शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

बेरोज़गारों से विष्णुदेव साय सरकार कैसे छल कर रही है…?

 

बेरोज़गारों से विष्णुदेव साय सरकार कैसे छल कर रही है…? iE82PEDPw6FGH26b

अपने नए-नए फरमान से अपनी ही पीठ थपथपाने में लगी छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार यानी विष्णु देव साय सरकार बेरोजगारी के मामले में जिस तरीके से निष्ठुरता से काम कर रही है उसे लेकर कई तरह के सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि हाल में ही बिजली विभाग में फिर भर्ती का विज्ञापन निकला है और इसमें नियुक्ति कब होगी इसकी कोई समय सीमा नहीं है सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि छ महीने पहले भी विद्युत विभाग में जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर सहित विभिन्न पदों की भर्ती निकली थी हालांकि इसमें परीक्षा शुल्क नहीं लिया गया था ले लेकिन बड़ी संख्या में याने हजारों की संख्या में 500 के आसपास विद्यार्थियों ने बेरोजगारों ने यह परीक्षा दी थी मॉडल आंसर भी जारी कर दिया गया इंटरव्यू भी हो गए लेकिन भर्ती नहीं होने से जो परीक्षा देने वाले बेरोजगार हैं उनके सामने संशय की स्थिति है कि वे दूसरे परीक्षा की तैयारी कैसे करें हजारों की संख्या में बेरोजगारों के साथ क्या यह छल नहीं है और उसकी भर्ती हुई नहीं है फिर एक बार विज्ञापन निकालकर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है यह किस तरह का खेल है विष्णु देव साय सरकार की यह लोगों में चर्चा का विषय है बेरोजगार युवक आक्रोशित है क्योंकि चुनाव में जिस तरीके से 33000 शिक्षकों की भर्ती की बात की गई थी गारंटी दी गई थी हालांकि मोदी की गारंटी तो कई तरह की थी उनमें से कुछ ही गारंटी पूरी हुई है लेकिन 33000 शिक्षकों की भर्ती तो की नहीं जा रही है शिक्षकों की कमी है शाला भवन जरजर है बच्चों को स्कूल जाने में बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है और दूसरी तरफ सरकार के वित्त मंत्री पैसा नहीं होने का रोना रोते हैं तो विष्णु देव शायद सरकार पालक टीचर मीटिंग कराने का फरमान जारी कर देते हैं इसे लेकर हमने स्टोरी बनाई है पीटीएम को लेकर बेतुका फरमान के नाम से और उसके कमेंट्स बॉक्स में आप जाकर कमेंट्स लोगों के पढ़ेंगे तो आपको हैरानी होगी कि लोग किस तरीके से विष्णु देव साय सरकार से नाराज चल रहे हैं यानी आप सोचिए कि किस तरीके से बेरोजगारों को छला जा रहा है और यह स्थिति सभी विभाग में कि किस तरीके से पद रिक्त है लेकिन उसे भरा नहीं जा रहा है और पीएससी घोटाला तो सबके सामने ही है कि किस तरीके से युवाओं के साथ छल किया गया और उसके मुख्य आरोपियों को बचाने की भी कोशिश की गई है तब सवाल यह है कि क्या बेरोजगारी के मामले को लेकर विष्णुदेव सरकार ठंडा पड़ गई है और केंद्र की तरह याद कीजिए आप 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे और उसकी क्या स्थिति बनी थी यानी उसी तर्ज पर क्या विष्णुदेव साय की सरकार भी जुमलेबाजी पर उतर आई है अपनी पीठ थपथपा के लिए नए-नए फरमान जारी करती है नई नई घोषणा कर देती है अभी पूर्ववर्ती सरकार ने डॉक्टर रमन सिंह सरकार की जो दो योजनाओं को बंद किया था चरण पादुका योजना इस योजना में भारी भ्रष्टाचार और जूते दे देने की तो बात थी लेकिन चप्पल तक ठीक से नहीं मिल रहा था यही हाल सरस्वती साइकिल योजना का था छात्राओं को यह लाभ मिलता था लेकिन स्थिति यह बन गई थी कि जमकर भ्रष्टाचार हुआ था और साइकिल किस तरीके से दिए जा रहे थे या किस तरीके से पड़े पड़े सड़ रहे थे किस तरीके से सप्लाई के साथ सेटिंग थी यह एक अलग मामला और फिर उस योजना को चालू करके विष्णु देव साय सरकार अपनी पीठ थपा चाहती है और दूसरी तरफ संविदा कर्मचारी अनियमित कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं ठेका कर्मी लगातार आंदोलन कर रहे हैं किस तरीके से ठेकेदारी प्रथा लागू करने के करने की वजह से युवाओं का शोषण हो रहा है वह भी किसी से छिपा नहीं है अनियमित कर्मचारियों ने तो धरना दिया था हालांकि सरकार ने दो टूक कह दिया है कि अभी इस तरह की कोई कार्य योजना नहीं बनी य अलग बात है कि विधानसभा चुनाव के पहले उनके धरना प्रदर्शन के कार्यक्रमों में जा जाकर भारतीय जनता पार्टी के नेता दावा करते थे कि हमारी सरकार आएगी तो हम संविदा नियुक्ति और अनियमित कर्मचारियों को नियमित कर देंगे लेकिन हालत यह है कि आठ माह बीत जाने के बाद भी सरकार बेरोजगारों के साथ छल करते दिखाई दे रही है!

Video देखे


https://youtu.be/JRcpbwRTjdw?si=


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