शुक्रवार, 6 मार्च 2026

इन बड़े दो दर्जन अफसरों की नौकरी पर लटकी तलवार

इन बड़े दो दर्जन अफसरों की नौकरी पर लटकी तलवार 


छत्तीसगढ़ में कार्यरत 21 राज्य अफसरों का सर्टिफिकेट फर्जी है फर्जी सर्टिफिकेट में काम करने वाले इन अफसरों की अपनी ठसक और धमक होने की वजह से जांच का काम ना तो पूरा हो रहा है और ना ही कोई कार्रवाई हो रही सिर्फ जाति प्रमाण पत्र की बात नहीं है बल्कि आज हम बात कर रहे हैं 21 ऐसे अफसरों का जिनके दिव्यांग सर्टिफिकेट ही फर्जी है 

यह दावा दिव्यांक संघ का है और उन्होंने इसकी लिखित में शिकायत की है कईबार शिकायत कर ली और अब वे पैदल मार्च का ऐलान कर चुके हैं कारवाई के लिए तो क्या राज्य सरकार अब उन 21 संदिग्ध दिव्यांग सर्टिफिकेट वाले अफसरों के खिलाफ कोई कारवाई करेगी या जांच में तेजी लाएगी कहना कठिन है क्योंकि सालों से यह मामला चल रहा है सत्ता बदली मुख्यमंत्री बदले लेकिन दिव्यांग सर्टिफिकेट के आसरे काम करने वाले अफसरों का कुछ नहीं बिगड़ा बल्कि इनमें से चार अफसर तो डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत है महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे और इन दिव्यांग संदिग्ध अफसरों में से 21 अफसर पीएससी से चयनित है और जिन पांच अफसरों के नाम दिव्यांग संघ ने जारी किया है संदिग्ध बताते हुए उनमें रेखा चंद्रा आकांक्षा पांडे संजय कुमार मरकाम अभिषेक तिवारी प्रीतेश सिंह राजपूत नंद कुमार चौवे और राजेंद्र कुमार कौसी ये नाम अफसरों के जो महत्त्वपूर्ण पदों पर बैठे हुए हैं अलग-अलग जिले में कोई एसडीएम जैसे पद पर भी बैठा हुआ राज्य लेखा सेवा के राकेश कुमार पटेल उमा सिन्हा अरविंद कुमार देवांगन केअलावा परियोजना अधिकारी श्वेता देवी पांडे नायब तहसीलदार दीप्ति जायसवाल लोकनाथ साहू प्रभा कश्यप सहायक लेखा अधिकारी मोनिका साहू जंग बहादुर सहकारिता निरीक्षक राजकुमार पटेल देवव्रत भागवत सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी राम कुमार जायसवाल डॉक्टर राकेश सोनी और डॉक्टर योगेश कुमार नायक यह वे नाम है जो दिव्यांग संघ ने जारी किए दिव्यांग सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष महित राम चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग समय पर राज्य सरकार को राज्यपाल को मुख्यमंत्री को मुख्य सचिव को125 ऐसे अधिकारियों की सूची सौंपी है जिनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग वे लगातार करते रहे दिव्यांग संघ की शिकायत पर हित राम चंद्राकर ने बताया कि उनकीशिकायत पर पांच अफसर हाई कोर्ट चले गए हैं जहां मामला पेंडिंग है सुनवाई चल रही है लेकिन यह सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि राज्य सरकार की कारवाई का तरीका बेहद लुंज पुंज है या धीमा है

 हैरानी की बात तो यह है कि यह शिकायत लंबे समय से होते रही है लेकिन कारवाही होते नहीं देख अब दिव्यांग संघ ने पैदल मार्च का निर्णय लिया है शीघ्र ही तारीख की घोषणा कर दी जाएगी

वीडियो देखें 

https://youtu.be/YFbs7kobyuw?si=Yh_jcPswKlkOgMQN


भाजपा ने गद्दारों की नई परिभाषा जोड़ी

भाजपा ने गद्दारों की नई परिभाषा जोड़ी 


 कौन देश प्रेमी है और कौन देश का गद्दार इसे परिभाषित करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने अब अपनी परिभाषा में एक नई शर्त जोड़ दी है और इस शर्त के मुताबिक क्या है पूरा मामला यह हम आपको समझाएं उससे पहले बता दें कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वालों को भारतीय जनता पार्टी या हिंदू संगठनों ने या हिंदू वादियों ने किसकिस तरीके से गद्दार नहीं बताया देश विरोधी नहीं बताया हिंदू विरोधी नहीं बताया यह सब अपनी जगह है लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी ने एक नई शर्त जोड़ दी है और हम भारतीय जनता पार्टी इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अब तक जिस सांसद ने जो मोदी सरकार में संस्कृति मंत्री रहे यानी संस्कृति को जानते हैं वह हिंदू संस्कृति को उनके बयान पर अभी तक ना तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोई प्रतिक्रिया आई है और ना ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिक्रिया आई है इसका मतलब है कि गद्दार की परिभाषा में एक नई शर्त का जुड़ जाना 

यह नई शर्त क्या है यदि कोई मोदी और योगी से बढ़ के भी कोई अपना है और अपना कहने की बात कहता है तो वह गद्दार  है ,   वो देश का प्रदेश का भला नहीं चाहता । 

मोदी और योगी अब भारतीय जनता पार्टी या उन सनातनी हिंदू या उन कथित हिंदू वादियों के लिए अब मां बाप से भी बढ़कर हो गया है उनका मोदी औरयोगी क्या उनके लिए भाई बहन चाचा चाची रिश्ते नाते कोई मायने नहीं रखते और जो भी मोदी योगी से अपने रिश्तेदारों को यानी अपने बाप को भी यदि बड़ा बताएगा तो वह देश का गद्दार हो जाएगा योगी को अपना नहीं समझते तो अपने बाप को भी ।

दरअसल ये कोई और नहीं मोदी सरकार में संस्कृति मंत्री रहे महेश शर्मा है सिद्धार्थ नगर से इन्हें टिकट दी गई है भारतीय जनता पार्टीने एक बार फिर लगातार वे सिद्धार्थ नगर से सांसद और दादरी सामूहिक हत्याकांड के एक आरोपी को सहित का दर्जा देने और करोड़ों रुपए मुआवजे की मांग को लेकर भी वेविवादों में रहे हैं देश के राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद को लेकर भी उनका विवादित बयान आता रहा है यानी वे कट्टर हिंदूवादी नेता है और उनके बयानों को लेकर भारतीय जनतापार्टी कई बार असहज महसूस भी करती है लेकिन इस बार जब उन्होंने कहा कि जो भी लोग यदि मोदी योगी से बढ़कर अपने बाप को भी मान तो वे लोग गद्दार हैं।

 यानी आप सोचिए कि हिंदू वादियों के लिए अब स्पष्ट फरमान है उन सनातनी हिंदू वादियों के लिए जो भारतीय जनता पार्टी कीनजर में हिंदू हैं या भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं के लिए स्पष्ट फरमान है कि वे अपने बाप भाई बहन चाचा चाची बुआ फूफा किसी भी रिश्ते को अहमियत मोदी योगी से बढ़कर नहीं देंगे अब सोच लीजिए आप लोग कि आपको अब इस फरमान को मानना है नहीं तो गद्दार हो जाओगे आप लोग यह महेश शर्मा कह रहे हैं कैलाश हॉस्पिटल के मालिक करता धरता  है कई यूपी के कई शहरों में उनका यह हॉस्पिटल है और करोना काल में भी यह अस्पताल विवादों में रहा है तो विवादों में उनकी संपत्तिअचानक कई गुना बढ़ जाने को लेकर भी रहा है लेकिन वे मोदी सरकार में संस्कृति मंत्री रहे वो हिंदू संस्कृति को अच्छी तरीके से जानते हैं उस हिंदू संस्कृति को जो भारतीय जनता पार्टी या हिंदूवादी लोग मानते हैं और इसीलिए उन्होंने इस देश के गद्दारों की परिभाषा में यह नई शर्त जोड़ दी है कि अब जो भी मोदी योगी से बढ़कर अपने पाप को मान रहा हैतो उस वह देश का गद्दार है हालांकि इस मामले को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग के दरवाजे पर जा पहुंची और अपराधिक कारवाई कर ने की मांग भी की है 

ऐसी परिस्थिति में महेश शर्मा ने जब यह बात कही है तो हिंदुओं को उन हिंदुओं के लिए यह नईपरिभाषा है और उन्हें इस पर इसलिए भी चलना चाहिए क्योंकि परिवारवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट रवैया वे हमेशा ही गड़ आते रहे हैं गांधी परिवार कोमुलायम सिंह यादव परिवार को लालू प्रसाद यादव परिवार को यह अलग बात है कि जो परिवार वादी उनकी तरफ आ जाते हैं यानी एनडीए के मेंबर हो जाते हैं या भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश कर लेते हैं या सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं तो उनकी परिभाषाएं कुछ थोड़ी सी बदल जाती है लेकिन परिवारवाद के खिलाफ उनका विषम मन नया नहीं है तो क्या महेश शर्मा उस विश् ममन से प्रभावित होकर अब एकनई शर्त जोड़ दी है कि देश के गद्दार कौन होंगे देखना होगा!

Vidio देखें 

https://youtu.be/3ClCUdx9KgM?si=BBDifIpolGzSMEyu