गुरुवार, 14 अक्तूबर 2010

डाल्फीन स्कूल के शिक्षकों ने छात्र से की अप्राकृतिक कृत्य

एक शिक्षक गिरफ्तार, दो फरार
डाल्फिन इंटरनेशनल स्कूल भाटापारा के तीन शिक्षकों द्वारा एक नाबालिग छात्र से अप्राकृतिक कृत्य करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस मामले में एक शिक्षक आशीष प्रधान गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जबकि दो शिक्षक फरार बताए जा रहे हैं। इस मामले का दुर्भाग्यजनक पहलू यह है कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश मंत्री स्तर पर की गई जबकि स्कूल संचालक एक अखबार मालिक होने की वजह से भी मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है और फरार शिक्षकों को बचाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि डाल्फिन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न कस्बों व शहरों में स्कूल संचालित किया जा रहा है और 50 हजार दो 12वीं तक पढ़ों स्कीम भी चला रहा है। यही नहीं अधिकांश जगहों पर दूसरे शहर के लोगों की नियुक्ति की गई है। भाटापारा में संचालित डाल्फिन स्कूल में भी इसी तरह से दूसरे शहर के ही शिक्षकों की भर्ती की गई है जिन्हें सिर्फ पैसों से मतलब है। बताया जाता है कि भाटापारा में जिस बच्चे के साथ दूराचार किया गया वह प्रतिष्ठित परिवार का है इसलिए तत्काल एक शिक्षक आशीष प्रधान की धारा 37, 511 व 292 के तहत गिरफ्तार किया गया। जबकि दबाव में सहयोगी दो शिक्षकों को फरार होने का मौका दिया गया।
सूत्रों की माने तो शर्म की वजह से कुछ बच्चे सामने नहीं आ रहे हैं। बताया जाता है कि घर में समझा देने के नाम पर शिक्षकों द्वारा बच्चों को बुलाकर यह कृत्य किया गया और बच्चे ने जैसे ही इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो वे सीधे पुलिस के पास जा पहुंचे और आनन-फानन में पुलिस को दबाव में कार्रवाई करनी पड़ी।
इधर इस मामले को लेकर भाटापारा में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। सूत्रों के मुताबिक भाटापारा के लोगों ने बताया कि शिक्षकों से लेकर पूरा स्टाफ बाहरी है और अधिकांश कर्मचारी किराये का मकान लेकर अकेले रहते हैं। दरअसल घटना की प्रमुख वजह भी यही मानी जा रही है कि बाहरी शिक्षकों की वजह से ही इस तरह की घटनाएं हो रही है। दूसरी तरफ इस मामले में फरार शिक्षकों का बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो इन दोनों शिक्षकों को छुट्टी पर जाना बताया जा रहा है। इधर हमारे पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले को गुपचुप तरीके से निपटाने एक मंत्री द्वारा थानेदार को फोन भी किया गया जबकि ऐसे घिनौने कृत्य पर डाल्फिन स्कूल के संचालक की भूमिका को भी शर्मनाक बताया जा रहा है। इधर डाल्फिन स्कूल के संचालक राजेश शर्मा से संपर्क की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे जबकि भाटापारा स्कूल के प्रचार्य की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

5 टिप्‍पणियां:

  1. ऐसे शिक्षकों को सजा देने के लिए उन्हे जनता के हाथों सौंप देना चाहिए।
    वो अपने आप निपट लेगी।
    इस शर्मनाक कृत्य की जितनी भर्तसना की जाए उतनी कम है।

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  2. इस प्रकार की घटनाओं में निरंतर वृद्धि चिंताजनक विषय है. विचारणीय समाचार.

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  3. ऐसी घटना हमारे शहर मे भी घटित हो चुकी है। इस शर्मनाक कृत्य की जितनी निन्दा की जाय कम है।

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