सोमवार, 2 अप्रैल 2012

फेल होती पीएससी परीक्षा...


 परीक्षा के दूसरे दिन ही पीएससी अध्यक्ष डॉ. जोशी के संघ मुख्यालय जाने को लेकर विवाद के बाद यूपीएससी के समाज शास्त्र का पूरा पर्चा हू ब हू छापे जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पहले ही विवादों में रहे पीएससी परीक्षा का यह विवाद दुर्भाग्यजनक है। संस्कारवान संघ के पीएससी अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ही नहीं पूरी सरकार ही कटघरे में हैं कि आखिर यूपीएससी का पूरा का पूरा पर्चा दी गई। क्या इसके पीछे कुछ लोगों को पास करने की साजिश है।
पीएससी की परीक्षा में विवाद तो उसी दिन शुरू हो गया था जब इसके अध्यक्ष ने रविवार को परीक्षा होने के बाद मंगलवार की सुबह-सुबह लाव लश्कर के साथ संघ मुख्यालय पहुंच गए थे। तब यह चर्चा भले ही विधानसभा में यह कह कर समाप्त कर दी गई हो कि कोई भी कहीं भी आ जा सकता है लेकिन इस चर्चा का क्या कि पीएससी की सूची इस बार संघ कार्यालय से बनेगी?
अभी यह विवाद पूरी तरह समाप्त ही नहीं हुआ था कि यूपीएससी के हूबहू पर्चे से परीक्षा लेने की बात सामने आ गई। आखिर पीएससी के उपर इतनी बड़ी जिम्मेदारी है तब वह पेपर सेट कराने की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण कैसे नहीं मानती। क्या इसका अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि यह सब सोची समझी करतूत है। पूरा पर्चा लीक करने का आसान तरीका है। अपने लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं सिर्फ यूपीएससी का पर्चा जुगाड़ लेने की बात कह दो, पर्चा लीक हो जायेगा और मतलब सध जायेगा। इसके अलावा मॉडल उत्तर में जिस तरह की गलतियां है उसके बाद सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है कि वह सीधे कार्रवाई करे। जांच होते रहेगी।
छत्तीसगढ़ पीएससी में घपलेबाजी नई नहीं है और इसकी वजह से न केवल परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को भी धक्का लग चुका है इसी वजह से संघी डॉ. जोशी को अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन उनके क्रियाकलाप ने तो एक कदम और आगे बढ़ा दिया है।
इस पूरे मामले में वे सभी लोग सीधे दोषी है जिनके उपर प्रश्न पत्र छपाने से लेकर परीक्षा आयोजन तक की जिम्मेदारी है यहीं नहीं जिन विशेषज्ञों से प्रश्न बनवाये गए हैं। उन्हें भी काली सूची में डालनी चाहिए। मॉडल उत्तरों में गलतियां अक्षम्य है और ऐसे विशेष विशेषज्ञों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अन्यथा भ्रष्टाचार और घोटाले में पहले ही अपनी छवि खराब कर चुकी सरकार के माथे पर यह दाग भी दिखने लगेगा।

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