पार्टी ने बढ़ा दी मोहन की परेशानी
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार तो बन गई है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के भीतर खाने में जिस तरीके से गुटबाजी हावी है उसकी वजह क्या भाजपा को अपने कब्जे में करने की मोदी शाह की कोशिश है क्या मोदी शाह के पकड़ को लेकर भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ के कई नेता नाराज हैं यह सवाल इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल भर से इस तरह के घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं हम साल भर के ही घटनाक्रम की बात कर रहे हैं किसे किनारे लगाना है किसे मंत्री बनाना है किसे संगठन में बड़ा पद देना है सारा कुछ तय मोदी शाह कर रहे हैं और इस चर्चा के बीच कांग्रेस ने भी तो आरोप लगा दिया है कि भारतीय जनता पार्टी कि डबल इंजन की सरकार रिमोट कंट्रोल से चढ रही है तो कोई इसे खड़ाऊ सरकार कह रहा है तो कोई इसे रबड़ स्टैंप लेकिन अब कद्दावर माने जाने वाले नेता बृजमोहन अग्रवाल की कोर ग्रुप से छुट्टी उनके लिए चिंता का सबब हो सकता बृजमोहन अग्रवाल को जिस तरीके से सत्ता और संगठन किनारे करने की कोशिश में लगी 15 साल रमन राज में मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल विष्णुदेव साय सरकार में भी मंत्री बने उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया लेकिन अचानक लोकसभा चुनाव में उतार दिया गया और उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और उसके बाद बृजमोहन अग्रवाल की उपेक्षा और अपमान की खबर जमकर चर्चा में रही कांग्रेस ने भी खूब मजे लिएथे
हालांकि कोर ग्रुप से छुट्टी केवल मोहन सेठ की नहीं हुईं है उनके साथ रामविचार नेताम विक्रम उसेंडी रेणुका सिंह की भी छुट्टी हुई है
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