सोमवार, 20 अप्रैल 2026

पत्रकारों को फँसाने की साज़िश करने वाला थाना प्रभारी को जेल, नेता को कब

पत्रकारों को फँसाने की साज़िश करने वाला थाना प्रभारी को जेल, नेता को कब

 छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार आने के बाद किस तरीके से नेताओं के हौसले बुलंद है किस तरीके से सरकारी तंत्र इन नेताओं के इशारे पर किसी को भी फसा देने का कुचक्र रचते हैं और इस पूरे खेल में क्या सत्ता में बैठे प्रमुख लोग भी शामिल हैं ऐसे कई सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों कोंटा से जो खबरें आई है बस्तर में स्थित है वहां तत्कालीन टीआई थे अजय सोनकर उन्होंने एक नेताजी के कहने पर चार पत्रकारों को फसाने की साजिश रची उनके कार में गांजा रखकर उन्हें प्रताड़ित किया उन्हें गिरफ्तार किया तो क्या यह खेल दूसरे स्थानों पर भी हो रहा है और पूरा मामला रेत माफियाओं से जुड़ा हुआ है आंध्र प्रदेश का बॉर्डर जहां बड़ी संख्या में अवैध रूप से रेत उत्खनन किए जा रहे हैं और इसे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है इसकी खबर पर चार पत्रकार पहुंचे थे और जब इन अवैध उत्खनन की तस्वीर ली जा रही थी तब इनके कार में गांजा रख दिया गया था जिसकी शिकायत जब एसपी से की गई और लगातार पत्रकार प्रदर्शन कर रहे थे कि किस तरीके से पत्रकारों को फंसाया गया है और इस आरोप के बाद जब जांच शुरू हुई तो वह वीडियो फुटेज भी सामने आ गया जिसमें टीआई इन पत्रकार की गाड़ियों में गांजा रखते देखे जा रहे थे जांच हुई तो सारे सबूत सामने आ गए लेकिन क्या यह काम केवल टीआई रेत माफियाओं के इशारे पर कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा हाथ टीआई अजय सोनकर को सस्पेंड करके जेल भेज दिया गया लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि ठीक गिरफ्तारी के पहले टीआई अजय सोनकर ने अपने फुक अकाउंट में यह दावा की यह लिख दिया कि नेताजी को बता देना कौन है वह नेताजी इसे लेकर कई तरह की चर्चा है क्या वह सत्ता से जुड़ा है या पूर्व मंत्री से जुड़ा हुआ है यह सवाल जांच में सामने आ पाएगा यह कहना कठिन है लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस तरीके से र का अवैध उत्खनन हो रहा है वह हैरान कर देने वाला है और कई स्थानों पर खासकर धमतरी महासमुंद जैसे क्षेत्रों में तो सीधे-सीधे इस मामले में राजनीतिक दलों से जुड़े लोग शामिल है तो क्या कोंटा जिले में भी जो रेत का अवैध उत्खनन हो रहा था उसमें भी किसी बड़े नेता का हाथ है यह सवाल बेहद महत्त्वपूर्ण हो गया है और जिस तरीके से पत्रकारों को इस पूरे मामले में टीआई के द्वारा प्रताड़ित किया गया उससे भी स्पष्ट हो रहा है कि इसन घटनाओं के पीछे कोई बड़ा हाथ है सबसे हैरानी की बात तो यह है कि सरकार ने टीआई को सस्पेंड कर जेल तो भेज दिया है लेकिन खनन माफियाओं को संरक्षण देने वाले खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अभी तक किसी तरह की कारवाही नहीं हुई सब कुछ आईना की तरह स्पष्ट है लेकिन जो खेल नेता अधिकारी और माफिया कर रहे हैं वह हैरान कर देने वाला है छत्तीसगढ़ में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं तो इसकी बड़ी वजह इस तरह के माफियाओं का सत्ता तक पहुंच है हालांकि टीआई को सस्पेंड कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है लेकिन देख ना है कि आने वाले दिनों में उस नेता तक सरकार पहुंच पाती है या नहीं !

वीडियो देखें 


https://youtu.be/vKaKL2jE2r8?si=w9A78j6KAAeiYqvU