
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने अपने निर्वाचन क्षेत्र तखतपुर में जिस तरह से फैसले के बाद जुलूस निकाला वह न केवल घोर आपत्तिजनक मानी जा रही है बल्कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के अस्तित्व के लिए भी चुनौती मानी जा रही है। ऐसा नहीं है कि खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने डा. रमन सिंह के निर्देश को पहली बार चुनौती दी हो। इसके पहले भी वे मुख्यमंत्री के निर्देश को धत्ता बता विदेश यात्रा पर जा चुके है तब हमारी खबर पर मुख्यमंत्री ने न केवल पुन्नूलाल मोहिले को जमकर फटकारा था बल्कि उनके साथ विदेश जाने वाले अफसर उमेश अग्रवाल को हटा दिया गया था जबकि विवेक ढांड को भी खूब लताड़ा गया था।
बताया जाता है कि सांसद से विधायक बने पुन्नूलाल मोहिले काफी वरिष्ठ हैं और वे ऐसे में मुख्यमंत्री की सुनना पसंद नहीं करते। बहरहाल उनकी इस जुलूस को लेकर कांग्रेसियों ने जहां उन्हें पद से हटाने की मांग की है वहीं भाजपा खेमा में भी जबरदस्त हलचल है और कहा जा रहा है कि मंत्री की इस करतूत की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई है।