शनिवार, 7 मार्च 2026

मोदी का यह सच कोई नहीं बतलाएगा

मोदी का यह सच कोई नहीं बतलाएगा 


सवाल यह नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी चाय बेची थी कि नहींऔर ना ही सवाल उनकी डिग्री के असली या नकली होने का है सवाल तो उनके कथनी और करनी का है क्या इस दौर में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी  का खजाना भरता चला गया भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय भव्य से भव्य बनते चले गए आरएसएस और उनसे जुड़े अनुसांकिक  संगठनों के कार्यालय भी भव्य से भव्य बनते चले गए तो सवाल उठता है कि फिर सादगी के साथ सरकार का क्या मतलब है और बात की शुरुआत कहां से करें 

इलेक्ट्रॉल बंड से या फिर हिडन वर्ग की उस रिपोर्ट से जिसने मोदी सरकार के कारपोरेट प्रेम को सबके सामने रख दिया है या फिर एप्स्टीन फ़ाइल या अमेरिकी ट्रेड ड्रिल या देश में त्रस्त महंगाई को लेकर 

सवाल यहीं से शुरू करते हैं क्योंकि2014 के चुनाव में जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था या वादा किया था कि 100 दिन के भीतर महंगाई वह कम कर देंगे लेकिन क्या महंगाई कम हुई कम की तो बात छोड़ दीजिए उस स्थिति में भी नहीं रही बल्कि लगातार बढ़ते रही हर चीजों की कीमत बढी है लोग त्रस्त है पेट्रोलडीजल में मनमाना टैक्स वसूला गया खून निचोड़ने वाला टैक्स तक कहा गया तो जीएसटी को गब्बर टैक्स कहा गया खूब पैसा आया इस दौर में सरकार के पास जीएसटी की बात हो या पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स से विदेशी कर्जे भी खूब लिए गए यानी 70 साल में जितने विदेशी कर्ज नहीं लिए गए थे उससे तीन गुना ज्यादा कर्ज देश के प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की सत्ता ने ली यह पैसे कहां गए सवाल क्यों नहीं उठना चाहिए यदि जीएसटी से पैसा आ रहा है पेट्रोल डीजल से मनमाना टैक्स वसूल कर पैसा आ रहा है और विदेशों से भी कर्जा लिया जा रहा है और दुनिया भर के दावे किए जा रहे हैं ईडी के माध्यम से सीबीआई के माध्यम से करोड़ों अरबों कीसंपत्ति हासिल कर लेने की तब लोग महंगाई से मुक्ति क्यों नहीं पा रहे हैं और लोग क्यों परेशान है क्या लोगों का जीवन नारकिय होता नहीं चला जा रहा है और आने वाले दिनों में महंगाई क्या और बढ़ेगी यह बेहद ही गंभीर सवाल है 

भले ही यह मुद्दा नहीं हो रहा हो लेकिन यह देश केप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथनी और करनी पर तो सवाल उठाता ही है।दूसरी बात यदि करें तो वह है सबसे भयावह स्थिति में बेरोजगारी, बेरोजगारी का यह आलम है कि लोगत्रस्त है नौकरी के लिए और कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए केंद्र सरकार में रिक्त 30 लाख पदों को भरने की गारंटी देतीहै यानी क्या मोदी सरकार ११ सालों में उन पदों को नहीं भरी क्यों नहीं भरी जब वादा था 2014 में ही प्रत्येक साल दो करोड़ लोगों को रोजगार याद कीजिए मोदी सरकार कि आपने क्या वादा करके सत्ता में आया था और क्या स्थिति कर दी युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें अग्निवीर योजना में शामिल कर और इसे लेकर अब कांग्रेस ने वार करते हुए कह दिया है कि यह  युवाओं के साथ घोर अत्याचार है और इस योजना को वह बंद कर देगी तब कथनी और करनी का यह अंतर क्या आपकी चैन नहीं छीन लेता है तब दूसरा मामला जो सबसे बड़ा है भ्रष्टाचार का और इलेक्ट्रॉल बानने सब कुछ कुछ बता दिया कि इस दौर में भ्रष्टाचारकिस स्तर पर जा रही किस तरीके से वसूली की गई किस तरीके से पार्टी ने मनमाना पैसा वसूला काम देने के नाम पर या उन दवा कंपनियों की जांच रोक देने के नाम पर या सीबीआई और ईडी के या सीबीआई और ईडी में केस दर्ज कर देने के नाम पर और यही नहीं कहानी यही नहीं रुकती है कथनी और करनी का बल्कि तमाम भ्रष्टाचारी नेता तमाम अपराधी जो दूसरे दलों में थे उन्हें अपनी पार्टी में या तो ला दिया गया या फिर उन्हें जेल भेज दिया गया और शायद देश के प्रधानमंत्री उन्हीं चंद लोगों को जेल भेजने को लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं भ्रष्टाचारी कान खो सुनले एक्शन होगा जरूर होगा न हकीकत तो यह है कि उससे कई गुना ज्यादा भ्रष्ट लोगों को पार्टी में लाया गया हेमंत विश्व शर्मा 100 हज़ार  करोड़ का नाडा सार्डा घोटाला तो जिंदल नवीन जिंदल 21000 करोड़ का कोल स्कीम हैसुवेंद्र अधिकारी अशोक चौहान अजीत पवार फेहरिस्त है उन भ्रष्टाचारियों को जिन्हें पार्टी में ना केवल लाया गया बल्कि महत्त्वपूर्ण पदों पर भी बिठाया गया तब क्या उस भ्रष्टाचार के पैसों से ही महल खड़े किए गए हैं इसके बाद यदि प्रधानमंत्री के उस कथनी पर आएंगे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ इसका सच क्या है यह किस तरीके का हकीकत है जिस देश का नाम रोशन कर रही थी महिला पहलवान उनके खिलाफ यौन शोषण के मामले में अपराधियों को बचाना बिलकिस वाहनों के बलात्कारियों का फूल माला सेस्वागत करना कठुआ कांड में तो पराकाष्ठा हुई है अत्याचार मासूम बच्ची थी वह उसके बलात्कारियों का भी स्वागत कर दिया कुलदीप सेंगर  से लेकर स्वामी चिन्मयानंद किस तरीकेसे बेटी बचाई जा रही थी और मणिपुर तो पूरी दुनिया ने देखा है और भारतीय जनता पार्टी मणिपुर से इतनी डर गई कि वह चुनाव तक नहीं लड़ रही है लोकसभा का सहयोगियों के लिए छोड़ देने की की बातहुई लेकिन कहा जा रहा है कि मणिपुर में जो कुछ हुआ उसका डर भारतीय जनता पार्टी को है इसलिए उसने वहां चुनाव नहीं लड़ा जबकि पिछले चुनाव में उन्हें जीत तक मिली थी 

बात यही नहीं है बल्कि जिस महिला आरक्षण का दावा किया जा रहा है लोकसभा में पास कर देने का वह महिला आरक्षण कब लागू होगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है तब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में कथनी और करनी का अंतर लोगों को तो दिखाई दे ही रहा होगा बुजुर्गों को लेकर बड़ी योजनाएं हैं अभी नए मेनिफेस्ट में बुजुर्गों को लेकर देश केप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो मेनिफेस्टो जारी किया है उसमें कहा गया है कि मुक्त में इलाज करेंगे लेकिन बुजुर्गों की स्थिति क्या कर दी गई यात्री ट्रेनों में सब तरह की सुविधाएं बंद कर दी गई सीनियर सिटीजन से लेकर और भी जो दूसरी सुविधाएं थी सब बंद कर दी गई पेंशन से लेकर किस तरह से कैग ने रिपोर्ट दिया है कि पेंशन में किस तरीके से घोटाआयुष्मान योजना में किस तरीके का घोटाला हुआ है ा स करोड़ रुपए में एक किलोमीटर द्वारका एक्सप्रेस बनाकर किस तरीके से घोटाला किया गया है कितने ही फेहरिस्त हैघोटालों की और बुजुर्गों के साथ अन्याय की भी कितनी फेहरिस्त है आप देखेंगे तो चौक जाएंगे कि इस दौर में किस तरीके से बुजुर्गों के साथ अन्याय किया गया है सवाल सिर्फ यात्री ट्रेन का नहीं है दूसरे मामले भी आपके सामने समय-समय पर हमने आपको बताया है देश सुरक्षित हाथों में है यह दावा था तब चीन को लेकर उठते सवाल का जवाब सत्ता के पास क्यों नहीं है सोनम वांगचु 21 दिनों के अपने अंसन के बाद अंसन तो समाप्त कर लिया लेकिन वे जो कुछ कह रहे हैं उस दावे की सच्चाई के को लेकर सरकार की खामोशी हैरान कर देती हिडन बर्ग की रिपोर्ट जब आई थी तब भी अडानी पर एक चीनी नागरिक से संबंध को लेकर सवाल उठे थे और यही नहीं कई बार आरएसएस की चीन को लेकर भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं ऐसी परिस्थिति में देश सुरक्षित हाथों में है क्या सिर्फ एकसर्जिकल स्ट्राइक से जा सकता है या बताया जा सकता है क्योंकि पुलवामा में जो आरडीएक्स कहां से आया आज तक पता नहीं है शायद इतने बड़े हादसे को या इतने बड़े कांड को दबाने की क्या कोशिश हुई कहां है उसकी जांच रिपोर्ट पा साल में भी यदि किसी मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आए संवेदनशील मामले की तो फिर इसे क्या किया जाए और सोनम माम चुक के मामले में जिस तरीके से जनरल बक्सी खुद सामने आए उसके उसने तो मोदी सत्ता के करतूतों को ही उजागर किया है देखिए साहब मेरा सिर्फ कहना यह है लद्दाख इज अ हाइपर सेंसिटिव स्टेट हम हाइपर सेंसिटिव एरिया है चीन का खतरा मंडरा र है सबसे ज्यादा वहां लद्दाख पे राइट और ऐसे में अगर इतनी अनहैप्पीनेस लद्दाख के लोगों में हो कि व फास्टिंग के ऊपर आ गए हैं हां और वो सोनम वांगचुक जैसे वो मतलब कोई फटीचर नहीं है सड़क छाप नहीं है गुंडा जो कि बोलना शुरू किया है पॉपुलर के लिए बड़ा जाना एजुकेशनिस्ट है बहुत ही रिस्पेक्टेड सिटीजन है भारतवर्ष का तो अगर वो ऐसा कह रहा है तो हमको तो तवज्जो देनी पड़ेगी उसको ब्लैक आउट की न्यूज से ही ब्लैक आउट कर दे आई एम सॉरी दैट इज नॉट द वे टू गो व्हाट इज द प्रॉब्लम लेट अस एड्रेस इट लेट अस फेस इट बिफोर द चाइनीज स्टार्ट टेकिंग एडवांटेज बड़े-बड़े आला दिमाग है हमारी सरकार में दे कैन फाइंड अ वे आउट ऑफ दिस और वह भी आपको एक अपने ब्रॉडकास्ट में तो यही कह रहा था कि साहब देखिए अग्निवीर से तो हमारी इकॉनमी पे भी फर्क पड़ेगा हम तो सारा आधे तो लद्दाखी बेचारे लड़के फौज में हैं काला धन को लेकर भी तो बहुत बड़ी-बड़ी बातें की गई थी कि दुनिया के देशों में जहां भी काला धन पड़ा है हम सरकार में आते ही एक टास्क फोर्स बनाएंगे कानूनों में संशोधन करने की जरूरत होगी तो संशोधन कर करेंगे नए कानून बनाने की आवश्यकता होगी तो नए कानून बनाएंगे विश्व के जिन जिन देशों में जहा टैक्स हैवन है जहां यह पैसे पड़े उसेजानकारी लेंगे एक एक पाई हम वापस लाएंगे और यह जो पैसे वापस आएंगे उसमें से पाच पैसे 10 पर अमाउंट जो लोग ईमानदारी से देश को टैक्स देते हैं और विशेष करके जो सैलरी वाले लोग हैं उनको बेचारे को कोई चारा नहीं है उनका तो इनकम ट यूंही कट जाता है उनको उनको गिफ्ट के रूप में उसमें से 5 पर 10 पर में वापस दूंगा लेकिन जो रिपोर्ट आ रही है वह साफ कह रही है कि काला धन इस दौर में दो गुना हो गया उसकी रफ्तार बढ़ गई है तब विदेशीकर्ज मनमाना पेट्रोल डीजल में वसूली जीएसटी की विसंगतियां क्या महंगाई के लिए जिम्मेदार नहीं है क्या मोदी सत्ता की कथनी और करनी को उजागर नहीं करता है अबइसी दौर में भी तो भारतीय जनता पार्टी के खजाने में कई गुना बढ़ोतरी हुई इसी दौर में ही तो भारतीय जनता पार्टी के 300 जिलों में कार्यालय ना केवल भव्य बने बल्कि आरएसएस और उनके अनुषंगिक संगठनों के कार्यालय में भी भव्यता आई सत्ता में आने के लिए मोदी सरकार ने क्या कुछ वादे नहीं किए थे किसानों की आय दो गुना कर देने का दावा था लेकिन इस दौर में तीन कृषि कानून बिल लाया गया और किसान जब साल भर गर्मी बरसात ठंड में धरना देते रहे 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई तब सरकार को उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले लगा कि उनसे गलती हुई है और वह अपनी तपस्या में कमी बताने सामने आ गई लेकिन उसके बाद जब किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी के वादा खिलाफी को लेकर सड़क पर उतरी तो सड़कों पर किस तरीके से कील बिछाई गई किस तरीके से पानी का बौछार किया गया किस तरीके से उनके साथ दुश्मन जैसा व्यवहार किया गया और यही नहीं उन्हें आतंकवादी खालिस्तानी पाकिस्तानी क्या कुछ नहीं बताया गया और अब जब कांग्रेस ने एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की बात कह रही है तब भी भारतीय जनता पार्टी का सपना दिखाने में लगी है समृद्ध भारत का सपना क्या समृद्ध भारत का सपना ठीक वैसा ही नहीं है जो 2014 के पहले सपना दिखाया था अच्छे दिन आएंगे !

Vidio देखें 

https://youtu.be/rmzNDlJnQSk?si=p2tixo4eTgT6cmhd

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