सोमवार, 4 मई 2026

जब बुरी तरह से फँस गई महिला मंत्री

जब बुरी तरह से फँस गई महिला मंत्री


 प्रदेश की एकमात्र महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जेठ के द्वारा जिस तरीके से शराब खोरी के दौरान पुलिस से उलझा गया और उसके चलते लक्ष्मी राजवाड़े की जो छीछालेदर हुई है क्या इस पर पुलिस अब लीपापोती का खेल कर रही है यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इस पूरे मामले को लेकर जिस प्रधान आरक्षक देवनारायण नेताम ने रिपोर्ट रोजनामचा में दर्ज की थी किस तरीके से 20 बार फोन करके उन्हें धमकाया गया था उस पर जुर्म दर्ज करने की बजाय बस स्टैंड में मौजूद एक व्यक्ति के शिकायत पर जमानती धारा लगाकर मामले की तीसरी करने की कोशिश की हालांकि इस पूरे मामले में महिला मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने क्या कहा यह सुन लीजिए पहले हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के हो जो गलत किया उ गलत का परिणाम भगत पड़े हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के हो जो गलत किया उ गलत का परिणाम भगत पड़ेगा लक्ष्मी राजवाड़े तो साफ कह रही हैं कि जिसने गुनाह किया है उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए लेकिन क्या यह सिर्फ मीडिया में कहने की बात है क्योंकि पुलिस कप्तान ने तो पहले ही महिला मंत्री के जेठ राजू राजवाड़े की दबंगई के आगे प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर चुके हैं तब क्या उनका लाइन अटैच का जो फैसला है वह वापस होगा क्या देवनारायण नेता जैसे ईमानदार इस मामले में तो ईमानदारी दिखाई दे रही है के साथ न्याय होगा और उनकी रिपोर्ट पर जुर्म दर्ज होगा यह सबसे बड़ा सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि अब इस मामले को लेकर पार्टी के भीतर भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है कहा तो यहां तक जा रहा है कि महिला मंत्री की क्लास तक ली जा चुकी है और इस मामले को लेकर कांग्रेस के नेता अब सक्रिय होने लगे हैं दरअसल पूरे मामले को आप समझेंगे तो हैरान हो जाएंगे कि एक व्यक्ति सिर्फ मंत्री के जेठ होने की वजह से वह पुलिस की वर्दी के बिल्ले नि ल लेता है फाड़ देता है गाली गलोज करता है धमका है और थाने से जाने के बाद भी 200 बार फोन करके धमका आता है और उस हवालदार को पुलिस कप्तान लाइन अटैच कर देता यह किस तरीके का खेल है हालाकि यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है और कहा जा रहा है कि पार्टी स्तर पर भी लक्ष्मी राजवाड़े को लेकर कई तरह की शिकायतें पहले से थी लेकिन चर्चा तो इस बात की भी है कि जिस एप्रोच के तहत वह मंत्री बनाई गई है ज्ञात हो कि दरअसल विष्णु देव साय सरकार पर यह आरोप इसलिए लग रहे हैं क्योंकि वे मंत्रिमंडल का विस्तार तक अपनी मर्जी से नहीं कर पा रहे हैं इसलिए कहा जा रहा है कि विष्णु देव साय सरकार में जिसे भी मंत्री पद मिला है वह किसी ना किसी तरह से पहुंच रखता है और उन्हें मंत्री पद इसी वजह से मिला है आखिर लक्ष्मी राजवाड़े को किसकी पहुंच से मंत्री पद मिला है यह बड़ा सवाल हो सकता है राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा है लेकिन कहा जा रहा है कि अब पुलिस इस पूरे मामले में लीपापोती करने लगी और लक्ष्मी राज वाड़े से जो संतुलित बयान दिलवाया गया है वह भी किसी के इशारे से दिलाया गया है हमारे घर के हो चाहे किसी और के घर के जो गलत किया गलत का परिणाम भगना प तब देखना है कि आने वाले दिनों में जो करतूतों का वीडियो जारी हो रहा है या वायरल हो रहा है उस पर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी क्या निर्णय लेती है !

Vidio देखें 


https://youtu.be/PQ23EU90RRo?si=OVuoqMopHQhmv27o

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