मंत्री का चहेता एसडीएम जब फँस गया
एंटी करप्शन ब्यूरो ने कुछ माह पहले जिस एसडीएम को पकड़ा है उसका नाम भागीरथ खांडे है भागीरथ यानी गंगा बिल्कुल पवित्र शुद्ध साफ लेकिन इनके कर्म ऐसे थे कि बिल्कुल उलट नाम के और धमक इतनी थी कि वे दमदार से वसूली करते थे कहा जाता है कि इनके खिलाफ ढेरों शिकायत थी लेकिन एसीबी के जाल में यह मुश्किल से आया है एक मंत्री का वरद हस्त है इसके ऊपर और उस वरद हस्त के चलते अपने काम को वह बेखौफ अंजाम देता था
एंटी करप्शन ब्यूरो ने जब पकड़ा तो सिर्फ भागीरथी खांडे को नहीं पकड़ा बल्कि इसके चक्कर में बाबू चपरासी गार्ड सब थरे गए क्योंकि पैसे का जो लेनदेन हुआ था वह इन्हीं लोगों के मार्फ़त हुआ था यानी एसडीएम का कहना यदि बाबू चपरासी या गार्ड नहीं मानते तो भी उनकी मुसीबत थी और मान लिए तब भी उनकी मुसीबत है मामला अंबिकापुर का है छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंबिकापुर को पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस बाबा के नाम से भी जाना जाता है तो इस जिले में परसा कोल ब्लॉक याने अदानी की कोयला खदान भी यानी आप सोचिए कि इस पूरे संभाग में जिले में किस तरह के अधिकारियों की पोस्टिंग होती है खासकर राजस्व के मामले में क्योंकि बड़ी ही कमाई वाला क्षेत्र माना जाता है
गरीब आदिवासी भोले भाले लोगों को बेवकूफ बनाकर वसूली करने वाले अधिकारियों की यहां फेहरिस्त लेकिन आज हम बात कर रहे हैं उस भागीरथी खांडे का जिन्हें विष्णुदेव साय सरकार के एक मंत्री का वरद हस्त्र कौन है वह मंत्री हम आगे आपको बताएंगे उससे पहले बता देते हैं कि जिस अधिकारी को पकड़ा गया है भागीरथ खांडे वह एसडीएम है यानी सोचिए कि कितना बड़ा अधिकारी है और एसीबी को यह बड़ी सफलता मिली है कहा जाए तब भी गलत नहीं यदि एसीबी की माने तो इस इस अधिकारी की धूर्तता कितनी थी कि इसने किसान से रिश्वत तो ली ही ली साथ ही जमीन का पावर पटानी भी अपने नजदीकी लोगों के नाम कर दिया गया यानी य जमीन देर सवेर वह अपने पाले में कर ही लेता मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 मई को जब किसान कन्हरा बंजारा ने इस अधिकारी की शिकायत की थी कि उन पर दबाव डाला जा रहा है 500 घूस मांगा जा कन्ही राम बंजारा जो शिकायत करता है उसका एक जमीन को लेकर अपने चाचा से विवाद और तहसील दफ्तर में उस जमीन विवाद को लेकर कन्ही राम मंजारा ने आवेदन दिया था शिकायत की तो तहसीलदार के आदेश के खिलाफ चाचा एसडीएम उदयपुर के राजस्व न्यायालय में अपील की थी इस मामले में उसके तथा अन्य परिजनों के पक्ष में आदेश पारित कराने के एवज में एसडीएम उदयपुर भागीरथी राम खांडे यही नाम है उसने रिश्वत मांगी थी और इसकी शिकायत जब की गई तो एसीबी ने जाल बिछाना शुरू किया क्योंकि यह बेहद ही यह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है मंत्री का आदमी है और इसे पकड़ना आसान भी नहीं था और पकड़ने के बाद हंगामा के भी आसार थे और रिश्वत की रकम देने के लिए 21 जून को जब शाम को 6 बजे कन्हीरांगद उसने सीधी रकम नहीं दी बल्कि अपने बाबू से कह दिया कि वह रकम ले ले तो बाबू ने वह पैसा चपरासी को दे दिया अबीर राम को अभीर राम ने जाकर बताया कि पैसा मिल गया इसे क्या किया जाए तो एसडीएम ने कहा कि जाओ पैसा जो उनके गार्ड है सिक्योरिटी गार्ड कविनाथ सिंह को दे दिया और चपरासी ने वैसा ही किया जो एसडीएम ने कवि नाथ सिंह को देने को कहा था और जैसे ही शिकायत करता ने इसकी पुष्टि की छापे मार की कारवाही की गई और ना केवल रुपए बरामद किए गए बल्कि एक चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस जमीन के बदले आदेश पारित करने के लिए रिश्वत लिया गया है उसका पावर ऑफ एटमी भी बना दिया गया और कितना चालाकी से यह पावर ऑफ एटनी अपने परिचित महिलाओं के नाम से तैयार किया गया था ताकि फिर कभी भी मिले व जमीन अपने नाम में कर लिया जब खंगाला गया दफ्तर तो वह पावर टन भी मिल कहा जाता है कि इनकी संपत्ति को लेकर भी अब एसीबी जांच करने में जुटी क्योंकि इस अधिकारी के संबंध कांग्रेस के नेताओं और ऐसी परिस्थिति में इसने हाल के वर्षों में खूब पैसा बनाया था अब देखना है कि इस अधिकारी को निलंबित किया जाता है !
ये तो थी घटना , लेकिन कहा जा रहा है कि अब उसने फिर सेटिंस जमा ली है देखना है क्या होता हैं ।
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