गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

भाजपा मस्त, कांग्रेस पस्त और आप व्यस्त

छत्तीसगढ़ के सभी सीटों पर होगी त्रिकाणीय मुकाबला

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव का बिगुल बचने लगा हैं। विधानसभा चुनाव की जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी मोदी फैक्टर से जहां उत्साहित है वहीं कांग्रेस गुटबाजी से पस्त हो गई है। गुटों में बंटी कांग्रेस में टिकिट को लेकर घमासान है तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भी अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश में है पर नेतृत्व हीनता की वजह से आप की मौजूदगी का असर स्पष्ट नहीं है। छत्तीसगढ़ में लोकसभा की ग्यारह सीटे हैं। जिनमें से पिछले दो चुनावों से भाजपा दस पर काबिज है और उसे पूरी उम्मीद है कि इस बार भी भाजपा का परचम लहरायेगा। हालांकि विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के आधार पर आकंलन करे तो भाजपा के पास से तीन चार सीटें खिसकते दिख रही है लेकिन रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने जो छवि बनाई है और देश में चल रहे मोदी लहर से भाजपा को उम्मीद है कि वह इस बार सभी सीटे जीतेंगे और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी सभी सीटे जीतने का दावा भी कर चुके हैं। हालांकि रायपुर, दुर्ग, महासमुंद और कांकेर में भाजपा के सांसदों के खिलाफ आक्रोश है और इन सीटों पर नये चेहरे उतारने की मांग भी हो रही है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बार पार्टी कई क्षेत्रों में नये चेहरे मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। इधर विधानसभा चुनाव के अप्रत्याशित परिणाम के बाद भी कांग्रेसियों के उत्साह में कमी नहीं आई है लेकिन गुटबाजी के चलते कांग्रेस में घमासान चरम पर है। अजीत जोगी के चुनावी राजनीति से सन्यास की घोषणा को हाईकमान से नाराजगी का स्वरूप बताया जा रहा है जबकि नये प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल की आक्रमक नीति ने कांग्रेस के ग्राफ को ऊंचा किया  है।
दूसरी तरफ टिकिट की बढ़ती मांग ने एक बार पिर कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी की कलहे खोलकर रख दी है। अजीत जोगी को बिलासपुर, कांकेर या सरगुजा से चुनाव लड़ाने की कोशिश हो रही है तो महासमुंद सीट से स्व. विद्याचरण शुक्ल की सुपुत्री को चुनाव लड़ाने की तैयारी है। दुर्ग और रायपुर में दिग्गज कांग्रेसी को उतारने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि इस बार सबसे आसान सीट रायपुर की है क्योंकि यहां के 6 बार सांसद रमेश बैस के खिलाफ भाजपा में भी नाराजगी है। इधर रातों रात दिल्ली की सत्ता तक पहुंची आम आदमी पार्टी भी छत्तीसगढ़ की सभी ग्यारह सीटों पर चुनाव लडऩे की तैयारी में लग गई है। आप पार्टी को भरोसा है कि छत्तीसगढ़ में परिणाम अच्छे आयेंगे। आप पार्टी के नेता उचित शर्मा का तो यहां तक दावा है कि जिस तरह से दिल्ली विधानसभा के चुनाव के परिणाम की किसी को उम्मीद नहीं थी। छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के परिणाम आयेंगे। उचित शर्मा का कहना है कि छत्तीसगढ़ में आप पार्टी के प्रति जो आकर्षण है वह सदस्यता अभियान की सफलता से लगाया जा सकता है हम चुपचाप अपना काम कर रहे हैं और वक्त आने पर यहां भाजपा और कांग्रेस गठजोड़ का खुलासा करेंगे।
बहरहाल लोकसभा चुनाव के परिणाम को लेकर भले ही भाजपा आश्वस्त हो पर आम आदमी पार्टी के प्रति बढ़ते आकर्षण ने कई नेताओं की नींद जरूर उड़ा दी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें