छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल - रामविचार नेताम और कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस वाली बैठक का पूरा सच
राजनीति में कब, क्या और कैसे हो जाए, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी नामुमकिन होता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों कुछ ऐसा ही चल रहा है। सत्ता के गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सियासी भूचाल ला दिया है! बात हो रही है प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और कद्दावर नेता रामविचार नेताम की।
क्या वाकई बीजेपी के अपने ही सीनियर नेता हाशिए पर धकेले जा रहे हैं? क्या मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट सच साबित होने वाली है? और सबसे बड़ा सवाल—जब सूबे के कृषि मंत्री एक कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस में जाकर करोड़ों के विकास कार्यों का ऐलान कर दें, तो बवाल तो मचना ही था! आज के इस वीडियो में हम इसी पूरे राजनीतिक ड्रामे की परतें खोलेंगे। वीडियो को अंत तक जरूर देखिएगा, क्योंकि राजनीति के इस अंदरखाने की कहानी आपने कहीं नहीं सुनी होगी!"
मुख्य घटना - कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस पर क्या हुआ?
तो चलिए, शुरुआत करते हैं हालिया घटनाक्रम से। मामला है राजनांदगांव और डोंगरगांव इलाके का। प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम गुरुवार को राजनांदगांव के दौरे पर थे। मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन के बाद वे सीधे पहुंचे डोंगरगांव के आलीवारा गांव।
अब यहाँ ट्विस्ट देखिए! आलीवारा गांव का यह फार्म हाउस किसी और का नहीं, बल्कि कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू का है! मंत्री जी इस फार्म हाउस में पहुंचे और वहाँ कांग्रेस पार्टी के सरपंचों की मौजूदगी में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की धुआँधार घोषणाएं कर डालीं। इतना ही नहीं, वहाँ संगोष्ठी के दौरान किसानों के लिए 'लीफ एनालिसिस मशीन' लगाने की भी घोषणा कर दी गई। भई, कांग्रेस विधायक के घर जाकर बीजेपी सरकार के मंत्री का इस तरह मेहरबान होना, सियासी गलियारों में चर्चा का विषय तो बनेगा ही!"
बीजेपी कार्यकर्ताओं में बगावत और नाराजगी
"लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू होती है। इस पूरे दौरे की भनक स्थानीय बीजेपी संगठन, यानी डोंगरगांव और मुसरा बीजेपी मंडल के नेताओं को थी ही नहीं! सोचिए, पार्टी का एक सीनियर मंत्री जा रहा है, कांग्रेस विधायक के इलाके में बैठक कर रहा है, और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों को इसकी कानोकान खबर तक नहीं होती।
नतीजा क्या हुआ? स्थानीय बीजेपी नेताओं और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने सीधे प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव से इसकी लिखित शिकायत कर दी है! उनका कहना है कि जब वे मंत्री से मिलने या विकास कार्यों के आवेदन देने गए, तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि मंत्री जी सिर्फ 'फसल देखने आए हैं'। अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को साइडलाइन कर कांग्रेस विधायक के क्षेत्र में करोड़ों बांटना, भाजपाइयों को हज़म नहीं हो रहा है। इसे लेकर पार्टी के भीतर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि आखिर ये सब चल क्या रहा है?"
रामविचार नेताम की नाराजगी और 'खुला मोर्चा'
"अब जरा इसके राजनीतिक बैकग्राउंड पर आते हैं। रामविचार नेताम पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह के किस्से सामने आ रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सब कुछ ठीक नहीं है।
याद कीजिए पेंड्री जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क का मामला! नेताम ने सीधे कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके अलावा, सड़कों के मुद्दे पर PWD अधिकारियों के निलंबन का मामला भी खूब चर्चा में रहा। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सीनियर नेताओं को जिस तरह से कथित तौर पर साइडलाइन करने की कोशिश हो रही है और मंत्रिमंडल फेरबदल में उनके पत्ते काटने की चर्चाएं हैं, उसके बाद से रामविचार नेताम ने मानो खुला मोर्चा खोल दिया है। क्या यह घटना उसी नाराजगी का एक नया एपिसोड है?"
विधायक दलेश्वर साहू का पक्ष
"इस पूरे विवाद पर जब कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू से बात की गई, तो उनका कहना था कि कृषि मंत्री किसानों के उत्पादक समूह का कामकाज देखने और फसल की स्थिति का जायजा लेने आए थे। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा भी दिया। विधायक के मुताबिक, यह पूरी मुलाकात किसानों के हित में थी।
लेकिन सियासत में हर चीज के दो मायने होते हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे किसानों की भलाई बता रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के भीतर ही यह बड़ा सिरदर्द बन गया है कि आखिर पार्टी के वरिष्ठ मंत्री अपने ही संगठन को बिना बताए विपक्षी दल के विधायक के गढ़ में इतनी बड़ी घोषणाएं कैसे कर सकते हैं?"
छत्तीसगढ़ की यह सियासी पिच अब काफी दिलचस्प हो चुकी है। क्या रामविचार नेताम का यह कदम पार्टी हाईकमान के लिए कोई संदेश है? क्या आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में कोई बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा?
आपकी इस पूरे मामले पर क्या राय है? नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।





