शुक्रवार, 21 मार्च 2014

ब्लेकमेलर युवती के कई नामचीन लोगों से अतंरंग संबंध...


वन विभाग के रेंजर को ब्लेकमेल से हुआ खुलासा
कई नामचीन लोगों ने करोड़ो का बीमा करवाया
दर्जनों अश्लील क्लीप व वीडियों पाये गये
कई हो चुके ब्लेकमेल का शिकार
बदनामी के डर से नहीं आ रहे सामने
पीएचक्यू से मंत्रालय तक के अफसर शामिल
वन विभाग के रेंजर उदय सिंह ठाकुर को ब्लेकमेल करने वाली युवती भले ही गिरफ्तार होकर जेल का हवा खा रही है लेकिन उसके द्वारा प्रदेश के कई लोगों को भी ब्लेकमेल करने की जानकारी पुलिस को मिलने लगी है लेकिन ये अधिकारी अपनी प्रतिष्ठा बचाने ब्लेकमेलर युवती के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ ुयुवती द्वारा अपने रूपजाल में फांस कर करोड़ों रूपये का बीमा करवाये जाने का सनसनीखेज मामला भी खुलकर सामने आया है। पुलिस इसे भी आधार मानकर जांच कर रही है। छत्तीसगढ़ की राजधानी में चल रहे हाईप्रोफाईल खेल का यह एक ऐसा किस्सा है जो साबित करता है कि किस तरह से यहां हाईप्रोफाईल सेक्स रैकेट चल रहे हैं। सूत्रों की माने तो ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर ठेका लेने तक के खेल में यहां युवतियां इस्तेमाल हो रही है और यह सब इतने गुपचुप तरीके से चल रहा है कि कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों का कहना है कि वन विभाग के रेंजर को ब्लेकमेल करने का मामला भी अति सर्वत्र वर्जत की तर्ज पर ही उजागर हुआ वरना युवती द्वारा ब्लेकमेल करने का खेल तो लंबे समय से चल रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती के घर और बैंक लाकर से बड़ी मात्रा में न केवल अश्लील क्लीपिंग बरामद हुई है बल्कि इन क्लीपिंग में अलग अलग चेहरे भी दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस आधार पर दावा किया है कि कई नामचीन लोग भी ब्लेकमेल का शिकार हो सकते हैं।
दूसरी ओर पुलिस का यह भी दावा है कि युवती ने कई नामचीन लोगों को करोड़ों रूपये का बीमा पालिसी बेची है और इनमें से कई पॉलिसी ब्लेकमेल करके बेची गई हो सकती है। पुलिस इस संभावना के आधार पर बीमा कंपनी से डिटेल मांग रही है। इधर सूत्रों का दावा है कि युवती द्वारा ब्लेकमेल के शिकार लोगों की संख्या दर्जनभर से अधिक है लेकिन वे लोग सामने आने से कतरा रहे हैं। ऐसे लोगों को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा की चिंता है। जबकि चर्चा इस बात की भी है कि युवती के पीएचक्यू से लेकर मंत्रालय में पदस्थ कई अफसरों से संबंध रहे हैं और कई बड़े ठेके और तबादले में इस युवती का अहम रोल रहा है।
सूत्रों का तो यहं तक दावा है कि शहर के कई नामचीन व्यापारिक संस्थान के लोगों को भी युवती ने बीमा पॉलिसी बेची है और इनमें से कुछ पॉलिसी जबरिया दिलाई गई है।
बहरहाल छत्तीसगढ़ की राजधानी में चल रहे इस खेल को लेकर कई तरह की चर्च है और कहा जा रहा है कि ठेके हासिल करने या बड़ा काम कराने के एवज में राजधानी में यह खेल लंबे समय से चल रहा है।

1 टिप्पणी:

  1. माया मरी न मन मरा, मर मर गए शरीर।
    आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर॥
    सब माया के खेल आए ……

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