माल गाड़ी चालु है तो यात्री गाड़ी क्यों बंद, मोदी सत्ता का ये कैसा खेल
छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की मुसीबत लगातार बढ़ रही है कम होने का नाम ही नहीं ले रही है यहां तक कि रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जब यात्री ट्रेनों को रद्द करने का मामला संसद में उठाया तो उसके बाद और भी करीब 42 45 ट्रेन रद्द कर दी गई यानी उन सवाल का कोई मतलब नहीं है लोग मरे क्या करें इसका कहीं कोई हिसाब किताब इस दौर में नहीं दिखाई देता बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से त्रस्त लोगों के लिए यदि आवागमन की सुविधा भी सहज और सरल कम कीमत पर उपलब्ध ना हो तो लोगों के सामने एक नया संकट खड़ा हो जाता है और पिछले साल से देखें आप तो लगभग 3 सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी है यात्री परेशान है और पेट्रोल डीजल में जो मनमाना खून निचोड़ वाला टैक्स वसूला जा रहा है उसके शिकार हो रहे हैं क्योंकि यदि यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी तो निजी वाहनों से प्राइवेट वाहनों से उन्हें सफर करना पड़ेगा और इन परिस्थितियों से जूझ रहे छत्तीसगढ़ का सच क्या है क्या सचमुच मेंटेनेंस के नाम पर विस्तारीकरण के नाम पर ट्रेन रद्द की गई है तब फिर सिर्फ माल गाड़ी क्यों चल रहा है यदि कोरवा मंडल की बात करें तो एक ट्रेन चल रही है सुबह की और यहां से 45 ट्रेन मालगाड़ी की कोयला भर भर कर निकल रही है यानी दिक्कत सरकार को सिर्फ यात्री ट्रेनों से माल गाड़ियों से नहीं है लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि करोना काल के बाद जो परिस्थितियां निर्मित हुई थी उसका फायदा उठाते हुए यानी आपदा में अवसर की तलाश जिस तरीके से की गई है उसमें यात्री ट्रेन बुरी तरीके से प्रभावित हुई मालगाड़ी नहीं हुई है प्रभावित मालगाड़ी अपनी रफ्तार से चली जा रही है खूब कमाई भी हो रही है बिलासपुर रेल मंडल को लेकिन यात्रियों को सुविधा के नाम पर जिस तरीके से बरगलाया गया जिस तरीके से उन्हें अंधेरे में रखा गया उसके चलते आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है अब तो ट्रेन में सफर करना कितना मुश्किल भरा काम हो गया हो गया है यह आप किसी रेगुलर यात्री से पूछ सकते हैं लेकिन सरकार चुप्पी ओड़ी हुई और छत्तीसगढ़ जिसने 10 सांसद भारतीय जनता पार्टी को दिए उनके सांसद भी लोकसभा में रेल मंत्री के जवाब के बाद खामोशी ड़ लिए या सवाल करके अपनी जिम्मेदारी का इति सी कर लिए शायद यदि केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो यह सांसद सड़कों पर निकल पड़ते हैं लेकिन यह मोदी सरकार है यह मोदी शाह की सरकार है जिसके सामने अच्छे-अच्छे लोगों की बोलती बंद हो जाती है तब क्या इसी तरीके की परिस्थितियों से छत्तीसगढ़ के लोगों को दो चार होना पड़ेगा !
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