डीपीएस में बच्ची से छेड़छाड़ का मामला तूल तो पकड़ा लेकिन क्या हुआ
दुर्ग में डीपीएस में हुए एक मासूम से अनाचार के मामले को लेकर बवाल तो खूब मचा लेकिन कार्रवाई क्या हुई कोई नहीं जानता । ऐसे में लोगो की याद वापस लाने हमने उस समय के घटनाक्रम को फिर से बताने की कोशिश की है ।
छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी और इस बार गरमाने की वजह भूपेश बघेल ही है दरअसल चुनाव होने के बाद जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तब से भूपेश बघेल को घेरने की कोशिश जारी है हालाकि अभी तक भूपेश बघेल बचे हुए हैं लेकिन आगे बचे रहेंगे कहना बेहद कठिन है क्योंकि मामला सिर्फ कोयला और शराब घोटाला नहीं है बल्कि महादेव सट्टा पप से लेकर दूसरे तरह के भी मामले अब सामने आने लगे हैं बलौदा बाजार हिंसा के बाद जिस तरीके से सरकार ने भूपेश बघेल को घेरने के लिहाज से उनके समर्थक विधायक देवेंद्र की गिरफ्तारी की है उसके बाद राजनीति उफान पर है देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ जब भूपेश बघेल और पूरी कांग्रेस सड़क पर उतरने लगी तो इसी दौरान भूपेश बघेल की सुरक्षा चूक को लेकर मामला गरमाने लगा और बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर भूपेश बेल का रास्ता रोककर उनके सुरक्षा अधिकारियों से के साथ बदतमीज जी का जो मामला सामने आया उसके बाद कांग्रेसी सड़क पर उतर आए भिलाई में जब कांग्रेसी थाना घेरने जा रहे थे तो इस दौरान पुलिस लाठी चार्ज करती और राजनीति को लेकर जब दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला का रुख कड़ा दिखाई देने लगा तो भूपेश भेल ने लाठी चार्ज के बाद सीधे-सीधे एसपी को ही गुंडा खेत सुरक्षित है ना गाय गरवा सुरक्षित है ना बेटी बहु सुरक्षित है नाना लमन तक सुरक्षित नहीं है बहुत प्रसिद्ध स्कूल है अनाचार के शिकायत मिले है लेकिन एसपी ऐसे धमका शिकायत कर फर देख ले मतलब सब बड़ गुंडा कोई है तो दुर्ग में एसपी बन गए और अब एसपी के तेवर के बाद क्या भूपेश बघेल उन्हें घेरने के लिए नई रणनीति बना रहे हैं और क्या डीपीएस में हुई छेड़छाड़ के मामले को लेकर दुर्ग एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे और कोई बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे दरअसल डीपीएस में एक बच्ची की तबीयत खराब होती है और उसे जब इलाज के लिए मेडिकल हॉस्पिटल ले जाया जाता है तो रिपोर्ट सामने आती है कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की गई और इस घटना के सामने आते ही डीपीएस के सामने पालकों का प्रदर्शन होता है लेकिन कहा जाता है कि इस मामले में एसपी की भूमिका बेहद विवादास्पद है क्योंकि प्रदर्शन पालक कर चुके हैं डीपीएस के खिलाफ और इस मामले में पास को एक्ट के तहत कार्रवाई होनी थी लेकिन कार्रवाई करने की बजाय एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कह दिया कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है उसे लेकर विवाद शुरू हुआ है और कल भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राजधानी में पत्रकार वार्ता लेकर एसपी को हटाने की मांग कर दी भूपेश बघेल के साथ पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के दिग्गज माने जाने वाले नेता सत्यनारायण शर्मा रवींद्र चौबे धनेंद्र साहू सहित कई नेता उपस्थित इन लोगों ने डीपीएस में बच्ची के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में प्रदेश सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए तो एसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए भूपेश बघेल ने तो इस पूरी घटना का सिलसिले वार बरा देते हुए कहा कि बच्ची की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि प्राइवेट पार्ट में जखम है जानकारी में आने के बाद पालकों ने स्कूल में 2 अगस्त को प्रदर्शन भी किया याने सोच एक महीने होने जा रहा है इस पूरे मामले में लेकिन पुलिस की भूमिका क्या है यह सोचा जा सकता है प्रिंसिपल और दुर्ग के एसपी ने बयान दिया कि बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं एसपी ने मीडिया रिपोर्ट को गलत करार देकर धमकाया बेशर्मी के साथ एसपी ने कह दिया कि इसमें कोई तथ्य नहीं है पालक भी एफआईआर नहीं चाहते भूपेश बघेल ने पूछा कि कौन पालक होगा जो अपनी बच्ची से छेड़छाड़ के बाद अपराधी के खिलाफ कारवाई नहीं चाहेगा उन्होंने तो डीपीएस के प्रिंसिपल के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी मांग कर दिए और सवाल उठाया कि क्यों नहीं कराया गया बगेल ने तो यहां तक आरोप लगा दिया कि एसपी के बच्चे भी उसी स्कूल में पढ़ते हैं और जिस व ग्रुप में वे जुड़े हुए हैं उस ग्रुप में भी जब उन्होंने इसे तथ हीन बताया था तो पालकों ने गुस्सा जाहिर किया जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि सूचना मिलते ही जुर्म दर्ज किया जाता है उसके बाद जांच होती यदि पालक 2 अगस्त को प्रदर्शन कर रहे थे तो क्या शासन प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं थी कि उस बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया जाता लेकिन यह सब नहीं हुआ तो दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम में भूपेश बघेल ने अपनी ताकत ना केवल सत्ता को दिखाई है बल्कि पार्टी के भीतर भी अपनी ताकत दिखाई है और एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने जेल में बंद अपने खास समर्थक देवेंद्र यादव को राष्ट्रीय पदाधिकारी जैसे महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दिलवा दी अब देखना है कि राजनीति किस करवट बैठती है !
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