके कई किस्से हैं कहा तो यहां तक जाता है कि एक पूरा किताब लिखा जा सकता है उनके झूठ को हालांकि झूठ को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप अब भी नंबर वन पर बने हुए हैं दूसरे नंबर पर मोदी जी का नाम लिया जाता है हकीकत क्या है या आप खुद जाने लेकिन फेहरिस्त है यदि आपको उन झूठ की फेहरिस्त की जानकारी चाहिए तो हमारा ब्लॉग है कौशल डेस वन ड ब्लॉग स्पॉड कॉ हमने तारीख वाइज बताया है कि किस तरीके से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब कब कहां-कहां किसकिस तरीके से झूठ बोलते हैं !

Video देखें 

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

बाबा रामदेव को मोदी सरकार क्यो बचा रही

 बाबा रामदेव को मोदी सरकार क्यों बचा रही 


सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरीके से बाबा रामदेव केपतंजलि प्रोडक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार किया वह हैरान कर देता है कि कोई सत्ता इस हद तक कैसे किसी को बचाने की कोशिश में लग जाती है सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि रामदेव बाबा किस तरीके का खेल खेल रहे हैं और मोदी सरकार आंख मंदे बैठी है मोदी सरकार आखिर आंख मंदे क्यों बैठी है जबकि बाबा रामदेव खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचारी बताते नहीं याद कीजिए आप 2014 के पहले किस तरीके से अन्ना आंदोलन के दौरान भले ही बाबा रामदेव को सलवार सूट पहनकर भागना पड़ा या उपस्थित हुए सलवार सूट पहनकर अपनी जान का रोनारोते रहे उसके बाद वे राजनीतिक पार्टी बनाने वाले थे लेकिन अब तक कोई पार्टी नहीं बनी है उनका भारत स्वाभिमान मंच जरूर चल रहा है लेकिन क्या यह भाजपा के साथ एक गठजोड़ नहीं है यकीनन और शायद यही वजह हैकि बाबा रामदेव के बारे में कहा जाता है कि वे बेहद महत्वाकांक्षी है और वे किसी की परवाह नहीं करते तो क्या इस बार बाबा रामदेव को बचाने यानी 20224 जीतने कीकोशिश में मोदी सरकार रामदेव बाबा के द्वारा किए जा रहे कानून के उल्लंघन की अनदेखी कर रही है सुप्रीम कोर्ट ने तो जिस तरीके से लताड़ लगाई है उसके बाद तो यही लग रहा है तो क्या बाबा रामदेव इतने ताकतवर हो गए हैं कि वे मोदी सत्ता के लिए चुनौती ना बन जाए इसलिए उनसे मोदी सत्ता डरी हुई है सवाल आप कई उठा सकते हैं लेकिनमामला भ्रामक विज्ञापन का था मामला एलोपैथी की बुराइयों का था और इसे लेकर कितनी ही चेतावनी सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को और उनकी कंपनी को दे चुकी है हालत यह है कि बाबा रामदेव और बालकृष्ण को माफी तक मांगनी पड़ी है लेकिन माफी मांगने के तरीके को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया और हां तक कह दिया कि क्यों नहीं अवमानना का केस चलाया जाए हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस तेवर के बाद बाबा रामदेव के वकील ने कहा है कि जैसा सुप्रीम कोर्ट चाहते हैं वैसा भी करने कोतैयार है लेकिन हकीकत तो यह है कि बाबा रामदेव के रवैए को लेकर सुप्रीम कोर्ट बेहद नाराज है और यकीन मानिए कि यदि अवमानना का केस चला तो बाबा रामदेव को जेलभी भेजा जा सकता है तो क्या जेल जाने से बचाने के लिए केंद्र सरकार कुछ कार्रवाई करेगी या सुप्रीम कोर्ट ने जो आंखें मूंद लेने की बात कही है उसे लेकर कारवाही करेंगी देखना होगा कल बाबा रामदेव और बालकृष्ण दोनों कोर्ट में उपस्थित थे और इस दौरान ही सुप्रीम कोर्ट के जजों ने उन्हें चेतावनी दी है और सत्ता के आंख मूंदने को लेकर भी सवाल उठाए हैं अगली सुनवाई के दौरान क्या कुछ होता है हम आपको बताएंगे 

वीडियो देखें 

https://youtu.be/9Sikee3k2wc?si=xEQJ3_PlwR1lTjM3