अब इस महिला ने बता दिया मोदी की डिग्री का सच
दुनिया के सबसे विवादास्पद नेताओं में शुमार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको लेकर कितने ही सवाल उठते रहे हैं चाहे चुनावी बांड योजना में लूट खस की बात हो या विरोधियों को जेल में डाल देने या अपनी पार्टी में शामिल कर देने के साम दाम दंडभेद की नीति की बात हो देश के प्रधानमंत्री ना केवल इन्हीं मामलों में विवाद में रहे हैं या सिर्फ राजनीति में विवाद में नहीं रहे बल्कि व्यक्तिगत जीवन भी उनका विवादों से भरा हुआ है और सबसे बड़ा विवाद तो उनके पढ़े लिखे को लेकर है जिस पर अरविंद केजरीवाल ने जो सवाल उठाए थे क्या उसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा सवाल आप इस दौर में कुछ भी उठा सकते हैं लेकिन परसेप्शन तो यही बनाया जाता है कि भ्रष्टाचारियों को बक्सा नहीं जाएगा लेकिनहकीकत तो यह है कि भ्रष्टाचारियों को भारतीय जनता पार्टी जिस तरीके से फूल माला से लाग देती है वह भी कम चौकाने वाली बात नहीं है लेकिन आज हम बात कर रहे हैंनरेंद्र मोदी के उस डिग्री को लेकर उस पढ़े लिखे को लेकर जिसका खुलासा अमरजीत कौर ने जिस ढंग से किया है वह इस देश को देखना समझना चाहिए दरअसल डिग्री को लेकर जब सवाल उठे थे तो डिग्री ला दी गई थी औरयूनिवर्सिटी की डिग्री लाई गई थी उसे लेकर कई तरह के विवाद हुए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले को दंडित भी करने का मामला सामने आ चुका है लेकिन अब तक किसी को नहीं मालूम है कि आखिर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितने पढ़े लिखे हैं ऐसे में अमरजीत कौर सीपीआई की नेता है बिहार में एक सभा में जिस तरीकेसे पूरा खुलासा किया उसे देश को देखना
समझना चाहिए मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ी हूं मैंने बीएससी एमएससी एलएल वहीं से की और जो मेरा पीरियड का पीरियड है पढ़ाई का जब नरेंद्र मोदी की एमए की डिग्री बताते हैं उसी पीरियड की बताते हैं बी और एम की तो मेरे से ज्यादा कौन जानेगा यूनिवर्सिटी के अंदर मोदी था कि नहीं अरु जेली तो मेरे कोलीग थे विजय गल मेरे थे ये सब तो मेरेसाथ ही पढ़ते थे य में थे ल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन करती थी मैं सभी एनएसवाई के एवीपी के एसवाईएस समाजवादी यजन सभा के के सब नेता को जानती थी और जानती हो जोअलग अलग जग पर नेतृत्व कर रहे मैंने जितनी ्र पास की व सारी हस्तलिखित है क्योंकि उस जमाने में हाथ से डिग्रीलिखी जाती थी तो फ नरेंद्र मोदी की डिग्री टाइ डिग्री कहा से आ गई दुनिया में आया भी नहीं था वो डिग्री उस फट में टाइप करके उनको दी [संगीत] गई ू की नहीं है ना जिस रेलवे स्टेशन प चाय बेचने का नाम लेकर लोगों से हमदर्द वोट पाई तो हमारे जैसे किसी नागरिक ने रेलवे में एक चिठी डाली सूचना अधिकार यह रेलवे स्टेशन कब बना अब उस अधिकारी को तो पता नहीं था क्यों पूछ रहे उसने जवाब में बोला कि 1973 में बना अब नरेंद्र मोदी कब पैदा हुए 199 तो 1973 में वो कितने साल के हो गए 24 साल के थे तो वो रेलवे स्टेशन जब ये 24 साल के हुए तब वो रेलवे स्टेशन बना और वहां रेलवे गाड़ी रुकनी शुरू हुई तो नरेंद्र मोदी ने उस रेलवे स्टेशन पर सात आ साल की उम्र में चाय कैसे बेच तो इसलिए यह है हकीकत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की यह हम नहीं अमर जीत कौर कह रही और यकीन मानिए कि जिस बेबाकी से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोलते हैं उसके कई किस्से हैं कहा तो यहां तक जाता है कि एक पूरा किताब लिखा जा सकता है उनके झूठ को हालांकि झूठ को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप अब भी नंबर वन पर बने हुए हैं दूसरे नंबर पर मोदी जी का नाम लिया जाता है हकीकत क्या है या आप खुद जाने लेकिन फेहरिस्त है यदि आपको उन झूठ की फेहरिस्त की जानकारी चाहिए तो हमारा ब्लॉग है कौशल डेस वन ड ब्लॉग स्पॉड कॉ हमने तारीख वाइज बताया है कि किस तरीके से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब कब कहां-कहां किसकिस तरीके से झूठ बोलते हैं !
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