मंगलवार, 10 अगस्त 2010

मोहन-मूणत की लड़ाई हाईकमान तक

 छत्तीसगढ़ के दो मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत के बीच चल रही लड़ाई थमने का नाम ही नहीं ले रहा है और अब यह मामला हाईकमान के पास जा पहुंचा है। कहा जाता है कि कभी भी दोनों मंत्रियों की दिल्ली या नागपुर में पेशी हो सकती है।
ज्ञात हो कि दोनों के बीच राजनैतिक लड़ाई की खबर राय बनने से पहले से है और पिछले कार्यकाल में तो जब राजेश मूणत पीडब्ल्यूडी मंत्री थे तब नए सर्किट हाउस से लेकर कई मामले उठे थे और राजेश मूणत को घेरने की जबरदस्त कोशिश भी हुई थी। कहा जाता है कि विधानसभा चुनाव में भी राजेश मूणत को हराने भाजपा के बागी प्रत्याशी वीरेन्द्र पाण्डेय की मदद की गई थी। बताया जाता है कि इस बार टिकरापारा में तोड़फोड़ के बाद दोनों में दूरी बढ़ गई है और इसका नजारा हरियर छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में स्पष्ट रुप से दिखलाई पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच चल रही गुटबाजी से आम कार्यकर्ता बेहद नाराज है और गुटबाजी के चलते कार्यों में भी बाधा आई है। इस बढ़ती लडाई की शिकायत पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन मंत्री से लेकर प्रदेश प्रभारी तक की जा चुकी है। लेकिन किसी ने भी इस ओर जब ध्यान नहीं दिया तो पूरे मामले की अखबारों के कटिंग के साथ हाईकमान को शिकायत भेजी गई है।
शिकायत कर्ताओं ने कहा है कि दोनों मंत्रियों की लड़ाई की वजह से ही निगम चुनाव में भाजपा को अपने ही गढ़ में हार का मुंह देखना पड़ा है। यही नहीं गुटबाजी बढ़ गई है तथा आने वाले दिनों में इसका घातक असर होगा। सूत्रों के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल की शिकायत को हाईकमान ने गंभीरता से सुना है और 15 अगस्त के बाद कभी भी दोनों मंत्रियों की पेशी हो सकती है।

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